मंगला की मस्त चुदाई

दोस्तो आपके लिए एक मस्त कहानी लेकर आया हूँ उम्मीद करता हूँ आप का मनोरंजन ज़रूर होगा मित्रो ये मेरे गाँव की कहानी है इस कहानी की नायिका बहुत ही मस्त और चुलबुली है दोस्तो नायिका का नाम मंगला है मंगला को देखने के बाद किसी भी आदमी की प्यास और भूक चली जायेगी ऐसी वो सजी हुई थी ! भारी छाती, भरपुर नितंब देख के सबके होश उड जाते थे !

कोई भी मंगला को देखता तो मंगला की मस्त चुदाई करने की ही सोचता था, मंगला थी ही ऐसी ! मंगला का पति रवि बहोत ही सिधासादा था… मंगला की चुदाई करना उसके बस की बात नाही थी ! और उसके ही नशीब मे ऐसा ऐटम बॉम्ब पडा था ! रवि ने खेत मे दो कमरे का घर बना था… खेत मे जानवरो का चारा और खेती का काम सब वो ही देखता था ! कभी कभी मंगला भी खेत मे दिनभर जाती थी ! वो हमारी बस्ती से जाती थी… जाते वक्त हमेशा मुझे बुलाकर जाती थी… “क्यू दिनेश, खाना वाना खाया की नही ?”

कभी कभी मूड मे आई तो वो मुझे बोलती थी अरे दिनेश तुम्हारी बीवी नही पर किसी लडकी को तो कभी कभी हमारे घर ले आया करो मजा लुटने के लिये !… मंगला का बापू नाम का कोई अशिक़ है ऐसा मैने सुना था ! मैने उस बापू को एक बार देखा और आश्चर्य चकित हो गया… क्युंकी वो बापू तो टकला था.. मै सोच मे पड गया की मंगला इतनी खुबसुरत है और इस टकले के साथ कैसे इश्क़ लडाती होगी ! वैसे तो उसका और मंगला का लफडा है उस पे मेरा विश्वास नही था !

मंगला की चुदाई मुझे देखनी थी ! और जिसने मुझे ये बात बताई थी उस दिन से मेरे दिल मे जलन सी पैदा हुई थी ! क्युंकी मंगला मुझे बहोत पसंद थी… उसकी खुबसुरती का मै तो दिवाना था !

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मै एक दिन नदी से नहाके वापस आ रहा था… मंगला के खेत के घर से गुजरते समय मुझे किसीकी आवाज सुनाई दी… चुपके से मै पीछे की खिडकी के दरवाजे के पास गया, खिडकी का दरवाजा आधां खुला था ! मैने सोचा आज चुदाई देखने को मिलेगी, मै जरा सी भी आवाज न करते हुए खिडकी के दरवाजे के पास कान ले गया और सुनने लगा.. बापू और मंगला की आवाज सुनाई दे रही थी !

मंगला कह रही थी “ रात को गांव के घर मे तुम आनेवाले थे, क्यू नही आए ?” फिर बापू बोला “रात को तुम्हारे यहां आने का सोचकर थोडी पीने वाला था पर कूछ ज्यादा ही चढ गई इसलिये नही आया !” उसके बाद चुंबन लेने का आवाज सुनाई दिया मेरे शरीर मे लहर सी दौड गई ! अब कूछ देखने जैसा मिलेगा ऐसा सोचकर मैने धीरे धीरे आवाज न करते हुए खिडकी से झांक लिया !

मेरा दिल जोर जोर से धडकने लगा था क्युंकी सामने का नजारा ही कूछ ऐसा था सच मुच चुदाई का कार्यक्रम चालू होने वाला था ! मंगला पलंग पे सिर्फ फ्रोक मे ही लेटी हुई थी और उसके गोल मटोल स्तन खुले थे और साईड मे बैठा बापू उसे दबा रहा था ! “रवि कौनसे गांव गया है ?” बापू ने स्तन दबाते दबाते कहा ! “मिरज गया है उसकी मौसी के यहां” मंगला ने बापू के छाती पर हाथ फिराते कहा !

बापू तो सिर्फ अंडरवेअर मे था उसका लंड अंअंडरवेअर मे से खडा हुआ दिख रहा था ! मंगला ने अपना हाथ उसकी छाती पर से निकाल कर उसके लंड के उपर फिराने लगी ! बापू का हाथ उसकी स्तनो से लेकर पेट पर फीर नीचे जान्घो मे फिरने लगा ! “चड्डी निकालो ना” बापू का लंड उपर से ही पकड के बोली ! “निकालता हु ना, तो फिर मजा कैसे आएगा?” ऐसा कहके उसने अपनी चड्डी उतार दी और बापू पुरा नंगा हो गया… उसका लंड झुलने लगा.. मंगला ने उसे हाथ मे लिया और उसे सहलाने लगी, जैसे चुदाई की उसे जल्दी हो !

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बापू ने फिर उसके फ्रोक की नाडी छोड दी और उसे पुरा नंगा किया ! मंगला को नंगा देखके, गोरी गोरी जांघे, मांसल शरीर देखके मेरा तो अंग अंग मचल उठा… मेरा सिर गरम हो गया… चड्डी मे लंड फडफडाने लगा ! बापू का हाथ मंगला के जान्घो मे फिरने लगा .. उंगली से मंगला की चूत सहलाने लगा और मंगला उसका लंड हिलाने लगी ! उसके बाद बापू पलंग पर चढा और मंगला की जांघे फैलाकर उसकी चूत चाटने लगा “वाह, तुम ऐसा करते हो मुझे बहोत अच्छा लगता है…. हा….हा… चुसो मेरी चूत चुसो…!”

आंख बंद करके मंगला कहने लगी ! मंगला कूछ ज्यादा ही गरम हो गई थी ! थोडी देर बाद बापूने अपना खडा लंड उसकी चूत पर रखा और अंदर घुसेडने लगा ! अपना लंड अंदर बाहर करने लगा उसकी रफ्तार जैसे बढने लगी वैसे मंगला की आवाज भी जोर जोर से बाहर निकलने लगी !

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