बेटे के सामने माँ की चूत बार-बार चुदी

ही रीडर्स ये मेरी अगली पोस्ट है मेरी माँ के डार्क सीक्रेट. तो आपने मेरे पहले भाग में पढ़ा होगा की कैसे मेरी माँ ने ट्रक ड्राइवर को सडके किया. इस भाग में आपको बताने जा रहा हु की आगे क्या हुआ.

पहले भाग में अपनी माँ के बारे में मैंने पूरा डिस्क्रिप्शन नहीं दिया. इसलिए मैं आगे जाने से पहले आपको मेरी माँ का डिस्क्रिप्शन देना चाहता हु.

मेरी माँ का फिगर स्लिम फिगर है. मेरी माँ के फिगर और सिज़ेस का डिस्क्रिप्शन बताने से ाचा है की मैं आपको फिल्म से एक एक्ट्रेस का रिफरेन्स दे दू. इससे आप मेरी माँ का पूरा फिगर और सिज़ेस इमेजिन कर सकते हो.

माँ के लिए आप “तारे ज़मीन पर” मूवी से “टिस्का चोपड़ा” को इमेजिन कर सकते हो. बल्कि आप अपनी इमेजिनेशन के लिए टिस्का चोपड़ा को ही मान लो.

अच्छा तो अब आगे बढ़ते है.

मैं कोने में चुप-चाप लेट गया और आँखें बंद कर ली. लेकिन मैं सोया नहीं था. फिर कुछ २ घंटे बाद हमारे कमरे का दरवाज़ा किसी ने खत-खतया. बाहर से क्लीनर आवाज़ दे रहा था.

फिर ढाबे वाले ने दरवाज़ा खोला और क्लीनर को अंदर आते ही पुछा-

ढाबे वाला: तू कहा था अभी तक?

क्लीनर ने कहा: भाई क्या गाडी है ऑडी क़्७ मज़ा आ गया. लाइफ में पहली बार ऑडी चलायी है. मज़ा ही आ गया.

फिर ढाबे वाले ने क्लीनर से पुछा-

ढाबे वाला: तुझे ऑडी कार कहा से मिली? और अगर तू कार में आया है तो इतना भीगा कैसे?

क्लीनर ठण्ड से कांपते हुए नीचे बैठा और अपने लिए पेग बनाते हुए बोलै-

क्लीनर: वो मैडम की कार है. उसके टायर पंक्चर था. मैं टायर बदलते हुए पूरा भीग गया.

फिर उस क्लीनर ने मुझे कोने में अकेले लेता देख कर ढाबे वाले से पुछा-

क्लीनर: वो मैडम कहा है? और उस्ताद कहा है?.

ढाबे वाला मुस्कुराया और बिना कुछ कहे अपनी शराब का गिलास उठा कर पीने लगा. तब फिरसे बगल वाले कमरे से कर्कश की आवाज़ आना शुरू हो गया. और माँ की कराहने की धीमी आवाज़े आने लगी.

माँ:उम्म .. ऑह.. ऑह..उम्म .. उम्म

क्लीनर आवाज़ सुन के सुन्न सा हो गया. वो कुछ देर के लिए खामोश हो गया. कमरे से माँ की कराहने की आवाज़ के साथ ट्रक ड्राइवर भी कराहने लगा. फिर वो कर्कश की आवाज़ भी आने लगी.

फिर क्लीनर थोड़ा होश में आया. उसके बाद उसने हैरान होक ढाबे वाले से पुछा-

क्लीनर: ये कब कैसे हुआ?

ढाबे वाले ने मुस्कुराते हुए कहा-

ढाबे वाला: मैंने समझा रास्ते में माल मिली होगी. ये तो रईस माल लगती है.

कमरे से माँ की आहें और ज़ोर से आने लगी. फिर क्लीनर ने बोलै

क्लीनर: उस्ताद की किस्मत खुल गयी.

ढाबे वाले ने बोलै: ये दूसरा राउंड है.

क्लीनर ने फिरसे हैरान होक ढाबे वाले की तरफ देखा और बोलै-

क्लीनर: आज रात तो उस्ताद की लाटरी लग गयी. ऐसा गोरा और पताका माल मुझे मिल जाये तो मैं तो दो राउंड क्या उसको पूरी रात अपनी घोटनी से मलाई का तालाब निकाल के उसमे उसको नेहला दू.

