शादीशुदा साली की चूत चुदाई

नमस्कार दोस्तो, आप सभी का एक बार फिर से स्वागत करता हूँ, अन्तर्वासना की टीम का धन्यवाद करता हूँ जो समय समय पर हमें आपके रूबरू करवाते हैं. अन्तर्वासना सबसे बढ़िया मंच है आपके साथ अपने सेक्स के तजुर्बे सांझे करने का.
मेरी कुछ ख़ास पाठिकाएँ और पाठक जो मेरे साथ वटसऐप पे जुड़े हुए हैं, उनका भी धन्यवाद जो समय समय पर मुझे और कहानियाँ लिखने के लिए कहते हैं और मेरी कहानियाँ पढ़ कर अपनी चूतें और लंड को शांत करते हैं या चुदाई करते हैं.
मेरी कहानियों की फैन कुछ ख़ास पाठिकाएं मेरे साथ वटसएप पे जुड़ी हुई हैं और मुझसे वटसऐप पे ही बता देती हैं हर कहानी के बारे में, तो उनका भी मैं यहाँ पर धन्यवाद करता हूँ.
मैं हर एक पाठक की ईमेल का रिप्लाई जरूर देता हूँ और उन सभी पाठकों का भी बहुत धन्यवाद जो ईमेल पे मेरी कहानी के अच्छे या बुरे पक्ष को सामने लाते हैं और मैं उस हिसाब से कहानी को और सुधार कर लिखने की कोशिश करता हूँ.
मुझे आशा है बाकी कहानियों की तरह यह कहांनी भी आपको बहुत पसंद आयेगी और आपके लंड या चूत का पानी निकालेगी. कहानी पढ़ने के बाद मुझे ईमेल पे जरूर बताएं कि कहानी कैसी लगी.
यह कहानी है मेरी और मेरी साली गीत की. यूँ तो गीत और मैं बहुत देर से आपस में सेक्स करते आ रहे हैं, परन्तु क्या करें, हमें सेक्स करने का मौका कम ही मिलता है क्योंकि वो भी मैरिड है और वो अपने परिवार में व्यस्त रहती है, उसे घर से बाहर निकलने का मौका कम ही मिलता है. हम मिलते जरूर रहते हैं पर एक साथ सेक्स का मौका नहीं मिल पाता.

हुआ यूँ कि इस बार छुट्टियों में हम बेटे को लेकर उसकी मौसी यानि मेरी साली के घर गये. वहाँ सबसे मिले और बच्चों के साथ वक्त बिताते रहे, ऐसे ही शाम हो गयी.
शाम को उसके हसबैंड को कॉल आई तो उन्हें किसी काम की वजह से अपने किसी दोस्त के साथ दिल्ली जो 250 किलोमीटर दूर है, जाना है.
तो उन्होंने मेरी साली गीत को बोला कि उसका बैग पैक कर दे, ताकि अगर वहां रहना पड़ा तो उसे कोइ दिक्कत न हो.

उसके हसबैंड के जाने के बाद हम सभी ने खाना खाया और कुछ देर सभी एक साथ बैठ कर बातें करते रहे और फिर सोने की तैयारी करने लगे.
मुझे गीत ने अपने बैडरूम के साथ वाला कमरा सोने के लिए दिया, मेरी साली, मेरी पत्नी और बच्चे, ये सभी उनके बेडरूम में सोने की तैयारी करने लगे.

तभी मैंने देखा कि मेरी साली किचन में कुछ काम कर रही है तो मैं पास जाकर उसके कान में बोला- आज बड़े नखरे कर रही हो, कुछ देर तक आ जाना मेरे रूम में!
तो उसने मेरी तरफ देखा और कंधे हिलाती हुई न में सर हिलाया और बोली- अपनी बीवी को ले जाओ अपने रूम में, कहो तो मैं भेज देती हूँ?
मैंने कहा- साली, अब नखरेबाज हो गयी, कोई बात नहीं बच्चू!
कह कर मैं अपने रूम में चला गया और लाइट बंद करके सोने की कोशिश करने लगा.

करीब 11 बजे मेरे रूम का दरवाजा अपने आप खुल गया क्योंकि मैंने अंदर से कुण्डी नहीं लगई थी. मैंने देखा कि मेरी साली मेरे कमरे में आ गयी है.
उसने दरवाजा बंद किया और नैट लेम्प जला दिया.
इससे पहले मैं उठ कर कोई हरकत करता वो तुरंत मेरे ऊपर गिर गयी, मैंने उसे बाहों में ले लिया और उसके होंठों को अपने होंठों में ले लिया और उसकी जीभ को जीभ लगा कर एक ऐसा जबरदस्त फेंच किस किया कि दोनों के जिस्मों के अंदर चुदास की एक लहर फ़ैल गयी.

