अब आयेज…
रात के 12 बाज रहे थे, और मैं बातरूम में बैठ कर सोच रहा था की मम्मी के नाराज़ होने की क्या वजह हो सकती थी. तभी मेरे को याद आता है की जिस दिन से मैं कामिनी को छोड़ा था, उसी दिन से मम्मी का बिहेवियर बदला हुआ था. और कामिनी बता रही थी की कॉलेज टाइम पे उसकी एक बेस्ट फ्रेंड हुआ करती थी, और उसका ब्रेकप कॉलेज के लास्ट एअर में कामिनी ही करवाई थी. मम्मी भी एक बार बताई थी की उनका ब्रेकप भी कॉलेज के लास्ट एअर ही हुआ था. तो कहीं कामिनी जिस बेस्ट फ्रेंड की बात की थी वो मम्मी तो नही थी?
मैं जल्दी से बातरूम से बाहर निकलता हू, तो मम्मी रेड कलर का बिकिनी का सेट पहन के मिरर में सामने तैयार होते रहती है. मतलब आज कोई आने वाला था.
सोनू: आज कों आ रहा है?
मम्मी: हीरा जी आ रहे है. कूद-कूद के चुड़ूँगी उसने तो.
सोनू: मम्मी शायद मेरे को आपकी नाराज़गी की वजह मिल गयी है.
मम्मी: अछा, बता?
सोनू: कामिनी.
मम्मी मेरे पास आई, और मेरे को एक ज़ोरदार थप्पड़ मारी और बोली-
मम्मी: सेयेल मदारचोड़, अब याद आ रहा है तेरे को?
मैं समझ गया मेरा शक सही निकला. फिर मम्मी मेरे गाल पे टीन-चार थप्पड़ बरसाई. मम्मी बहुत ज़्यादा गुस्से में थी. मेरा मम्मी को कुछ भी बोलना बेकार था, क्यूंकी मम्मी अभी कुछ नही सुनती. मैं बस चुप रह कर मार खाया, आख़िर प्यार जो करता हू मम्मी से.
मम्मी: सुन ले, इस सब के बारे में मैं तेरे से कल सुबा बात करूँगी. अभी तू या तो रूम से चला जेया, या फिर कल रात की तरह अलमारी में च्छूप जेया मेरे को चूड़ते देखने के लिए. लेकिन एक चीज़ जान लिए रह, की तू बहुत बड़ी ग़लती किया है, और तेरे को इसकी माफी नही मिलेगी.
ये कह कर मम्मी मिरर के पास जेया कर तैयार होने लगी, और मैं सर नीचे करके बेडरूम से बाहर निकल कर अलमारी में च्छूप गया. थोड़ी देर बाद डोरबेल बाजी, और मम्मी जेया कर दरवाज़ा खोली. हीरा अंकल आए थे.
मम्मी दरवाज़ा बंद की और अलमारी की तरफ देखी तो मैं मम्मी को दिख गया. मेरे को देखते ही मम्मी सीधा अंकल के लोवर के अंदर हाथ डाल के अंकल का लंड पकड़ ली. फिर हेस्ट हुए खींच कर बेडरूम के अंदर ले गयी.
मैं धीरे से अलमारी से बाहर निकला तो बेडरूम का दरवाज़ा खुला हुआ था. मैं दरवाज़े के पास च्छूप कर देखने लगा. मम्मी तुरंत अंकल का लोवर त-शर्ट और चड्डी निकली. मैं देखा तो अंकल का लंड काला सा 7 इंच लंबा मोटा और तगड़ा सा था.
मम्मी अंकल को नंगा करके खड़ा कर दी, और खुद बेड पर कुटिया बन कर सीधा अंकल का लंड चूसने लगी. अंकल मम्मी के बाल पकड़ कर खड़े थे.
हीरा लाल: वाह रेशुमा तुम तो कमाल हो मज़ा बहुत आ रहा है.
मम्मी अंकल के लंड को सरपट-सरपट चूस रही होती है. थोड़ी देर लंड चुसवाने के बाद अंकल मम्मी की ब्रा निकाल देते है. फिर मम्मी खुद ही अपना पूरा बिकिनी का सेट निकाल कर नंगी हो जाती है. उसके बाद अंकल मम्मी के दूध को चूसने लगते है.
मम्मी: अया हीरा जी अया, पी जाओ मेरा सारा दूध आ ऑश.
अंकल बारी-बारी मम्मी के दोनो दूध को दबा-दबा के चूस्टे है, और मम्मी अंकल के सर को पकड़ के अपने दूध में दबा कर मेरी तरफ देखते हुए बोलती है.
मम्मी: आ और चूसो हीरा जी, आ ऑश हीरा जी, आ हीरा जी, आ अब मेरे से नही रहा जेया रहा है. जल्दी से अपना लंड मेरी छूट में डालो.
फिर हीरा लाल मम्मी को बेड पर लेता देता है, और मम्मी अंकल के लंड पर कॉंडम लगती है. उसके बाद अंकल मम्मी की छूट में लंड घुसा के ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लग जाते है. मम्मी अपने दोनो हाथो से अंकल को जाकड़ लेती है.
