मेरी सोनी मेरी तमन्ना

मैं एक सरकारी कंपनी में काम करता हूँ और मैं अच्छा खासा कमा लेता हूँ। मेरे घर में मेरी माँ और छोटा भाई जो मुझ से सात साल छोटा है।

सोनी जो एक खूबसूरत बला का नाम है, वो 18 साल की, जिसने अभी अभी जवानी में कदम रखा था, उसका रंग थोड़ा सांवला था और सेक्सी होने के साथ वो बिंदास भी थी।

उसकी आँखें बहुत ही नशीली थी, जब वो चलती थी तो उसकी जवानी और मादकता साफ़ दिखती थी, जिसे देखकर बस्ती के सारे लड़के अपना लंड पकड़ कर सीधा करते थे क्योंकि उनका खड़ा हो जाता था। सोनी हमेशा चूड़ीदार सलवार-सूट पहनती थी जिसमें उसकी आकृति देखकर कोई भी उसका आकार बता देता था, हर कोई उसको चोदने की तमन्ना रखता था ! हर कोई उसको परपोज करना चाहता था।

यह बात चार साल पहले की है, जब मैं इक्कीस साल का था तब मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी। मैं अपने दोस्तों के साथ अक्सर गंगा-जमुना जाया करता था और रांडों को जमकर चोदा करते थे।

क्योंकि मेरे दोस्त अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बाकी सब तो कर लेते थे पर उन्हें चोदना उनके बस की बात नहीं थी।

एक बार मेर दो दोस्त अज्जू और शिव अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड के साथ घूमने जा रहे थे। उनकी गर्लफ्रेंडज़ के साथ उनकी एक सहेली आने वाली थी। जब मेरे दोस्त अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड को रिसीव करने के लिये गए तो उनके साथ सोनी भी आई थी।

मेरे दोस्तों की नजर अपनी गर्लफ्रेंड से ज्यादा सोनी पर थी। मेरे दोस्तों ने सोचा कि नब्बू की तो कोई गर्लफ्रेंड है नहीं ! क्यों न उसका जुगाड़ सोनी के साथ जमा दिया जाये ! बाद में मिल बाँटकर खायेंगे !

और फ़िर अज्जू ने मुझे फोन किया, कहा- जल्दी से इस रेस्टोरेंट में आ जा ! हमारी गर्लफ्रेंड के साथ सोनी भी आई है।

मेरी तो खुशी का ठिकाना ही नहीं था, बिना मेहनत किए गर्लफ्रेंड मिल रही थी। मैं दस मिनट में तैयार होकर घर से निकल पडा !

मैं रेस्टोरेंट में पहुँचा, जैसे ही मेरी नज़र सोनी पर पड़ी, मैं खिल गया। सोनी ने लाल रंग की चूड़ीदार सलवार पहनी थी।

मेरे दोस्तों ने मेरा सबसे परिचय कराया।

मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड ने कहा- बहुत दिनों से सोनी कह रही थी कि वो मुझसे दोस्ती करना चाहती है, इसलिए इसे साथ लाये हैं।

सोनी मुझे पहले से ही जानती थी। मैं हैरान था क्योंकि जिसके पीछे सारे लड़के पड़े हैं और खिंसी (नागपुर का प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट) जाने के अपनी अपनी बाइक पर लड़कियों को बिठाया और मैंने अपनी बाइक पर सोनी को ! और निकल पड़े !

मेरे दोस्तों ने फोन पर ही सारी बात बता दी थी कि कुछ भी हो, प्रपोज़ कर देना ! क्योंकि उसका कोई बायफ़्रेंड नहीं है, प्रपोज़ करने के बाद सोनी तेरी ही जायेगी, जी भर के तू चोद लेना और हो सके तो हमारा भी जुगाड़ जमा देना !

दोस्तो, मेरा तो खुद का ही पता नहीं था, इनका कहाँ से जमाता !

