मामा और भांजी में शुरू हुआ रोमॅन्स

हेलो रीडर्स, देर ना करते हुए हम ये पार्ट शुरू करते है.

तो फिर मैने कायरा को कल अपने रूम पे आने का बोल कर, उसके दिल में ख्वाहिश जगा कर छत को ऑफ किया. मुझे पता था की कायरा अपनी डाइयरी में अपने थॉट्स शेर करेगी. इसलिए मैं उस नाइट को सो गया, और अर्ली मॉर्निंग उसे रेड किया.

क्यूंकी गर्ल्स को आइडियास थोड़े-थोड़े टाइम के बाद ही आते है, सो अगर मैं उस टाइम लिव डाइयरी पढ़ने बैठता तो मेरी नींद ही खराब होने वाली थी. इसलिए मैने उसे मॉर्निंग में पढ़ना ठीक समझा. उसने डाइयरी में लिखा हुआ था-

कायरा: मी डियर डाइयरी, कल अंकल ने मुझे अपने रूम पे बुलाया है. मेरा अंदाज़ा है यार की वो मेरे साथ कुछ करेंगे वाहा पर. और उन्होने बोला भी था, की मेंटली प्रिपेर हो कर आना. सो उनका कुछ तो प्लान है मुझे लेकर. पर अब मैं क्या करू, कुछ समझ नही आ रहा.

कायरा: मुझे अंकल की नीड भी है मों को पाने के लिए. अगर और कोई प्राब्लम होती तो मों की हेल्प ले लेती, पर इस चीज़ के बारे में तो मुझे ही खुद डिसाइड करना है. मैं क्या करू यार?

(फिर कुछ देर बाद कायरा ने टाइप किया था. शायद उसने कुछ सोच कर डिसिशन लिया था)

कायरा: ओक डाइयरी. मैने फैंसला कर लिया है की मैं कल जौंगी अंकल की रूम पे. क्यूंकी मुझे उनकी हेल्प चाहिए मों को फक करने के लिए. और अगर अंकल मेरे साथ कल कुछ करना चाहेंगे, तो मैं उन्हे लिमिट में ही करने दूँगी.

कायरा: उनको अगर मैने फक करने दिया, तो क्या पता वो मेरी हेल्प करे ही ना. सो अगर उन्हे मेरी छूट चाहिए, तो पहले उनको मुझे मों की छूट दिलवनी होगी. वो चाहे तो मुझे किस कर सकते है, बूब्स दबा सकते है.

कायरा: पर अपनी छूट फिलहाल नही मारने दूँगी मैं उनको, ये पक्का है. पर उन्होने अगर ज़्यादा के लिए ज़िद की तो? अगर वो ज़िद करते है, तो फिर ज़्यादा से ज़्यादा मैं उनको ब्लोवजोब देकर सॅटिस्फाइड कर सकती हू. इससे मुझे उनके लंड का साइज़ भी देखने को मिलेगा, और उसे तोड़ा बहुत एंजाय भी कर लूँगी. सो फिंगर क्रॉस्ड फॉर टुमॉरो. गुड नाइट.

कायरा की ये डाइयरी मैने अगले दिन मॉर्निंग में रेड की. उसे पढ़ कर तो मेरा लंड टाइट हो कर फूंकारने लगा. वैसे भी आज का प्लान मुझे कायरा को छोड़ना नही था. सिर्फ़ उसको उपर से ही गरम करने का था. पर यहा तो वो मेरा लंड अपने मूह में लेने तक को रेडी है. सो आज उसकी ये तमन्ना मैं ज़रूर पूरी करूँगा. आस पेर प्लान मैने दोपहर के 12 के करीब दी को कॉल किया.

मे: हेलो डार्लिंग. क्या कर रही हो?

दी: कुछ ख़ास नही, घर का काम कर रही हू.

मे: तो फिर हमारा काम कब होगा? मैं आ जौ तुम्हारे पास?

दी: अभी? इस वक़्त? ना बाबा, यहा पड़ोस में कोई देख लेगा तो गड़बड़ हो जाएगी.

