दोस्तों मैं परिधि अपनी बाप-बेटी सेक्स स्टोरी का नेक्स्ट पार्ट लेके आई हू. उमीद है आपने फर्स्ट पार्ट पढ़ लिया होगा, और आपको मज़ा भी आया होगा.
फर्स्ट पार्ट में आपने पढ़ा की मेरी डाइवोर्स मम्मी को माल में उनका पुराना कॉलेज मेट और फ्रेंड मिला. अंकल रूम ढूँढ रहे थे, और मम्मी ने उनको हमारे घर में रहने को बोला. फिर वो हमारे घर में आ गये.
एक दिन अंकल ने मुझे फिंगरिंग करते देख लिया. उसके बाद मैं उनकी तरफ अट्रॅक्ट हुई, और हमारे रोमॅन्स शुरू हो गया. लेकिन मम्मी की वजह से हम कुछ कर नही पा रहे थे. फिर एक दिन मम्मी ने अंकल से शादी कर ली, और वो मेरे बाप बन गये. अब आयेज-
अंकल और मम्मी की शादी से मैं ज़्यादा खुश नही थी. जिस आदमी को मैं पसंद करती थी, मेरी मम्मी ने उससे शादी कर ली. मुझे समझ नही आया की अंकल ने मेरे साथ ऐसा क्यूँ किया.
अब अंकल, सॉरी पापा मम्मी वाले रूम में सोने लगे. रात को मुझे उनके कमरे से मुझे उनके सेक्स करने की आवाज़े आने लगी. एक तरफ मेरा दिल जलता था उनकी सेक्स की आवाज़े सुन कर. और दूसरी तरफ मेरी छूट लंड मांगती थी. वो लंड, जो मेरी मम्मी की छूट में जेया रहा था, लेकिन उस पर मेरा हक़ था.
कुछ दिन ऐसे ही बीट गये. मैं जब उन दोनो को साथ देखती, तो मुझे ज़रा भी अछा नही लगता. वो आदमी, जो कुछ दिन पहले मेरे पीछे था, अब मेरी मा के साथ मज़ा कर रहा था. लेकिन ये सिर्फ़ मेरा वहाँ था. असल में खेल कुछ और ही था.
2 महीने बीट चुके थे. सब कुछ नॉर्मल चल रहा था. फिर एक रात मेरे रूम का दरवाज़ा नॉक हुआ. मैने दरवाज़ा खोला, तो सामने पापा थे. रात के 10 बाज रहे थे. इस वक़्त अचानक से उनको देख कर मैं तोड़ा हैरान हुई. मैने उनसे पूछा-
मैं: पापा, आप यहाँ इस वक़्त. सब ठीक तो है?
वो बोले: सब ठीक है. मैं आज तुम्हारे पास वो काम पूरा करने आया हू, जो उस दिन अधूरा रह गया था.
मैं समझ तो गयी, की वो किस काम की बात कर रहे थे. लेकिन फिर भी अंजान बन कर पूछी-
मैं: कों सा काम?
वो मेरे करीब आए और बोले: परिधि मैं तुमसे प्यार करता हू.
मुझे उनकी ये बात सुन कर गुस्सा आ गया, और मैं बोली: अछा प्यार करते है आप मुझसे? कहाँ गया था आपका प्यार, जब आपने मेरी मा से शादी कर ली? उसके बाद जब आप मुझे देख कर भी अनदेखा कर रहे थे, तब कहाँ गया था आपका प्यार? इतने दीनो में आपने मुझसे एक बार भी बात नही की. और आज आके मुझे बोल रहे हो की मुझसे प्यार करते हो!
पापा: परिधि, मेरी बात तो सुनो.
मैं: मुझे कुछ नही सुनना. आप जाओ यहाँ से, वरना मैं मम्मी को बुला लूँगी.
ये बोल कर मैं घूम कर अपने बेड की तरफ जाने लगी. पापा ने तभी मेरा हाथ पकड़ा, और मुझे अपनी बाहों में भर लिया. मैं उनकी चेस्ट के साथ चिपक गयी. मेरा चेहरा उनके चेहरे के पास आ गया.
अब मैं उनसे छ्छूटने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उनकी पकड़ मज़बूत थी.
उन्होने मुझसे कहा: एक बार मेरी बात सुन लो. उसके बाद तुम्हे जो सही लेगगा, हम वही करेंगे.