फिर मैंने उसकी गांड पे प्यार से हल्का सा थप्पड़ लगाते हुए कहा- साली, पहले तो बड़ा नखरा कर रही थी, बोलती थी अपनी पत्नी को ले जाओ?
तो वो मेरी आँखों में देखती हुई बोली- कहो तो अब चली जाती हूँ?
मैंने भी प्यार से ही उसकी बात का जवाब दिया- अरे हमारे आंगन में तो दुश्मन भी आ जाये हम उसे भी खातिरदारी करके भेजते हैं, और तुम तो साली हो, अब जब आ ही गयी तो ऐसे नहीं जाने देंगे डार्लिंग!

तो उसने मुझे फिर से किस करनी शुरू कर दी. मैंने अब देर न करते हुए गीत को अपने नीचे कर दिया और गीत की नाईटी उतार दी, उसके नीचे उसने ब्रा पहनी ही नहीं थी तो उसके दोनों मम्मे नंगे हो गये.
वाओ, मेरी साली के मम्मे बहुत मस्त हैं, बिल्कुल टाइट बड़े बड़े मम्मे दूधिया रंग के… मैंने उसके मम्मों को हाथ में लिया और अपने होंठ उसके एक मम्मे के ऊपर रख दिए जिससे मेरी साली सिहर उठी, उसके मुंह से हल्की सी सिसकारी निकल पड़ी ‘उन्ह..सी..सी..उई’

फिर मैंने उसके दूसरे मम्मे पर भी अपने होंठों से उसकी चूची को मुंह में लिया और फिर अपनी जीभ से उसकी चूची की निप्पल को जांचा, जिससे मेरी साली की कामुकता भड़क उठी और उसका एक हाथ मेरी लोअर के अंदर मेरे लंड तक पहुँच गया.
साली के हाथ का स्पर्श पाकर जीजू के लंड महराज भी ने भी साली को सलामी दे दी. अब मेरा लंड भी पूरे उफान पर था. मैंने साली के होंठों को किस किया तो साली बोली- लो जीजू, अब आपकी साली तो आ गयी आपके लंड पे, अब आप अपने लंड का जोश दिखाओ.

यह कहानी भी पड़े  पंजाबी भाभी की हॉट चुदाई

मैं साली के पजामे को उतारते हुए बोला- साली की जवानी को मज़ा देने के लिए जीजे का हथियार भी तैयार है जानेमन!
मैंने अब तक साली के पजामे को उतार दिया, साली के जिस्म पे सिर्फ उसकी ब्लैक कलर की पैंटी बची, इधर मैं भी अपनी लोअर और बनियान उतार चुका था. मेरे शरीर पे सिर्फ अंडरवियर ही था.

अपनी साली गीत को सीधा बैड पे लिटा दिया, उसका दूधिया जिस्म कमरे को और दूधिया कर रहा था और लंड की चुदास बढ़ा रहा था. मैंने उसके मस्तक पर एक किस की और उसके बाद उसे चूमता हुआ नीचे की तरफ आने लगा, फिर उसके कानों को चूसता हुआ उसके दोनों कानों के पास गर्म गर्म साँसें छोड़ता हुआ और चूमता हुआ उसके होंठों पे आ गया, होंठों का एक गहरा चुम्बन लिया, फिर उसकी जीभ को अपने होंठों में लेकर चूसा.
फिर अपनी जीभ को उसके होंठों में दिया, उसके होंठों पे किस की और उसकी जीभ को अपनी जीभ से मिलाकर गहरा चुम्बन ऐसा दिया कि साली की साँसें तेज हो गयीं और वो सिसकार उठी.

मैंने धीरे धीरे उसके गले पे किस की, उसके कन्धों को चूमते हुए उसकी बाजू को ऊपर उठाया और नीचे बगलों को अच्छे से चाटा.
फिर मैंने उसके मम्मों को चूसना शुरू किया तो साली सिसकारती हुई कहने लगी- उह उन्ह जीजू अहह आपकी इसी अदा पर हम फ़िदा हैं. और चूसो… चूस लो अपनी साली की जवानी उफ़!
मैंने उसके अंगों को चूसते हुए जवाब दिया- आज तो साली को अपनी जीभ पे रख कर चाट लूँगा साली, पिला दे अपनी जवानी अपने जीजू को आज!
कहते हुए मैं अब उसका जिस्म चाटता, चूसता हुआ नीचे की तरफ बढ़ने लगा.

