मेरी कज़िन का अकेला पन

हेलो रीडर्स. मेरा नाम जसनीत है. मई पुंजब से बिलॉंग करता हू. यह कहानी मेरी साची कहानी है. की कैसे मैने मेरी कज़िन का अकेलापन डोर किया. किसी भी लड़की या भाभी को अगर ऐसे एंजाय करना हो तो मैल करे. सब एकद्ूम प्राइवसी मेी होगा.

तो आपका टाइम वेस्ट ना करते हुए मैं स्टोरी पे आता हू. यह स्टोरी मेरी कज़िन अदिति की है. उसकी उमर 30 साल है.वो दिखने में एक दूं बॉम्ब है उसका फिगर 34-32-34 है और वो रंग की बिल्कुल गोरी है.

मई अपने बारे मेी बता डू. मई 21 साल का हू. और मेरा हत्यार 6 इंच का है.तो बात यह ही की. अभी 2 साल पहले ही उसकी शादी हुई है और वो देल्ही शिफ्ट कर गये. मेरी और अदिति की काफ़ी फ्रेंडशिप थी पहले भी. लेकिन मैने उसे कभी यूयेसेस नज़र से नही देखा था.

यह बात 1 मंत पहले की है मेरी पधाई पूरी होने के बाद मैं जॉब ढूंड रहा था. और मुझे देल्ही से इंटरव्यू के लिए फोन आया पॅकेज अछा था तो मैं ना नही कर सकता था.

मैने घर मेी बात करी तो प्लान ब्ना की मैं वाहा 4 दिन दीदी के पास रहुगा. ह्मने जीजा जी को इनफॉर्म कर दिया पर दीदी को नही बताया. सोचा था सर्प्राइज़ दूँगा.

तो मई यहा से अगले दिन निकल गया. जब में देल्ही पोनचने वाला था. तो मैने जीजा को फोन लगाया और कहा की नज़दीक आगेया हू बताओ कहा आना है. उन्होने रास्ता समझाया और कहा की उन्हे काम के लिए निकलना है शाम को ही मिल पाएगे वो.

मैने सोचा बधहिया है दीदी को सर्प्राइज़ दूँगा. मैं बताए हुए रास्ते पे गया. घर पोनचा बेल बजाई. दीदी ने दरवाजा खोला. मेरे होश ही उडद गये. क्यूकी दीदी एक ट्रॅन्स्परेंट निघाती मेी थी. और उसने अंदर से भी कुछ नही पहना था.

मुझे देख के वो एक दूं सर्प्राइज़्ड हो गयी और उसने मुझे गले से लगा लिया. मैने पतली सी त-शर्ट पहनी थी. तो मुझे उसके बूब्स अची त्राह से महसूस हो रहे थे. मूज़े म्ज़ा आरा था. मैने भी मोका देख के अदिति को बहो मेी भर लिया तिघटली. जिस से उसके बूब्स एक दूं मेरी चेस्ट से डाबब गये जो मुझे पूरी त्राह फील हो रहे थे.

मेरी पंत मेी अब बॅमबू ब्न्न चुका था. मैं जैसे तैसे होश मई आया और उसको शोदा. उसने कहा बहोट पवर एयेए गयी तेरे मेी. फिर हम हासणे लगे.

हम अंदर गये वो ऐसे ही मेरे सामने बैठी थी. मेरा ध्यान बार बार उसके बड़े बूब्स पे जेया रहा था. पर उसने इतना ध्यान नि दिया. शायद वो घर मेी ऐसी ही कंफर्टबल फील करती थी. फिर हम घर की बातें वगेरा करने लगे. जिससे मुझे पता चला की इश्स घर मेी सिर्फ़ दीदी और जीजा ही रहते है. क्यूकी दीदी की सास ससुर किसी रिलेटिव के घर गये है पुणे मेी.

मैं खुश हो गया क्यूकी यह नज़ारा अब मुझे रोज़ देखने को मिलना था. मैने अदिति को इंटरव्यू के बारे मेी बताया और मैं टीवी देखने लाग्ग गया. वो भी दुपेहर का खाना ब्नाने मेी बिज़ी हो गयी.

फिर मेरे दिमाग़ मेी आया की क्यूना फिरसे वोही फील ले ली जाए क्यूकी मूड उसने मेरा आते वक़्त ही खराब कर दिया था. मैं फिर किचन मेी गया. क्या नज़ारा था यार. पसीने की व्जाह से उसकी निघाती बिल्कुल यूयेसेस से चिपक गयी थी और उसका सारा बदन मुझे सॉफ दिख रहा था. मैं जानबूझ कर उसके पीशे चिपक कर खड़ा हो गया.

उसकी गांद एक दूं शेप में थी मुझे बहोट म्ज़ा आ रहा था. मैं बसस लकी लकी हेल्प करा रहा था उसकी किचन में या तुम लोग ऐसे कहो की उसके मज़े ले रहा था. काम करते करते उसने कहा की मैं बहोट अछा हू. किचन की हेल्प करता हू नही तो आज कल कहा ल्डके करते है.

उसने कहा की काश उसका बेटा भी मेरे जैसा हो उसकी हेल्प करे. क्यूकी हम म्ज़ाक करलेटे थे. मैने यूयेसेस से कहा की कार्लो बेटा इसमे क्या है वैसे भी शादी को त्यम हो गया है काफ़ी. उसने धीरे से कहा मैं तो करना चाहती हू.

