मामी ने मेरी मूठ मारी

अब स्टोरी पे आता हूँ मैं, मेरी मामी एक सिंपल औरत थी ये तब की बात है जब वो गर्मियो मे हमारे घर रहने आए थे बस तब से मेरी नज़र उनकी ब्रेस्ट पे थी मन करता था उनकी कमीज़ फाड़ के उनके ब्रेस्ट बाहर निकाल दू पता नही मैं एक गुड पर्सनॅलिटी और स्टडी मे भी काफ़ी इंटेलिजेंट था पता नही मैं क्यू उनकी तरफ अट्रॅक्ट हो रहा था बहोत ज़्यादा बस मूठ मार के ही काम चलना पड़ रहा था, मेरे घर मे एक इतना सेक्सी पुर्जा था उसके मस्त मस्त चुतताड़ देख के हालत खराब हो जाती थी एक दिन मैं बेड पे लेटा हुआ था वो मेरे पास बेड पे लेट गयी और तभी देखने लगी उनको लगा मैं सो गया हूँ पर मैं जाग रहा था मैने अपना हॅंड हल्का सा उनके ब्रेस्ट से टच कराया मन तो कर रहा था की पकड़ के मसल दू और चीख निकाल दू साली की इतने बड़े बड़े निप्पल थे साली के हद है चूतड़ ओये होये उस दिन और कुछ ख़ास नही हुआ ये अरमान दिल मे ही रह गया था.

फिर वो परमाणेंट हमारे घर के पास शिफ्ट हो गये थे वो कभी कभी हमारे घर आती थी और साली की गॅंड तूफान मचाती थी और मैने भी अब कभी कभी उनके घर जाना शुरू किया और हल्की हल्की उनसे दोस्ती बढ़ाई मैं बात करता और जब लाइफ मे सेक्स जैसा होता है तो ये चीज़ एक दम होती है अगर आपके साथ हुआ होगा तो आप जानते होगे फिर एक दिन मैं उनके घर गया था वो रज़ाई मे लेटी हुई थी तो मैं भी उनके साथ रज़ाई मे लेट गया तो उन्होने नीचे से निकर पहनी हुई थी साली लग तो मस्त रही थी मुझे तो मैं उनके साइड मे लेटा हुआ था बाते कर रहा था और फिर घर आ गया अब क्या करू मैं यार बस उसकी गॅंड ही आँखो मे घूमती थी और उनके घर जाता बाते मारता आ जाता पर एक दिन सोच लिया कुछ करना ही है और मुझे पता था वो सेक्स कर सकती है मेरे साथ मैं तो बस मज़े लेने के लिए तरस रहा था शायद वो दिन आ गया मैं घर गया उनके वो मोबाइल पकड़ के बेड पे बैठी हुई थी.

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मैने उन्हे बुलाया और उनके पीछे से कंधे के नीचे से हग की सिंपल हग थी कुछ ख़ास नही और फिर बाते मार रहा था मेरे दिमाग़ मे था आज पूछ लून मैं उन्हे तो मैने उन्हे कह दिया मेरा दिल बहुत तेज धड़क रहा था और मैने कहा मामी गुस्सा तो नही करोंगे एक बात बोलू गुस्सा तो नही करोन्गे तो वो कहती बोलो आप तो मैने कहा प्रॉमिस करो किसी को भी नही बताओंगे तो वो कहती नही अब बता दो मैने कहा मामी दबा सकता हूँ क्या तो वो समझ गयी थी पर फिर उन्होने बोला क्या बड़ी साली अंजान बन रही थी तो मैने हिम्मत करी बहुत मुश्किल से और उनका ब्रेस्ट दबाया हल्के से तो वो हसी और कहती अछा ये बोल रहे थे तो मैने उन्हे पीछे से हग किया हुआ था मज़ा आ रहा था मुझे और मैं उनके बूब्स दबा रहा था मज़ा आ गया था उस दिन मैने उनके साथ हल्की सी किस भी करता रहा उनकी सेक्सी गोदी मे बैठ के पता नही क्या हो रहा था ये बस हो गया था बॉडी बहोत कुछ करना चाहती थी उनके साथ पर दिल नही मान रहा था.