तब दोनों ने हस्स कर अपनी शराब के गिलास उठाये और चियर्स बोल के पीने लगे.
दुसरे कमरे से दोनों माँ और ट्रक ड्राइवर के कराहने की आवाज़े आना जारी था. फिर क्लीनर ने एक टेबल कमरे की दीवार के पास लगाया. वो उस टेबल पर चढ़ के बगल वाले कमरे के अंदर झाँकने लगा.

वो कमरे के अंदर देख कर अपनी आँखें बड़ी करके कमरे के अंदर घूरने लगा. फिर थोड़ी देर बाद ढाबे वाला भी उस टेबल पे चढ़ गया और वो दोनों कमरे के अंदर देखने लगे.

कमरे से माँ और ट्रक ड्राइवर की कराहने की आवाज़ आ रही थी. आठ ऑह आठ की आवाज़े उनके कमरे में गूँज रही थी. वो कर्कश आवाज़ भी तेज़ होती गयी.

क्लीनर टेबल पे खड़े हो कर अपना खड़ा लुंड बाहर निकाल कर अपने हाथ से हिलाने लगा. माँ और ट्रक ड्राइवर कमरे के अंदर से ज़ोर-ज़ोर से आहों की आवाज़े करने लगे. उनकी कराह के साथ कर्कश की आवाज़ तेज़ होती गयी. कुछ देर बाद माँ और ट्रक ड्राइवर दोनों ने ज़ोर से बड़ी कराह की आवाज़ की और कर्कश की आवाज़ रुक गयी.

फिर ढाबे वाला टेबल से उतर कर अपनी शराब पीने लगा. क्लीनर ने अपने लुंड को तेज़ी से हिला कर दीवार पे उसका लोड छोड़ा. ढाबे वाला क्लीनर को देख के चिल्लाया-

ढाबे वाला: अबे दीवार गन्दी मत कर.

फिर तेज़ सांस लेते हुए क्लीनर टेबल से उतरा और एक कपडा लेके उसने अपने लोड को दीवार से साफ़ किया. फिर नीचे बैठ कर वो दोनों दारु पीने लगे.दोनों दारु का बोतल ख़तम करके ज़मीन पर चादर दाल के सो गए. मैंने भी सोने की कोशिश की लेकिन ठण्ड में मुझे नींद नहीं आ रही थी.

आधी रात को बगल वाले कमरे से कर्कश की आवाज़ फिरसे आणि शुरू हुई. तभी क्लीनर ने ढाबे वाले से हस्ते हुए बोलै-

क्लीनर: लो फिरसे चालु हो गए. आज साड़ी रात उस्ताद सोने नहीं देगा मैडम को.

ढाबे वाले ने कहा: लगता है तेरी मलाई के तालाब वाली बात सुन ली होगी.

फिर वो दोनों हस्स के चुप हो गए और सोने लगे. कर्कश की आवाज़ कुछ देर तक आके तेज़ हो गयी और फिर बंद हो गयी.

मुझे कुछ पता नहीं चल रहा था की वह क्या हो रहा था. माँ और ट्रक ड्राइवर दुसरे कमरे में क्या कर रहे थे मुझे नहीं पता था?

मैं ये भी नहीं जानता था की माँ क्यों कराहने की आवाज़े कर रही थी और वो कर्कश की आवाज़े क्या थी? क्लीनर और ढाबे वाले ने दुसरे कमरे के अंदर माँ और ट्रक ड्राइवर को क्या करते हुआ देखा? और ये मलाई का तालाब क्या था?

ये सब सोचते- सोचते पता नहीं चला मुझे नींद कब आ गयी. फिर ठंडी हवा से मेरी नींद खुल गयी. फिर हमारे कमरे के दरवाज़े से ड्राइवर की आवाज़ आयी-

ड्राइवर: चल रे छोटे जल्दी से सामान चढ़ा. ८ बजे से पहले गोडाउन पहुंचना है.

फिर क्लीनर नींद से उठा और कमरे के बाहर चला गया. मैं आँखें बंद करके चुप-चाप लेता रहा. कुछ देर बाद ढाबे वाला उठ कर कमरे से बाहर चला गया. अब मैं अकेला कमरे में था.

में उठ कर कुछ देर बैठा और उस टेबल पे चढ़ के बगल वाले कमरे में झाँका.माँ चारपाई पे सो रही थी. वो अपने पेट के बल सो रही थी. उनके बदन पर कम्बल सिर्फ पीठ के नीचे से तइस तक फैला हुआ था.

