मां बहन का आशिक बेटा 3

मैं मीरा उस रात आकाश मुझे 4 बार चोदा सोनिया उसके साथ मिलकर प्लान बनाया थी मैं विवश होकर आकाश का विरोध कर नहीं पायी,
सुबह आकाश की नींद खुली तो मैंने देखा वह एकदम नॉर्मल था लेकिन मैं बहुत परेशान हो गई थी बेटा मेरे पास आकर बैठ गया और कहा मम्मी आप को एक नया जीवन शुरू करना चाहिए

आप मेरा साथ दे मैं आप का दामन खुशियोंं से भर दूंगा आपको एक दूसरा पारी शुरूू करनी चाहिए अब तो जो होना था ओ हो गया मैं एक उसके गाल पर एक थप्पड़ मारी मुझे बाहों में भर का चूचियों को दबानेे लगा और कहने लगा आपकोो धीरे-धीरे इसकी आदत हो जाएगी मैं अब बहुत विरोध नहींं कर पाती और मुझे नंगा कर दिया,

और चूचियों‌ को दबाते हुए कहा आप की चूची साइज की ब्रा भी बहुत मुश्किल से मिलता है मां आपके चूचियों को दबाने से मुझे परम शांति मिलती हैं दुनिया में इतनी खुशी कभी नहीं मिली जितना आपकी चूची पीने से मिली आप अब आप बेटे मां के रिश्ते को भूल जाइए अब हम रोज इसीीी तरह म लेंगे,

बेटा नीचे से ऊपर मुझे देख रहा था मैं शर्म के मारे सर को नीचे किए हुए‌ थी मेरे जांग हर हाथ फेरते हुए कहा मम्मी आप की चूची और चूूत पैर सब कितने चिकने हैं मम्मी तुम मेरी हो जाओ हम बहन और तुम मिलकर फैमिली अपनी बनाएंगे बहुत जिंदगी को एक नया इतिहास रचने का मौका मिला है वह मौौे का फ़ायदा उठा कर सारे रिश्ते भूल कर एक नए रिश्ते शुरुआत करेंगे मैंंं कुछ नहींीं बोली आकाश मेरे को बदन को चूम रहा था उसको दूर करने की कोशिश कर रहे थी,

आकाश मेरे चुचियों को दबाने लगा हो खाना बनाने चली गई थी आकाश को ड्यूटीी जाना आकाश मेरे चुचियों को चूसने लगा और मम्मी कहने लगा फिर

चूत में मुंह को लगा कर चाटने लगा और कहा मम्मी इसी चूत से मैं निकला हूं और इसी च** से अपने बच्चे को निकाल लूंगा मैं कुछ नहीं बोल रही थी आकाश मेरी च** की जीभ से चाट रहा था वह अंदर सेे गर्म हो चुकी थी
आकाश अपने लैंड को च** में डाल दो मेरे होठों को चूसते हुए च** में झटके मारने लगा की विशाल ल** मानों मेरी चूत** को छीलती हुईं दर्द दे रहेे थेीी

लेकिन दर्द में भी मजा था मैं भी आनंद ले रही थी लेकिन विरोध करने का नाटक कर रहे थी,
आकाश मेरी च** में पानीी छोड़कर होठों को चूमने लगा मैं भी हल्के से च** को ढीला छोड़ दिया अकाश उठकर चला गया मैं वैसे सोई रहे सोनिया मुझे मुझे चाय बना कर दिया 2 घंटेे बाद अनार का जूस लेकर मेरे पास आए आकाश काम पर चला गया था सोनिया बोली तुम्हारी लिए भाई ने जूस भेजा है कहा था मुझे देने को मैं कुछ नहीं बोलूं सोनििया नीचे चली गई मैं बहुत थक चुके थे म जूस को ् पी लिया,