और ये सब रोज 10-15 दिन चला हम हल्की हल्की किस करते थे और मैं उनके सेक्सी ब्रेस्ट दबा के मज़े लेता था उप्पर से ही दबाए थे मैने वो बड़ा मज़ा आता है और वो मेरा पहली बार था मेरे को वो बहोत सॉफ्ट लगते थे यार मन कर रहा था बीच मे लॅंड फसा दू उसके ब्रेस्ट के बीच पर इतना गंदा काम ज़्यादा गंदा था, ये काम करने की हिम्मत नही हो रही थी और मैं उनके ब्रेस्ट दबाता था और एक दिन मैं उनके घर गया था वो टीवी देख रही थी बेड पे लेट के मैं पास जाके लेटा और उनके हल्के हल्के ब्रेस्ट दबाने लगा और मैने उनका हाथ अपने लॅंड पे रखा उन्होने हल्का सा बढ़ाया और हाथ पीछे करा और मेरी बार बार कोशिश करने के बाद वो मेरा लॅंड दबाने को मानी ये मेरा पहला टाइम था बहुत बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा था मूठ मारी तो बड़ी अछी लग रही थी वो हमने कभी एक दूसरे से कभी ग़लत वर्डिंग मे बात नही की हम एक दूसरे को बड़ी रेस्पेक्ट देते थे पर उस दिन मैने पहली बार उनसे मूठ मराई थी.

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और घर आते हुए उनसे हल्की सी किस की और फिर मैं रोज उनसे मूठ मरवाता और किस करता और हम एक दूसरे से हर एक बात शेर करते थे मूठ मारता कभी कभी उनकी ब्रा एंड चड्डी मे मूठ मारता था और मैं उनके बूब्स अब ज़ोर ज़ोर से दबाता था वो भी पूरे मज़े लेती थी उसके ब्रेस्ट भी तो बड़े बड़े थे पता नही कितनो से मराई थी उसने पर मुझसे नही मराना चाहती थी वो मैं तो उसकी गॅंड मारना चाहता था साली किस करती थी ब्रेस्ट मसलती थी और मेरी मूठ मारती थी वो आगे बड़ना ही नही चाहती थी, उसके चूतड़ घर मे जब हिलते थे तो मज़ा आ जाता था मन करता था जा के बीच मे फसा दू मैं पर नही कर सकता था मैं अब आगे सब बढ़ाता रहा और जब वो मेरी मूठ मरती थी तो मैं उसकी पीठ पे उसकी बॉडी पे हाथ फेरता था अंदर हाथ डाल के साली को उसके नंगे जिस्म पे फेरना चाहता था और अपने लॅंड पे रख के गॅंड मारना चाहता था मैं उसकी हम दोनो एक दूसरे के बहुत पास आ गये थे.

पर वो मानती ही नही थी, फिर मैं ये सेक्स स्टोरीस पढ़ने लगा तो थोड़ा बहुत आइडिया लगता जा रहा था की क्या करना है मुझे बस अब सब ट्राइ करना चाहता था मैं कभी जब वो ना मिलती तो खुद मूठ मार के काम चलाना पड़ता था जब मेरा लॅंड उसके मुलायम हाथो मे होता था तो मज़ा ही आ जाता था उसके बूब्स तो मैं मसल मसल के फाड़ के रख देना चाहता था मैं मज़ा और बढ़ता जा रहा था सेक्स की भूख भी बढ़ती जा रही थी बस मामी को बोलता मैं आजा ना कभी यहाँ पे भी गॅंड रगड़ दे अपनी पर वो तैइय्यार नही थी, अगर आप को स्टोरी पसंद आए तो मुझे मैल करना मेरी मैल आईडी है “[email protected]”. कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कॉमेंट्स मे ज़रूर लिखे, ताकि हम आपके लिए रोज़ और बेहतर कामुक कहानियाँ पेश कर सके – डीके

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