अब आयेज…
सोनू: मम्मी मेरे से बहुत बड़ी ग़लती हो गयी. मेरे को माफ़ कर दो. सॉरी, आयेज से ऐसा नही होगा.
मम्मी: मैं तेरे को माफ़ नही करूँगी. तू जो किया है उससे मेरा डिल चकना चूर हो चुका है. अब से हम दोनो के बीच कुछ भी नही होगा. मैं अब तेरे से कभी नही चूड़ने वाली. मैं अब अपनी लाइफ में बाहर के लोगों से चुड कर खुश रह लूँगी. तू जेया और उस कामिनी को छोड़ के खुश कर. अब से हम दोनो का रास्ता अलग है.
सोनू: मम्मी ऐसा मत बोलो.
मम्मी उठ कर बेडरूम में चली जाती है. मैं मम्मी के पीछे जाता हू. मम्मी बेड पर लेट जाती है. मैं बोला-
सोनू: सच मैं बहुत शर्मिंदा हू.
मम्मी रोते हुए: सोनू मेरे को अकेला छ्चोढ़ दे. मैं तेरे से नही बात करना चाहती. अब से हम दोनो का रास्ता अलग है. चला जेया रूम से बाहर.
सोनू: जब आपका दिमाग़ शांत होगा, तब आपसे मैं बात करूँगा.
मैं वापस हॉल में आ जाता हू, और कुछ घंटे बीट जाते है. 4 बाज रहे होते है, तभी रूम की डोरबेल बजती है. मैं दरवाज़ा खोलता हू, तो एक आदमी आया होता है. वो क्र्यूज़ पार्टी का पास लेकर आया रहता है. असल में मैं अपने और मम्मी के लिए क्र्यूज़ पार्टी का पास लिए रहता हू, जो की मैं मम्मी को नही बताया होता हू.
वो आदमी पास देकर चला जाता है. पार्टी आज पूरी रात का रहता है. मैं पास लेकर रूम में मम्मी के पास जाता हू. मम्मी जाग रही होती है. मैं बोला-
सोनू: मम्मी मैने हम दोनो के लिए क्र्यूज़ पार्टी का पास लिया था. आज हम दोनो क्र्यूज़ पार्टी में चलते है.
मम्मी: मेरे को तेरे साथ नही जाना है, तू उस मदारचोड़ कामिनी को लेकर जेया.
तभी मम्मी को हीरा अंकल का फोन आता है. मम्मी फोन स्पीकर पे रख के बात करती है.
मम्मी हेस्ट हुए: हा मेरी छूट के रखवाले, बताओ.
हीरा लाल: मेरे लंड की मालकिन, क्या आज तुम मेरे साथ क्र्यूज़ शिप पार्टी पे चलॉगी?
मम्मी हेस्ट हुए: हा बिल्कुल चलूंगी.
हीरा लाल: ठीक है, मैं अड्रेस बता रहा हू. ठीक 7 बजे वहाँ पहुँच जाना.
फिर हीरा अंकल मम्मी को अड्रेस बताते है, तो पता चलता है की मम्मी और हीरा अंकल उसी क्र्यूज़ पार्टी में जेया रहे होते है, जिसका पास मैं मम्मी और अपने लिए लिया रहता हू. अड्रेस बता के हीरा अंकल फोन काट देते है.
सोनू: मम्मी आप मेरे से नाराज़ हो पता है, पर प्लीज़ आप हीरा अंकल के साथ मत जाओ. मेरे साथ चलो प्लीज़.
मम्मी: क्यूँ, हीरा जी के साथ जेया रही हू, तो तेरी गांद जल रही है? देख अब हम दोनो का रास्ता अब अलग है. हम दोनो के बीच जो कुछ भी हुआ, वो सब ख़तम हो चुका है. भूल जेया मेरे को.