फिर मैं उठी और नहा कर बैठी थी सोच रहे थे क्या हो गया कभी सपने में भी नहीं सोचा था मेरा बेटा है मुझे चोदेगा, मैं अब जान चुकी थी यस आकाश कोई छोड़ने वाला नहीं कुछ देर बाद सोनिया मेरे लिए खाना लेकर आ गई बोली मम्मी तुम बहुत थक गई हो खाना खाकर आराम कर लो मुझे अजीब सा लग रहा था कि मुझे लोग प्यार कर रहे हैं क्या यह मेेरी बेटी बहू का हक अदा कर रही है या मां का,
मैं सोनिया सेे बोली मुझेे नहीं तुम खा लो सोनियाा मेरे पास आकर चिपक गई बोली मम्मी आप अभी गुस्सा हो, और जबरदस्ती खाना खिलाने लगी म ना चाहते हुए भी खाना खाना पढ़ रहा था

मैं बोली तुम लोग बहुत गलत है तुमको कोई फर्क नहीं पड़ रहा है संसार में ऐसा किसी के साथ नहीं हुआ जो मेरे साथ हुआ है मैं कैसे खाना मुझे कुछ समझ मेंं नही आ रहा है मेराा बेट और बेटे तुम लोग या क्या कर डाले

सोनिया बोली मम्मी बहुत से लोग करते हैं अपनी मां बेटी बहन से मैं बोला बोली असंभव -बेटी सोनिया अपने मोबाइल से सेक्स स्टोरी मांं बेेटा सेक्स स्टोरी सर्च की बहुत से सेक्स कहानियां थे दीदी ने अपना मोबाइल मुझे दे दिया और कहां इस पर पढ़ो समाज में क्या चल रहा है पहले सेे बहुत चेंज हो गया अब वह पुरानेे ख्यालों नहींं रहा

बेटा बेटी मां बेटी मांं बेटा सेक्स कहानियां रियल जिंदगी में भी हो रहे हैं मैं सोनिया रहने पर मोबाइल से सेक्स स्टोरी नहीं खोलें लेकिन छत पर चली गई सोनिया बोली मम्मी आकाश फोन किए हुए हैं आपसे बात करनी है और कह रहे हैं यह मोबाइल मम्मी को दे दो या उनके पास रहेगा अब मैं फोन नहीं रिसीव किया लेकिन सोनिया फोन उठाकर हैंड फ्री कर दे आकाश बोला मम्मी कैसी है मैं तुम्हारे लिए ब्रा और पेंटी खरीद रहे हो इसलिए यह बताओ कितने नंबर की होती है मैं कुुछ नहीं बोली आकाश कहांं मम्मी बोलो अब कैसा शर्माना इतने में सोनिया वेरी पेंटी और ब्रा साइज 36 है बता दिया,

शाम को आकाश घर आया सीधी सोनिया को किस किया और मेरेे पास आकर मेरे चुचियों को दबाने लगता और पेंटी ब्रा 4 सीट लाया था और दूर नाइटी लाया था,
खाना खाने के बाद मुझे भीी खाना जबरदस्ती खिलाया उसके बाद मुझेे उठा बेड पर लेटा दिया मैं उसका विरोध करने के लिए मैं खड़ी होती आकाश मेरे
सारे कपड़े उतार कर पहना दिया मैं रोक ना सके उसकेे बाद सोनिया सोनिया देखो में इतनी सुंदर लग रहे हैं सोनिया मुस्कुराते हुए बोली मां किसकी है,

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आकाश मुझे अपनी मोबाइल देकर आज के बाद यह मोबाइल तुम्हारे पास रहेगा,

———- Forwarded message ———
From: Meera Roy
Date: Mon, Dec 30, 2019 at 6:12 PM
Subject: मां बहन का आशिक बेटा 5
To: Suuny leone

मैं मीरा आज अपनी कहानी का सबसे रोचक जानकारी देने जा रही हूं यही से मेरे जीवन या आप कह सकते हैं मस्तिष्क का परिवर्तन हो गया मैं अपनी घटना पीछे जहां खत्म किया था वहीं से शुरू करतीं हूं