रास्ते में मैंने उससे खूब बातें की, जैसे- उसे क्या पसंद है ! मेरी तो बस यही तमन्ना थी कि कब मेरे लण्ड की मुराद पूरी होगी, कब मैं इसे चोदूँगा।

मैं अच्छी तरह से जनता था कि इसे चोदना इतना आसान नहीं है।

खैर हम बातें करते करते खिंसी पहुँच गए फिर हमने नौकाविहार किया और थोड़ा घूमे। इसके बाद मेरे दोस्त अपनी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अलग-अलग इधर उधर चले गए और कहा कि 30 मिनट के बाद घर के लिए निकलना है।

अब दोस्तो, मेरे पास 30 मिनट थे। मैं सोनी के साथ एक जगह बैठ गया, थोड़ी बात करने बाद मैंने उसे “आय लव यू” कह दिया।

तो उसने कहा- दो दिन के बाद जवाब दूँगी।

दोस्तो, ऐसा चालू लड़की ही कहती है और मैं इस जवाब के लिये पहले से तैयार था कि यह मेरे को थोड़ा घुमाएगी।

फ़िर मैंने दूसरी बातें करना शुरू किया। उसने बताया कि पहले उसने कभी अफ़ेयर नहीं किया, वो पहली बार डेटिंग पर आई है !

शाम हो गई थी, अब मेरे दोस्त भी आ गये थे, हमको घर जाना था।

मैंने सोनी को कहा कि वो मेरी बाईक चलाए !

वो तैयार हो गई क्योंकि उसके पापा ने उसे बाईक चलाना सिखाया था। वो मेरी बाईक पर बैठ गई और जैसे ही मैं उसके पीछे बैठा, मेरा लण्ड उसकी गाण्ड से चिपक गया।

उसने कुछ नहीं कहा। मेरा लण्ड खड़ा हो चुका था और उसमें दर्द होने लगा था। उसे भी महसूस हो रहा होगा की नब्बू का लण्ड उसकी गांड से टकरा रहा है पर वो कुछ नहीं कह रही थी।

हम बाईक पर बात करते करते आ घर आ रहे थे, मैं उसकी गांड से लण्ड चिपका कर ही बैठा था। आधे रास्ते में मैंने फ़िर आई लव यू कहा।

उसका वही जवाब था जिसके लिये मैं पहले से तैयार था। मैंने अपने दोनों हाथ उसके पीछे से बगल में डालकर गाडी का हैंडल पकड़ लिया और गाड़ी पूरी रफ़्तार से चलाने लगा।

सोनी को डर लगने लगा, वो चिल्लाने लगी- गाड़ी स्लो करो !

मैं- मेरा जवाब दो हाँ या ना?

सोनी-हाँ हाँ ! मैं तो बस मज़ाक कर रही थी। हम वापिस आ चुके थे, हमने बाय किया और जाते जाते मैंने सोनी को अपना मोबाईल नम्बर दे दिया।

उस रात मुझे नींद नहीं आ रही थी। अचानक रात के एक बजे सोनी का फोन आया, हम बातें करने लगे।

मैंने उससे कहा- अब हम अकले ही मिलेंगे !

उसने हाँ कह दिया और मैं उससे 8-10 बार मिला। मैं उसको ब्वात्निक ( नागपुर का मशहूर कपल पार्क ) में ले जाकर जम कर किस करता और साथ में उसके मम्मेभी दबाता था। वो हमेशा सीस्स_ सीस्स् करती थी और उसकी चूत में उंगली डाल देता था, मगर सोनी को चोदने के लिये वह सही जगह नहीं थी और न ही सही समय था। मेरी एक गलती मेरी तमन्ना पर पानी फेर देती। मैं सोनी को जी भर कर चोदना चाहता था, मैं कैसे बर्दाश्त कर रहा था, यह मैं ही जानता था !

एक दिन मेरे सबर का बाँध टूट गया मैं अब और इंतज़ार नहीं कर सकता था, मैंने आफिस के एक दोस्त से उसके फार्म हाउस की चाबी ले ली और सोनी को लेकर पहुँच गया।

सोनी समझ गई थी कि मैं उसे यहाँ क्यों लाया हूँ, मगर वो अनजान बन रही थी, उसने कहा- हम यहाँ क्यों आये हैं? क्या यह मकान तुमने खरीदा है?

मैं- नहीं, मैं यहाँ तुम्हें प्यार करने लाया हूँ !

कहकर उसे अपनी बाँहों में ले जकड़ लिया और हम दोनों पागलों की तरह एक दूसरे को चूमने लगे जैसे हम दोनों बरसों से भूखे हों। चूमते-चूमते मैंने उसकी सलवार खोल दी और उसकी चूत में उंगली डाल दी जो पहले से गीली थी !

अचानक सोनी अलग हो गई और कहा- मुझे पता था कि तुम यही करोगे और मुझे इसके बाद छोड़ दोगे !

मैं यह नहीं चाहता था कि ऐसा मौका हाथ से चले जाए !