अब मैंने उसकी नाभि को चूसना शुरू किया, उसकी नाभि पर अपनी जीभ गड़ा दी और फिर उसकी नाभि के आस पास चूसते हुए साली की ब्लैक पैंटी को अपने दांतों में फंसाया और साली ने मदद के लिए अपने चूतड़ों को ऊपर उठाया, मैंने अपने दोनों हाथ साली के मम्मों पर रखकर उसकी पैंटी को अपने दांतों की मदद से उसकी टांगों से बाहर कर दी.

और अब उसकी जवानी का असली अंग यानि चूत मेरी आँखों के सामने थी. अब साली की धड़कनें तेज हो गयी. मेरे होंठ अपने आप उसकी चूत पे जा पहुंचे, मैंने उसकी चूत के आस पास जीभ घुमाई और फिर चूत पे अपने होंठ जमा दिए. साली की चूत एकदम क्लीन थी, दूधिया साली के जिस्म की लाल रंग की चूत बहुत सुंदर लग रही थी.

मैंने जैसे ही उस पे चुम्बन लिया तो वो सिहर उठी. मैंने अपनी जीभ चूत के अंदर डाल दी. अब कुछ देर तक साली की चूत चूसने के बाद मैंने उसे बिठाया और अपना अंडरवियर उतार कर अपना लंड साली के सामने कर दिया. मेरा बिल्कुल क्लीन किया हुआ बड़ा लौड़ा देखकर साली ने झट से उसको अपने हाथ में लिया, बोली- आज तो मेरा हरामी मिट्ठू बहुत मस्त लग रहा है, इसे खा जाऊँगी.

उसने बिल्कुल लंड के छेद के ऊपर से चाटना शुरू किया, जिससे मैं सिहर उठा, अब तड़पने की बारी मेरी थी, वो मेरे लंड को चूस रही थी और इधर मेरी साँसें तेज हो गयीं थी.

कुछ देर लंड चुसवाने के बाद मैंने अपना लौड़ा उसके मुंह से निकाला और साली को अपनी गोद में आने का इशारा किया. मेरा इशारा पाकर साली तुरंत मेरी गोद में आ गयी मैं बैड पे टांगें पसार कर बैठा था, तभी साली मेरी तरफ मुंह करके मेरी गोद में बैठ गयी और उसके मम्मे बिलकुल मेरी छातियों से टकरा रहे थे, मैं चाहता तो उनको मुंह में भी ले सकता था.

मैंने उसको थोड़ा चूतड़ ऊपर उठाने को कहा. साली ने जैसे ही अपने चूतड़ ऊपर उठाये तो मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत पे रख दिया, उसने अपने चूतड़ नीचे किये तो मेरा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया, साथ ही मैंने दो तीन झटके लगा दिए, मेरा लौड़ा साली की चूत की गहराई में उतर गया.

साली और मुझे दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था, मैंने साली का एक मम्मा अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसना शुरू कर दिया, मम्मा चूसकर चुदाई करने में और भी मज़ा आ रहा था.

मैंने लंड के झटके तेज कर दिए जिससे साली को बहुत मज़ा आ रहा था और वो मजेदार सिसकारियाँ ले रही थी, मेरे हर झटके के साथ उसके अंदर एक लहर सी उतर रही थी. मेरे टट्टे सीधे उसकी गांड को टच कर रहे थे.
मैंने अब अपने होंठों से उसके मम्मों छोड़ कर उसके होंठों को पकड़ लिया, उसके होंठों को चूसते हुए उसकी चुदाई कर रहा था. साली भी तड़प उठी थी, वो जोर जोर से सिसकारती हुई मेरे लौड़े पे उछल कूद रही थी.
मेरा लंड सीधा उसकी बच्चेदानी तक टक्कर मार रहा था.

यह कहानी भी पड़े  सेक्सी मेच्यूर भाभी गीता का चूत चुदाई

फिर मैंने उसको थोडा रोक कर नीचे लिटाया और उसकी उसके घुटनों को मोड़ कर उसकी टांगों को फोल्ड किया और उसके गांड के नीचे तकिया रखकर उसकी चूत में लंड डाल दिया. अबकी चुदाई पहले से भी ताबड़ तोड़ थी, घमसान चुदाई से साली की चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था, मेरा लंड उसके पानी से तर हो गया. मैं जोर जोर से पूरे जोश से साली की चुदाई कर रहा था.

