मा बेटे के बीच जिस्मानी रिश्ते की शुरुआत

हेलो रीडर्स, तीस इस मी फर्स्ट रियल सेक्स एक्सपीरियेन्स तट ई आम शेरिंग वित योउ. होप योउ’ल्ल लीके इट. अब सीधे स्टोरी पे आते है.

मेरी फॅमिली में हम टीन लोग थे, मेरे मम्मी-पापा और मैं. ये स्टोरी कोविद के टाइम की है. मैं 2न्ड एअर का स्टूडेंट था जब कोविद की वजह से लॉक्कडोवन् लगा. हम सब घर पर ही होते थे. मेरी भी ऑनलाइन क्लासस होती थी, और पापा का भी वर्क फ्रॉम होमे था. हम लोग सब लॉक्कडोवन् रूल का पालन करते थे.

फिर 2न्ड वेव के टाइम पापा की कोविद से डेत हो गयी. मम्मी और पापा में बहुत प्यार था, और उनकी सेक्स लाइफ भी अची थी. मेरी मम्मी आगे 40 की थी, और फिगर भी कमाल का था. मोटे बूब्स, पतली कमर, गांद निकली हुई जिसे कोई देख ले तो दीवाना हो जाए.

मैने मम्मी को कभी ग़लत नज़र से नही देखा था. पापा की डेत के बाद हम अकेले हो गये थे. मम्मी भी बहुत अकेला फील करती थी, और हमेशा उदास रहती थी. मैने घर का खर्चा चलाने के किए जॉब जाय्न कर ली कुछ, जो वर्क फ्रॉम होमे ही था. तो हम लोग ज़्यादा टाइम घर पर भी गुज़ारते थे.

मैं मम्मी को खुश करने के लिए मम्मी को जोक सुनाया करता. कुछ टाइम तो वो खुश हो जाती, लेकिन फिरसे उदास हो जाती. मुझे समझ नही आ रहा था, की मम्मी को कैसे खुश करू. एक शाम के बाद मम्मी अकेली बाल्कनी में बैठी थी. जब मैं पास गया तो रोने की आवाज़ सुनी. मैं मम्मी के पास गया, और उनको पूछा क्या हुआ.

मम्मी: कुछ नही बेटा.

मैं: बुत रो क्यूँ रही हो आप?

मम्मी: कुछ नही बेटा, तेरे पापा की याद आ रही है.

मैं: मैं हू ना आपके पास. प्लीज़ रोना बंद करो. वरना मुझे भी रोना आ जाएगा .

मम्मी हमेशा सारी पहनती थी, जिसमे उनका पेट खुला होता, कमर सेक्सी लगती, और बूब्स मानो बाहर आने को बेताब होते थे.

मम्मी: तेरे पापा की कमी बहुत खलती है (और फिर रोने लगी).

मैने मम्मी को हग किया, और बोला: मैं आपके पास हू ना आपका ख़याल रखने के लिए.

जब मैने मम्मी को हग किया, तो मेरे जिस्म में एक अलग तरह का करेंट लगा. मेरा चेस्ट मम्मी के बूब्स से टच हो रही थी. मम्मी ने भी मुझे हग कर लिया.

शायद बहुत दीनो से हग नही किया था पापा को, इसी वजह से खुद को रोक नही पाई. मेरे दिमाग़ में अभी तक कोई ग़लत ख़याल नही था. बुत इस हग के बाद से मुझे एक अजीब फीलिंग हुई. अब मम्मी ने रोना बंद किया और बोली-

मम्मी: बेटा तू मुझे छ्चोढ़ कर मत जाना .

मैं: नही जौंगा, कभी नही जौंगा.

मम्मी: प्रॉमिस.

मैं: पक्का वाला प्रॉमिस.

मम्मी: अछा मैं तेरे लिए छाई लाती हू. साथ छाई पीट है आज.

मैं: जी.

मैं मम्मी के हग को याद कर रहा था, और मेरा लंड बिल्कुल रोड के तरह तंन गया था. थोड़ी देर बाद मम्मी छाई ले कर आई. मेरा लंड अभी भी सलामी दे रहा था. शायद मम्मी ने नोटीस किया, बुत कुछ बोली नही. फिर हम छाई पीने लगे, और मैं मम्मी को देख रहा था. मम्मी बोली-

मम्मी: क्या हुआ, क्या देख रहा है?

मैं: कुछ नही.

मम्मी ने बोला: बेटा बताओ, शरमाओ मत.

मैं बोला: आप बहुत खूबसूरत हो.

मम्मी: तू बिगड़ गया है. मम्मी से ऐसे बात करते है?

मैं: मैने कुछ ग़लत बोला क्या?

मम्मी कुछ देर बाद बोली: नही ग़लत नही बोला.

मैं: मैं जानता हू पापा की डेत के बाद आप बिल्कुल अकेली हो गयी हो, और बिल्कुल चुप-छाप रहती हो. मुझसे कुछ शेर नही करते.

मम्मी: नही बेटा ऐसी बात नही है.

मैं: फिर इतनी उदास क्यूँ रहती हो?

मम्मी: तेरे पापा की कमी खलती है.

मैं: मैं हू ना पापा की कमी डोर करने के लिए.

मम्मी: हा वो तो है, बुत कुछ कमी तू पूरी नही कर सकता ना.

मैं समझ गया था मम्मी क्या बोलना चाहती थी. बुत जान कर पूछा-

मैं: कों सी कमी?

