सेक्स कहानी अब आयेज-
कॉलेज में मैं सोनिया से मिला. आज कॉलेज में कुछ ख़ास था नही, तो हमने सोचा घर हो चलते है.
सोनिया: कोई दिक्कत तो नही होगी ना?
मैं: नही.
सोनिया: पक्का ना, कोई नही है तेरे घर में?
मैं: हा, दीदी कॉलेज में है 3 बजे तक. पापा शाम को आते है, और मम्मी नानी के घर है. चिल कर.
सोनिया: चल ठीक है.
वैसे तो हमने एक-दो बार सेक्स किया हुआ था सोनिया के घर में. क्यूंकी उसकी मम्मी क्लिनिक में और पापा काम से बाहर रहते थे. पर आज से सोनिया के घर में तोड़ा रेनवेशन का काम चल रहा था, तो उसके पापा घर पे थे.
फिर हम अपने घर पहुँचे. वैसे सोनिया का घर दूसरी बिल्डिंग में था, और मेरा घर मेरी बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पे था. मैने देखा घर का डोर पहले से खुला हुआ था.
सोनिया (गुस्से से): तू तो बोल रहा था घर में कोई नही.
मैं: अर्रे, सच में घर में कोई नही था.
फिर अंदर से आवाज़ आने लगी. देखा तो आवाज़ बातरूम से आ रही थी.
मैं: चल, चेक करते है, अंदर कों है.
सोनिया: अर्रे नही बाबा, मुझे दर्र लगता है.
मैं: अर्रे, चल तो सही.
हम अंदर गये और बातरूम में चेक किया तो हम शॉक हो गये. अंदर सेक्स चल रहा था, और अंदर पापा थे. मुझे और सोनिया को लगा की मम्मी अचानक से नानी के घर से आ चुकी थी. और जैसे हुमको लगा घर में कोई नही, उनको भी यहीं लगा, और अब सब हमारी आँखों के सामने था.
पापा ने मम्मी को पीछे से पकड़ा हुआ था, और मम्मी दीवार के सहारे खड़ी थी. उनका फेस दिखाई नही दे रहा था, तो हमने सोचा मम्मी होंगी.
मैने सोचा, पहले आज सुबह दीदी और अब ये, आज क्या हो रहा है. लेकिन हम देखने में थे. बातरूम में चुदाई वाली आवाज़े गूँज रही थी. हम भी गरम हो रहे थे. मेरे से ज़्यादा सोनिया एग्ज़ाइटेड थी. अब वो कुछ बोल भी नही रही थी.
मम्मी: आ उम्म ऊ. बहुत मज़ा आ रहा है.
पापा: मुझे भी.
हमने भी बाहर अब किस करना शुरू कर दिया था, और बीच-बीच में अंदर देखते रहते. फिर सोनिया ने मेरी जीन्स की ज़िप खोली, और मेरा लंड बाहर निकाल के हिलना शुरू कर दिया था. मेरे लंड का साइज़ 7 इंच था, और उसको ये पसंद था. फिर वो नीचे घुटनो में बैठी और मेरा लंड चूसने लगी. अब वो प्रो बन चुकी थी लंड चूसने में. अब सिर्फ़ मैं ही अंदर देख पा रहा था.
मम्मी: और ज़ोर से, मेरा होने वाला है.
पापा ने स्पीड बढ़ा दी, और 1 मिनिट बाद मम्मी झाड़ चुकी थी. लेकिन पापा का अभी तक नही हुआ था.
पापा: मज़ा आया?
मम्मी: हा, इतने साल हो गये. बच्चे बड़े हो गये. अब तो हमारी लड़की भी कॉलेज जाने लगी, और आप फिर भी उतने ही मज़े देते हो जितना पहले देते थे.
पापा: तुम भी.
ये बात मुझे बड़ी अजीब लगी. क्यूंकी मम्मी ने बोला ‘लड़की कॉलेज जाती है’, मैं भी तो जाता हू कॉलेज. मैने सोचा मेरे बारे में भूल गये क्या? यहाँ सोनिया लंड चूसने में बिज़ी थी, वो अंदर की बात सुन ही नही रही थी. उसको इसमे ही मज़ा आ रहा था. फिर मैने दोबारा अंदर देखा.