मे: ह्म. मैं भी अभी काम से बाहर आया था. कायरा की कॉलेज के साइड ही था काम के सिलसिले में. तो सोचा की तुम्हे कॉल कर लू.

दी: ओक.

मे: यार दी. तुम्हारी छूट मारने का बहुत मॅन है. कुछ प्लान करो ना.

दी: यार मॅन तो मेरा भी है. पर कायरा के आने का दर्र लगा रहता है.

मे: ह्म, पर वो तो कॉलेज में होती है. तो उस टाइम मैं वाहा आ जाता हू.

दी: ह्म, मैं तुझे बाद में बताती हू. तुम रूको, कायरा की कॉल आ रही है. मैं तुम्हे बाद में कॉल करती हू.

(मैने कायरा को मेसेज कर दिया था दी को कॉल करने से पहले. तो हमारे प्लान के अकॉरडिंग उसकी कॉल दी को गयी थी. और कुछ देर बाद दी की मुझे वापस कॉल आई.)

दी: भाई, तू कायरा की कॉलेज की साइड ही है ना?

मे: हा, क्यूँ क्या हुआ?

दी: कायरा के नंबर से कॉल आई थी. उसकी फ्रेंड बोल रही थी. वो बता रही थी की कायरा को वॉमिटिंग हो रही है, और पेट में बहुत दर्द भी कर रहा है. तो तू देख लेगा वाहा जेया कर?

मे: ओक दी. मैं वाहा जेया कर तुम्हे कॉल करता हू (और मैं अपनी बिके को एक साइड पार्क करके ऑटो में बैठ के उसके कॉलेज पहुँचा, जो पास ही था).

15 मिनिट्स बाद मैने दी को कॉल की.

मे: दी, घबराने की कोई बात नही है. मेरा एक दोस्त ड्र है, उससे बात हुई. उसने कहा की कुछ बाहर का खाया होगा, सो फुड पाय्ज़निंग टाइप हुआ होगा. उसने कहा की उसको इंजेक्षन या सेलीन बॉटल लगाना पड़ेगा. सो मैं कायरा को अपने रूम पे लेके जेया रहा हू. वो ड्र वही पे आ रहा है.

दी को पता था की उसका घर तोड़ा डोर था, सो उसने मुझे ओक बोल दिया. हम ऑटो में बैठ कर वाहा से निकले, और आयेज जेया कर मैने जहा बिके पार्क की थी, वाहा पे रुक गये. फिर उतार के मेरी बिके पे चल दिए. बिके पे कायरा मुझसे थोड़ी हॅट कर बैठी थी. मैने उसके हाथो को पकड़ कर अपनी कमर पे रखने का ट्राइ किया, पर वो शर्मा रही थी. फिर मैने भी ज़्यादा फोर्स नही किया, और हम रूम पे आ गये.

रूम पे आते ही मैने उसे फ्रेश होने को कहा, और वो फ्रेश हो गयी. फिर हम आमने-सामने बैठे थे.

मे: तो फाइनली हम यहा पे आ ही गये.

कायरा (शरमाते हुए): जी, अंकल. बोलो क्या प्लान है?

मे: किस चीज़ का?

कायरा: आपको पता तो है, व्हातसपप पे बताया तो था.

मे: छत की बात अलग है, मुझे तुम्हारे मूह से सुनना है.

कायरा: मुझे शरम आती है (वो ब्लश करने लगी).

मे (मैं उसके पास जेया कर उसको सतत के बैठ गया): अब ऐसे शरमाओगी तो कैसे चलेगा? (उसकी जांघों पे हाथ फेरते हुए) अपनी मों की छूट कैसे मार पावगी, ह्म?

ये सुन कर कायरा ने अपना मूह नीचे झुका दिया. मैने उसे उपर उठा कर उसकी आँखों में आँखें डाल कर उससे पूछा-

मे: मुझे तुम्हारे इन पिंक लिप्स का टेस्ट करना है. मैं कर लू क्या?

