कहानी जिसमे लड़की ने बिना कपड़ो के नाचा नंगा नाच

हेलो दोस्तों, मेरा नाम सुरभि है आंड ई होप की आपको इस स्टोरी का पार्ट-1 पसंद आया होगा. अब जो स्टोरी बता रही हू, वो एक फॅंटेसी है मेरी, जो मेरे अंदर बचपन से बोल्लयऊूद मूवीस देख के डेवेलप हुई. स्पेशली ओल्ड मूवीस जिसमे महफ़िल में एक डॅन्सर जिसको अपने डॅन्स और आर्ट पर घमंड होता था, वो डॅन्स करती है.

मेरे बारे में बता डू. मैं एक लोवर-मिड्ल क्लास फॅमिली से बिलॉंग करती हू. मेरे घर में पापा, मम्मी, दादा, और मेरी बड़ी सिस्टर है. मैं दिखने में फेर हू, आंड हाइट 5’1″ है. अभी का फिगर 32सी-30-34(पनटी) है.

मेरे अंदर भी ये फॅंटेसी थी, आंड मुझे डॅन्स का काफ़ी शौंक है बचपन से. मैं भी चाहती थी, की मधुरी के जैसे हरा सलवार-कमीज़ पहन कर मार डाला पर डॅन्स करू.

बस उसी फॅंटेसी को सेक्स से जोड़ते हुए ये स्टोरी बनाई है. उम्मीद है आप सब को पसंद आएगी. इफ़ ना भी आए, तो आप मैल पर बता देना. मैं नही लिखूँगी आयेज के पार्ट्स.

स्टोरी के कॅरक्टर बता देती हू.

स्टोरी में सुरभि 32सी-30-34 फिगर के साथ उमर 22.

मोटी सेठ, रंग काला, पेट निकला हुआ, धोती, चेहरे पर मच निकली हुई, और एक नंबर का हरामी. उमर उसकी 45 साल, और सबसे अमीर, जो ये महफ़िल करवाता है.
उसके दोस्त किशोरे, प्रेम, उमर 44 साल दोनो की, एक नंबर के दारू-बाज़, और वो भी खूब पैसे वाले.
इनके अलावा इनके 2 बॉडीगार्ड्स, राजू आंड मोनू.
इनके नौकर, ड्राइवर जिनके नाम मैं समय-समय पर बताती रहूंगी.
अब मैं डॅन्स कर रही होती हू. तभी मोटी सेठ एक गद्दी निकाल कर इशारा करता है पास आने का. लेकिन मैं तान लेती हू की मैं नही जौंगी. तभी वो 1 के बाद 1 गद्दी निकालता है, और इतना पैसा देख के मैं उसके पास जाती हू.

वो गद्दी अपनी धोती जहा उसका लंड है वाहा जमता है, और इशारा करता है उठाने का. फिर मैं जैसे ही उठाने के लिए झुकती हू, उसका हाथ मेरे ल़हेंगे की डोरी पर जाता है, और उसको खींच देता है.

फिर जैसे ही डोरी खिचती है, मेरा हेवी ल़हेंगा नीचे गिरता है, और सब नौकरो, और ड्राइवर्स को मेरी पिंक पनटी में गोरी सी सॉफ्ट आस दिखती है, और सब के चेहरे पर चमक आ जाती है.

और मोटी सेठ को सामने से मेरी छूट के पनटी के अंदर से दर्शन होते है. वही छूट जो आज तक मैने किसी मर्द को छूने तक नही दी. मैं जल्दी से पैसे उठा कर और ल़हेंगा उपर करके पीछे होती हू.

इतने में बॉडीगार्ड मेरे ल़हेंगे पर पैर रख देता है, और इशारा करता है छ्चोढने का. मैं दर्र से ल़हेंगा छ्चोढ़ देती हू, और अब बस पनटी में और ब्रा में खड़ी होती हू. अब वापस सॉंग बजता है, और सब हूट कर रहे है, की नाच नाच. कुछ ड्राइवर्स और नौकरो के लंड निकल चुके थे, आंड खिड़की आंड गाते के बाहर से वो उसको हिला रहे थे, मेरी ब्रा आंड पनटी में बूब्स को देख के.

अपने दिमाग़ में मुझे ना जाने किस-किस पोज़ में छोड़ने का सोच रहे थे वो सब. अब मोटी सेठ नोट की गद्दी दिखता है और कहता है नाच. मैं फिर से नाचने लगती हू. अब हर ठुमके आंड हर एक स्टेप पर मेरी भारी हुई छ्होटी सी आस पनटी में और बूब्स ब्रा में हिल रहे थे, और मैं बार-बार इस दर्र से, की ये बाहर ना आ जाए, उन्हे संभाल रही होती हू.