वो कम्बल के नीचे पूरी नंगी थी. तभी अचानक उनके कमरे का दरवाज़ा खुला और ढाबे वाला अंदर आया. उसने कुछ कपडे अपनी शेल्फ से लिए और बाहर निकलते हुए दरवाज़े के पास रुक गया.

फिर माँ को गहरी नींद में देख के उसने दरवाज़े की कुण्डी बंद कर दी. उसके बाद वो धीरे से माँ की तरफ बढ़ा. माँ गहरी नींद में थी.

फिर ढाबे वाला धीरे-धीरे माँ की बगल में बैठा और उनके गोर बदन पे धीरे से हाथ लगाया. माँ ने कुछ नहीं किया और वो गहरी नीड में थी. ढाबे वाले ने धीरे-धीरे माँ की नंगी पीठ को अपने हाथ से सहलाया और उनकी पीठ पर किश किया.

माँ ने कुछ नहीं किया. फिर ढाबे वाले ने माँ की पूरी पीठ को किश करते हुए अपनी पतलून नीचे कर दी और अपना खड़ा लुंड बाहर निकाल लिया. वो अपने दुसरे हाथ से माँ के बदन को सहलाते हुए छु रहा था.

फिर वो अपने पैरों से माँ के पैरों को सहलाने लगा. उसके स्पर्श से माँ थोड़ी सी हिली.तब ढाबे वाले ने माँ को पीछे अपनी तरफ घुमाया. और उससे माँ के बूब्स दिखने लगे.

माँ बिना आँखें खोले पीछे घूम गयी. फिर ढाबे वाले ने माँ के बूब्स को अपने हाथ से छुआ और एक बूब को किश करके चूचे को चूसने लगा. माँ बिना आँखें खोले हलकी आवाज़ में कड़ाही उम्… उम्.. करके.

ढाबे वाला फिर चारपाई पे चढ़ा और माँ की बगल में लेट गया. वो अपने हाथो से माँ के बदन को सहलाता रहा. माँ बिना आँखें खोले बस सोती रही.

फिर धीरे से ढाबे वाले ने उसका हाथ अपनी पतलून में डाला और अपना लुंड बाहर निकाल के उसको झटकने लगा. धीरे-धीरे ढाबे वाले का लुंड बड़ा और मोटा होने लगा. फिर थोड़ी देर में उसका लुंड खड़ा हो गया. तब उसने माँ के ऊपर से पूरा कम्बल निकाल दिया और वो माँ के ऊपर चढ़ गया.

ढाबे वाले का पेट बड़ा होने के कारण उसका लुंड माँ के पेट पर ठीक से बैठ नहीं रहा था. फिर माँ ने बिना आँखें खोले अपने पेअर फैलाये. उसके बाद ढाबे वाले ने अपने लुंड को माँ के दोनों पैरों के बीच में रखा. फिर वो माँ की छूट से अपनी लुंड को धीरे-धीरे सहलाने लगा.

ढाबे वाले के बड़ा पेट की वजह से वो अपने लुंड को ठीक दिशा में नहीं लगा पा रहा था. फिर उसने अपने हाथ से अपने लुंड को पकड़ा और माँ की छूट के अंदर दाल दिया. माँ ने तब हलके से कराहने की आवाज़ की.

माँ: उम् अहह अहह.

मगर माँ ने आँखें नहीं खोली. फिर ढाबे वाले ने एक हाथ से माँ की कमर को पकड़ा और अपनी कमर को आगे-पीछे हिलने लगा. दुसरे हाथ से माँ के बूब को धीरे से दबाते हुए वो माँ के चूचे को चूसने लगा.

तब वो चारपाई बिलकुल रात की जैसी कर्कश की आवाज़े करने लगी थी. मुझे तब पता चला की वो रात की कर्कश की आवाज़ चारपाई की थी.

ढाबे वाला माँ के बूब्स के ऊपर अपना चेहरा रख कर अपनी कमर आगे-पीछे हिलता गया. माँ ढाबे वाले के भारी बदन के नीचे डब्ब रही थी और कराहने लगी थी.

माँ: आठ आठ ओह्ह उम् आह.

फिर वो माँ के बूब्स से गर्दन तक चूमते हुए अपने चेहरे को माँ के चेहरे तक आया और माँ के होंठो को अपने होंठो से मिला दिया. वो माँ के होंठो को आम की तरह चूसने लगा और अपनी कमर को माँ की पैरों के बीच में थप-थापने लगा.

फिर माँ ने धीरे-धीरे अपनी आँखें खोली और ढाबे वाले को छोड़ते देखा. माँ हैरान हो गयी और उसने अपनी आँखें बड़ी कर ली. वो अब तक उसको ट्रक ड्राइवर समझ रही थी.