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मैं- सोनी, क्या तुम्हें ऐसा लगता है कि मैं तुम्हें छोड़ दूँगा? मेरे ऊपर भरोसा नहीं है ?

सोनी- अगर यह करने के बाद मैं माँ बन गई तो क्या होगा?

मैं- मेरे पास सब चीज का इलाज है, अगर तुम्हें मासिक नहीं हुआ तो दो महीने के अन्दर बता देना !

अब वो निडर होकर मेरे से लिपट गई। इस बार ज्यादा देर नहीं की, सीधे उसके कपड़े उतार दिए।

दोस्तो, वो क्या लग रही थी- काली पैंटी और ब्रा में उसका कसा हुआ जिस्म ! उसकी मादकता को बढ़ा रहा था, ऊपर से उसकी वो नशीली आँखें मेरा हौंसला और बढ़ा रही थी। मैंने भी अंडरवीयर समेत अपने सारे कपड़े उतार दिए। मैं उसके सामने पूरा नंगा था।

मैंने सोनी को उठा कर….

मैं- नहीं, मैं यहाँ तुम्हें प्यार करने लाया हूँ !

कहकर उसे अपनी बाँहों में ले जकड़ लिया और हम दोनों पागलों की तरह एक दूसरे को चूमने लगे जैसे हम दोनों बरसों से भूखे हों। चूमते-चूमते मैंने उसकी सलवार खोल दी और उसकी चूत में उंगली डाल दी जो पहले से गीली थी !

अचानक सोनी अलग हो गई और कहा- मुझे पता था कि तुम यही करोगे और मुझे इसके बाद छोड़ दोगे !

मैं यह नहीं चाहता था कि ऐसा मौका हाथ से चले जाए !

मैं- सोनी, क्या तुम्हें ऐसा लगता है कि मैं तुम्हें छोड़ दूँगा? मेरे ऊपर भरोसा नहीं है ?

सोनी- अगर यह करने के बाद मैं माँ बन गई तो क्या होगा?

मैं- मेरे पास सब चीज का इलाज है, अगर तुम्हें मासिक नहीं हुआ तो दो महीने के अन्दर बता देना !

अब वो निडर होकर मेरे से लिपट गई। इस बार ज्यादा देर नहीं की, सीधे उसके कपड़े उतार दिए।

दोस्तो, वो क्या लग रही थी- काली पैंटी और ब्रा में उसका कसा हुआ जिस्म ! उसकी मादकता को बढ़ा रहा था, ऊपर से उसकी वो नशीली आँखें मेरा हौंसला और बढ़ा रही थी। मैंने भी अंडरवीयर समेत अपने सारे कपड़े उतार दिए। मैं उसके सामने पूरा नंगा था।

मैंने सोनी को उठा कर बेडरूम में ले जाकर बिस्तर पर बैठा दिया और अपना लंड उस के मुँह के पास ले जाकर उसे चूसने के लिये कहा।

उसने मना कर दिया। मैंने जबरदस्ती अपना लंड उसके मुँह में घुसेड़ना चाहा मगर लंड का आकार मोटा होने की वजह से मुँह में केवल सुपारा ही गया। अब वो जैसे तैसे मेरे लंड को चूसने लगी।

मुझे बहुत मजा आ रहा था क्योंकि इससे पहले मैंने कभी ऐसा नहीं किया था। अब मैं आगे-पीछे होने लगा, उसकी लार से मेरा पूरा लंड गीला हो चुका था मैंने अपना लंड उसके मुँह में से निकाला और उसे पैंटी और ब्रा से आजाद कर दिया।

मेरे तो होश उड़ गए क्योंकि मैंने आज तक इतनी कसी चूत और कसे हुए स्तन, वो भी गुलाबी रंग के कभी नहीं देखे थे। उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था।

मैं तुरंत उसके दोनों चूचों को एक साथ मुँह में ले कर चूसने लगा। सोनी सिसकारियाँ लेते हुए सी-सी करने लगी और चूसते चूसते उसकी चूत में उंगली डाल कर अन्दर-बाहर करने लगा। अब सोनी बहुत गर्म हो गई और उसकी चूत में पानी आ गया था। सोनी के मुँह से आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह की आवाजें आ रही थी और वो अपने पैरों को सिकोड़ने व मसलने लगी थी। एक बात मैंने नोट की कि सोनी बिल्कुल खामोश थी और अपशब्द का प्रयोग नहीं कर रही थी।

अचानक सोनी बोली- नब्बू, आगे कब बढ़ोगे? मेरे से अब रहा नहीं जा रहा है !

