लंड की भूखी नौकरानी की चुदाई कहानी

मैं अपनी आंट के साथ उनके घर में रहता हू पढ़ाई के सिलसिले में. मेरे घर वाले विलेज में रहते है, इसलिए वाहा स्टडी की अची फेसिलिटी नही है. मेरी आंट जॉब करती है, और उनकी जॉब 12 बजे से शाम के 7 बजे तक की होती है. और मेरा कॉलेज 8 से 12. तो जब तक मैं कॉलेज से आता हू, वो चली जाती है. लेकिन हमने घर में नौकरानी रखी हुई है.

अब मैं अपने बारे में कुछ बताता हू. मेरी आगे 20 है. मेरा लंड 7 इंच का है, और मेरी हाइट अराउंड 5.11 फीट है. मेरी नौकरानी की हाइट अराउंड 5’6″ होगी. उसका फिगर है 34-23-36. उसका रंग गोरा है, और उसका नामे सेजल है.

मुझे सच में उसे छोड़ने का बहुत मॅन करता था. हमारी बात-चीत तो होती रहती थी वैसे रोज़, पर मेरा मॅन हुआ अब तो इसे छोड़ के ही रहूँगा. तो मैने सोचा पहले अपनी बॉडी शो करूँगा. और फिर धीमे-धीमे करके इसे छोड़ दूँगा.

एक दिन वो कपड़े धो रही थी. उसके जस्ट सामने हमारा बातरूम है, तो मैने सोचा बिना कपड़े पहन के बाहर निकलूंगा. फिर मैं सिर्फ़ अपनी अंडरवेर पहन के बाहर आ गया, और उसके सामने चला गया. मेरा लंड सॉफ-सॉफ दिख रहा था.

मैने कहा: लो ये कपड़े भी धो दो.

उसने कहा: ठीक है.

फिर मैं वाहा से चला गया. जब वो कपड़े धो के अंदर आई झाधु-पोछा करने के लिए, तब भी मैने कपड़े नही पहने हुए थे. मैं अंडरवेर में बेड पर लेता हुआ फोन चला रहा था, और वो काम करते-करते बार-बार मुझे देखे जेया रही थी.

ऐसा मैने लघ्हभाग 4 दिन रोज़ किया. फिर उसने काई बार मेरी तारीफ भी की. मुझे तभी इशारा मिल गया की वो चूड़ना चाहती थी मुझसे. तभी मैने सोचा की अब मैं उसको सीधा लंड दिखौँगा.

फिर एक दिन जैसे ही वो घर में आई, मैं सीधा बातरूम में नहाने चला गया. वो जैसे ही अंदर आई उसने देखा की मैं खड़ा था. मुझे पता चला की वो आ गयी थी, तो मैं अपने कपड़े उतारने लगा.

पर मेरा मूह दूसरी साइड था. मैने अपनी शर्ट उतरी, फिर पंत. अब मैं अंडरवेर में था, और वो मुझे देखे जेया रही थी. तभी मैने अंडरवेर भी उतार दिया, और सीधा उसकी साइड मूह किया. मैं ऐसा दिखा रहा था की मुझे पता नही था की वो आ गयी थी. उसने मेरा लंड देख लिया सॉफ-सॉफ. फिर मैने उसे देख के कहा-

मैं: अर्रे आप कब आए?

उसने लिटरली मुझे स्माइल दी, लेकिन फिर मैने अपना दरवाज़ा बंद कर लिया. अगले दिन भी मैने यही हरकत की. लेकिन फिर जब मैं टवल लपेट के निकला मैने देखा की वो खाना बना रही थी, और उसकी गांद मुझे दिख रही थी सॉफ सॉफ.

अब मुझसे रहा नही गया. मैने सोचा अब जाके सीधा इसे छोड़ ही दूँगा. मैं टवल लपेट के उसके पास गया, और उसके सीधा पीछे खड़ा हो गया. मेरा लंड उसकी गांद को टच हो रहा था.

फिर मैने पूछा: ये क्या बना रही हो?

उसने कहा: रोटी.

तब वो तोड़ा अनकंफर्टबल हुई. मैने जल्दी से जाके दरवाज़े खिड़की बंद कर दिए.

उसने कहा: ये क्या कर रहे हो?

