मम्मी और मोसी चूड़ी अपने फायदे के लिए

हेलो दोस्तों मे राहुल आज मे मेरी कहानी मम्मी की छूट और पड़ोसी का लंड का पार्ट 16 लेके आ गया हू अप सभी के रिक्वेस्ट पर.

जिन्होने मेरी पहली पार्ट्स नही पढ़ी वो पहले पार्ट्स पढ़ के इसे पढ़े ताकि आपको ठीक से मज़ा आए.

तो दोस्तों मे ज़्यादा समय ना लेते हुए मेरे कहानी पे आता हूँ. इश्स पार्ट में मे आपको बतौँगा की कैसे मेरी मौसी और मा ने मिल के करीम अंकल के बिज़्नेस पार्ट्नर को खुश किया अपने जिस्म की गर्मी से.

आपको तो पता ही है मेरी मा और मौसी के वेर में पर आब वो दोनो बेहन और भी ज़्यादा गड्राई हुई हाइन. मा शीला की फिगर एब्ब 40ड्ड 36 42 की हो गयी है. इतना सारा लोड्‍ा ले ले के और मेरी मौसी सीमा की 38ड्ड 34 40की फिगर बन गयी है.

इन्न फिगर साइज़ से आपको अंदाज़ा लग रहा होगा ये दोनो बहने जब निकलते होंगी तब ना जाने कितनो के लंड खड़ा कर देती होंगी.

तो उस दिन जब हम इरफ़ान के बेडरूम मे थे तब आघे क्या हू आज इस स्टोरी मे आपको बतौँगा.

इरफ़ान मा औ मोसी को लोड्‍ा चूसने लगा मेरी रंडी मा शीला और मेरी चुड़ाकड़ मोसी सीमा दोनो मिलकर पक्की रखेल की तरह इरफ़ान की लंड की सेवा करने लगी. भूकी कुटियों की तरह दोनो लंड को लपक लपक के हलाक तक लर्ने लगी थी.

मा:- उघह अंघह इरफ़ान जी कितने छूट का रढ लगा है आपके लंड मे अनह… चूड़ने मे बहुत मज़ा अरहा है इसे बहुत मस्त है एसा लोड्‍ा मेने आज तक नही चूसा क्यूँ सीमा सही कहा ना मेने.

मोसी:- हन दीदी इरफ़ान जी का लंड तो एक दम मस्त है इसे तो आज खा जौंगी मे.

इरफ़ान:- अरे मेरी सड़क छाप रंडी शीला और सीमा तुम दोनो को तो आज मे बहुत मज़े देने वाला हूँ. टुमरे जेसे बहूत रंडी पेले है मेने पर साली तुम दोनो बहें जेसी छीनाल रॅंड नई देखा अनह.. क्या मस्त लोड्‍ा चुस्ती हो दोनो बहएने..

इरफ़ान बहोट गरम होने लगा था आब वो मा और मोसी के बाल पकड़ के स्पीड मे लोड्‍ा घुसेड के मूह छोड़ने लगा था. जिसे मों और मोसी की साँस फूलने लगी थी.

एसए ही लोड्‍ा चूसने के बाद इरफ़ान ने मों को उथलिया और बेड मे पटक दिया. छूट मे लोड्‍ा सेट कर के पेल दिया और मोसी को इशारा किया मा की मूह मे बेत जाने को.

इरफ़ान मा की छूट पेल ताहा था और इधर मेरी रंडी मा अपनी बहें की छूट चूसने लगी.

इरफ़ान:- मदारचोड़ रॅंड शीला इतने चूड़ने के बाद तो तेरा छूट का भोसड़ा बन जाना चाहिए.. पर साली अभी भी जवानी है इसमे कितना टाइट है अनह.. साली आज इसका चीरहारण करूँगा मे अपनी तगड़े लंड से.

मा:- इरफ़ान जी अनह हाए आपका कला मोटा बड़ा लोड्‍ा मेरी छूट के देवार को चीरता हुआ घुसे जराहा है अनह उफफफ्फ़ अनह…

मोसी:- अनह दीदी चुड आचे से साली रॅंड मेरी छूट का रढ पीजा अनह…

ये सब देख के मेरा 5 इंच का लुली एक दम टाइट होगआया था और मे सोफा मे बेत के हिला रहा था मस्त.

इरफ़ान तब मुझे देख के बोलता है :- कैसा लग रहा है बेटा तेरी मा मेरे से चुड रही है मेरी रॅंड बनकर.

मे:- बहुत मस्त लग रहा है इरफ़ान जी आपका तगड़ा लोड्‍ा निचोर रहा है मेरी रॅंड मा को.

इरफ़ान:- आबे साले पापा बोल मुझे! तेरी मा और मोसी आज से मेरी रखेल हुई ना बेटा.. तेरा बाप तो छोड़ नही पाया एसा मस्त माल को.. आज से ये दोनो मेरी रॅंड है और तू मेरा बेटा ओक..

मे:- ओक इरफ़ान पापा जेसा आप बोले.

मों की छूट को आचे से पेलने के बाद इरफ़ान ने मोसी को घोड़ी बनाया और मोसी की छूट पेलने लगा और मों. मोसी के आघे छूट फेला के लेट गयी और छूट चाटने लगी.

मोसी:- अनह इरफ़ान जी आपका लोड्‍ा तो मस्त है ये तो मेरी बछेड़नी तक घुसे जराहा है अनह फक मे अनह..