मैं खुश हो गया और मैंने सोनी की टांगों के बीच में बैठ कर अपना लंड उसकी चूत पर रख कर जोरदार धक्का मारा।

मेरा लंड अभी पूरा गया ही नहीं था कि सोनी चिल्लाने लगी- मम्मी ! ई ई ई ! मम्मी ! मैं मर जाउँगी ई ई ई !

और छटपटाने लगी।

मैं रूक गया और सोनी से कहा- तुम्हें कुछ नहीं होगा ! पहली बार थोड़ा-थोड़ा दर्द होता ही है, बाद में जो मजा है, वो दुनिया में कहीं नहीं है !

फ़िर मैं धीरे-धीरे उसके स्तन दबाने लगा और साथ ही मैं ऊपर ही ऊपर उसकी उसकी चूत में अपना लंड अन्दर-बाहर करने लगा।

दो-तीन मिनट के बाद सोनी को भी मजा आने लगा, सोनी ने मुझे बाहों में जकड़ लिया और चूमने लगी।

मैंने फ़िर जोर का धक्का मारा, इस बार मेरा लंड उसकी उसकी चूत में आधे से ज्यादा चला गया। इस बार मैं जोर-जोर के धक्के पे धक्का मारता चला गया।

अब हम दोनों सेक्स का भरपूर मजा ले रहे थे। धीरे-धीरे मेरा लंड पूरा उसकी चूत में चला गया और उसकी बच्चेदानी से टकरा रहा था। मेरा हाथ सोनी के वक्ष पर धीरे-धीरे हरकत कर रहा था और होटों से उसे मैं चूम रहा था।

दस मिनट की चुदाई के बाद सोनी ने मेरे को और कस के पकड़ लिया। मैं समझ गया कि सोनी अब झड़ने वाली है, मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी। थोड़ी देर के बाद सोनी की चूत उसके रज़ से भर गई।

फ़िर मैंने सोनी को घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी कमर पकड़ कर उसकी चूत में लंड डाल कर जोर जोर से चोदने लगा।

सोनी आह्ह्ह आह्ह्ह कर रही थी।

मैं- नहीं, मैं यहाँ तुम्हें प्यार करने लाया हूँ !

कहकर उसे अपनी बाँहों में ले जकड़ लिया और हम दोनों पागलों की तरह एक दूसरे को चूमने लगे जैसे हम दोनों बरसों से भूखे हों। चूमते-चूमते मैंने उसकी सलवार खोल दी और उसकी चूत में उंगली डाल दी जो पहले से गीली थी !

अचानक सोनी अलग हो गई और कहा- मुझे पता था कि तुम यही करोगे और मुझे इसके बाद छोड़ दोगे !

मैं यह नहीं चाहता था कि ऐसा मौका हाथ से चले जाए !

मैं- सोनी, क्या तुम्हें ऐसा लगता है कि मैं तुम्हें छोड़ दूँगा? मेरे ऊपर भरोसा नहीं है ?

सोनी- अगर यह करने के बाद मैं माँ बन गई तो क्या होगा?

मैं- मेरे पास सब चीज का इलाज है, अगर तुम्हें मासिक नहीं हुआ तो दो महीने के अन्दर बता देना !

अब वो निडर होकर मेरे से लिपट गई। इस बार ज्यादा देर नहीं की, सीधे उसके कपड़े उतार दिए।

दोस्तो, वो क्या लग रही थी- काली पैंटी और ब्रा में उसका कसा हुआ जिस्म ! उसकी मादकता को बढ़ा रहा था, ऊपर से उसकी वो नशीली आँखें मेरा हौंसला और बढ़ा रही थी। मैंने भी अंडरवीयर समेत अपने सारे कपड़े उतार दिए। मैं उसके सामने पूरा नंगा था।

मैंने सोनी को उठा कर बेडरूम में ले जाकर बिस्तर पर बैठा दिया और अपना लंड उस के मुँह के पास ले जाकर उसे चूसने के लिये कहा।

उसने मना कर दिया। मैंने जबरदस्ती अपना लंड उसके मुँह में घुसेड़ना चाहा मगर लंड का आकार मोटा होने की वजह से मुँह में केवल सुपारा ही गया। अब वो जैसे तैसे मेरे लंड को चूसने लगी।

