सेक्स कहानी अब आयेज-
मैं लिविंग रूम में आया तो देखा उसी रूम से मम्मी अपनी सारी ठीक करते हुए, अपना मूह सॉफ करते हुए आ रही थी. 2 मिनिट बाद रवि भी उसी रूम से बाहर आया कपड़े पहनते हुए.
मेरे पैरों तले से ज़मीन खिसक गयी. अभी तो मैने अपनी आँखों से देखा था की मम्मी और रवि एक ही रूम से आ रहे थे. लेकिन मैं अभी मम्मी से बोलता तो क्या पता वो सच नही बताती. और क्या पता ये रवि की कोई चाल भी हो सकती थी. तो मुझे पक्का प्रूफ चाहिए था.
तभी मम्मी मेरे पास आई और बोली: स्वाती बोल रही है आज डिन्नर यहीं बनाएँगे.
मैं: आप और मामी की लड़ाई हुई थी ना?
मम्मी: वो हमारी सुलह हो गयी.
मैं: कैसे?
मम्मी (हकबकाई): वो छ्चोढ़, मैं अपने कपड़े चेंज करने जेया रही हू, तू भी आ जेया.
मैं सोच रहा था की क्या पता सुलह के बाद मामी की मर्ज़ी हो की जैसे मैने उनके साथ सेक्स किया, वैसे ही वो मम्मी को रवि के साथ सेक्स करने बोली हो, और फिर जो मैने सुना. हम अपने घर आए. मम्मी ने पापा को कॉल किया और मैने दीदी को बताया. फिर शाम हुई, हम सब मामी के फ्लॅट में गये. वहाँ जाके मिले-जुले.
रेखा: प्रिया दीदी, लुकिंग ब्यूटिफुल आस ऑल्वेज़.
प्रिया: थॅंक्स रेखा. तुम भी कुछ कम नही.
रवि: वो तो है ही. कुछ कातिलाना अदयें है रेखा की.
रवि ने ये बोला पर सिर्फ़ मैं, रेशमी दीदी, रेखा और प्रिया दीदी ही सुन पाए. रेशमी दीदी ने उसको चिकोटी काटी. प्रिया दीदी शॉक में थी की रवि क्या बोला. वो बोला भी या प्रिया दीदी का वहाँ था. पापा, मम्मी, मामी अपनी अलग बातें कर रहे थे. फिर डिन्नर हुआ. प्रिया दीदी और पापा खाना खा के घर चले गये. मम्मी मामी के साथ मिल के बर्तन धो रही थी. तभी रेशमी दीदी मुझे साइड ले गयी और बोली-
रेशमी: रोहन तू मेरे को इग्नोर कर रहा है?
मैं: नही तो, क्यूँ?
रेशमी: मुझे लगा.
मैं: सच बताना, आज रूम में रवि किसके साथ सेक्स कर रहा था?
रेशमी (तोड़ा डरते हुए): वो अंदर बुआ थी.
मैं: मुझे यकीन नही होता.
रेशमी: तुझे यकीन नही हो रहा ना, देख तू.
इतना बोलते ही वो मुझे उसी रूम के सामने ले आई. मैने देखा मम्मी और मामी अभी नज़र नही आ रहे थे. रेखा अपने रूम में जाके सो गयी थी. उसका रूम का डोर बंद था. फिर हमारा ध्यान उसी रूम में गया. गौर से सुना तो अंदर से चुदाई की आवाज़ आ रही थी. तक तक वाली.
हम ये आवाज़ ध्यान से सुन रहे थे. तभी पीछे से मामी आई और बोली, “क्या सुन रहे हो तुम?” तभी मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा. फिर कुछ देर बाद आवाज़ बंद हुई और रूम का डोर ओपन हुआ. मम्मी अपना फेस सॉफ करते हुए और अपना ब्लाउस का हुक लगते हुए बाहर आई और पीछे से रवि पंत पहनता हुआ आया.