आकाश मुझे मोबाइल फोन दिया लेकिन मैं इस मोड़ फोन पर करती क्या किससे बात करती,

उस रात आकाश ने मुझे नंगा कर दिया और मेरे चूत के बाल साफ़ करने के लिए क्रीम लगाने लगा मैं थोड़ा बहुत विरोध कर रही थी लेकिन सोनिया ने मेरे पैरों को फैला दिया था मेरे चूूत के बाल साफ़ करने के बाद आकाश सोनिया से कहा मम्मी को तुम चूत के रस का सेवन करो मैं मम्मी के चूचियों के स्वाद का सेवन करता हूं,
मैं अपना पैर को घुटने टेक कर बौठ गई आकाश बोला मम्मी माा जाओ अब क्या बचा है मैं कुछ बोले बिना पैर नहीं फैलाया सोनिया बोलीं मां को अकेले नहीं चोद सकते,
सोनिया अपने दुपट्टेे स मेरे पैर को बांध दिया और हाथ को भी और बोली भाई मम्मी अब कोई दिक्कत नहीं करेंगी आकाश ने मेरे पैरों को खोल दिया और कहा मम्मी मैं आप के साथ आप के इच्छा से चोदना चाहता हूं
मैं बोली ऐसा कभी नहीं होोाग आकाश ने कहा ठीक है तब मैं शांत होने के लिए आप के चूत के रस को पीने का सौभाग्य अभी नहीं छोड़ेंगे,

सोनिया मेरे पैरों की फैला दिया आकाश चूत में मुंह डालकर चूसने लगा मेरे चूत से पानी निकल गया और आकाश बोला मम्मी आप का पानी निकल रहा है सोनिया बोली मम्मी की मर्जी है बस नखडे दिखा रही हैं,
आकाश मेरे चुचियों को दबाने के लिए सोनिया को कहा सोनिया खुश हो गई और बोली भाई मम्मी के चूचियों को दबाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ,

आकाश मेेी चूत में लन्ड को पकड़ कर डाल दिया और कहने लगा मम्मी मान जाओ मैं अपने सिर को घुमाा कर कुछ नहीं बोली आकाश कहां मम्मी तक ऐसे ही करते रहेंगे,

आकाश चूत** में लन्ड** डालकर झटके देने लगा मैं एक बार फिर बिना इच्छा के चोदने के लिए मजबूर हो गई थी आज रात आकाश बुरी तरह चोदा,
सुबह फिर नॉर्मल होकर ऑफिस चला गया सोनिया फिर मुझे चाय और खाना देकर मेरे पास आकर बैठ गई

और मोबाइल में सेक्सस स्टोरी खोलकर देदी और बोली मम्मी दुनिया में तुम ही एक अकेली नहीं है जो अपने बच्चे फिर सेक्स कराती है देखो पढ़ो इसको पहलेे तो मैं इसे पढ़नेे स इनकार कर दिया लेकिन सोनिया के जाने के बाद मैंने सेक्स स्टोरी पढ़ना शुरू करें पहले यह दो काफी सेक्सी स्टोरियां पढ़ती रही सोनिया मुझे आकर देखकर बोली मम्मी पता चला कि कितने लोग हैं संसार में तुम बेवजह के पागल बनी मैं कुछ नहीं बोले शाम के 5:00 बजे तक मैं सेक्स स्टोरी पड़ती है और सोचती रही यह सही है कि गलत है लेकिन मैं एक निष्कर्ष पर पहुंचे अगर यह सही है तो सही है अगर गलत है तो यह भी किसीी इंसान की कल्पना होगी जोो अपनी

जो अपनी कल्पना को कहानी का रूप धारण करके पेश किया है और बहुत सी कहानियां सही भी लगी एक कहानी तो 17 अट्ठारह भागों में थी उस कहानी को पढ़ने पर लगा की यह कहानी मेरी तरह है वह कहानी दो हजार अट्ठारह की प्रकाशित थी याा कहानी मुझे अपनी कहानी की तरह लगी इस कहानी को मैं अपनेे आदर्श रूप में मानकर अपनी कहानी भी लिखने का प्रयास किया मेरी कहानी तो इतनी लंबी नहींं है,

मैं कहानियां पढ़ती गई मेरे विचार अब चेंज हो रहे थे ऑटोमेटिक बेटे के प्रति बदल रही थी मैं कहानी के रूप में बेटे को देख रही थी,