मा:- आबे रॅंड साली सीमा आचे से चूस मेरी छूट को अनह छोड़ो इसे आचे से इरफ़ान जान साली छीनाल की छूट चियर डालो अनह…

इरफ़ान:- अँह मदारचोड़ दोनोड बहएने पकई रॅंड हो अनह बहुत मज़ा अरहा है तुम दोनो के साथ साली कुटियों अनह…

एसए कुछ मिनिट छोड़ने के बाद इरफ़ान बेड मे लेट गया और लंड ताना हुआ खड़ा कर के मों को इशारा दिया.

मेरी रॅंड मा समझ गयी और लोड मे छूट सेट कर के उछाल उछाल के छुड़ाने लगी. जिसे उसकी चुचि मस्त हवा मे उछालने लगे थे उधर मोसी इरफ़्न को अपनी छूट के रश पिलाने लगी थी.

मों:- अनह अनह क्या तगड़ा लंड है इसमे उछालने का बहुत मज़ा आरहा है अनह इरफ़ान जी फक अनह..

मोसी :- मेरी छूट की रश पी डालो इरफ़ान जी अनह…

इरफ़ान:- मदारचोड़ रंडी अनह बहुत मज़ा रहा है तुम दोनो के साथ अनह अंघ् साली अनह..

कुछ एसए ही पेलने के बाद इरफ़ान ने दोनो को घोड़ी बनाया और दोनो के बाल पकड़ के बरी बरी लोड्‍ा गंद मे घुसेड के छोड़ने लगा. मानो जेसे वो घुड़सवारी कर रहा हो बहुत तेज़ तेज़ पेलने लगा इरफ़ान.

इरफाब:- बहें के लोड़ियों दोनो के गंद क्या मस्त है मदारचोड़ शीला करीम रोज तेरी गंद पेलता होगा लगता है.. इसलिए तेरा काफ़ी बड़ा है सीमा से भी अनह मदारचोड़ चूड़ो अनह..

मा:- हन इरफ़ान जी अनह बहुत मस्त गंद मार रहे हो आप हाए मेरी गंद फाड़ के रख दी आपने अनह…

मोसी:- आज से मे आया करूँगी इरफ़ान जी आपसे गंद मरवाने.

इरफ़ान:- हाँ साली सीमा आज से रोज आया करेगी तू तेरी जिस्म मेरे लोड के नाम है साली! नही आएगी तो तेरे घर मे जेया के तुझे छोड़ूँगा साली अनह…

मोसी :- हन जी रोज अवँगी मे.

एसए ही दोनो की गंद बहुत देर मरने के बाद इरफ़ान एब्ब 1 घंटे के बाद झरने वाला था. उसने मों और मोसी को बोला नीचे बेत जाओ मदारचोड़ छीनाल रंडीयू अनह..

मेरी मा और मोसी पक्की भूकी कुटिया की तरह ज़ुबान निकल के बेत गयी और मलाई की भीख माँगने लगी.

मों आंड मोसी:-इरफ़ान जी हमे आपकी गढ़ी मलाई से नहला दो.

इरफ़ान :- हाँ मदारचोड़ एलो माँग भी भर दूँगा मलाई से अनह एलो मेरी रंडीयू अनह…

इरफैन्न का सारा मलाई मेरी मा और मोसी के मूह मे गिर गया दोनो की मूह मलाई से भर दिया. इरफ़ान ने एब्ब दोनो बहें एक साची रंडी की तरह इरफ़ान के लोड को सॉफ करने लगी चाट के और सती मलाई सॉफ कर गयी.

मा :- बहुत मस्त मलाई था आपका उंह एसा मलाई पहली बार चक्खा मेने.

मोसी:- हन इरफ़ान जी आजसे तो ये रोज मिलने वाला है मुहज़े दीदी अनह (लोड को किस करने लगी मोसी).

इरफ़ान:- हन मेरी जान सीमा आज से तुझे रोज मिलेगा.

तभी इरफ़ान मुझे देखता है और बोलता है-

इरफ़ान:- आजा बेटा तेरी रंडी मा और मोसी को तेरी मलाई भी देदे.

मे खुश हो गया और जल्दी ही उनके पॅड्स जेया के खड़ा हो गया. दोनो रंडीयू ने मेरी लुल्ली को चूसा और मेरी सारी मलाई निगल गयी.

एसए चुदाई ख़तम होने के बाद इरफ़ान के साथ नहाने गयी मों न मोसी फिर टेयर होकर घर आने लगी तभी इरफ़ान ने दोनो को किस किया और बोला-

इरफ़ान:- बोल देना करीम को बिज़्नेस की डील उसे ही मिलेगा.

मे:- ओक इरफ़ान पापा मे करीम जी को बोल दूँगा.

फिर हम तीनो घर चले आए करीब साम के 7 बजे हुए थे उस टाइम.

तो दोस्तो ये थी मेरी मा और मोसी की कहानी. मुझे मैल कर के बताना केसी लगी आप सभी को मेरी ये साची कहानी. और अगर किसिको उनके या मेरी मों न मोसी के बारे मे बात करनी हो भी मैल करना.

अगले पार्ट मे आपको बतौँगा कैसे मेरी मा को नवरात्रि के मेले मे दो आदमियो ने एक तंबू मे ले जाके छोड़ा और उनके मूह को मलाई से भर दिया.

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