ढाबे वाला माँ के होंठो पर अपने होंठो से पूरी तरह कब्ज़ा करके उनकी आवाज़ को दबाने लगा. माँ ने मुश्किल से अपना चेहरा घुमा के अपने होंठो को ढाबे वाले के होंठो से छुड़वाया और ज़ोर से सास ली.

ढाबे वाले ने फिर माँ के मुँह को अपने हाथ से बंद कर दिया और ज़ोर से माँ को छोड़ते हुए बोलै-

ढाबे वाला: बस थोड़ी ही देर और. अब ख़तम होने ही वाली है बस हो गया और थोड़ा सा.

फिर वो और ज़ोर से अपनी कमर हिलने लगा और माँ को और तेज़ छोड़ने लगा.

माँ ढाबे वाले के भरे बदन के नीचे पूरी तरह डब्ब गयी थी. उनकी कोई कोशिश ढाबे वाले को नहीं रोक पा रही थी. तब फिर माँ ने अपनी आँखें बंद कर ली और ढाबे वाले से बिना किसी हरकत के छोड़ने लगी.

ढाबे वाला अपनी कमर को और तेज़ हिलने लगा और उसने कराहते हुए ये आवाज़ की-

ढाबे वाला: आठ आठ निकल रहा है आहह आहह

माँ फिर आँखें खोल कर ढाबे वाले को अपना चेहरा हिला कर ना का इशारा करने लगी. मगर ढाबे वाले ने अपने हाथ माँ के मुँह से नहीं हटाया. उसने माँ को अपने दुसरे हाथ से ज़ोर से पकड़ लिया और अपनी कमर को माँ से दबा कर एक लम्बी आवाज़ में ऑह भरी.

वो माँ को अपने कमर से हलके-हलके से झटके देता गया और तेज़ी से सांस लेता गया. फिर वो माँ के ऊपर ही लेट गया. माँ फिर आँखें बंद करके खामोश हो गयी.

थोड़ी देर बाद ढाबे वाला माँ के ऊपर से उठा और माँ के बगल में लेट गया. माँ फिर भी चुप-चाप बिना आँखें खोले लेती रही. दोनों के बदन पसीने से भर गए थे.

ढाबे वाले का तो कुछ ज़्यादा ही पसीना निकल रहा था. माँ और ढाबे वाला पूरे नंगे चारपाई पे एक दुसरे के बगल में कुछ देर लेते रहे. फिर ढाबे वाला माँ की तरफ घूमा और उसने मुस्कुराते हुए कहा-

ढाबे वाला: मज़ा आया?

माँ ने कुछ नहीं कहा. तब उसने अपना हाथ फिरसे माँ के नंगे बदन पर रखा. फिर उसने माँ के दोनों बूब्स दबाया और अपना हाथ माँ के पेट के नीचे छूट के पास लेके आया. उसके बाद उसने छूट को सहलाया और माँ के होंठ चूमने की कोशिश की. माँ ने अपनी कमर और चेहरा पीछे हटा लिया.

ढाबे वाले ने मुस्कुरा कर माँ के गोर गाल को अपनी जीभ से छाता और हस्ते हुए अपना अंडरवियर और पंत पहन लिए. फिर चारपाई से उतरा और कमरे से बाहर चला गया.

दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ सुन कर माँ ने अपनी आँखें खोली और सारे कमरे को देखा. खुद को कमरे में अकेले पा कर माँ ने अपने बदन को ढीला किया. फिर अपने आप में मुस्कुराते हुए माँ ने अपने हाथ की उंगलिया अपनी छूट के पास राखी.

उसके बाद माँ ने अपनी योनि को सहलाया और ढाबे वाले के सीमेन को अपनी योनि पर मॉल लिया. फिर माँ ने एक गहरी चैन की सांस ली और फिर अपनी आँखें बंद करके चारपाई पर नंगी सोने लगी.

ये था मेरी माँ के डार्क सीक्रेट का दूसरा भाग. तीसरे भाग मैं जल्दी ही पोस्ट करूँगा. आशा करता हु की आपको मेरा वर्णन पसंद आया हो. आप मुझे अपना अनुभव ज़रूर बताये. मेरी मेल ईद है: [email protected]

फिर मिलते है तीसरे भाग में.

यह कहानी भी पड़े  इशिता भाभी का अकेलापन दूर किया

error: Content is protected !!