आकाश मेरे लिए नाइटी बिकनी ब्रा दर्जनों लेकर आया पहनने को बोल रहा था लेकिन मैं नहीं पहनी मैं अभी बहुत परेशान थी लेकिन आकाश का काम होता रहा कहानियों को पढ़ते रहे और सोनिया मुझे कहानी पढ़ते मुस्कुराने लगती थी मैं कुछ नहीं बोलती थी इसी तरह चलता

3 महीनेेे बीत थे अब यह मान चुकीी थीं अब कुछ होना नहीं है मैं यह सब कहानियों के योगदान मानती हूं अगर सेक्स स्टोरी मस्ताराम नहीं होता शायद मेरे जीवन में यह पल देखने कोो नहीं नहींीं मिलता

मस्ताराम ने मेरे जीवन में दूसरी पारी लाई और मुझे यह समझाने बहुत सहायक सिद्ध हुई कि दुनिया में कोई रिश्ता च** से बड़ा नहीं होता मस्ताराम कोो बहुत-बहुत धन्यवाद करती हूं, इसने मेरे जीवन को खुशियों से भर दिया और मुझे जीने का एक सहारा दिया अगर शायद याा सेक्स स्टोरी नहीं पड़ी होती तो मैं दुनिया को नहीं समझ पाती और अपनी बात को नहीं रख पाती सहयोग से मुझे आज इस मुकाम पर पहुंचाया है

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करवा चौथ का दिन था आज मैं पूर्ण रूप से अपने बेटे होना चाहती थी मैं आज अपनी इच्छा से उसके साथ चुदाई का आनंद लेना चाहती थी मैंं सुबह उठी और नहा कर तैयाार हो सोनिया बोली मम्मी मैं आकाश की पत्नीी बन चुुकी हूं, मैं करवा चौथ का व्रत रख दी है, आपके लिए बाहर से खाना मंगवा लेंगे मैं पेट का बहाना कर केे कहां मुझेे भी भूख नहींं लगी है, सोने जा रही थी सोनिया बोली ठीक है आकाश जी आज बाहर खाना खाएंगे और हमारे लिए सामान शाम कोो लेकर आएंगे मैं कुछ बोले बिना छत पर चली गई 6:30 बजे आकाश छुट्टीटी लेकर आ गयाा,

सोनिया तैयार होकर लाल साड़ी पहनकर खिड़कीी के पास आकर चांद को देखकर आकाश में सोनिया का व्रत छुड़वाया और किस है मैं नीचे थी,
जब सोनिया तैयार हो रही थी तभीी मैं बेटे द्वारा लाई हुई साड़ी और बिकनी ब्रा ब्लाउज पहन कर तैयार हो गई, और नीचे थाली लेकर पानी लेकर बैठी थी,

कुछ देर बाद आकाश नीचे आया मुझे देख कर दंग रह गए बोला मम्मी आप भी मैं मम्मी ना बोली बोलिए आज से आपके में पत्नी बन रही हूं, सुबह से मैंं भी करवाााा चौथ की व्रत राखी हूं, और यह सिंदूर मेरी मांग में भरीये और मुझे अपना बना लिजिए,

आकाश मुझे छत पर लेकर चला गया सोनिया मुझेे तुझ पर दंग रह गई बोली मम्मी आकाश ने इशारा करके सोनिया को चुुप रहने को कहा,
पहले मेरी मांग में सिंदूर भरा उसके बाद मंगलसूत्र था उसको पहनाया फिर मुझे पानी पिला कर व्रत तोड़ा और बाहोंंंं में भर कर बोला मम्मी मुझे बहुत खुशीी हुई आज मैं बोली आज से मैंं मीरा हूं और पत्नी हूं आप की,

सोनिया बोली मम्मी को आपकी पत्नी बनाने में मैंंं बहुत मदद की हूं अगर मैं सेक्स कहानियां नहीं पढ़ाती तो आज मम्मी आपकी पत्नीी नहीं हो सकती थी,

