मेरी भाभी की चटनी

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम अजय है और में मुंबई में रहता हूँ। मेरी उम्र 27 साल है और में नौकरी करता हूँ। दोस्तों यह कहानी मेरी और मेरी भाभी सीमा की है.. वो बहुत पतली, अच्छी और सेक्सी है। उनका साईज़ 36-29-36 है और उनकी उम्र 34 साल है। यह बात उन दिनों की है.. जब में अपनी पढ़ाई पूरी करके नौकरी की तलाश में मुंबई में आया था और यहाँ पर मेरे एक बड़े भैया रहते है.. जो कि एक बहुत बड़े बिजनेसमैन है और में अपने बड़े भैया के साथ ही रह रहा था। मेरे भैया के घर में दो रूम, एक किचन, एक बाथरूम है। मेरे भैया सुबह अपने ऑफिस चले जाते थे और लंच टाईम पर ही वापस घर आते थे.. मेरी भाभी को लो ब्लडप्रेशर का प्राब्लम रहता था।

दोस्तों में आज से 5 साल पहले मुंबई आया था.. उस समय में 22 साल का था और मेरी भाभी 29 की थी उनके तीन बच्चे है दो बेटे और एक बेटी.. एक बेटे का नाम सूरज उसकी उम्र 13 साल, और दूसरा चंदन 9 साल है और बेटी का नाम पिंकी वो 11 साल की है। मेरी भाभी का मुझसे बहुत लगाव था और वो अपनी सभी बातें मेरे साथ बांटती थी और मुझे भी भाभी से बहुत लगाव था.. मैंने कभी भी अपनी भाभी को बुरी नज़र से नहीं देखा था। में कभी कभी इंटरव्यू के लिए जाया करता था और बाकि के दिन घर पर ही बैठकर पढ़ाई किया करता था। एक दिन की बात है भाभी बीमार पड़ गयी और उनको हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा और वो दो दिन तक हॉस्पिटल में ही रही ज़्यादा टाईम में ही उनके साथ रहा और उनका पूरा ख्याल रखा। फिर मुझसे डॉक्टर ने बोला कि जब लो ब्लडप्रेशर हो तब हाथ और पैरो को रगड़ने से आराम मिलता है। तो में ज़्यादातर टाईम उनके हाथ और पैर रगड़ता ही रहता था और उनको भी अच्छा लगता था। तो जब भी में उनके पास होता तो वो मुझे अपने हाथ और पैर को मालिश करने को बोलती थी और मुझे भी अच्छा लगता था.. भाभी के हाथ और पैर को मालिश करना।

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फिर जब भाभी हॉस्पिटल से घर आई तो उनको बहुत कमज़ोरी आ गयी थी और जब भी टाईम मिलता वो मेरे पास आ जाती और मुझे अपने हाथ रगड़ने को बोलती थी और में तुरंत ही तैयार हो जाता था और हम दोनों ऐसे करते करते लेट भी जाते थे। दोस्तों में आपको बता दूं कि मैंने कभी सेक्स नहीं किया था.. बस मुठ मारा करता था.. कभी किसी कॉलेज की लड़की को सोचकर तो कभी कोई और अच्छी लड़की दिख गयी तो उसको या किसी हिरोईन को सोचकर मुठ मारते मारते मेरा लंड का साईज़ 7 इंच से ज़्यादा का हो गया था और बहुत मोटा भी था। मैंने कुछ समय पहले ही इस साईट पर कहानियां पढ़नी चालू की थी जो कि मुझे मेरे दोस्त ने बताई थी। तो वो हमेशा मेरे दिमाग में घुसी रहती थी और मैंने देवर, भाभी की ढेर सारी कहानियां भी पढ़ रखी थी और तभी से में भाभी की हरकतो को नोटीस भी किया करता था और कभी भाभी सिर्फ़ पेटिकोट ब्लाउज में बाथरूम से बाहर आ जाती तो में चोर नज़रो से उनके शरीर और आगे पीछे के उभारों को देखा करता था। उनकी चूचियां एकदम कसी हुई तनी, एकदम गोल गोल थी। तो यह देखकर तो मेरा लंड बेकाबू हो जाता था और भाभी जब झुकती तो उनकी चूचियां माशा अल्लाह। पिछले कुछ दिनों से मैंने कई बार देखा कि मेरे सामने जब में नहीं देख रहा होता था.. तो भाभी अपनी चूत भी खुजाने लगती थी और मेरे देखते ही तुरंत हाथ हटा लेती थी और में अनदेखा सा कर देता था। फिर बाद में जब बर्दाश्त नहीं होता तो बाथरूम में जाकर मुठ मार लेता था। फिर एक दिन में ऐसे ही भाभी के पैर रगड़ रहा था तो मुझे लगा कि भाभी सो गयी है और में उनके पैर को घुटने तक साड़ी हटाकर सहलाने लगा। में उनके पैर को प्यार से सहला रहा था कि भाभी को मस्ती चढ़ने लगी। फिर मुझे बाद में पता चला कि भाभी सोई नहीं थी.. उन्होंने अपनी आँखे मस्ती में आकर बंद की थी और ऐसे करते करते में भाभी के दूसरी साईड में बेड पर ही लेट गया और मेरे लंड में भी हरकत होने लगी। भाभी सीधी लेटी हुई थी और में भी पास में सीधा लेटा हुआ था और उनके पैर सहला रहा था। में ऐसे लेटा हुआ था कि मेरी गरम साँसे उनके पैर पर महसूस हो रही थी। तो इतने में भाभी ने दूसरा वाला पैर जो कि में नहीं सहला रहा था ऊपर की और घुटना मोड़ लिया अब उनके दोनों पैरों के बीच में लगभग एक फीट से ज़्यादा की जगह बन गयी और में थोड रुक गया और भाभी की तरफ देखा तो वो सो रही थी उस समय मैंने पेंट और टी-शर्ट पहनी हुई थी और भाभी ने साड़ी पहनी हुई थी और मेरा लंड खड़ा हुआ था। तो मैंने उसे सेट किया और थोड़ा पेंट के ऊपर से ही दबाया तो लंड कुछ ज़्यादा ही अकड़ने लगा।

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