यह कहके फिर वो चुप कारगाई और उदास सी हो गयी. मैने मूड चेंज करने के लिए कहा की आजओ षोदो काम टीवी देखते है. उसने ओक कहा. हम टीवी देखने लाग्ग गये. वो टीवी देखते देखते सो गयी.

मैं टीवी बंद करके वाहा से च्ला गया. मैं वॉशरूम गया. और सुबह का सीन याद करके मूठ मारली और हल्का हो गया. फिर थोड़ी देर बाद तकरीबन 4 बजे वो उठ गयी. मई कमरे मेी लेता हुआ था. उसने खाना खाने को आवाज़ दी हम टेबल पे बैठे. वो सर्व कर रही थी.

मेरा सारा ध्यान उसके बूब्स पर था क्यूकी जैसे जैसे वो हिल रही थी उसके. बूब्स भी हिल रहे थे. मैने उसे बैठने को कहा और कहा की मई सर्व करता हू आप बैठो. और मैं अपनी सीट पर बैठा बैठा ही उसको सर्व करने लाग्ग गया. मेरा हाथ ग़लती से सबाज़ी वाली बोल पे लाग्ग गया जो उसकी उप्र गिर गयी. सबाज़ी गरम थी तो वो फटाफट सॉफ करने लगी और जलन से मचलने लगी.

मैने फ्टाफ़ट पानी लगाया जहा जहा सबाज़ी गिरी थी. जिस से उसके बूब्स मेरे हाथो पे टच होरे थे. मैने सॉफ करते करते एक दो बार उसके बूब दबा भी दिए. उसे दर्द जाल्न की व्जह से टा नि च्ला पर क्या सॉफ्ट बूब्स थे. उसने कहा की वो अंदर जाके कोई मेडिसिन लगा लेगी और चेंज करके आएगी. ताब्ब त्कक मैं खाना खा लू.

मैने ओक कह दिया. वो अंदर चली गयी. और 5 मीं बाद उसके चिल्लाने की आवाज़ आई. मई भाग के अंदर गया देखा यूयेसेस से मेडिसिन लाग्ग नही रही थी जलन होने के कर्ण. मैने यूयेसेस से कहा की आप लेइट जाओ मैं लगा देता हू.

उसने मना कर दिया कहा की जो उसने निघाती पहनी है वो पूरी उतरनी पड़ेगी और वो मेरे सहमने नही उतार स्क्तीी. मैने कहा की आप एक काम करो. लेइट जाओ और ब्लंकेट से अपने आप को कवर कार्लो. मई मेडिसिन लगा के बेर च्ला जौगा फिर आप चेंज करलेणा.

उसे प्लान अछा लगा और उसने ओक कह दिया. मई बाहर गया. और मॅन ही मॅन मेी खुश हो गया और जीजा ग को फोन किया की उनको कितना टाइम लगेगा. उन्होने कहा की उनको अभी 3-4 घंटे लगेगे.

मैने ओक कहा और सोचा की आज ही मोका है अगर कुछ हो जाए तो सही नही तो कभी भी नही हो पाएगा. इतने मेी अदिति ने आवाज़ लगाई की अंदर अजाओ. मैं अंदर गया तो नज़ारा देखने वाला था.

वो नेकेड अपने उपर ब्लंकेट लेके लेती हुई थी. मेरा पूरा खड़ा हो गया था. पर वो काफ़ी श्रमा रही थी. मैने क्रीम उठाई और अपने हाथो में लगगी और चादर के अंदर हाथ डाल दिए और यूयेसेस से पूछना लगा की कहा कहा जल रहा है. वाहा वाहा लगाने लगा.

मैं पूरा गरम हो चुका था. तोड़ा सा जलने का पाईं उसके बूब्स के बिल्कुल नीचे होरा था. मैं वाहा लगता तो उसका बूब दबा देता. क्या नरम बूब्स थे उसके शायद उसको भी अब मज़ा आ रहा था क्यूकी मैं जलन वाला एरिया शॉड कर सिर्फ़ अब उसके बूब्स सहला रहा था और हल्के हल्के दबा भी रहा था.

उसके निपल्स भी अब हार्ड हो गये थे. वो मुझे कुछ नही कह रही थी. मैने मोका देख के बूब को तिघटली दबा दिया. उसके मूउः से अया ! की सिसकिया निकली मई फ्र बिना उसकी तरफ देखे बूब्स ही दबा रहा था. वो आ आ कर रही थी. मैं एक हाथ अपना नीचे ले गया. जैसे ही मैने हाथ उसकी छूट पे र्खा वो बिल्कुल शेव्ड थी और गीली थी.

फिर मैं उसे सहलाने लाग्ग गया. अदिति की आ अया ! अब और तेज़ हो गयी. मैं ब्लंकेट हटाने ही लगा था की इतने मेी डोर बेल बज्ज गयी और अदिति एकद्ूम होश मेी आ गयी. और उसने मुझे डोर खोलने को कहा. मुझे बहोट बुरा लाग्ग रहा था की सारा सीन ही खराब हो गया. पर इश्स बात से खुश था की मेरा कोई चान्स है.

तो गाते पे कों आया था और आगे क्या हुआ. यह मैं आपको नेक्स्ट पार्ट में बतौँगा. सजेशन्स आंड फीदबक्क के लिए मेरी पे आए और बताओ आपको मज़ा आ रहा है मेरी कहानी पढ़ के. तो मिलते है नेक्स्ट पार्ट में.

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