मुझे बहुत मजा आ रहा था क्योंकि इससे पहले मैंने कभी ऐसा नहीं किया था। अब मैं आगे-पीछे होने लगा, उसकी लार से मेरा पूरा लंड गीला हो चुका था मैंने अपना लंड उसके मुँह में से निकाला और उसे पैंटी और ब्रा से आजाद कर दिया।

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मेरे तो होश उड़ गए क्योंकि मैंने आज तक इतनी कसी चूत और कसे हुए स्तन, वो भी गुलाबी रंग के कभी नहीं देखे थे। उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था।

मैं तुरंत उसके दोनों चूचों को एक साथ मुँह में ले कर चूसने लगा। सोनी सिसकारियाँ लेते हुए सी-सी करने लगी और चूसते चूसते उसकी चूत में उंगली डाल कर अन्दर-बाहर करने लगा। अब सोनी बहुत गर्म हो गई और उसकी चूत में पानी आ गया था। सोनी के मुँह से आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह की आवाजें आ रही थी और वो अपने पैरों को सिकोड़ने व मसलने लगी थी। एक बात मैंने नोट की कि सोनी बिल्कुल खामोश थी और अपशब्द का प्रयोग नहीं कर रही थी।

अचानक सोनी बोली- नब्बू, आगे कब बढ़ोगे? मेरे से अब रहा नहीं जा रहा है !

मैं खुश हो गया और मैंने सोनी की टांगों के बीच में बैठ कर अपना लंड उसकी चूत पर रख कर जोरदार धक्का मारा।

मेरा लंड अभी पूरा गया ही नहीं था कि सोनी चिल्लाने लगी- मम्मी ! ई ई ई ! मम्मी ! मैं मर जाउँगी ई ई ई !

और छटपटाने लगी।

मैं रूक गया और सोनी से कहा- तुम्हें कुछ नहीं होगा ! पहली बार थोड़ा-थोड़ा दर्द होता ही है, बाद में जो मजा है, वो दुनिया में कहीं नहीं है !

फ़िर मैं धीरे-धीरे उसके स्तन दबाने लगा और साथ ही मैं ऊपर ही ऊपर उसकी उसकी चूत में अपना लंड अन्दर-बाहर करने लगा।

दो-तीन मिनट के बाद सोनी को भी मजा आने लगा, सोनी ने मुझे बाहों में जकड़ लिया और चूमने लगी।

मैंने फ़िर जोर का धक्का मारा, इस बार मेरा लंड उसकी उसकी चूत में आधे से ज्यादा चला गया। इस बार मैं जोर-जोर के धक्के पे धक्का मारता चला गया।

अब हम दोनों सेक्स का भरपूर मजा ले रहे थे। धीरे-धीरे मेरा लंड पूरा उसकी चूत में चला गया और उसकी बच्चेदानी से टकरा रहा था। मेरा हाथ सोनी के वक्ष पर धीरे-धीरे हरकत कर रहा था और होटों से उसे मैं चूम रहा था।

दस मिनट की चुदाई के बाद सोनी ने मेरे को और कस के पकड़ लिया। मैं समझ गया कि सोनी अब झड़ने वाली है, मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी। थोड़ी देर के बाद सोनी की चूत उसके रज़ से भर गई।

फ़िर मैंने सोनी को घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी कमर पकड़ कर उसकी चूत में लंड डाल कर जोर जोर से चोदने लगा।

सोनी आह्ह्ह आह्ह्ह कर रही थी।

मैंने कहा- सोनी मजा आ रहा है ना ?

तो सोनी ने कहा- इसके लिये मैं हमेशा तड़पती थी ! आज मुझे बहुत मजा आ रहा है। मैं हमेशा सोचती थी कि तुम यह कब करोगे ! आय लव यू नब्बू !

चोदते चोदते मेर नजर उसकी लाल लाल गांड की तरफ गई। उसकी गांड का लाल छेद मेरी कामुकता को और बढ़ा रहा था। मैंने आज तक किसी की गांड नहीं मारी थी, अब मेरा लंड भी समय समाप्ति घोषणा कर रहा था।

मैं और जोर जोर से करने लगा। 8-10 धक्कों के बाद उसकी चूत में ही मैंने अपना सारा पानी छोड़ दिया।

अब हम दोनों ही पसीने से भीग चुके थे, बिस्तर पर ही हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर पड़े थे। सोनी को एक घंटा चोदने के बाद भी ऐसा लग रहा था कि मेरा मन नहीं भरा है, मेरी तमन्ना अभी बाकी है।