मम्मी: तू नही समझेगा.

मैं: तुम समझवगी तो समझ जौंगा.

मम्मी: अर्रे बेटा (शर्मा कर), औरत की कुछ रिक्वाइर्मेंट्स होती है.

मैं (अंजन बन कर): क्या रिक्वाइर्मेंट्स होती है?

मम्मी: अभी तू नही समझेगा. जब तेरी शादी होगी, तब खुद समझ जाएगा.

मैं: नही मुझे आप समझाओ.

मम्मी (टॉपिक को चेंज करते हुए बोली): बेटा अभी नही, अभी खाना बनाना है.

और वो चली गयी. मुझे ये सब अजीब तो लग रहा था, बुत एक अजीब सी फीलिंग भी हो रही थी, जो अची लग रही थी. मैने सोच लिया आज ट्राइ करूँगा. अगर मम्मी मान गयी तो ठीक, और इससे मम्मी की रिक्वाइर्मेंट भी पूरी हो जाएगी, और मम्मी खुश भी रहेगी.

थोड़ी देर बाद मैं किचन में गया पानी पन के बहाने से. मम्मी रोटी बना रही थी, और पूरा जिस्म पसीने से भीग चुका था. मम्मी ने पल्लू को कमर में सामने से तूस रखा था. इससे बूब्स की शेप और भी बड़ी और अट्रॅक्टिव दिख रही थी.

मेरा तो ये देखते ही लंड तंन गया, और मैं मम्मी की गांद को टच करता हुआ गुज़रा. बुत मा ने कुछ नही बोला, और एक स्माइल दी. इसका मतलब ग्रीन सिग्नल था उनकी तरफ से. अब हमने रात का खाना खाया, और टीवी देखने लगे. फिर मम्मी चली गयी अपने रूम.

मैं थोड़ी देर बाद गया तो देखा मम्मी रो रही थी. मैं मम्मी के कदमो में बैठ गया, और हाथ पकड़ कर सहलाने लगा. मम्मी को मैं चुप करने लगा. बुत मम्मी और भी रोने लगी. मुझे समझ नही आ रहा था क्या करू.

मैं: मम्मी प्लीज़ आप रोना बंद करो. मैं हू ना, सब ठीक हो जाएगा.

मम्मी ने कुछ नही बोला, बस रोटी जेया रही थी. मैं फिर उठा, और मम्मी को हग करा और बोला-

मैं: मैं हू ना, सब ठीक हो जाएगा.

मम्मी रोटी हुई बोली: तेरे पापा की बहुत याद आ रही है.

अब मम्मी बिल्कुल एक छ्होटी बच्ची के तरह मुझसे चिपक गयी. इससे उनके जिस्म गर्मी मुझे फील हो रही थी.

मम्मी: बेटा तू हमेशा मेरे साथ रहना.

मैं: जी मैं हमेशा आपके साथ ही रहूँगा.

अब मैं मम्मी की पीठ को सहला रहा था, जिससे शायद मम्मी अब गरम हो रही थी. मैने सोचा ट्राइ करना चाहिए, तो मैने मम्मी को एक किस किया गाल पर. फिर दूसरे गाल पर. मम्मी ने कुछ नही बोला. फिर मैने उनको हग कर लिया. शायद मम्मी ये भूल गयी थी, की मैं बेटा था उनका.

मम्मी की साँस तेज़ हो रही थी, और बूब्स मेरी छाती से बिल्कुल चिपके थे. और दूसरी तरफ मेरा लंड पंत से बाहर आने को बेताब था.

अब मैने मम्मी की आँखों में देखा, जो वासना से भर चुकी थी. फिर उनके लिप्स पर किस किया. दोस्तों ये मेरा फर्स्ट लीप किस था. मैं बता नही सकता उस फीलिंग को. अब मम्मी ने भी मेरे होंठ चूसना शुरू कर दिया. 5-8 मिनिट हमने एक-दूसरे को किस किया. अब मम्मी की साँसे और तेज़ हो गयी और वो पूरी तरह गरम हो गयी थी. क्यूंकी बहुत दीनो से सेक्स नही किया था मम्मी ने.

मैं आयेज बढ़ा और किस करते हुए एक हाथ से उनके बूब्स को सहलाने लगा. अब मम्मी मोन करने लगी, और मेरा दूसरा हाथ उनकी कमर से होता हुआ गांद को सहलाने लगा. हम ऐसा करते हुए अपने रिश्ते को भुला चुके थे.

मैने अब मम्मी का पल्लू हटा दिया, और बूब्स को ब्लाउस के उपर से दबा रहा था. मम्मी की आँखें बंद थी, और वो मोन कर रही थी. थोड़ी देर बाद मैने मम्मी की सारी खोल दी. अब मम्मी मेरे सामने ब्लाउस और पेटिकोट में थी. मैने जब देखा तो लगा मानो कोई रूप की देवी प्रगट हुई हो, जो मुझे अपने अंदर सामना चाहती हो.

दोस्तों आयेज की कहानी नेक्स्ट पार्ट में. आप लोगों को बतौँगा की किस तरह हमारा दो जिस्म एक जान बना. वो भी तब, जब आप लोगों को ये कहानी अची लगे तो. आप अपनी फीडबॅक मुझे मैल कर सकते है, और किसी को सेफ और सेक्यूर सेक्स करना हो, तो मुझे मैल कर सकते है एस मैल पर लोवेक्षयज़405@गमाल.कॉम

थॅंक योउ.

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