मम्मी ने सौंपा अपने आप को

वो बोला नेहा एक बार और छोड़ना है. मम्मी बोली नही बोहोट दर्द हो रहा है. फिर उसने मम्मी को उनसुना किया और किस करने लगा मम्मी कोई रिक्षन नही दे रही थी. लेकिन 5 मीं के बाद वो भी गरम होने लगी और वो भी साथ देने लगी.

फिर दोनो ने एक-दूसरे के चूत और लंड चटना और चूसना पूरा किया. अब वो छोड़ने को खड़ा हुआ और मम्मी ने टाँगे फेलते हुए कहा धीरे से डालना. फिर उसने लंड चूत मे डाला और चुदाई चालू की.

मम्मी की आआहह आअहह उउंम्माआअ चालू हुई और वो छोड़ते हुए मम्मी को किस करते हुए. मम्मी ने भी उसकी पीठ पकड़ी हुई थी इस बार मम्मी भी उसको साथ दे रही थी. लेकिन उसके चेहरे पे दर्द महसूस हो रहा था.

ये मे इस लिए बता रहा हू की मुझे सब कुछ साफ साफ दिखाई दे रहा था. उसने मम्मी को फिर घोड़ी बनके के जाम कर चुदाई की देर तक. मम्मी भी मज़ा लेते हुए छुड़वा रही थी.

अब वो लेट गया और मम्मी को उसके उपर आने को कहा. मम्मी मुस्कुराते हुए उसके उपर आई और लंड पकड़ के छूट मे डाला और उसके उपर बेत के छोड़ने लगी.

मे सोच मे पद गया की मम्मी को ये सब आता है, एक्सपर्ट थी मम्मी. शायद मम्मी की पापा ने एसए चुदाई की होगी.

थोड़ी देर बाद मम्मी आहह करते हुए उसको चिपक गयी शायद वो झाड़ गयी थी. वो संभली और बिमल जी को किस किया. बिमल जी ने गोद मे उठाया और मम्मी को लेटके पेर को कंधे पे लिए.

मम्मी ने कहा नही बिमल प्लीज़.. लेकिन वो कहा सुनता, उसपे तो चुदाई का भूत सवार था. वो मम्मी को ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगा. मम्मी तड़पति हुई आहह आहह करते हुए छुड़वा रही थी.

थोड़ी देर बाद उसने चुदाई और तेज़ की और मम्मी भी नीचे से धक्के देने लगी. फिर मम्मी की आआहह आवाज़ निकली और दोनो टाँगो से बिमल जी की कमर को जाकड़ लिया और वो भी मम्मी पे ढेर हो गया.

मम्मी ने भी उसको दोनो हाथो से उसे दबा लिया. उसने पूरा वीर्या मम्मी की छूट के अंदर ही खाली किया. ये चुदाई पहली चुदाई से लंबी हुई.

करीब 5 मीं तक दोनो दोनो ऐसे ही चिपके रहे फिर एक दूसरे को किस करने लगे. थोड़ी देर बाद वो मम्मी के उपर से उतरा उसका लंड जैसे उठाके घुसा था और सर झुकते हुए बाहर निकला.

अब थोड़ी देर बाद उसने कपड़े पहने और मे भी फटाफट धीरे से दरवाजा खोलके घर मे चला गया.

सुबह लाते 9 बजे उठा, मम्मी भी आज लाते उठी थी. मैने कहा मम्मी आज ऑफीस नही जाना?

मम्मी ने कहा नही आज नही जौंगी ऑफीस मे च्छुतटी है.

मैने मम्मी को देखा मम्मी के चेहरे पे साफ साफ थकान दिख रही थी. और मम्मी आज ठीक से चल नही पा रही थी. जैसे पेर फेलके चल रही थी, और निघट्य मे से दिख रहा था की उसने अंडर सिर्फ़ ब्रा और चड्डी ही पहनी थी.

मम्मी कपड़े ढोने गयी तो मैने मम्मी के बेड पे देखा तो तोड़ा खून था जहा वो चुदाई कर रहे थे. और मम्मी का मोबाइल ड्रेसिंग टेबल पे ही पड़ा था. तो मैने देखा की मम्मी ने बिमल जी को म्स्ग किया था की मे आज ऑफीस ऑफीस नही आप पौँगी.

