कहानी जिसमे लड़के ने बेडरूम में चाची को चोदा

मेरा नाम रॉकी है, और मेरी आगे 27 साल है. ये घटना 2015 की है. मेरी चाची का नाम रीना है, आगे 38 साल है, और साइज़ 34-32-36 है. उनका कलर सावला है. मैने उन्हे काई बार नहाते हुए देखा है. काई बार उन्हे पेशाब करते हुए भी देखा है.

मैं अक्सर उनको सोच कर मूठ मारता था. डिसेंबर का मंत था, और बहुत ठंड पद रही थी. मैं अपनी चाची के साथ सोया था, और पीछे से उनकी गांद पर अपना लंड सता देता था, और रग़ाद के मज़ा लेता था.

एक दिन घर में कोई नही था, तो मैने सोच लिया की आज रात मैं छोड़ूँगा चाची को. फिर रात में हम खाना खा कर सोने चले गये. फिर चाची भी आ कर लेट गयी. मैने कुछ देर वेट की, और फिर उनसे चिपक गया.

धीरे-धीरे मेरा लंड खड़ा हो गया, और चाची की गांद पर रगड़ने लगा. वो कुछ नही बोल रही थी. इससे मेरी हिम्मत बढ़ गयी. फिर मैं अपने पैरों से उनकी सारी उपर करने लगा. धीरे-धीरे सारी उपर करते हुए मैं उनकी जाँघो को सहला रहा था.

फिर मैं अपना हाथ उनकी छूट के पास ले गया, तो मुझे उनकी झांतो का एहसास हुआ. जैसे ही मैने वाहा हाथ लगाया, तो उन्होने करवट बदल ली. इससे मैं दर्र गया, और सोने का नाटक करने लगा.

फिर थोड़ी देर बाद मैने हाथ लगाया उन्हे, तो वो सो गयी थी. बुत उन्होने अपनी सारी ठीक कर ली थी. मैने फिर धीरे-धीरे करके उनकी सारी छूट तक उठाई, और उनकी जाँघो को सहलाने लगा. फिर मैने अपना हाथ उनकी झांतो में रखा.

तब चाची अलग हुई, और रज़ाई से बाहर हो गयी. फिर थोड़ी देर बाद वो रज़ाई में आ कर सो गयी. मेरा लंड अभी भी खड़ा था, और खड़ा लंड सोने कहा देता है. मैने थोड़ी देर रुक के फिर से उनकी सारी उठाई छूट तक, और जाँघो को सहलाने लगा.

लेकिन इस बार मैने तान लिया था, की कुछ भी हो जाए छोड़ना ही था उनको. तो मैने सीधा अपना हाथ उनकी छूट पर रखा, और छूट सहलाने लगा. वो कसमसाई, और छ्छूटने की कोशिश की. बुत मैने उन्हे नही छ्चोढा, और एक उंगली उनकी छूट में डाल दी.

वो मुझसे डोर होने की कोशिश कर रही थी. बुत मैने पकड़ मज़बूत कर दी, और उनकी छूट में उंगली अंदर-बाहर करने लगा. अब वो भी गरम हो रही थी, क्यूंकी उनकी छूट से पानी निकलना शुरू हो गया था.

मैं भी गरम हो चुका था. मैं अपना लंड पकड़ कर उनके उपर आ गया, और छूट पर लंड लगा के धक्का दिया. बुत लंड फिसल गया. मैने फिर से लंड छूट पर लगाया, और धक्का दिया. इस बार लंड का टोपा अंदर चला गया, और मैने फिर धक्का लगाया.

अब आधा लंड उसकी छूट में था. मैं तोड़ा रुका, और ज़ोर से धक्का लगाया. अब मेरा लंड चाची की छूट की जड़ तक चला गया, और धक्के की वजह से उनकी साँसे रुक गयी.

दोस्तों मैं तो अलग ही दुनिया में पहुँच गया था. ऐसा लग रहा था, की किसी ने गरम भट्टी में मेरा लंड डाल दिया हो. बस अब मैं चुदाई का मज़ा लेना चाहता था. मैने धक्के लगाना शुरू किया, और अपने हाथो से बूब्स भी सहला रहा था.