मैने कहा: अब बहुत हो गयी इशारे-बाज़ी.

फिर मैने अपना टवल हटाया, और अपना 7 इंच का लंड उसको दिखाया. उसकी आँखें खुली रह गयी. फिर मैने उसका मूह दूसरी साइड किया, और अपना लंड उसकी गांद पर घिसने लगा बिना सारी उतारे.

वो कह रही थी: ये क्या कर रहे हो?

फिर मैने उसे किस किया, और सीधा उसे उठा के अपने बेड पर पटक दिया. वो कुछ बोले, उससे पहले मैने उसके मूह पर हाथ रखा और बोला.

मैं: देखो तुम भी यही चाहती हो, मैं जानता हू.

लेकिन वो ना बोलने लगी. फिर मैने सीधा उसका मूह खोल के उसके मूह में लंड दे दिया सीधा गले तक. मैं उसका पल्लू हटा के उसके बूब्स दबाने लगा. उसके निपल्स हार्ड हो गये थे. अब मैं उसके मूह में लंड देता रहा ज़ोर-ज़ोर से.

मैने 5 मिनिट तक उसके मूह में लंड दिया. फिर जब निकाला तो वो भी एग्ज़ाइटेड होने लगी, और अपनी सारी उतारने लगी.

मैने कहा: अब आई ना फॉर्म में. पर मैं तेरे कपड़े उतरूँगा.

वो भी मान गयी. फिर मैने उसकी सारी निकली सबसे पहले. अब वो सिर्फ़ ब्लाउस और पेटिकोट में थी. उसने ब्रा और पनटी दोनो नही पहने थे. मैने सीधा उसका ब्लाउस और पेटिकोट निकाल के फेंक दिया, और उसकी छूट चाटने लगा.

बहुत बाल थे उसकी छूट में. फिर मैने उसकी टांगे खोली, और सीधा अपना लंड डाल दिया उसकी छूट में. वो ज़ोर से चिल्ला रही थी, और मैं ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारे जेया रहा था. फिर कुछ देर बाद मैने उसको घोड़ी बनाया, और छोड़ने लगा.

फिर मैने अपना लंड निकाला, और सीधा उसकी गंद में डाल दिया, और उसकी गांद छोड़ने लगा. इसमे तो वो और भी ज़ोर से चिल्ला रही थी. फिर मैने अपने हाथो से उसका मूह बंद किया, और छोड़ने लगा. उसके बाद मैने लंड गांद से निकाल के उसकी छूट में डाल दिया, और उसके बाल पकड़ के छोड़ने लगा बिल्कुल जानवर की तरह.

अब मैं ज़ोर-ज़ोर से उसकी गांद स्पॅंक कर रहा था, और थप्पड़ मारे जेया रहा था. उसकी गंद लाल हो गयी थी. 10 मिनिट तक ऐसे ही छोड़ने के बाद उसका पानी निकला, और फिर मैने अपना स्पर्म उसके मूह पर डाल दिया. उसका मूह पूरा सफेद-सफेद हो गया था.

उसने कहा: एक और बार छोड़ो मुझे.

ये सुन कर तो मैं बहुत ही ज़्यादा खुश हो गया. फिर मैने उसे उठाया, और सीधा अपने लंड पे बिताया और कॉवगिरल पोज़िशन में छोड़ने लगा. लेकिन वो धीमे-धीमे उछाल रही थी.

मैने उसे उठाया, और बेड पे लिटाया और उसकी टांगे खोल के ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा. उसकी छूट का भोंसड़ा बन गया था. उसे काफ़ी देर तक मैने ऐसे ही छोड़ा. फिर उसके बूब्स चूसने लगा, और दबाने लगा.

उसके बाद मैं अपना लंड उसके बूब्स के बीच में दबा के छोड़ने लगा. लगभग हर तरह से छोड़ा मैने उसे. फिर मैने उसे मसाज दी. उसके बाद उसने भी मेरी मसाज की काफ़ी देर तक.

फिर ऐसे ही हम ऑलमोस्ट रोज़ सेक्स करते रहे. और मैं उससे अपनी मसाज भी करवाता था. मेरी आंटी को इस बात की भनक भी नही थी, और ये काफ़ी अची बात थी हमारे लिए.

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