बिमल जी ने रीज़न पूछा तो मम्मी ने कहा पूछ तो एसए रहे हो जैसे कुछ जानते ही नही. मे बाद मे बात करती हू और टाइम दिया की आप फ्री होके मुझे कॉल करो.

मैने औउतोकल्ल रेकॉर्डिंग चालू कर दिया ताकि जान साकु की वो क्या बात कर रहे है. उस दिन मौका मिलते ही मैने कॉल रेकॉर्डिंग सुनी जो मैं बात है वो आपको बताता हू.

बिमल जी ने कहा नेहा कितने मतलब पिछले 1 वीक से से तुम्हे कह रहा था चुदाई के लिए.

मम्मी ने कहा मे पीरियड मे थी कहा से चुदाई कार्ओौ.

मम्मी-कितना बड़ा है आपका लंबा मोटा.

उसने कहा कैसा लगा चुदाई के टाइम?

मम्मी-एकदम टाइट जा रहा था, अपने जब घुसता तो जान ही जैसे निकल दी मेरी.

वो- मुझे पता है नेहा तुम चीखी थी और रो पड़ी थी, लेकिन 2 बाकछे की मा हो फिर भी इतनी टाइट केसे है तुम्हारी छूट.

मम्मी-मेरी दोनो डेलिवरी ससिस्सोरिंग डेलिवरी हुई थी.

वो-तुमहरे हज़्बेंड ने इतने साल छोड़ा फिर भी?

मम्मी-आपका उनसे लगभग 1″लंबा और 1″मोटा है, और अपने एक झटके मे ही पूरा का पूरा घुसा दिया और मे काफ़ी टाइम से चूड़ी नही थी तो दर्द तो होगा ही ना.

वो- हा वो तो है, कितने टाइम से नही चूड़ी थी?

मम्मी- 2 महीने से ज़्यादा.

वो-क्यू?

मम्मी-वो जब थे तब मई पीरियड मे थी और वो पीरियड के पूरे होने 3-4 दिन बाद ही छोड़ते थे.

वो- रोज चुदाई करते थे?

मम्मी-नही, वीक मे 2 बार

वो-बस?

मम्मी-हा, आपको पता है अपने चुदाई करके खून निकल दिया, मेरी छूट फाड़ दी, जैसे पहली बार चुदाई हुई हो वेसए.

वो-हा मुझे पता है, नेहा तुम्हारी छूट इतनी टाइट है ना की मुझे भी एसा फील हो रहा था की मे कोई सील पॅक लड़की को छोड़ रहा हू.

मम्मी-आपको पता है मे ठीक से चल नही पा रही हू और छूट मे सूजन आ गयी है.

वो-अरे तुम्हारी छूट दिखती हो एसी है कचोरी जैसी फूली हुई. सूजन पहले से ही है. नेहा तुम्हारी छूट दिखने मे बिल्कुल तुम्हारे जैसी ब्यूटिफुल फूल है. जितनी उपर से ब्यूटिफुल हो वेसी ही तुम्हारी छूट है. जैसे छ्होटी बाकची की छूट होती है वेसी ही है तुम्हारी. लेकिन तुम्हारी उपर से ब्राउन और अंदर से थोड़ी काली पद गयी है.

मम्मी-अब इतने साल से बाल सॉफ करने से उपर से तो ब्राउन हो ही जाएगी ना, और अंदर से काली सब की हो जाती है इतने साल की चुदाई के बाद किसकी गोरी रहेगी, मेरी बेटी की जैसी.

वो-तुमहरि बेटी की भी तुम्हारे जैसी होगी ना?

मम्मी-हा उसकी तो गोरी गोरी और अंदर से अभी तो पिंक है.

वो-तुमहरि बेटी भी तुम्हारी तरह ब्यूटिफुल है.

मम्मी-चुप वो आपकी बेटी जैसी है.

वो-बेटी जैसी नही मेरी बेटी ही है, क्यू की तुम अब मेरी हो. याद है ना कल मैने पहले तुम्हारी माँग भारी थी भगवान के सामने फिर हुँने सुहग्रत मनाई.

मम्मी- हा भगवान के सामने अपने मुझे अपनाया है और सच मे कल पहली रात, मतलब सुहग्रत जेसा ही फील हुआ. जैसे अपने मेरी छूट का सील तोड़के खून निकल दिया. और एक बार अपने पूरा वीर्या मेरी छूट के अंडर ही खाली किया.

