सुन्दर मकान मालकिन भाभी को जम कर चोदा

मेरी इस चुदाई की कहानी में आप सभी का स्वागत है। मैं अयान 24 साल का दिल्ली से हूँ। मेरे लंड का साइज़ 7 इंच है।
ये बात पिछले साल की है जब मैं अपनी पढाई के आखिरी पडाव पर था | तब मैं दो कमरे का फ्लैट ले कर रहता था | और मेरे साथ उस फ्लैट में हम 3 बन्दे रहते थे | और जो दो कमरे में थे उसमे 55 साल की बुढिया, 36 साल के भैया, 32 साल की भाभी और उनके 1 बच्चा रहते थे | जो भाभी रहती थी उनका फिगर एक दम कातिलाना था 34-30-36 का | अब आजू बाजू रहते थे तो मेरी उनके पति से अच्छी खासी दोस्ती हो चुकी थी और हम लोग बहुत मस्ती भी किया करते थे | भाभी काफी ओपन माइंडेड थी तो वो हर चीज़ समझती थी और हम लोग बच्चे थे तो सबके साथ हंसी माजक किया करते थे | कुछ समय तक तो मैंने कभी नही सोचा था भाभी अपने पल्लू को जान बूझ कर दिखा रही है या कुछ भी एसा नहीं होता था जिससे ये लगता की हमारे मन में कुछ गलत है या भाभी के मन में सब अच्छा खासा चल रहा था | ज्यादातर मैं ही घर में रुकता था और भाभी भी मुझसे ही ज्यादा बाते किया करती थी क्यूंकि मेरे दोस्तों को तो बस घूमने से मतलब था | अब धीरे धीरे भाभी मेरी तरफ ज्यादा ध्यान देने लगी थी उसे मेरी हर बाते सुनना बड़ा अच्छा लगने लगा था और मेरे सामने वो अब जान बूझ कर कभी अपनी साडी का पल्लू गिरा देती और मुझसे सट सट कर निकलने लगी थी और अपनी गांड मटका मटका चला करती थी | वो पूरी तरह से मुझे पटाना चाहती थी ऐसा मुझे लग रहा था पर मैं तब भी यही सोचता था कि भाभी से ये सब धोके से हो रहा है |

फिर एक दिन हम ऐसे ही नॉर्मली बात कर रहे थे तो वो अचानक से पूछ बैठी कि तेरी गर्लफ्रेंड कौन है ? तो मैंने कहा भाभी कोई नही है मेरी गर्लफ्रेंड आप ऐसा क्यूँ पूछ रहे हो ? तो वो बोली अरे तू इतना स्मार्ट दिखता है गोरा भी है कोई तो होनी चाहिए न तेरी गर्लफ्रेंड ? तो मैंने कहा अरे नहीं है भाभी सच में मैं झूट नहीं बोल रहा हूँ | फिर उन्होंने कुछ नहीं कहा और बस हम आपस में ऐसे ही बात करने लगे | फिर उसके अगले दिन भाभी कपडे धो रही थी और उन्होंने डीप गले का ब्लाउज पहना हुआ था जिसमे से उनके बड़े बड़े दूध बाहर दिख रहे थे | भाभी ने मुझे अपने दूध देखते हुए देख लिया था (आखिर मैं भी एक लड़का हूँ ये सब देखने की मुझे इच्छा होती है आज तक कभी तो चूत मिली नहीं थी | )
फिर भाभी ने मुझसे कहा कि क्यूँ से बस देखता ही रहेगा या कुछ करेगा भी | तो मैंने कहा अरे भाभी मन तो कर रहा है पर डर रहा था की कहीं आप गुस्सा न हो जाओ | तो वो बोली अरे बस कर अब आजा और करले अपने मन की मुरादे पूरी | फिर मैं भाभी के पास जाकर उनके दूध को दबाने लगा और ऐसा करते करते मेरा लंड भी खड़ा हो गया था | मैंने भाभी के जब दूध को मसलना चालू किया तब भाभी आआहा उन्न्न्हह आहाहा ऊउम्ह्ह्ह हह्हहः हाहाहा और जोर से दबा शाश्वत कितना अच्छा लग रहा है तेरा ऐसा करना हाय | आहाहाहा इऊउन्न्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह अनाअनाआह कितने अच्छे से दबा रहा है रे | फिर मैंने बोला अरे भाभी आप तो बस मौका दो तुम्हे जन्नत की सैर न करा दी तो बोलना | तो वो बोली अभी तू बस इसी से काम चला क्यूंकि अगर तेरे दोस्तों ने या मेरे पति ने आकर देख लिया तो शामत आ जायगी | फिर मैंने कहा कि अब कब दोगी भाभी मौका मुझे | मेरा लंड तो तुम्हारी याद में परेशान रहता है और तुम्हे याद करके रोज मुठ मरना पड़ता है | तो वो बोली तू चिंता न कर बहुत जल्दी मौका मिलेगा | फिर मैं अपने फ्लैट में आ आ गया और बस फिर क्या था बाथरूम में गया और उसके नाम की मुठ मारी |

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एक हफ्ते के बाद मेरी किस्मत ही चमक गई थी कॉलेज की छुट्टियाँ पड़ गई थी और मेरे दोनों दोस्त अपने अपने घर चले गये थे और भाभी के पति और उसकी दादी को अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले थे | बस फिर क्या था मुझे भी इसी मौके की तलाश में था और भाभी भी | अब होना था चुदाई का नंगा नाच | जैसे ही वो लोग अमरनाथ यात्रा के लिए निकले भाभी ने मुझे अपने फ्लैट बुला लिया और मैं तो खुल्ला सांड बन के बैठा ही था | उन्होंने जैसे ही बुलाया और मैं झट से उनके घर चला गया | जाते ही साथ मैंने भाभी की कमर पकड़ के उन्हें दीवार पर टिका दिया और उन्हें किस करने लगा भाभी तो हमेशा गर्म ही रहती थी तो वो भी मेरा साथ देने लगी और हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह किस कर रहे थे | मैं भाभी के चेहरे को बुरी तरह से चूमते जा रहा था और भाभी मेरे चेहरे को | मैंने भाभी से कहा तेरे लिए कितना बेताब था मैं अब जा कर तू मुझे मिली | आज तुझे कराऊंगा जन्नत की सैर फिर वो बोली हाँ सब तेरा ही है करले जो करना है तुझे | फिर से हम दोनों ने एक दूसरे को चूमना चालू कर दिया |

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