हेलो दोस्तों, मेरा नामे हिमांशी है. मैं पुंजब के शहर फ़िरोज़पुर की रहने वाली हू. मेरा रंग बिल्कुल फेर है. मेरा फिगर 34-32-36 है. आप लोगों ने मेरी स्टोरी पढ़ी होगी, कैसे मैने अपने भाई के बर्तडे पर भाई के दोस्तों के साथ गंगबांग करवाया था.
मैं आज आपको अपनी नयी सेक्स स्टोरी बताने जेया रही हू. तू दोस्तों सम्मर वाकेशन में मैने भाई के दोस्तों के साथ जी भर कर सेक्स का मज़ा लिया. फिर एक दिन मेरी मम्मी मुझे अपने साथ मामी के घर ले गयी, जो लुधियाना में रहती थी.
उनका घर किसी न्यू कॉलोनी में बना हुआ था, जहाँ कॉलोनी में सिर्फ़ 5-6 घर ही बने थे, और बाकी बन रहे थे या खाली प्लॉट थे.
मामी का घर काफ़ी बड़ा था, लीके डबल स्टोरी घर था. उपर का काम अभी चल रहा था, और नीचे 3 रूम थे, और पीछे काफ़ी बड़ा गार्डेन भी था. दोस्तों मैं बता डू, मेरे मामी के हज़्बेंड बाहर अमेरिका में काम करते है, इसलिए वो लोग भी काफ़ी रिच है, और मेरी मामी भी बहुत सेक्सी है.
उनका फिगर 36-34-38 है. उनकी आगे अभी सिर्फ़ 28 साल की है. उनके घर में वो खुद और उनके ससुर जी रहते है, जो काफ़ी ओल्ड आगे है. इसलिए वो अपने रूम से कम ही बाहर निकलते है. खैर मम्मी और मामी आपस में बातें करने लगी लीके कैसे हो, घर कैसा है, पति कैसा है वग़ैरा-वग़ैरा.
फिर मेरे बारे भी पूछने लगी, की आयेज क्या करना है? जॉब करनी है या शादी? मैं हस्स कर बोली-
मैं: अभी कहाँ, अभी तो मॅन लगा कर पढ़ूंगी, फिर जॉब, फिर देखूँगी शादी.
और हम हस्स पढ़े. मैं और मम्मी 2 दिन रुकने के लिए आए थे. बुत रात को ही मम्मी को वापस जाना पढ़ा, बिकॉज़ पापा को कोई काम था नेक्स्ट दे को तो मम्मी घर वापस चले गये.
फिर मैं और मामी ने घर का तोड़ा बहुत काम किया और डिन्नर किया.
फिर वो बोली: हम कल शाम को घूमने जाएँगे. अभी जल्दी से सो जाना. मैं भी डिन्नर करके रूम में आ गयी, और मामी अपने ससुर जी को मेडिसिन दे कर रूम में आ गयी.
फिर मैने और मामी ने थोड़ी बहुत बातें करी, और मुझे नींद आ गयी. रात के करीब 2 बजे मेरी नीड खुली. मैने देखा मामी बेड पर नही थी. मैने सोचा किचन में गयी होंगी, तो मैं किचन में गयी. पर वहाँ नही थी.
फिर मैने पानी पिया, और इधर-उधर देखने लगी. तभी मेरी नज़र घर के पीछे वाले गार्डेन पर पड़ी. मामी वहाँ चेर पर 2 मर्दों के साथ नंगी बैठी हुई थी, और वो दोनो घर का काम करने वाले मज़दूर थे. मैं चुपके से सब देख रही थी. वो लोग बातें कर रहे थे.
मामी बोली: सुन हरिया, मेरी भांजी आई हुई है. आज मैं तुम्हारी ज़िद के कारण आ गयी हू. मैं 2 दिन नही अवँगी. किसी को पता नही चलना चाहिए.
हरिया बोला: नही पता चलेगा मालकिन. पर आज आपको छोड़ने को बहुत मॅन कर रहा था. 1 हफ़्ता हो गया आपको छोड़े हुए.
साथ में विकास भी बोला: हा मालकिन, देखो ना हमारे लोड आपको याद कर रहे है.
इतना बोल कर उन लोगों ने अपनी लूँगी उतार फेंकी और मामी के मूह में अपना लोड्ा घुसने लगे. मामी भी रंडी की तरह ग्लूप-ग्लूप करके लंड चूस रही थी. उनके लंड करीब 6 इंच के होंगे. मामी जब लंड चूस रही थी, तो साथ-साथ टॅटन पर हाथ फेर रही थी.
5 मिनिट्स में ही मामी ने दोनो का पानी निकाल दिया और बोली: बस इतनी ही गर्मी थी क्या?
और वो हास पड़ी. फिर हरिया ने मामी को घोड़ी बना लिया, और पीछे से आ कर मामी की छूट चाटने लगा. विकास सामने आ कर मामी को किस और बूब्स चूस रहा था.
दोस्तों मैं भी गरम हो गयी थी. मेरे दिमाग़ में पता नही क्या आया, की मैं अपना नाइट सूट उतार कर नंगी हो गयी, और छूट में उंगली करने लगी. आहह आह जैसी आवाज़े निकल रही थी मेरे मूह से.