मम्मी: आ अया अया हीरा जी अया, और छोड़ो मेरे को अया अया अया श.
हीरा लाल: रेशुमा अब तुम फिकर मत करो अब से मैं तुम्हारी प्यास बूझौँगा.
मम्मी: आ अया हा, अब से आप ही मेरी अया प्यास बुझाओगे हीरा जी, अया अया अयाया.
मम्मी मेरी तरफ देख कर ये बोलती रहती है. थोड़ी देर ऐसे ही छोड़ने के बाद अंकल मम्मी को कुटिया बना देते है, और डॉगी स्टाइल में मम्मी को छोड़ने लग जाते है. वो मम्मी के चूतड़ पर थप्पड़ भी मार रहे होते है.
मम्मी: आ अया अया हीरा जी, और छोड़ो मेरे को आ. बहुत मज़ा आ रहा है अया अया आ.
अंकल मम्मी को घचा-घच छोड़ रहे होते है, और मम्मी भी पूरा एंजाय कर रही होती है. मम्मी मेरी तरफ ही देखते रहती है, और बोलती रहती है-
मम्मी: आ हीरा जी, छोड़ते रहो अया अया. अब मैं अया झड़ने वाली हू अया अया अया.
कुछ और धक्को के बाद मम्मी और हीरा अंकल साथ में झाड़ जाते है. फिर दोनो लिपट के लेते रहते है.
मम्मी: वाह हीरा जी, बहुत मज़ा आया.
हीरा लाल: तुम्हे रोज़ मज़ा मिलेगा रेशुमा.
मम्मी मेरी तरफ देखते हुए: हीरा जी एक काम करो, बेडरूम का दरवाज़ा बंद कर दो. अगर अचानक से सोनू आ गया तो वो हमे देख लेगा.
हीरा लाल: हा कर देता हू.
अंकल दरवाज़ा बंद करने आ रहे होते है. मैं जल्दी से वापस अलमारी में च्छूप जाता हू. फिर मेरे को बेडरूम का दरवाज़ा लॉक होने की आवाज़ आती है. तब मैं बाहर निकलता हू. फिर थोड़ी देर के बाद बेडरूम से मम्मी के चिल्लाने का आवाज़ आती है “अयाया अया हीरा जी, और छोड़ो मेरे को आ अया अयाया ओह आ.”
और ये पूरी रात चलता है. सुबा 4 बजे अंकल हमारे रूम से निकल जाते है. तब तक मैं अलमारी में ही च्छूपा रहता हू. फिर अंकल के जाने के बाद मैं अलमारी से बाहर निकलता हू, और बेडरूम में जाता हू. मम्मी नंगी लेती रहती है और बोलती है-
मम्मी: तू कुछ भी बोल के मेरा मूड खराब मत करना. अभी मैं छुड़वा के बहुत अछा फील कर रही हू. जो भी बात करनी है वो कल सुबा होगी. और तू बाहर हॉल में सोफे पर सो जाना. अब से तू मेरे साथ नही सोएगा. तू ये हक खो चुका है.
मैं कुछ नही बोलता हू और चुप-छाप सर नीचे करके हॉल में आ कर सोफे पर सोने लगता हू. मम्मी का गुस्सा होना जायज़ था. आख़िर ग़लती मेरी ही थी. मैने मम्मी का दिल दुखाया था, तो सज़ा तो मेरे को मिलेगी ही. फिर मैं सो जाता हू.
अगले दिन सुबा 11 बजे मैं उठता हू. तब मम्मी सो रही होती है. मैं जेया कर नहा लेता हू. फिर मैं मम्मी को उठता हू. मम्मी भी उठ कर नहा लेती है. फिर मैं अपने लिए और मम्मी के लिए खाना ऑर्डर कर देता हू. मम्मी के नहा के आते तक खाना आ जाता है. फिर मम्मी तैयार हो कर हॉल में आती है. मैं बोला-
सोनू: मम्मी खाना खा लो.
मम्मी: ये मत सोचना की तेरे ये सब करने से मेरी नाराज़गी डोर हो जाएगी.
सोनू: मैं जानता हू ये आपकी नाराज़गी डोर करने के लिए काफ़ी नही है.
फिर हम लोग खाना खा लेते है, और बात करने बैठ जाते है. मैं बोला-
सोनू: मम्मी आप जो बोलना चाहती हो बोलो. फिर मैं बोलूँगा.
मम्मी: अछा ठीक है तो सुन. उस बीच पर मैं तेरे को उस मदारचोड़ कामिनी की चुदाई करते देख चुकी थी.
सोनू: मतलब आप ही हमे झाड़ियों के पीछे से देख रही थी.
मम्मी: हा, और तेरे को उस मदारचोड़ कामिनी के साथ देख कर मेरे को बहुत गुस्सा आया. तभी मेरे को ट्रेवर मिल गया. कामिनी मेरे से कॉलेज के समय से जलती आ रही है, और कॉलेज टाइम पे मैं जिस लड़के से प्यार करती थी, उसको कामिनी मेरे से छ्चीन ली. अब वो तेरे को भी मेरे से छ्चीन ली.
