मूवी थियेटर मे मेरी गंगबांग चुदाई

दोस्तो मेरा नाम मिशका है. मेरी आगे 23 साल की है और मे अब तक 50 से ज़्यादा बार चुड चुकी हू बाय्फरेंड्स या फ्रेंड्स वित बेनिफिट्स से पर कभी भी स्ट्रेंजर के साथ या गंगबांग नही किया था मैने. तो आज मैने दोनो सपने पूरे करने का तय किया था.

वेसए मे थोड़ी चब्बी हू. फिगर मेरी 36-34-38 है. और चब्बी होने की वजह से बहोट सॉफ्ट बॉडी, बूब्स और गांद है मेरी. स्ट्रेंजर से छुड़वाना आमेडबॅड मे काफ़ी मुश्किल है, बार क्लब पब नही होते.

तो मैने थियेटर का सोचा. वन पीस पहना जो 4 साल पुराना था तो मुझे टाइट हो रहा था. ऐसा टाइट की ज़्यादा फिज़िकल आक्टिविटी करू तो फट जाए. और मैने अंदर कुछ पहना नही ना ब्रा ना पनटी सिर्फ़ वन पीस. एक सेक्सी सीन्स वाली 18+ मोविए की टिकेट बाइ की मैने और टाइम आंड थियेटर ऐसा चूज़ किया की लोग कम हो.

फिर मे अंदर गयी मोविए स्टार्ट के 10 मीं पहले और जाके उपर से 4त रो मे बीच मे बेत गई. मुझसे 2 सीट दूर 2 लड़के बेते थे और उसके सिवाय 3 कपल कॉर्नर सीट्स पे बेते थे.

मोविए स्टार्ट होने के पहले लोगो को मेरा इंटेन्षन बताने के लिए मे अपने फोन मे पॉर्न देखने लगी. और स्क्रीन ऐसे रखती की उन दोनो को दिखाई दे. मोविए स्टार्ट होते ही मैने मेरा ड्रेस नीचे से मेरे वेस्ट तक उपर कर दिया.

मे अपनी थाइस को टच करके अपने आप को सिड्यूस करने लगी और मोविए स्क्रीन के बदले उन दो लड़को की और देखती रही. वो भी मुझे ही देख रहे थे.

मुश्किल से 5 मीं हुई होंगी और वो दोनो अपनी सीट्स छ्चोड़ के मेरे आसपास गये. जैसे ही वो 2 सीट पे आए मैने मेरा हाथ उन दोनो के लंड पे रख दिया. जैसी की एक्सपेक्ट किया था उनका लंड हार्ड हो चुका था.

फिर मैने एक एक करके उनके पॅंट्स का बटन खोलके नीचे उतार दिया नीस तक और उनका लंड खुल्ला कर दिया ताकि मज़ा ले साकु. अप्रॉक्स दोनो का लंड 7-8 इंच का होगा जो मेरे लिए काफ़ी था. और इतना गरम था जैसे की दोनो सेक्स के लिए भूखे हो कई महीनो से सेक्स ना मिला हो.

उन दोनो ने एक एक मुममे दबाना स्टार्ट कर दिया. पहले 5 मीं तक टॉप के उपर से ही दबाया, मसला और निपल्स पिंच करने लगे. फिर टॉप नीचे कर दिया.

अब मेरा टॉप सिर्फ़ वेस्ट पे था. मेरे 36सी मुममे और शेव्ड गीली छूट बाहर थी. वो दोनो पहले मेरे मुममे देखते है रहे 5 सेकेंड तक और बोले क इतने बड़े आज तक किसी के नही मिले आज तो इनकी मा छोड़ देंगे.

ऐसा बोलते ही दोनो भूखे इंसान की तरह मेरे चुचे चूसने लगे. एक हाथ से बूब्स को दबाते, दाँत से चुचे चबाते और दूसरे हाथ से एक मेरी पुसी मे फिंगर कर रहा. और दूसरा मेरी गांद के च्छेद पे फिंगर घुमा रहा. ऐसा लग रहा था जैसे आज मेरे सभी होल्स का मज़ा उठाएगे ये दोनो.

मे साथ मे दोनो के लंड को हिला रही थी जो अब पॅंट्स के बाहर आ चुके थे. ऐसा करीब और 10 मिनिट्स चला फिर एक बोला की.. रंडी आजा अब अपना जलवा दिखा और मूह चला के ब्लोवजोब दे मुझे.