उधर मामी भी गार्डेन में बोल रही थी: आहह आह हह और ज़ोर से चूसो आ अयाया हरिया.
थोड़ी देर में मामी की छूट से पानी की धारा निकली, जिसे हरिया और विकास चाट-चाट कर सारा पानी पी गये. फिर विकास सोफा पर बैठा और लंड खड़ा किया. मामी ने बिना कुछ बोले छूट और विकास के लंड उपर थूक लगा कर पूरा लंड छूट में ले लिया. फिर वो उछाल-उछाल कर छुड़वाने लगी.
हरिया साइड में खड़ा हो कर अपना लोड्ा चुस्वा रहा था. दोस्तों ये सब देख कर मुझसे कंट्रोल नही हुआ. मैं नंगी ही उनके सामने आ गयी और बोली-
मैं: मामी मुझे भी चूड़ना है.
एक पल के लिए मामी हरिया और विकास की गांद फटत गयी. बुत मुझे नंगी देख कर हरिया और विकास तोड़ा शांत हुए. बुत मामी गुस्से में बोली-
मामी: ये क्या कर रही हो तुम यहाँ? मैं तेरी मा को सब बताती हू रुक.
मैं भी बोली: हा बता दो, मैं भी मामा को बता दूँगी की मामी यहाँ पर ये सब करती है.
मामी तोड़ा शांत हुई, और मुझे समझने लगी की ये सब ग़लत है.
वो बोली: मेरी बॉडी की नीड है, इसलिए मैं ये सब कर रही हू. अभी तू छ्होटी है. तू झेल नही पाएगी ये सब.
मैने मामी को अपनी सेक्स लाइफ के बारे में सब बता दिया.
मामी बोली: साली तो तू मेरे से बड़ी रांड़ है.
हमारी बातें हरिया और विकास सुन रहे थे. दोनो हमारे पास आए और बोले: फिर बताओ मालकिन क्या करना है?
मामी बोली: आज से तुम्हारी 2-2 मालकिन है. दोनो को कुश करना तुम्हारी ज़िम्मेदारी है.
इतना बोल कर मैं और मामी उनके लोड चूसने लगी. मुझे चुदाई की जल्दी थी. मैं जल्दी से घोड़ी बन गयी और बोली-
मैं: प्लीज़ जल्दी से छोड़ दो मुझे. मेरी छूट में बहुत आग लगी हुई है.
इतना सुन कर विकास ने मेरी छूट पर थूक लगा कर पूरा लोड्ा घुसेध दिया. फिर ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा. मैं अहहहाआ अहह्ा ह आ अहहाआहा अहहा ह जैसी आवाज़े निकाल रही थी. उधर मामी विकास के लंड पर उछाल-उछाल कर छुड़वा रही थी.
फिर हरिया ने मेरी छूट से अपना लोड्ा निकाला. मेरी छूट ने 2 बार पानी छ्चोढ़ दिया था, जिस वजह से मेरी छूट बहुत आवाज़ कर रही थी.
विकास बोला: इधर आओ बेटी, मेरे लोड पर अपनी छूट रखो.
फिर मामी उठी, और मुझे एक किस करके विकास ने लोड्ा सॉफ किया. फिर मुझे बैठने को कहा. मैं विकास की तरफ मूह करके बैठ गयी. उसका लोड्ा आसानी से मेरी छूट में चला गया, और वो मुझे कमर से पकड़ कर छोड़ने लगा. वो बीच-बीच में मेरे बूब्स भी चूस रहा था. ऑम्ग, क्या चुदाई हो रही थी मेरी और मामी की.
उधर मामी भी हरिया की गोद में बैठ कर छुड़वा रही थी. गार्डेन में ताप ताप ताप ताप आह आह आ अहह्ा आअहह आवाज़े आ रही थी. मैं और मामी खुले आसमान में छुड़वा रही थी.
फिर आधे घंटे बाद हरिया ने मामी की छूट में ही पानी छ्चोढ़ दिया. मामी जल्द से नीचे बैठी और हाथ से छूट सॉफ करने लगी. उधर विकास ने मुझे नीचे बैठने को कहा, और मेरे मूह के पास आ कर लोड्ा हिलने लगा. 2 मिनिट्स में उसके लोड से पिचकारी निकली. मैं सारा पानी पी गयी, और उसके लोड का सूपड़ा जीभ फेर कर सॉफ कर दिया.
मामी भी नीचे नंगी लेती थी. मैं भी साथ में लेट गयी. हमने थोड़ी किस्सिंग की, और मामी ने दोनो को जाने को कहा. वो पीछे वाले डोर से चले गये. मैं और मामी नंगी ही रूम में आ गयी. मैने मामी से पोछा-
मैं: ये दोनो कों थे मामी?
वो बोली: दोनो इधर कम करते है.
मैं बोली: फिर तो मामी और लोग भी होंगे आपके पास.
मामी बोली: अभी तू 3 दिन मेरे पास है. रोज़ नये-नये लोड मिलेंगे. मैं कों सा तुझसे कम हू (और हम हासणे लगे).
फिर मैं और मामी नंगी ही सो गयी. नेक्स्ट पार्ट में बतौँगी कैसे मैने और मामी ने नये लंड से चुदाई करवाई. तब तक बाइ-बाइ.