फिर मम्मी बेड से उठती है, और मेरा हाथ पकड़ के बेडरूम से बाहर निकाल देती है. मैं मम्मी को बहुत मानता हू, लेकिन मम्मी नही मानती है. फिर मैं हॉल में बैठा रहता हू, और सोचता रहता हू की कैसे वापस से मम्मी का दिल जीतू?
ऐसे ही शाम हो जाती है. शाम के 6:30 बाज रहे होते है. मम्मी अभी तक बेडरूम का दरवाज़ा नही खोली रहती है. थोड़ी देर में बेडरूम का दरवाज़ा खुलता है, और मम्मी बाहर आती है. मैं मम्मी को देखता ही रह जाता हू.
खुले बाल, डार्क रेड लिपस्टिक, और मम्मी ब्लॅक कलर का ओनेपीएसए ड्रेस पहनी होती है. ड्रेस स्लीव्ले रहता है, और सामने से बहुत ज़्यादा डीप नेक वाला रहता है, जिसमे से मम्मी का आधा से ज़्यादा दूध बाहर रहता है. ड्रेस पीछे से पूरा बॅकलेस रहता है, जो की मम्मी की पूरी लोवर बॅक तक खुला हुआ रहता है. मम्मी का चूतड़ बड़ा कमाल का देख रहा होता है.
नीचे से ड्रेस लंबा रहता है, और लेफ्ट और रिघ्त साइड वाले पैरों के पास वाली जगह कट वाला डिज़ाइन रहता है. वो कट मम्मी की जांघों तक रहता है. मम्मी का गोरा-गोरा जाँघ दोनो साइड से पूरा खुला हुआ रहता है, जोकि और भी ज़्यादा सेक्सी लग रहा होता है, और साथ में मम्मी ब्लॅक कलर का हील वाला सॅंडल भी पहनी होती है.
मम्मी बहुत ही ज़्यादा खूबसूरत और सेक्सी लग रही होती है. वो जान रही थी की मैं उन्हे देख रहा था. लेकिन मम्मी कुछ नही बोली, और ना ही मेरी तरफ देखी. वो सीधा अपने छूतदों को मतकाते हुए रूम से बाहर चली गयी.
मम्मी के जाने के बाद मैं कहा होटेल में रुकने वाला था. मैं मम्मी को अकेले नही छ्चोढने वाला था. मैं भी जल्दी से तैयार होता हू, और उसी क्र्यूज़ पार्टी मैं पहुँच जाता हू.
पार्टी में पहुँचने के बाद मैं मम्मी को खोज रहा होता हू. वहाँ ऐसे भी बहुत भीड़ थी, लेकिन मम्मी मेरे को दिख जाती है. मम्मी और हीरा अंकल दोनो दारू पी रहे होते है. मैं भी उनसे थोड़ी डोर पर दारू पीते बैठ जाता हू, और दोनो पर नज़र रखा रहता हू.
हीरा अंकल दारू पीते हुए मम्मी के जांघों को मसल रहे होते है, और मम्मी भी उनके साथ हस्स-हस्स के दारू पी रही होती है. फिर दोनो एक-दूसरे से एक-दूं चिपक के बैठ कर दारू पी रहे होते है. ये सब देख कर मेरा गांद इतना बुरा जल रहा होता है, की क्या बतौ. अभी तक मम्मी मेरे को नही देखी होती है.
काफ़ी देर तक दारू पीने के बाद मम्मी और हीरा अंकल दोनो डॅन्स करने लगते है. थोड़ी देर डॅन्स करके हीरा अंकल कहीं जाते रहते है, और मम्मी अकेली नाच रही होती है.
मैं मौका देख कर मम्मी के साथ डॅन्स करने पास जेया रहा होता हू. तभी मम्मी मेरे को देख लेती है, और मेरे को देखते ही मम्मी हीरा अंकल का हाथ पकड़ के खींच लेती है. उस वक़्त गाना भी ऐसा वाला बजने लगता है, की मेरी और गांद जल जाती है.