मैं: मुझे कुछ नही सुनना. छ्चोढिए मुझे.
मैं उनकी बात सुनने को तैयार नही थी बिल्कुल भी. तभी उन्होने अपने होंठ मेरे होंठो से लगा दिए, और मुझे किस करने लगे. कुछ सेकेंड्स तो मैं उनको हटाने की कोशिश करती रही, लेकिन फिर मैं गरम होने लगी, और उनका साथ देने लगी.
अब हम लोग वाइल्ड किस करने लगे. लगभग 5 मिनिट तक हम दोनो ने पुर मज़े से एक-दूसरे के होंठ चूज़. फिर जब हम दोनो अलग हुए, तब हम दोनो की साँसें फूली हुई थी. अब मेरा गुस्सा भी ठंडा हो चुका था. हम दोनो एक-दूसरे को देख रहे थे.
तभी मैं रो पड़ी, और बोली: आपने ऐसा क्यूँ किया.
उन्होने मुझे बाहों में भरा, और बेड तक लेके गये. फिर वो बोले-
पापा: उस दिन जब हम साथ थे, और तुम्हारी मम्मी आ गयी थी.
मैं: ह्म.
पापा: तब मैं बेड के नीचे च्छूप गया था.
मैं: हा.
पापा: फिर तुम दोनो इसी रूम में सो गयी थी.
मैं: ये तो मुझे पता है.
पापा: हा, लेकिन इसके आयेज जो हुआ, वो तुम्हे नही पता है. थोड़ी देर बाद जब मुझे लगा की तुम दोनो सो गयी हो, तो मैं बाहर निकालने लगा. मैं धीरे से बाहर निकला, और खड़ा होके तुम दोनो की तरफ देखा. तुम दोनो की आँखें बंद थी.
पापा: मुझे लगा दोनो सो रही हो, तो मैं धीरे से बिना आवाज़ किए रूम से बाहर जाने लगा. फिर जैसे ही मैं दरवाज़े तक पहुँचा, तो पीछे से तुम्हारी मम्मी ने मुझे आवाज़ दी. वो बोली, “आप यहाँ क्या कर रहे हो?”
पापा: मैं उसकी आवाज़ सुन कर घबरा गया. मेरा माइंड बिल्कुल ब्लॅंक हो गया. मैं उसकी तरफ मुड़ा. मुझे कुछ सूझ नही रहा था. वो मेरी तरफ शक भारी नज़रों से देख रही थी. तभी अचानक मेरे दिमाग़ में एक आइडिया आया.
मैं: क्या?
पापा: तुम्हारी मम्मी मुझे शुरू से पसंद करती है. हमारी शादी सिर्फ़ इसलिए नही हुई, क्यूंकी मैने उसको प्रपोज़ किया नही, और पहले टाइम में लड़कियाँ कभी प्रपोज़ करती नही थी. मैने इसी चीज़ को इस्तेमाल करने का सोचा.
पापा: मैने उससे कहा, “नीलम, असल में बात ये है, की मैं तुमसे प्यार करता हू और शादी करना चाहता हू. मैं परिधि से इसी बारे में बात करने आया था. अभी बात शुरू ही करी थी, तो तुम्हारी आवाज़ आई और मैं बेड के नीचे च्छूप गया.”
पापा: तुम्हारी मम्मी से जब मैने शादी की बात की, तो वो बहुत खुश हो गयी. अब उसके पास शक करने की कोई वजह नही थी. फिर वो बोली, “श, मैं कब से तुम्हारे मूह से ये सुनना चाहती थी. ई लोवे योउ.”
पापा: और इसीलिए हमने अगले ही दिन शादी कर ली.
मैं पापा की बात सुन कर हैरान हो गयी. जिस आदमी को मैं धोखेबाज़ समझ रही थी, असल में उसने मेरे लिए मेरी मम्मी से शादी कर ली थी. अब मुझे बहुत दुख हो रहा था, की मैने उनके साथ ऐसा बर्ताव किया. लेकिन मैं अपनी ग़लती सुधारना चाहती थी.
मैने अपनी ग़लती कैसे सुधारी, और इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. यहाँ तक की कहानी की फीडबॅक गुलाटी.गुलाटी555@गमाल.कॉम पर दे.