कभी सोचा भी नही था की मेरी पहली महफ़िल ऐसी होगी. जिसमे मेरे बदन पर कपड़े के नाम पर सिर्फ़ वो कपड़े बचेंगे जिनमे मुझे मेरी फ्रेंड्स और मा के अलावा किसी भी मर्द ने नही देखा था.

तभी बॉडीगार्ड मेरा ल़हेंगा किशोरे को देता है. किशोरे मेरे ल़हेंगे को कमर से सूंघटा है, और उसको लीक करता है मेरे सामने. और जहा मेरी छूट होती है, ल़हेंगे में, वाहा से उसको पकड़ के दबाता है. ये सब वो मुझे दिखाने के लिए करता है, की कैसे वो मसलेगा.

अब मुझे मोटी सेठ अपने पास बुलाता है, और नीचे झुकने को कहता है. मैने सोचा भी नही था फर्स्ट बार जब मैं आयेज झुकी थी, तब उसको मेरे दोनो बूब्स की क्लीवेज दिखी थी. और अब मोटी सेठ कहता है-

मोटी सेठ: ये ब्रा निकाल दे, तुझे पैसों से माला-माल कर दूँगा.

मैं माना करती हू.

तो मोटी सेठ कहता है: ये ब्रा तो तू निकलेगी ही हम सब के सामने अपने हाथो से.

और फिर वो अपने दोनो दोस्तों से कहता है: इस रंडी को पैसा दिखाओ, बहुत नाटक करती है ये.

फिर मोटी सेठ के दोनो दोस्त बॉडीगार्ड को इशारा करते है, आंड बॉडीगार्ड एक बाग लाता है नोट्स का. अब मेरे सामने इतना पैसा था, जितना मैने कभी नही देखा था. मैं तोड़ा-तोड़ा पिघलने लगती हू, और अब मैं वापस अपनी जगह जेया कर बीच में खड़ी होती हू.

मेरे मॅन में इतने ख़याल आ रहे होते है. तभी मोटी सेठ कहता है-

मोटी सेठ: इतने पैसे में तो तू और तेरी मा दोनो नाच गाना करे तब भी नही आएँगे. देर मत कर, आज़ाद कर इन्हे साली कैसे टाइट भरे पड़े है.

मुझे ये सुन कर गुस्सा आता है. लेकिन पैसा देख कर मैं अपने हाथ पीछे ले जाती हू, और हुक्स ओपन करती हू धीरे-धीरे. और मोटी सेठ हस्ता है, और कहता है-

मोटी सेठ: बोला था रंडी, तू खुद ही खोलेगी सब?

अब मैं स्ट्रॅप को कंधो से सरका के नीचे लाती हू, और ब्रा को आयेज से बूब्स के उपर पकड़ के खड़ी होती हू. ड्राइवर, नौकर सब चिल्ला रहे थे-

वो सब: क्या बूब्स है इसके एक-दूं रसीले. चूसने को मिल जाए बस.

अब मेरे उपर मोटी सेठ एक नोट्स की गद्दी फेंकता है, और मैं ब्रा को नीचे गिरने देती हू, और हाथो से मेरे स्टअंन च्छूपति हू.

मोटी सेठ कहता है: हाथ हटा, और सब को दिखा.

मैं हाथ हटती हू. इतने में प्रेम बोलता है-

प्रेम: साली के बूब्स एक-दूं लीला के जैसे है गोल-गोल.

ये सुन कर मैं चौंक जाती हू, और सोचती हू, की मेरी मम्मी को भी इन लोगों ने नंगी देखा है.

तभी मोटी सेठ कहता है: घूर क्या रही है? लीला के जैसी कोई नही, जो लंड चूस्टी है. मर्द का बिस्तर गरम करने में उससे बेस्ट कोई नही. आज तू करेगी, और तुम्हारे खंडन की रसम को आयेज ले जाएगी.

मैं कहती हू: नही, ये सब झूठ है.

मोटी सेठ हस्ता है और कहता है: प्रेम, इसको दिखा तो लीला की फोटो.

प्रेम मेरी तरफ फोटो फेंकता है, जिसमे मुम्मा बस एक पेटिकोट में आधी नंगी होती है, और उन तीनो मर्दों के बीच में खड़ी होती है. मैं ये देख के चौंक जाती हू, और भूल जाती हू की मैं भी सिर्फ़ एक पनटी में खड़ी थी.

मेरा यौवन आज इतने मर्दों के सामने खुलेगा. मुझे वही लोग आज एक लड़की से औरत बनाएँगे जिनके बिस्तर काई रात मेरी मा ने भी गरम किए थे. आज मेरी बारी थी. पैसे के लिए ही सही, बिस्तर तो गरम करना था.