गाना चलता है “ज़रा-ज़रा टच मे टच मे, और मम्मी हीरा अंकल से चिपक-चिपक के नाचने लग जाती है. वो अपना दूध हीरा अंकल के छ्चाटी में रग़ाद रही होती है. फिर अपना चूतड़ अंकल के लंड पर रग़ाद रही होती है. उसके बाद अंकल का हाथ पकड़ के अपने पुर बदन में घूमने लगती है.
वो मेरी तरफ बड़ी तीखी नज़र से देखती है. फिर मम्मी हीरा अंकल के कान में कुछ बोलती है, और दोनो कहीं जाने लगते है. मैं दोनो का पीछा करता हू, तो दोनो एक रूम में जेया रहे होते है. मम्मी मेरे को देख कर हीरा अंकल के होंठो को रूम के बाहर ही चूसने लगती है, और बोलती है-
मम्मी: जल्दी करो हीरा जी, मेरी छूट में आग लगी हुई है.
फिर हीरा अंकल जल्दी से रूम का दरवाज़ा खोलते है, और फिर मम्मी मेरी तरफ तीखी नज़र से देखते हुए हीरा अंकल के साथ रूम में चली जाती है, और रूम का दरवाज़ा बंद हो जाता है.
मैं उदास हो जाता हू. फिर मैं पार्टी वाली जगह जेया रहा होता हू और दारू पीने के लिए. तभी एक औरत मेरे पीछे से मेरे कंधे पर हाथ रखती है, और बोलती है-
औरत: मैं कुछ मदद करू?
सोनू: प्लीज़ आप अपना काम करो.
औरत: मैं तुम्हारी मदद कर सकती हू, जिससे तुम अपनी सेक्सी मों को वापस हासिल कर सकोगे.
सोनू: वो कैसे? और आप हो कों?
औरत: मेरा नाम काव्या है, और मैं एक रिलेशन्षिप एक्सपर्ट हू.
काव्या बहुत ही ज़्यादा खूबसूरत रहती है, और देख कर वो करीब 40 साल की लग रही थी. उसने मरून कलर की सारी पहनी हुई थी. उनका फिगर 36-38-40 का मिलफ वाला फिगर रहता है. दिखने वो एक-दूं गोरी-चित्ति थी, और उनका बड़ा-बड़ा दूध, पेट पूरा अंदर, और बाहर निकला हुआ गोल चूतड़ रहता है.
काव्या बहुत खूबसूरत मिलफ रहती है. मैं उनको उपर से नीचे तक घूर रहा होता हू, और वो समझ जाती है और हवस भारी मुस्कुराहट के साथ बोलती है-
काव्या: अगर चाहो तुम मेरे को आंटी बुला सकते हो. ऐसे भी तुम मेरे को बहुत आचे लगते हो. मैं तुम्हे काफ़ी टाइम से जानती हू.
सोनू: मैं आपसे पहली बार मिल रहा हू, तो आप मेरे को कैसे जानती हो?
काव्या: असल में मैं तुम्हारे ही शहर में रहती हू, और तुम्हे काई बार देखी हू. और तुम मेरे को बहुत आचे लगते हो.
सोनू: अछा वैसे आप भी मेरे को बहुत अची लगी.
काव्या: थॅंक योउ, वैसे तुम्हे मेरी मदद चाहिए या नही? तुम दोनो मों और सोन के बीच जो चल रहा है, वो सब मैं समझ चुकी हू. मैं तुम्हारी बहुत मदद कर सकती हू.
सोनू: हा मेरे को मदद चाहिए.
काव्या: ठीक है, मेरे रूम में चलो. वहाँ बात करते है.
फिर मैं काव्या आंटी के साथ उनके रूम में जाता हू. हम दोनो बैठ के बात करने लगते है.
