शराब के नशे में सविता आंटी को चोदा

हाई दोस्तों मेरा नाम आशीष हे और मैं 19 साल का सामान्य देखाव वाला लड़का हूँ. मेरा रंग साफ़ हे और मेरा लोडा 6 इंच लम्बा हे और मेरी बॉडी की हाईट 5 फिट 7 इंच जितनी हे. मैं रांची से हूँ लेकिन अभी अपनी पढाई के लिए बंगलौर में ही रहता हूँ.

यहाँ इस साईट के ऊपर सेक्स की कहानियाँ पढ़ के मेरा मन भी हुआ की मैं भी अपने सेक्स की बातें लिखूं. और आह आप के लिए ये कहानी ले के आ गया. ये कहानी मेरे और मेरी चाची के बिच की चुदाई की हे. चाची का नाम सविता हे!

मुझे पहले से ही 24 से ले के 40 साल की उम्र की महिलायों को देखना और उनके साथ सेक्स करना पसंद हे. मैंने बचपन में ही पोर्न मूवीज देखना चालू कर दिया था और हमेशा से ही मैं नंगी औरतो को देखना और छूना चाहता था.

चलिए अब स्टोरी पर आते हे. मेरे 12 बोर्ड के एक्साम्स ख़तम कर के मैं चाचा के घर गया दिल्ली. वह मैं बिजनेश सिखना चाहता था चाचा से. चाचा और पापा के एक वेंचर हे वहां पर दिल्ली में. मेरी एग्जाम के बाद मम्मी ने चाचा को कॉल कर दिया था की आशीष को कुछ दिन वहां पर रखो और उसे बताओ बिजनेश के बारे में. मम्मी ने कहा था की मैं शाम को आऊंगा लेकिन मैं चाचा को सरप्राइज देने के लिए मोर्निंग में ही वहाँ पहुँच गया.

दिल्ली एअरपोर्ट के ऊपर मैं करीब 8 बजे पहुंचा और चाचा के घर पर पर 10 बजे. चाचा का घर 2 माले का बंगला हे. मैंने दरवाजे की घंटी बजाई और चाचा के नोकर रामू काका ने दरवाजा खोला. मैंने कहा कुछ बोलना मत. और फिर मैंने पूछा तो पता चला की चाचा काम पर थे और बच्चे स्कुल में थे. घर के अन्दर तब सिर्फ मेरी चाची ही थी जो अपने कमरे में थी. नोकर ने कहा की चाची अपने कमरे में रेडी हो थी थी.

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दोस्तों आगे की कहानी बताने से पहले आप को सविता चाची के बारे में बता दूँ. वो गोरी हे और थोड़ी नाटी हे. उन्के लम्बे ब्राउन बाल हे और बड़े बूब्स हे. चहरा और गांड भी ऐसी हे की उसके ऊपर शहीद होने का मन करे. वो एक ऐसी परी थी जिसकी चाह हर आदमी को होती हे. 31 साल की उम्र की होने के बावजूद भी चाची अभी भी एकदम हॉट लगती हे और उसे देख के लगता ही नहीं हे की वो दो बच्चो की माँ हो! अपनी कहू तो मैं अक्सर चाची के बदन को देखता रहता था.

मैं चाची के कमरे पर गया और धीरे से नोक किया. चाची ने सिर्फ एक तोवेल लपेट के दरवाजे को खोला. चाची को लगा की कामवाली हे इसलिए उसने अपने चुचें और चूत को ढंक के दरवाजे को खोला था. बाप रे तो कितनी हॉट लग रही थी जब उसके बदन से पानी अभी भी टपक रहा था और उसके बाल भी गिले थे. मेरा तो लंड खड़ा हो गया चाची को ऐसे देख के. मैं कमरे में घुसा. पहले चाची एकदम शोक्ड थी लेकिन फिर बड़ी खुश हो गई वो. वो मेरे पास आई और उसने मुझे गले से लगा लिया. उसके बड़े बूब्स मेरे पेट के ऊपर टच हो रहे थे और मेरा तो मन किया की सविता चाची का तोवेल फाड़ के उसके बूब्स को दबाने लगूं.

शायद चाची ने भी नोटिस कर लिया था की मेरा लंड कडक था. क्यूंकि वो भी मुझे बड़ी नोटी स्माइल दे रही थी. उसने मुझे गले से दूर किया और फिर हम दोनों बातें करने लगे. मैंने भी टाइम वेस्ट किये बिना सीधे उसे कहा की चाची आप तो भाई और भी हॉट ही होती जा रही हो. ऐसे तो मुझे बहुत दिक्कत हो जायेगी देखो भाई.

मैं और चाची काफी क्लोज थे और साथ में बैठ के शराब भी पीते थे. चाची थोडा बलश कर के बोली, तुम भी तो बड़े हो गए हो अब और हेंडसम भी.

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मैंने चाची को थेंक्स कहा और मैं कमरे से बहार आ गया क्यूंकि उन्हें चेंज करना था.

इस किस्से के बाद मैंने सोच लिया था की चाची को जरुर चोदुंगा. और मैंने प्लान करना चालू कर दिया. मुझे जब भी मौका मिलता था मैं चाची के करीब में रहता था.

एक दिन शाम को जब फेक्ट्री से घर आ तो मैंने देखा की चाची बस साडी में सो रही थी. और उनका साडी घुटनों तक ऊपर आ चूका था. मैं उनके बगल में जा के सोने का नाटक करने लगा और थोड़ी टाइम बाद धीरे धीरे उसकी चुन्चियों में हाथ फेरने लगा.

मैं बहुत ज्यादा एक्साइट हो चूका था. चाची के बूब्स इतने बड़े और सॉफ्ट थे की मज़ा आ रहा था. और साथ में डर भी लग रहा था. मैं धीरे से अपने दुसरे हाथ से साडी को ऊपर करने लगा और फिर दोनों बूब के पास अपने हाथ फेरने लगा. सविता चाची का बदन गरम था! ये सब चल ही तह था की चाची थोडा हिलने लगी. मैं आँखे बंद कर के सोने का नाटक करने लगा. और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने फिर से वो काम चालू कर दिया. लेकिन उसके बाद कुछ आगे करने का चांस नहीं मिला. थोडा सा डर भी था की कहीं चाची ने किसी को बोल दिया तो फालतू में बदनामी हो जायेगी. लेकिन चाची को चोदने की प्यास इस दिन के बाद और भी बढ़ गयी और मैं एक सही मौके की तलाश में ही था बस.

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