मैं ये सब सोच रही होती हू. तभी मेरी कमर पर एक हाथ आता है, और मेरी पनटी नीचे कर देता है. अब मेरी गीली कुवारि छूट, जो की शेव्ड है (मम्मी ने कहा था करने के लिए), सब के सामने थी. तभी उस ड्राइवर की आवाज़ आती है ज़ोर से-

ड्राइवर: साली की क्या छूट है, एक-दूं छ्होटी, टाइट, और चमकती हुई. ऐसा पहले पता होता, तो गाड़ी में ही सील खोल देता इसकी.

तभी मोटी सेठ कहता है: इसकी सील बहुत महँगी है. लीला ने 5 गुना पैसे लिए है, और जो ये ले रही है अलग. लेकिन छूट देख के लग रहा है साली सही पैसे ले रही है.

अब सब मुझे घूर रहे होते है. मैं बस खड़े-खड़े ये सब सुन के गरम हो रही थी. तभी मोटी सेठ खड़ा होता है. इतनी दारू पीने के बाद उससे चला भी नही जेया रहा होता, और वो मेरे पास आता है, और कान में कहता है-

मोटी सेठ: 5 गुना दे चुका हू. लेकिन तेरे बदन को देख कर दिल खुश हो गया, इसलिए 5 गुना और.

अब मोटी सेठ सब के सामने पूछता है: कोई आशिक़ है तेरा जिसने तेरे बूब्स या छूट बजाई हो?

इतने में मेरी लाइफ के पहला स्पर्श मेरे बूब्स पर होता है, और मैं मछली जैसे तड़पति हू, और सब के सामने “अयाया ” करके आहें भारती हू. फिर मोटी सेठ दोबारा पूछता है, और मैं ना में सर हिलती हू. उसकी आँखों में चमक आ जाती है.

वो कहता है: मा-बेटी दोनो की सील और छूट पर एक ही नाम होगा. और वो है “मोटी सेठ”.

मैं सुन कर डांग रह जाती हू, की इस हरामी ने मेरी मुम्मा की भी सील तोड़ी. अब वो मेरे बूब्स दबा रहे थे, सब के सामने. बाहर से सब नौकर ड्राइवर चिल्ला रहे होते है-

सब लोग: मालिक मसल दो इसके चूचे. साली भरा हुआ माल है.

नीचे मेरी हालत खराब होती जेया रही थी. मुझमे ना सिर्फ़ पैसों का नशा, लेकिन मोटी सेठ के रफ हाथो से मेरे बूब्स पर होते हुए प्रेस का नशा भी आ रहा होता है. मैं पहली बार सेक्स के नशे में डूब रही होती हू.

फिर मैं मोटी सेठ के कान में कहती हू: मुझे अंदर ले चलो, यहा नही.

मोटी सेठ हस्ता है, और ज़ोर से बोलता है: सुन प्रेम, ये रंडी कह रही है इसको अंदर ले चलो. बोला था ना कितना भी आटिट्यूड हो, पैसे के आयेज हर औरत टांगे खोलती है. देख साली की छूट चूचे पर हाथ लगते ही तपाक रही है.

फिर मोटी सेठ मेरी तरफ देख के बोलता है: अर्रे मेरी जान, तेरी चुदाई इसी कमरे में इतने मर्दों के सामने होगी. तुझे यही एक लड़की से औरत बनाएँगे.

इतने में बॉडीगार्ड आता है, और मेरी ब्रा पनटी किशोरे को देता है. किशोरे उसको अपने लंड पर मसल कर बाहर फेंक देता है नौकरों में, और वाहा सब मेरी ब्रा पनटी को खींच रहे होते है. वो ब्रा पनटी के लिए लड़ रहे थे, और अपने लंड पर मसल रहे थे.

अब मोटी सेठ कहता है: तोड़ा नाच, मुझे पास से तेरे बदन को देखना है.

गाना बजता है, और मैं नाचती हू. मेरे बूब्स सब हिल रहे थे. मैने सोचा भी नही था की मैं नंगी हो कर इतनी बेशर्मी से इतने मर्दों के सामने नचूंगी.

अब मोटी सेठ धोती नीचे गिरा कर आता है, और मैं देखती हू की उसने अंडरवेर नही पहना था. उसका लंड शर्ट के नीचे दिख रहा था, काला और बालों से भरा. फिर वो इशारा करता है, की आजा चूस इसको.

मैं तोड़ा हेज़िटेंट होती हू. फिर वो पास आता है, और मेरे कंधे पकड़ के बैठता है, और कहता है-

मोटी सेठ: इतने पैसे लिए है तूने. अब रंडी बन जेया.

और अब मेरे लिप्स के सामने उसका लंड होता है. मैं आँखें बंद कर लेती हू. वो मेरे सिल्की हेर्स पकड़ता है, और अपना लंड मूह पर लगता है, और धक्का देता है. अब उसका काला बदबूदार लंड मेरे मूह के अंदर होता है, और वो मेरे मूह को छोड़ रहा होता है.

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