काव्या: मैं तुम्हारी मदद करूँगी. लेकिन बदले में मेरे को भी कुछ चाहिए.
सोनू: आप जो चाहती हो मिल जाएगा.
काव्या: मेरे को तुम्हारे साथ चुदाई करनी है. यहाँ भी और शहर जेया कर भी.
सोनू: मंज़ूर है.
काव्या: ठीक है. अभी बाहर मैं देख कर ये समझ गयी की तुम्हारा अपनी मों के साथ में फिज़िकल रीलेशन है. तुम दोनो खूब चुदाई करते हो. पर जो मैं देखी उससे पता चल रहा है की तुम्हारी मों तुम्हे जला रही है, तो मेरे को पूरी बात बताओ.
सोनू: पहले ये बताओ की आपको कैसे पता चला की वो मेरी मों है?
काव्या: तुम्हारी और तुम्हारी मों की आगे देख कर.
सोनू: अछा ठीक है.
फिर मैं काव्या आंटी को शुरू से सब कुछ बताता हू, की कैसे मैं और मम्मी एक-दूसरे से प्यार किए, फिर शादी किए, और फिर गोआ में कामिनी वाली बात. सब कुछ सुनने का बाद आंटी बोली-
काव्या: बेटा तेरे को ज़्यादा परेशन होने का ज़रूरत नही है. तेरी स्टेप मम्मी सिर्फ़ तेरे को जला रही है. असल में तू उसकी बेस्ट फ्रेंड कामिनी, जो की तेरी मम्मी की दुश्मन है, उसको छोड़ के अपनी मम्मी का ईगो हर्ट कर दिया है.
काव्या: और तेरी मम्मी दूसरों से चुड कर तेरे को ये दिखना चाहती है, की उसके पास लंड की कमी नही है. लेकिन वो अभी भी तेरे से ही प्यार करती है, जो की मैं अभी देखी. जब तेरी मम्मी उस आदमी के साथ रूम में जेया रही थी, तब तेरी मम्मी का तेरी तरफ देखने के नज़रिए से समझ आ रहा था.
सोनू: तो मेरे को क्या करना चाहिए?
काव्या: एक एमोशनल तरीके से तू उसको माना. तू अपनी मम्मी के पैरों पर गिर कर माफी माँग, और उसको ऐसा फील कराडे जैसे की उसके बिना तू जी नही सकता, और उसके सामने रोना.
सोनू: लेकिन मेरे ऐसे करने से मम्मी और ज़्यादा नाटक करने लगी तो?
काव्या: नही करेगी, क्यूकी तेरी मम्मी तेरे से बहुत प्यार करती है. और तू जब उसके सामने उसी के लिए रोएगा, तो उसका दिल पिघल जाएगा. उसको ये दिखेगा की तू उसके लिए रो रहा है. मतलब तेरे को अपनी ग़लती का एहसास है, और तू अपनी मम्मी को अपने से डोर नही जाने देना चाहता है.
सोनू: ये काम करेगा?
काव्या: मेरी गॅरेंटी है ये काम करेगा. लेकिन तेरी मम्मी मान जाए उसके तुरंत बाद उसे छोड़ने के लिए उसके उपर मत चढ़ जाना. पहले उसके साथ घूमना, उसको कुछ खिलाना-पिलाना. रोमॅंटिक बातें करना. उसके होंठो पे, गाल पे किस करना. किसी रोमॅंटिक डटे पर ले जाना. फिर देखना तेरी मम्मी तेरे से चूड़ने के लिए मचल उठेगी, और खुद ही तेरे को नंगा करके तेरे से चूड़ेगी.
सोनू: ठीक है मैं ट्राइ करके देखता हू.
काव्या: हा ट्राइ कर. चल अब मेरी छूट को शांत कर दे.
सोनू: बिल्कुल.
आयेज क्या हुआ अगले पार्ट में पता चलेगा. तो बे कंटिन्यूड…