मैं सब जानता हूं हम तीनो लोग खाना खाए फिर छत पर ही आ गए आकाश धीरेे धीर मेरे सारे कपड़े उतार के मैं लाल पेंटी और ब्रा हो गई और सोनिया का भी सारे कपड़ेे उतार दिए सोनिया ब्लैक पेंटी और ब्रा में नंगी थी हम दोनों आकाश के कपड़े उतार दिए आकाश बहुत खुश नजर आ रहे थे आज मैं भीी अंदर से बहुत खुश थी मुझेे किसी से शिकवे गिले नहीं थे मैंं आकाश को अपने हाथों से लड़के को लन्ड** को पकड़ कर पूछने लगी

सोनिया के चेहरेे पर खुशी गायब देख रहीी ीं थी मैं आकाश के ल** को चूस रही थी 10 मिनट चूसने के बाद आकाश मेरे चूत** में उंगली डालकर हिलाने लगा मैं बोली लंड किस काम का मुझे इसका रस चाहिए आकाश बोला जान इसका भी रस मिलेगा थोड़ा सब्र तो करो पहले तो आप के चूत** केे रस पान करने दो, आकाश मुझे अपने मुंह पर चूत लाने को बोला मैं अपनेे चूत** को आकाश के होठों पर रख दिया, आकाश नीचे से च** को चाटने लगा मैं ऊपर से चूत को चाटने लगी कुछ देर चाटने के बाद आप मुझे नीचे करके च** मेंं ल* डालते हुए*

बोला मम्मी आज आप अपनीी इच्छा मेरे साथ सब कुछ कर आ रही है मुझे बहुत खुशी मिल गई है मैं बोली मम्मी ना बोलिए मीरा बोलिए, आकाश बोलते हुए सोनिया को इशारा किया फिर मेरे चुचियों को तुम चुसो सोनिया बिनाा मन केे मेरे चूचियों को चूसने लगी मैं भी जोश में आकर बोली अभी तो शुरुआत है बेटी मेेेेरेे आग में घी डाल दिया है तुमने मैैं6 साल से किसी तरह से शांत की थी,

बेटा बोला मम्मी ये हुई बात अब मैं अपनी पत्नी के साथ मज़ा ले सकता हूं मैं आकाश को छेड़ते हुए कहा पत्नी नहीं पत्नियों के साथ सोनिया बोली मम्मी को पा कर हमें भूूल ग्रे आप, मैं सोनियाा की चूची को दबाते हुए बोली कैसे भूल जाएंगे जान तुम्हारे चूतड में उनकेेे ल** को* मैं डालूंगी सोनिया बोली आपके चूत** का रस में ले सकतीी मैंने कहा अरे मेेेरे पतिदेव पूछिए उनके इसको टच भी नहीं कर सकती आकाश बोला मम्मी आप मुझे खुश कर दे आप जोो कहेंगे मैं करने को तैयार हूं बस आप मेरा साथ दीजिए मैं बोली अब तो पति बन गए हो आपका पूरा हक है मेरे ऊपर आकाश ने मेेरे होठों चोदते हुए चोदने की स्पीड बढ़ा दी और मैं नीचे से झटके देने लगे 10 मिनट में आकाश अपनेे पानी पानी केे फव्वारे च** में उलट दिए मैं भी अपना पानी छोड़़ चुकी आकाश मुझसे चिपक कर सोता रहा

मैं सोनिया को अपनी बाहों में लेकर चूचियां दबाने लगी आकाश बोला मम्मी पहले आप बहन को गर्म करो उसके बाद मेराा ल* तैयार होगा सोनिया बोली पहले लंड तैयार उसकेे बाद*मैंंं तो तैयार ही हूंं

उस रात के बाद अब सारेेे रिश्ते खत्म मैं सोनिया और आकाश पति के रूप में रहने लगा था 22 साल का लड़का 38 साल की मां और 17 साल कीी लड़क बहुत अच्छा कंबीनेशन बन रहा था आकाश हम मुझे रोज चोदता है हम मूवी देखने जाते हैं तो आकाश मौका पाकर मेरे चुचियों को ताप देता है जिंदगी बहुत खुशहाल बीत रही है


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