सोनू: लेकिन मम्मी मैं तो आपके पास ही हू. मैं आपको छ्चोढ़ कर कहीं नही जेया रहा हू.
मम्मी गुस्से से: चुप कर मदारचोड़. मेरी सबसे बड़ी दुश्मन को खुश करके बोल रहा है मैं आपके पास हू.
सोनू: मम्मी मैं नही जानता था की कामिनी और आपके बीच क्या हुआ है. और आपने कभी अपने कॉलेज के टाइम की बात पूरी बताई ही नही थी. आप सिर्फ़ इतना बताई थी की आपका कॉलेज टाइम पे एक बाय्फ्रेंड था, जिससे आपका कॉलेज लास्ट एअर में ब्रेकप हो गया था. मैं बस इतना ही जानता था. बाकी का मेरे को कुछ भी पता नही था.
सोनू: और आप जब मेरे को बीच पर कामिनी की चुदाई करते देख चुकी थी. उसके बाद मैं जब आपके पास वापस आया, तब आप मेरे को कामिनी के बारे में क्यूँ नही बताई?
मम्मी: चल ठीक है तेरे को अपने कॉलेज के टाइम का पूरा किस्सा नही बता पाई, ये मेरी ग़लती है. मैं मनती हू. लेकिन एक बार कामिनी को छोड़ने से पहले मेरे को पूच सकता था. तू हर बार किसी भी औरत को छोड़ने से पहले मेरे से पूछता है, की मम्मी मैं इस औरत के साथ चुदाई करना चाहता हू, आप कहो तो कर लू.
मम्मी: लेकिन इस बार तू बिना मेरे को बताए चुदाई किया, और वो भी मेरी सबसे बड़ी दुश्मन के साथ चुदाई किया. अगर एक बार मेरे से पूच लेता तो तेरा क्या बिगड़ जाता?
सोनू: पर मम्मी वो तो आपकी दुश्मन है, और मैं उसको छोड़ दिया तो इसमे क्या इतना ग़लत हो गया? बल्कि ये होना चाहिए की आपका बेटा आपके दुश्मन की गांद मार लिया. आपको खुश होना चाहिए.
मम्मी: वाह भोंसड़ी के, मैं गुस्सा इसी बात से हू की तू उसको छोड़ के खुश कर दिया, लोड.
सोनू: मतलब?
मम्मी: छूतिए, मतलब ये की जब से कामिनी की शादी हुई है. उसके कुछ टाइम के बाद मेरे को खबर मिली की कामिनी चुदाई में अपने पति से बिल्कुल खुश नही है. और ये बात जान के मैं बहुत खुश हुई. क्यूंकी कामिनी अपनी प्यास बुझाने के लिए हर जगह मूह मारेगी, और फिर भी उसको संतुष्टि नही मिलेगी.
मम्मी: क्यूंकी एक औरत पूरी तरह से संतुष्ट तभी होती है, जब कोई उसे छोड़े, और हर रोज़ छोड़े, और तगड़े से छोड़े. लेकिन उसका पति उसे वैसे खुश नही कर पाता है, तो मैं बहुत खुश थी.
मम्मी: पर अभी जब तू उसको छोड़ा, तब तो पक्का था की वो तेरे से चुड के संतुष्ट हो गयी होगी, और बहुत ही ज़्यादा खुश भी होगी. इसका मेरे को सबसे ज़्यादा बुरा लगा की मेरा ही बेटा जो की मेरा पति भी है, वो ही मेरी दुश्मन को चुदाई में संतुष्ट कर रहा है.
मम्मी: मैं तेरे को कभी भी किसी औरत को छोड़ने के लिए माना नही की हू. तू किसी भी औरत को छोड़ के खुश करता, मेरे को कोई दिक्कत नही थी. लेकिन तू उस कामिनी को छोड़ के खुश करके मेरा दिल जला दिया है.
मम्मी: कामिनी तेरे को और क्या-क्या बताई, सब सच बोलना. झूठ बोलने का सोचना भी मत.
कामिनी जो जो मेरे को बताई थी मैं सब मम्मी को बता देता हू.
मम्मी: कामिनी जितनी भी कहानी तेरे को बताई है, सब सच है.
सोनू: मम्मी मेरे से बहुत बड़ी ग़लती हो गयी मेरे को माफ़ कर दो. सॉरी आयेज ऐसा नही होगा.
मम्मी: मैं तेरे को माफ़ नही करूँगी. तू जो किया है उससे मेरा दिल चकना चूर हो चुका है. अब से हम दोनो के बीच कुछ भी नही होगा. मैं अब तेरे से कभी नही चूड़ने वाली. मैं अब अपनी लाइफ में बाहर के लोगों से चुड खुश रह लूँगी. तू जा और उस कामिनी को छोड़ के खुश कर. अब से हम दोनो का रास्ता अलग है.
सोनू: मम्मी ऐसा मत बोलो.
मम्मी उठ कर बेडरूम में चली जाती है. आयेज क्या हुआ अगले पार्ट में पता चलेगा.
तो बे कंटिन्यूड…