फिर मे सीट पे ही लेट गयी. रिघ्त वेल के सीट पर मेरे लेग्स और गांद थे और लेफ्ट वेल का लंड चूस रही थी. लेफ्ट वाला बार बार मेरी गांद को स्लॅप करने लगा और रिघ्त वाला मेरी छूट को फिंगर करने लगा.

2 फिंगर्स मेरी छूट के अंदर और थंब मेरी छूट के बाहर की स्किन पे घूमने लगा. मे तड़पति जा रही थी मोन कर रही थी और लंड ज़ोर ज़ोर से चूस रही थी.

7 इंच का लंड पूरा मेरे मूह मे ले रही थी. और इतना अंदर लेती थी क मेरे टंग से उसके बॉल्स को छत साकु जब लंड मूह मे ही हो. 15 मिनिट्स ऐसे ही चला और फिर दोनो ने अपनी जगह बदल ली. और दूसरे को भी मेरे दीपत्र्ोआट स्किल्स के बारे मे पता चला.

मेरी छूट के साथ साथ वो लोग गांद के च्छेद को भी फिंगर कर रहे थे. छूट रगड़ते रगड़ते कई बार मेरी गांद चाटने लगते. गांद मे थंक लगा के 2 फिंगर अंदर डाल देते. मे दर्द के वजह से कँपने लगती और ज़ोर से मोन करने लगती.

सबसे ज़्यादा पसंद मुझे तभी लगता जब वो मेरा सिर पकड़ के मेरा मूह अपने लॅंड पे पूरा लगा देते. और सिर्फ़ लगा के निकल नही देते पूरी 10 सेकेंड तक लगा के रखते और मे च्छुतने के लिए उनके पैरो पर स्लॅप करती तब छ्चोड़ते मुझे.

इंटर्वल हुया फिर तो लाइट्स ओं हो गयी और मे अभी भी नंगी ही लेती हुई थी और चूस रही थी. तो 3 कपल्स और जो थे वो ह्यूम देखते रह गये. वैसे वो लोग भी यही सब कर रहे थे.

फिर मे नॉर्मल तरीके से बेती टॉप को सेट किया पर हम तीनो अभी भी बहोट हॉर्नी थे और रुकना नही चाहते थे. पर थियेटर मॅनेज्मेंट वाले देख ना ले उसका भी दर था.

तो मैने आइडिया दिया की चलो में’स बातरूम मे जाके करते है वाहा तुम मुझे छोड़ भी साकतो हो छूट और गांद मे. हम 3 गये वाहा एक ने अंदर जाके चेक किया तो कोई नही था तो और फिर ह्यूम बुला लिया. एक बूत मे जाके डोर बंद किया और फिर शुरू हो गये.

रात के 10.30 का शो था और पॅरलेल मे सिर्फ़ 1 ही और शो था और उसका भी इंटर्वल हो चुका था. और ज़्यादा लोग भी नही थे थियेटर मे तो हम थोड़े बिंदास होके मज़े लेने लगे.

मे टाय्लेट सीट पे बेत के एक का हिला रही थी और दूसरा एक हवासी की तरह एक तंग उपर करके मूह छोड़ रहा था. बिल्कुल पॉर्न मूवीस जैसा रफ दीपत्र्ोआट.

बारी बारी करके दोनो ऐसे ही मेरे मूह की चुदाई कर रहे थे और मुझे साँस लेने का टाइम तभी मिलता जब वो पोज़िशन एक्सचेंज कर रहे होते. ऐसा छोड़ा मेरा मूह की मेरे गले से लेके बूब्स स्टमक पुसी तक मेरा थंक गिर रहा था पूरी गीली हो गयी थी इस गॅगिंग की वजह से.

तोड़ा देर ऐसा ही चला और फिर हुँने एक आवाज़ सुनी की कोई अंदर आ रहा है तो एक सेकेंड रुके. आयेज की कहानी मे बतौँगी की कैसे थ्रीसम की विश रखने वाली मैने गंगबांग का मज़ा लिया.

प्लीज़ कॉमेंट करिए और बताइए कैसे रही ये स्टोरी और क्या आड करू नेक्स्ट स्टोरी मे.

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