फिर अचानक चाची ने अपना बदन टाइट कर लिया. मुझे पता चल गया की वो झड़ने वाली थी. बुत मैं अभी झड़ने के मूड में नही था. मैने अपना लंड छूट से निकाल लिया, और छूट चाटने लगा. अब वो भी मज़ा ले रही थी, और सिसकारियाँ भर रही थी.

मैने अचानक अपना लंड फिर छूट में डाल दिया. उन्हे इस बात का अंदाज़ा नही था, और वो चीख उठी. मैं कुछ देर रुका, और झटके मारने लगा. वो भी मज़ा ले रही थी. अब मैं जोश में था, और दाना-दान छोड़ रहा था.

फिर मैने उनके कान के पास जेया कर बोला: मुझे से छुड़वाने में मज़ा आ रहा है आपको?

उन्होने कुछ नही बोला, बुत अपनी गांद उठा के मेरा लंड लेने लगी. मैं समझ गया और लगातार चुदाई के बाद मैं उनकी छूट में ही झाड़ गया, और निढाल हो कर उन पर गिर पड़ा.

थोड़ी देर बाद उन्होने मुझे साइड किया, और उठ कर चली गयी. मुझे लगा वो पेशाब करने गयी थी. फिर वो आ कर सो गयी, और मैं उनको पकड़ कर सो गया.

सुबा 4 बजे मेरी नींद खुली, तो मेरा लंड फिर से खड़ा था. मैने फिरसे उनकी सारी उठाई, और छूट सहलाने लगा. थोड़ी देर बाद वो भी जाग गयी, बुत नाटक कर रही थी सोने का.

मैने फिरसे अपना लंड उनकी छूट में डाल दिया और छोड़ने लगा. मैं इस बार ज़ोर-ज़ोर से धक्का लगा रहा था. पूरा बेड हिल रहा था, लेकिन उसको मज़ा आ रहा था. मैने उसको दो बार झाड़ा, और फिर अपने लंड का पानी उसकी छूट में ही छ्चोढ़ दिया.

कुछ देर बाद जब लंड को छूट से निकाला, तो फॅक की आवाज़ आई. फिर मैने अपने कपड़े ठीक किए, और सो गया.

ये थी मेरी पहली चुदाई की स्टोरी. मुझे अपनी चाची को बहुत बार छोड़ने, और उनकी गांद मारने का भी मौका मिला. उन्हे भी मुझसे छुड़वाने में मज़ा आता है, और वो खुल के चुड़वति है डिफरेंट पोज़िशन्स में.

मैं उसको गोदी में उठा के भी छोड़ता हू, और वो भी गांद उठा के चुड़वति है. अगली स्टोरी में बतौँगा, की कैसे मैने उसको दिन में छोड़ा और गांद भी मारी. वो भी अब मुझसे छुड़वा के खुल गयी थी. मैं उसको बिना कॉंडम के छोड़ता था. मुझे बिना कॉंडम के छोड़ना पसंद है. मैं एक-दूं रगर के छोड़ता हू.

अब वो बोलती है: मुझे तुम्हारे लंड के साइवा और कुछ नही चाहिए. मैं तुम्हारी पत्नी हू.

फिर हम लोगों ने शादी भी की, और उसके बाद सुहग्रात भी मनाई. हम लोग हनिमून मानने डार्जीलिंग भी गये थे. वाहा हम लोग 5 दिन तक पति-पत्नी की तरह रहे, और खूब चुदाई भी की. वाहा से आ कर पता चला की वो प्रेग्नेंट हो गयी थी.

वो मेरे बच्चे को जानम भी देना चाहती थी, क्यूंकी वो मुझसे बहुत प्यार करती थी. एक बार तो मैने उसको चलती बस में छोड़ा स्लीपर में. वो बोलती है की मैने उसको छोड़ के औरत होने का सुख दिया है.

आप लोगों को मेरी स्टोरी कैसी लगी ज़रूर बताना मेरी एमाइल पर

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