थोड़ी देर के बाद जब सोनी नंगी ही बाथरूम की तरफ लड़खड़ाते हुआ जा रही थी मैं पीछे से उसकी गांड को देख रहा था। उसकी गांड के दोनों पुट्ठे ऊपर-नीचे हो रहे थे। यह देखकर मेरा उम्मीदवार चुनाव (लंड चूत चोदने) के लिये खड़ा होने लगा। मैं तुरंत उठकर सोनी के पीछे पीछे बाथरूम में घुस गया और शावर चालू कर दिया।

सोनी मेरे सामने ही अपनी चूत में उंगली डाल कर अपनी चूत साफ़ करने लगी। यह देखकर मेरा लंड झटके मारने लगा। मेरा लंड पूरे आकार में आ चुका था, मैंने सोनी से कहा- सोनी, तुम मुझे नहलाओ, मैं तुम्हें नहलाता हूँ !

सोनी- ठीक है, मगर यह छोटा नब्बू अभी भी खड़ा है, लाओ मैं इसे साफ़ कर देती हूँ !

बाथरूम में साबुन की जगह लीक्विड लोशन था। वो लोशन हाथ में लेकर मेरे लंड पर लगा कर साफ़ करने लगी।

मैंने भी लोशन लेकर उसकी चूत में लगा कर रगड़ना शुरू कर दिया !

मैं- सोनी, तुम्हारी ऐसे साफ़ नहीं होगी, तुम थोड़ा झुक जाओ ! फिर मैं आसानी से इसे साफ़ कर दूंगा !

मैंने सोनी वाशबेसिन पकड़ा कर झुका दिया और मैं उसके पीछे आ गया और लोशन गांड और चूत पर लगा कर अपने अपने लंड से रगड़ने लगा।

तो सोनी कहा- तुम अपने दोस्तों के साथ गंगा जमुना जाया करते हो ना ?

यह सुनकर मैं हैरान हो गया !

मैं- तुम्हें किसने बताया ?

सोनी- मेरी सहेलियों (अज्जू और शिव की गर्लफ्रेंड) ने कहा था। आइन्दा अब अब तुम वहाँ नहीं जाओगे, तुम्हें जो चाहिए वो मैं दूंगी !

मैं खुश हो गया, अब रांडों की फटी हुई चूत की जगह सोनी की चूत चोदने को मिलेगी !

मैंने लोशन को उसकी लाल गांड पर लगाना शुरू कर दिया और उंगली से उसकी गांड के अंदर तक लगा दिया। अब बस शॉट मारने की जरूरत थी !

मैंने अपना लंड उसकी गांड के गद्दे पर रख कर पेल दिया।

अचानक सोनी मम्मी ई ई इ मम्मी ई इ करते सरक गई और मेरा लंड उसकी गांड में से निकल गया और वो नीच बैठ कर रोने लगी।

मैं- सोनी, क्या हुआ ?

सोनी रोते हुए- बहुत दर्द हो रहा है, तुम्हारा बहुत मोटा और लंबा है ! पीछे से मत करो ! अभी तक जलन हो रही है !

मैं- कोई बात नहीं ! चलो उठ जाओ ! मैं पीछे से नहीं करूगा !

फ़िर मैंने उसे उठा कर खड़ा किया और शावर बंद करके सोनी को चूमना शुरू किया। दस मिनट के बाद मैंने सोनी के कमर के पीछे हाथ रखकर उठा लिया और सोनी से कहा कि वो अपनी दोनों टांगों से मेरी कमर को पकड़ ले और अपने दोनों हाथ मेरे कंधों पर रख दे।

सोनी ने वैसा ही किया। मेरे दोनों हाथ उसकी गांड को सहारा दे रहे थे और मेरा लंड सोनी की चूत से टकरा रहा था।

अब सोनी मुझे चूमने लगी थी और मैं अपने हाथों से सोनी की गांड को ऊपर-नीचे कर रहा था। दस मिनट के बाद अब सोनी गर्म हो चुकी थी। मैंने एक हाथ से अपना लंड सोनी की चूत में लगाया और अपने हाथों को थोड़ा नीचे किया।

लोशन की चिकनाहट की वजह से मेरा लंड सोनी की चूत में अन्दर तक चला गया। सोनी बहुत ज्यादा ही गर्म हो गई थी और वो उछलने लगी, जिससे मुझे और मजा आने लगा था।

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