तभी साली ने जोर से चीख निकाली और बोली- उन्ह अह्ह्ह जीजू… सी सीसी सी सी… उम्म्ह… अहह… हय… याह… सम्भालो मुझे… आ आ गयी मैं… उई!
कहती हुई उसने अपनी चूत से अपनी जवानी का रस बहा दिया और मेरा लंड भी इतना बर्दाश्त न कर पाया, वो भी अपनी धार चूत में छोड़ने को हुआ तो मैंने जैसे ही अपना लंड बाहर निकालना चाहा तो साली ने अपनी टाँगे कस ली, बोली- उहं जीजू अंदर ही आओ!

अब मैं अपने लंड रस का हर कतरा उसकी चूत के अंदर ही छोड़ रहा था. बंद कमरे में जीजू साली की चुदाई चल रही थी और बाकी घर में सब लोग इससे बेखबर सो रहे थे.
मैंने साली को अपनी आगोश में लिया और हम साथ में लेट कर बातें करने लगे.

कुछ ही देर में हम दोनों का मूड फिर बन गया, साली ने मेरे लंड को हाथ में लेकर कहा- अब क्या मूड है जीजू?
मैंने साली के होंठों को चूमते हुए कहा- मूड बता तो रहा है जो तेरे हाथ में है, उससे पूछ!
वो मेरे लंड पे हल्के से चपत लगाती हुई कहने लगी- ये तो साला बदमाश है.

मैंने उसकी चूत पे हाथ फेरते हुए कहा- अगर ये कमीनी साली सामने हो, तो बदमाशी भी इसे दिखानी पड़ती है!
हम दोनों हंसने लगे.

मैंने फिर उसके होंठों और मम्मों की चुसाई चालु कर दी. अब साली भी दुबारा गर्म हो चुकी थी, तो मैंने उसकी चूत पे हाथ रखकर कहा- आज इसकी बहन चुदेगी.
साली मेरी बात तुरंत समझ गयी, क्योंकि हम अक्सर जब भी चुदाई करते हैं तो ऐसी बातों के इशारे हमारे एक दूसरे को तुरंत मालूम पड़ जाते हैं.
साली बोली- ओह, तो गांड फाड़ोगे आज? मानोगे नहीं क्या?
मैंने कहा- अरे साली साहिबा की गांड है ही इतनी मस्त कि लौड़ा खुद ही गांड में घुसने को तैयार रहता है.

साली बोली- तो रोकता भी कौन है जीजू?
कह कर साली ने मुझे आँख मार दी.

साली सामने पड़े ड्रेसिंग टेबल से हेयर आयल उठा लायी और मेरे लौड़े पे अच्छे से लगा दिया. मैंने भी साली की मस्त गांड को आयल से भर दिया. फिर मैंने साली को घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी गांड के ऊपर लंड रखकर उसे अंदर किया तो धीरे धीरे लंड अंदर जाना शुरू हो गया, पहले साली को थोड़ा सा दर्द हुआ और मैंने दो उंगलियाँ साली की चूत में डाल दीं, जिससे साली का दर्द गायब हो गया.
अब साली मज़ेदार सिसकारियाँ लेती हुई अपनी गांड मेरे लौड़े से मरवा रही थी और मेरी दोनों उंगलियाँ उसकी चूत चोद रही थीं. साली के मम्मे फिर से काफी सख्त हो चुके थे और मैं अब एक हाथ से उसके मम्मों को सहला रहा था और लौड़े को उसकी गांड में आगे पीछे कर रहा था, साली जोर जोर से कामुकता भरी आवाजें निकाल रही थी.

साली की चूत पूरी गीली थी, अब उसने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था, साली की चूत में अब मैं अपनी उंगलियाँ तेज तेज चला रहा था और उसकी गांड को भी अपने लौड़े से जोर जोर से बजा रहा था.
तभी मैंने साली की गांड से लौड़ा निकाला और उसकी चूत में डाल दिया. कुछ देर चूत चोदने के बाद लंड को फिर से उसकी गांड में डाल दिया. फिर उसने अपनी चूत से रस धार छोड़ दी. कुछ देर ही लगातार कभी गांड और कभी चूत चोदने के बाद मेरे लंड ने भी पिचकारी छोड़ दी.

एक रात में मेरी साली दो बार चुद गयी थी. हम दोनों थक चुके थे परन्तु दो घंटे तक चली इस चुदाई में हम दोनों को बहुत मजा आया था.

दोस्तो, बताने को तो बहुत कुछ है, परन्तु अभी इतना ही, बाकी की कहानी कभी वक्त मिला तो बाद में बताऊंगा.
आपकी इमेल्स का इंतज़ार रहेगा.

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published.


error: Content is protected !!