तो उसने जवाब में स्माइल के साथ अपनी आँखें झुका दी, और मुझे ग्रीन सिग्नल मिल गया. मैने देर ना करते हुए अपने होंठ उसके होंठो पर जड़ दिए. पहले तो उसने अपना मूह तोड़ा यहा वाहा किया. फिर उसने भी साथ देना शुरू कर दिया, और वो भी मुझे किस करने लगी. अपनी से कम आगे की जस्ट कॉलेज लड़की के साथ रोमॅन्स का अपना ही अलग मज़ा है.

मैं उसे डीप किस करने लगा. वो मेरे हाथो को खुद अपने बूब्स पे रखा और डबवाने लगी. मुझे लगा की ये भी काई दिन की प्यासी थी. फिर एक-दूसरे को लिपटे हुए हमने एक-दूसरे के कपड़े निकाल दिए. मैं उसके छ्होटे टाइट बूब्स को चूसने लगा, और वो भी साथ दे रही थी. फिर किस करते हुए उसने मेरे लंड पे हाथ रखा और मेरी तरफ देखने लगी. और कुछ ही देर में उसने मेरा लंड अपने प्यारे से मूह में भर लिया, और उसे सक करने लगी.

फिर वो उठ कर, खुद अपनी पनटी निकाल कर बेड पे लेट गयी, और अपनी छूट की और उसने मुझे इशारा किया. उसने डाइयरी में लिखा था की वो मुझे अपनी छूट आज नही मारने देगी. पर उसने खुद मुझे छूट की और इशारा किया. मुझे लगा की इन हालाटो में वो भी गरम हो गयी है, तो उसको छोड़ने में कोई हर्ज़ नही है.

जैसे ही मैं उसके पास गया, उसने मेरे सिर को उसकी छूट पे दबा दिया. मैं उसका इशारा समझ गया, सो उसकी प्यारी सी पिंक छूट को चूसने लगा. उसकी छूट के होंठो (लेबिया) को, उसके दाने (क्लाइटॉरिस) को आचे से अपने मूह में भर कर चूसने, काटने और दबाने लगा. वो भी फुल मोन कर रही थी.

कुछ देर में उसकी छूट से पानी बहने लगा, वो पूरी गीली हो चुकी थी. सो मैने अब देर ना करते हुए उसकी छूट पे लंड को रखा, और पुश किया. जैसे ही मैने पुश किया, वो पीछे हो गयी और मेरा लंड नीचे बेड पे टकरा गया. फिर मुझे लंड के टोपे को झटका लगा.

मे: क्या छूतियापा है ये कायु?

कायरा: ये छूतियापा नही, मोटिवेशन है.

मे: मतलब?

कायरा: अगर आपको मेरी छूट में डालना है, तो पहले मुझे मेरी मों की छूट दिलवनी होगी. (और वो अपने कपड़े पहनने लगी)

मे: पर मैं तुम्हे दिला दूँगा, तुम अभी तो मुझे लेने दो.

कायरा: नही अंकल, आपने इन्सिस्ट किया तो मैने आपको आज इतना सब दिया, क्यूंकी मुझे मों की छूट लेनी है. आप मेरी डेस्परेशन देख सकते हो की मैं मों की छूट के लिए किस लेवेल तक जेया सकती हू. और अगर आपको मेरी छूट मारनी है तो आप भी डेस्परेट हो कर मुझे मों की छूट दिलवा दीजिए. फिर मुझे जैसे मर्ज़ी चाहे छोड़ना.

मे: तुझे तो मैं तेरी मों के सामने ही छोड़ूँगा, देखना.

कायरा (हेस्ट हुए): मुझे कोई प्राब्लम नही. पर ये भी तब ही होगा जब मुझे मों की मिल चुकी होगी. ओक, अब हमे चलना चाहिए, मों वेट कर रही होगी.

कायरा ने तो आज सच में मेरा कलपद (खड़े लंड पे धोखा) कर दिया. मैं उसको बिके पे बिता के, उसे उसके घर छ्चोढ़ आया, और मैं वापस अपने रूम पे आ गया.

बाकी नेक्स्ट पार्ट में जल्द ही. इस स्टोरी को लीके और कॉमेंट्स ज़रूर कीजिएगा. आप हमसे लज़्यलीहास@गमाल.कॉम (गमाल/गूगले छत) पे भी कनेक्ट कर सकते है.

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