मैने मम्मी को देखा. उन्होने मेरी आँखों में देखा. वो दररी हुई थी. मैं बिना कुछ बोले घर चला गया.
मंडे मॉर्निंग पापा अपने काम में गये, दीदी कॉलेज गयी और मैने सिक लीव ले ली. मैं अपने रूम में ही था. मम्मी रूम पे आई.
मम्मी: तबीयत खराब है क्या? पापा से दवाई मंग्व?
मैं उनको इग्नोर कर देता हू.
मम्मी: क्या हुआ, बोल तो सही?
मैं: आपको नही पता क्या हुआ? मामी एक तरफ पर रवि क्यूँ?
मम्मी: अर्रे वो बा…. एक मिनिट, तेरी तबीयत ठीक है ना, तो कॉलेज क्यूँ नही जेया रहा?
मैं: मम्मी बात मत पलटो. पहले जो मैने पूछा वो बताओ. और मामी और आपकी सुलह कैसे हुई?
मम्मी कुछ नही बोली. अब मुझे पक्का यकीन हो गया था की कल जो मैने देखा वो सच था. मम्मी ने निघट्य ही पहनी थी क्यूंकी वो सुबह से घर के काम में बिज़ी थी, वो नहाई नही थी. मैं बेड से उतार के मम्मी के पास गया. अब हम दोनो आमने-सामने थे. मैने अपना पाजामा और शॉर्ट्स नीचे किया, अपना खड़ा लंड मम्मी के हाथ में दे दिया और बोला-
मैं: रवि के साथ तो कर रही हो. ये लंड है, इससे भी चुड जाओ.
मम्मी ने पहले मुझे देखा, फिर अपने हाथ को जिसमे लंड था, फिर दोबारा मुझे. गाओं में वो मुझे हॅंजब दे चुकी थी. मैने मम्मी की निघट्य एक बार में उतार दी. उन्होने अंदर कुछ नही पहना था. वो मेरे सामने पूरी नंगी थी.
फिर मैने उनको बेड की तरफ धक्का दिया. अब वो बेड में नंगी लेती थी. मैं उनके उपर चढ़ा और अपने लंड को उनके बूब्स के बीच में डाल के अपने दोनो हाथो से उनके बूब्स दबा के अपने लंड को रगड़ने लगा.
मम्मी: बेटा तू ये ग़लत कर रहा है.
मैं: आपने जो रवि के साथ मिल के किया वो भी ग़लत था.
फिर मैने उनकी छूट में हाथ रख के देखा तो वो बहुत गीली हो चुकी थी. ये देख के मैने अपना लंड मम्मी के मूह में डाल दिया. वो कुछ बोलना चाह रही थी, पर मूह से गवक गवक की आवाज़ आ रही थी. पहले वो रेज़िस्ट कर रही थी, बुत बाद में वो भी एंजाय करने लगी.
अब वो अपनी जीभ का इस्तेमाल कर रही थी मेरे लॉड को चूसने में. 5 मिनिट्स बाद मैं झड़ने वाला था, तो मैने अपना लंड निकाला और अपना माल उनके फेस में डाल दिया. मम्मी मेरे रूम से बिना कुछ बोले निकल गयी. मुझे ऐसे मज़े पहले कभी नही आए थे.
अगले दिन मैं कॉलेज गया. तब मुझे वहाँ रेखा मिली और बोली-
रेखा: मैं तुझे कल जो हुआ वो सब बतौँगी, पर एक शर्त है.
मैं: क्या?
रेखा: तुझे मेरी चुदाई करनी होगी. गाओं में तेरे साथ सेक्स करके मज़ा आ गया था.
मैं: ठीक है, लेकिन तेरे को कल जो हुआ सब सच-सच बताना होगा पहले.
रेखा: चल ठीक है, मैं सब बतौँगी पर पहले कहीं और चलते है.
रेखा मुझे एक एकांत क्लास रूम में ले गयी. वहाँ हुँने डोर लॉक किया और अपने अपने कपड़े उतारे.