अब्बा ने अम्मी को और 3 लंड से चुदवाया

बरामदे में खड़ी हुई मेरी अम्मी सब्जी काट रही थी. मैं वही पर बैठा हुआ अपने असाइनमेंट को करने में लगा हुआ था. निचे से अब्बा की आवाज आई और साथ में लतीफ़, अब्दुल और रघु अंकल भी थे. वो चारों बड़े अच्छे दोस्त हे और एक ही कंपनी में काम करते हे. अम्मी नाइटी में थी. आबा के आते ही अम्मी ने सब्जी काटना बंद कर दिया और वो खड़ी हुई. निचे से चारों ने ऊपर अम्मी को देखा. अम्मी ने स्माइल दी.

अब्बा बोले, निचे आ जाओ सलमा.

अम्मी: अभी आई जी.

अम्मी ने मुझे अपने बटवे से 20 का नोट दिया और बोली, जाओ अपने दोस्तों के साथ खेलने जाओ.

मैंने कहा, अम्मी मुझे पढ़ना हे.

अम्मी: फिर एक काम करो पड़ोस में अपने दोस्त अतुल के घर चले जाओ, वही पढ़ लेना. निचे अब्बू और उन्के दोस्त आये हे तो पढाई में मजा नहीं आएगा.

मैंने कहा वो लोग निचे हे और मैं ऊपर फिर क्या प्रॉब्लम.

अम्मी: बाप रे तू बड़ी जबान चलाता हे सामने मेरे, अब्बू को बताऊँ!

अब्बू के डर की वजह से मैं अपने बसते को बंद कर के अम्मी से पैसे ले के निकल गया. निचे कमरे में देखा तो कुर्सी के ऊपर चारों दोस्त बैठे हुए थे. बिच में मुर्गी की टाँगे यानी की चिकन लेग पिस और बियर की बोत्ल्स पड़ी थी. बियर एकदम चिल्ड थी जिसमे से धुंआ सा निकल रहा था. मैंने घर से निकलते हुए इतना ही सुना: सलमा डार्लिंग आ गई हे, अब शराब शबाब और चिकन कबाब एक जगह हुआ!

मुझे पहले लगा की शायद मेरे सुनने में कोई गलती हुई हे. लेकिन मैं वही सुना था. तो इसी लिए अम्मी मुझे घर से भगाने में लगी हुई थी. बाप रे अब्बू के तिन दोस्त क्या इसलिए ही हर हफ्ते एकाद बार ऐसी शराब की महफ़िल जमाते हे हमारे घर में?

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बहुत सारे सवाल एक साथ मेरे दिमाग के अन्दर चल रहे थे. मैंने सोचा की आज तो पक्का तहकीकात करना ही पड़ेगा. मेरे मेईन गेट से निकलते ही अम्मी ने घर का दरवाजा आ के बंद कर दिया. मैं अतुल के घर गया तो वो नहीं था. आंटी को कहा तो वो बोली, तुम ऊपर जा के पढो वो आता हे तो मैं भेज देती हूँ.

मैं अतुल के उपर वाले कमरे में गया. तभी मुझे आइडिया आया की अतुल की छत से अपने घर कि छत पर जाऊं और फिर निचे जा सकता हूँ मैं. मैंने बस्ता वही रख दिया और छत के रस्ते अपने घर में उतर गया. निचे के कमरे से आवाजें आ रही थी.

मैं सीढियों के ऊपर आ के छिप के वहां बैठ गया. अम्मी, अब्बू और वो तीनो चिकन के लेग पिस खा रहे थे. अम्मी के लिए भी बियर का एक ग्लास भरा गया था. और वो भी पी रही थी. तभी अब्बा ने अम्मी स कहा, डार्लिंग गाने साने तो बजाओ.

लतीफ़ अंकल: हां और थोड़ी अपनी पिछाड़ी को भी हिला के दिखाई.

रघु अंकल: सलमा को नंगा नाचते देख के ऐसा लगता हे की वो अराब बेली डांसर हो.

अम्मी ने लेग पिस वाले हाथ से ही रघु अंकल को कंधे पर एक मार दिया. अम्मी फिर खड़ी हो के गाने लगाने लगी टीवी के ऊपर. एक चेनल के ऊपर फाट म्यूजिक चल रहा था. अम्मी ने डांस चालु कर दिया. अम्मी ने नाचते हुए अपनी नाईटी को ऊपर किया और जल्दी से अपने बूब्स की झलक दिखा दी. अम्मी के बूब्स वापस नाइती में ढंक गए. अब्दुल अंकल अपने लंड को मसलने लगे. और अब्बू ने मेरी अम्मी को अपनी तरफ आने को इशारा किया. जब अम्मी आई तो अब्बा ने अपनी कमर से अपने बदन को ऊपर किया. अम्मी निचे झुकी और उसने अब्बा की ज़िप खोल दी. अब्बा के लंड को उसने अपने हाथ से बहार निकाला. रघु अंकल ने भी अम्मी को हाथ पकड़ के खिंच लिया अपनी तरफ. अम्मी ने उन्के लंड को भी बहार की हवा खिलाई. लतीफ़ और अब्दुल अंकल अभी बियर पिने में ही लगे हुए थे.

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अम्मी ने अब धीरे से अपने हाथ में अब्बा का और दुसरे हाथ में रघु अंकल का लंड ले लिया और वो उसे हिलाने लगी. देखते ही देखते दोनों के लंड एकदम कडक हो गए. अब्बा ने अम्मी के माथे को पकड के उसे अपने लंड के ऊपर झुका दिया. अम्मी अब्बा के लंड को चूसने लगी और वो रघु अंकल के लंड को पकड के हिला रही थी. अब्दुल और लतीफ़ अंकल ने तो अपनी पेंट के साथ साथ बाकी के कपडे भी खोल दिए और वो भी गाने सुन के नाचते हुए अम्मी के पीछे आ गए. लतीफ़ अंकल ने अम्मी के बड़े कुल्हे दोनों हाथ से पकड़ के खोल दिए. मैंने अम्मी की गांड का होल देखा जो एकदम डार्क था. लतीफ़ अंकल ने अपने हाथ से अम्मी की चूत को टच किया और अम्मी ने एकदम सेक्सी टोन में आह कर दिया.

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