पापा: मेरा होने वाला है. मुझे तुम्हारे फेस पे करना है.
तो मम्मी पलटी और ये देख के मैं शॉक में रह गया. क्यूंकी वो मम्मी थी, पर मेरी नही, सोनिया की. यानी म्र्स. मिश्रा थी वो. मेरा दिमाग़ एक-दूं ब्लॅंक हो गया था. मैने सोचा, ये चल क्या रहा था आज? मुझे लगा की ये एक सपना था. ऐसा नही होता कभी-कभी हुमको रॅंडम सेक्स वाला सपना आ जाता है, और फिर जब हम उठते है, फिर जाके पता चलता है की ये एक सपना था.
मैने चेक करने के लिए अपने हाथ में पिंच किया. पाईं रियल था, तो पता चला ये रियल था. फिर मुझे याद आया जब उन्होने ‘हमारी लड़की’ बोला, वो सोनिया की बात कर रही थी. मतलब सोनिया मेरी हाफ सिस्टर थी. मतलब मैने अपनी हाफ सिस्टर को छोड़ा था, और वहीं हाफ सिस्टर मेरा लंड चूस रही थी.
मैने एक नज़र से सोनिया को देखा, वो अभी भी लंड चूस रही थी, और एक हाथ स्कर्ट के अंदर डाल के अपनी छूट सहला रही थी. मैने अंदर देखा तो म्र्स. मिश्रा पापा का लंड ज़ोर-ज़ोर से हिला रही थी. उनके फेस में एक अलग सी खुशी थी. उन्होने अपने बाल खोले हुए थे, और वो पूरी नंगी होके घुटनो के बाल बैठी थी.
एक हाथ में लंड और एक हाथ से वो अपनी पूरी बॉडी सहला रही थी. उनके बड़े-बड़े बूब्स और चब्बी बॉडी किसी का भी मॅन मो ले. फिर पापा भी उनके फेस में झाड़ गये. म्र्स. मिश्रा का फेस पूरा कम से भर गया. तोड़ा उनके फेस में, तोड़ा मूह में, और कुछ उनके गले से होते हुए उनके बूब्स में जाने लगा. फिर मैने नीचे देखा तो उनकी बेटी मेरे लंड से खेल रही थी.
मॅन में एक ख़याल, की किसी दिन दोनो मा-बेटी को एक साथ ज़बरदस्त छोड़ूँगा. तभी मेरी नज़र अंदर गयी, और एक सेकेंड के लिए मेरी नज़र म्र्स. मिश्रा से मिली, और उन्होने एक स्माइल पास की, जैसे की उन्होने मुझे पकड़ लिया हो, पर वो कुछ बोली नही. मैं तोड़ा सा दर्र गया था. यही सोचते ही मैने अपना लंड सोनिया के मूह से बाहर निकाला, और उसी समय मेरा पूरा माल उसके फेस में झाड़ गया. सोनिया शॉक हो गयी थी मेरे कुंशोट से. फिर मैने उसका हाथ पकड़ा, और अपने रूम ले गया.
सोनिया: अचानक क्या हुआ?
मैं: अर्रे, वो लोग बाहर आने वाले थे ना तब (और मैं ये बात अभी नही बता सकता था की अंदर उसकी मम्मी थी, और वो मेरी हाफ सिस्टर थी).
तो हम कुछ देर वेट किए उनके जाने की. अब 1 बाज गया था. सोनिया ने भी अपना मूह सॉफ किया. फिर मैं एक बार कन्फर्म करके आया की वो लोग गये या नही. जब मैं शुवर हुआ तो मैं अपने रूम में गया. मैने एक सेकेंड भी वेस्ट नही किया. हमने एक-दूसरे के कपड़े उतारे. सोनिया को लग रहा था की मैं बातरूम वाला सेक्स देख के एग्ज़ाइटेड था, पर बात कुछ और थी. फिर मैने उसको बेड में धक्का दिया, और उसके उपर चढ़ गया.