वो-नेहा अगर तुम मुझसे प्रेग्नेंट हो जाओ तो क्या करोगी?

मम्मी-आप जेसा कहेंगे, लेकिन फिर आप मुझसे शादी करोगे तब ही आपके लिए बाकचा दे पौँगी. लेकिन मे ये नही चाहती की आप मेरी खातिर बदनाम हो. कोई बात नही आप मुझे प्रेग्नेंट करिए लेकिन मई परहेज नही करूँगी. 2-3 महीने परहेज करूँगी क्यू की मुझे सिर्फ़ फील करना है की मेरी कोख मे आपका बाकचा है. मई कल आपके जाने के बाद भी बातरूम मूतने नही गयी क्यूकी मुझे आपकी पहली मुलाक़ात, पहली चुदाई का वीर्या अंदर रखना था.

वो-नेहा तुम्हारा हज़्बेंड तुमहरि रोज चुदाई नही करता था?

मम्मी-पिछले 1 साल से ही धीरे धीरे कम हुआ.

वो-तुम्हे सब आक्ची तरह आता है, लंड भी अक्चा चुस्ती हो, चुड़वति भी अक्चा हो, किस भी आक्ची करती हो, लेकिन लंड पूरा अंदर तक नही लेती हो.

मम्मी (हँसके बोली) – आपको अक्चा लगा? और लंड तो मई उनका भी पूरा नही ले पति थी मूह मे, उल्टी हुई थी 4-5 बार मुझे इसलिए.

वो-ओक, अब कब अओ छोड़ने के लिए?

मम्मी-अभी नही तोड़ा दर्द और सूजन कम होने दो.

तब बिमल जी ने कहा तुम मेडिकल स्टोर आओ मई तुम्हे दवाई ले के देता हू. तब मम्मी ने कहा नही मई ठीक से चल नही पा रही हू. तो बिमल जी ने कहा ठीक है मई शाम को घर आके दे जौंगा.

मम्मी ने कहा नही रहने दो आप क्यू तकलीफ़ करते हो.

उसने कहा तुम मुझे अपने आप को पूरा सोनप देती हो तो क्या मई इतना भी नही कर सकता तुम्हारे लिए? और तुम्हे मैने अपनी वाइफ बनाया है भगवान के सामने तो मई अपनी वाइफ के लिए कर रहा हू.

तब मम्मी ने थॅंक योउ कहा और बाइ कहते हुए कॉल कट किया.

शाम को बिमल जी घर आए, मई चुपके से देख रहा था. दीदी पढ़ाई कर रही थी उपर के रूम मे. इधर उधर देखने के बाद बिमल जी ने मम्मी को दवाई दी.

मम्मी ने कहा दोनो उपर है पढ़ाई कर रहे है. मौका पके उसने मम्मी को अपनी तरफ खिछा, सोफे पे बिताया और किस करने लगे. साथ ही मम्मी का हाथ पकड़ के पेंट उपर से लंड पे रख दिया. मम्मी ने कहा मई पानी लेकर आती हू, छाई के लिए बिमल जी ने माना किया.

पानी पीने के बाद उसने कहा सही कह रही हो नेहा तुम थोड़ी फेलके चल रही हो. दिखाओ कैसी है सूजन?

मम्मी ने माना किया फिर वो खड़ा हुआ, मम्मी सोफे पे बेती थी. बिमल जी ने पेंट खोला और लंड बाहर निकल के मम्मी के सामने किया. मम्मी ने कहा, अभी नही बाकछे घर मे है.

उसने कहा पढ़ाई कर रहे है.

फिर वो लंड मम्मी के मूह के पास ले गया और मम्मी चूसने लगी. मम्मी ने कहा बस अब बाँध कर दो. बिमल जी कहने लगे नेहा बोहोट अक्चा चुस्ती हो. मम्मी ने कहा बाद मे चूस दूँगी, और फिर बिमल जी उनके घर चले गये.

बस दोस्तो मम्मी और बिमल जी की चुदाई की स्टोरी और भी एक्शिटेड है नेक्स्ट पार्ट मे बतौँगा. आपको ये स्टोरी कैसी लगी प्लीज़ कॉमेंट्स कर के बताना.

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