लड़के को मिली ट्रेन में एक हॉट विडो भाभी

जैसा की आप सभी जानते है, की मेरी उमर 27 है. और मेरे लंड का साइज़ 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है. मेरा लंड किसी भी औरत को आसानी से खुश कर सकता. अब आपका ज़्यादा टाइम ना लेते हुए मैं अपनी कहानी पर आता हू.

ये बात 2013 के पास सर्दियों की है. तब मैने 12 पास ही की थी, और मैं 18 साल का था. उस दिन हम सिरसा एर फोर्स की भारती देखने जेया रहे थे. शाम को हमने हँसी से लोकल ट्रेन पकड़ी. वैसे आपको बता डू अब हम हरियाणा में जिंद डिस्ट्रिक्ट में शिफ्ट हो चुके है.

अब आयेज, जो ट्रेन हमने पकड़ी, वो एक लोकल ट्रेन थी. हम 6 या 7 फ्रेंड्स साथ में थे, जो ये एर फोर्स की भारती देखने जेया रहे थे. ट्रेन जब हिस्सर पहुचि, तो हिस्सर स्टेशन से दो औरते हमारे डिब्बे में चढ़ि.

उनमे से एक की उमर 55, और दूसरी की उमर 28 के पास होगी. और उनके साथ एक 5 साल की लड़की भी थी, जो उस 28 साल वाली भाभी की एक-लौटी लड़की थी. ये मुझे बाद में पता चला.

गोद जब आपके लिए अछा सोचता है, तो सब अपने आप होना शुरू हो जाता है. और हुआ भी ऐसा ही, क्यूंकी वो दोनो हमारी ही सीट पर आके बैठ गयी. उनके आते ही मैं उपर वाली सीट जो फटटो की होती है, उसके उपर चला गया अपना बेग लेके. कुछ देर बाद उस लॅडीस को ठंड लगने लगी.

तो उसकी सास बोली: ममता, तुम उपर चली जाओ, तो तुम्हे ठंड कम लगेगी.

तो ममता ने अपनी सास को माना किया. लेकिन उसकी सास ने उससे ज़िद की, तो वो मेरे सामने वाली सीट पे, जो उपर होती है, उसपे आके बैठ गयी.

उसके बैठने का स्टाइल ऐसा था, की उसकी छूट का उबरा हुआ हिस्सा मुझे उसकी सलवार में बिल्कुल क्लियर दिख रहा था. जब ममता उपर आई तो मैने उसको ध्यान से देखा. वो बहुत ही सुंदर जिस्म की मालकिन निकली.

उसका रंग तो सावला था, लेकिन उसके चेहरे की बनावट एक-दूं बिपाशा बसु की तरह थी. उसकी हाइट 5.3″ होगी, उसका वेट 60 क्ग के पास होगा. उसका पेट बिल्कुल आचे से सेट था. वो देखने में एक-दूं सेक्स पारी के समान थी.

उसका फिगर 34-30-34 था. तो आप समझ ही सकते है की ममता चलती-फिरती लंड उठाने की मशीन थी. मेरे साथ भी वही हुआ. उसकी छूट का उभार देख कर मेरे लंड में जोश आ गया, और मेरी पंत में भी तंबू बन गया. जिसको ममता ने अपनी तिरछी नज़रों से देख लिया.

इससे वो समझ गयी की मेरा ये हाल उसके कारण ही था. उसके समझ में आया की उसके सूट का पल्ला सही नही था, जिसके कारण सलवार में से उसकी छूट के उभर को देख कर मेरा लंड खड़ा हुआ था.

अब मैने अपने बाग में से चादर निकली, और उसको अपने उपर डाल लिया. लेकिन मुझे पता चल गया था, की

ममत ने मेरे लंड का उभर देख लिया था. तो अब मैं चादर के उपर से ही अपने लंड को मसालने लग गया.

ये सब देख कर अब ममता का पूरा चेहरा लाल हो गया था. अब उसकी आँखें जब मेरी आँखों से मिली, तो हम दोनो एक-दूसरे को देखते रहे. तभी नीचे से उसकी सास की आवाज़ आई, और हम दोनो का द्‍यान टूटा. उसने उसकी लड़की को उसको दिया, और बोली-

सास: बेटी गुड़िया रो रही है, इसको सुला दे. फिर मुझे दे देना.

अब ममता ने अपनी बेटी को अपनी सास के हाथो में से उपर उठ के अपनी गोद में ले लिया. और आयेज जो हुआ उसका मुझे विस्वास नही हुआ. उसने मेरी तरफ तिरछी नज़रों से देखा, और फिर अपने बेटी को चुप करने के लिए उसने अपनी चूची को निकाला, और उसको दूध पिलाने लगी.

हाए! क्या नज़ारा था. मैं आपको शब्दो में नही समझा सकता. मेरा लंड फटने को हो गया था, क्यूंकी जिस अदा से वो मुझे देख रही थी, और साथ में अपनी चूची का कुछ हिस्सा मुझे दिखा रही थी, वो कमाल की थी.

ये तो उसको पता ही था, की मैं उसके निपल देख रहा था. 10 मिनिट यू ही चलता रहा, और ममता की बेटी अब सो चुकी थी. तो उसने अबनी सास को अपनी बेटी नीचे पकड़ा दी. इन 10 मिनिट्स हम दोनो एक-दूसरे को काम-वासना की नज़रों से देख रहे थे.

अब आग दोनो तरफ लग चुकी थी. उस टाइम स्मार्ट फोन तो इतने उसे नही होते थे, बुत तब नोकिया के छ्होटे फोन उसे ज़्यादा होते थे. तो मैने इशारे से ममता को फोन के बारे में पूछा. उसने शुरू में तो कुछ नही बोला, बुत 2 मिनिट के बाद हमने इशारों में अपना नंबर एक-दूसरे को बता दिया.

फिर मैने इशारा किया, की हम बोल तो सकते नही, तो हम मेसेजस पे छत करते है. उसने हा में गर्दन हिला दी. फिर मैने उसको मेसेज किया.

राज: हेलो, मैं राज हू. और तुम्हारा नाम क्या है?

ममता: ही, मेरा नामे ममता है जी.

तो अब आप सभी को पता चल गया होगा की मुझे कैसे पता चला की इस हॉट सेक्सी भाभी का नामे ममता था.

राज: ममता भाभी, आप दिखने में एक-दूं पटाखा हो.

ममता: नही राज जी, ऐसा तो कुछ नही है. ऐसा क्या दिख गया आपको मुझमे?

मे: अर्रे तुम उपर से नीचे तक सेक्स का बॉम्ब हो. तुम्हे नही पता क्या?

ममता मेरी तरफ देख कर हासणे लग जाती है.

ममता: अछा जी, सेक्स का बॉम्ब? पर टॉप तो आपने सीधी कर रखी है. इसको कहा चलाने के लिए तैयार कर रखा है?

मे: ये तो भाभी सिरसा की साइड डाइरेक्षन में है. उधर एरफोर्स की भारती है, तो टॉप तो चेक करनी ही पड़ेगी.

ममता: राज आपको एक बात बोलू? आप मुझे बस ममता ही बोले तो अछा लगेगा. वैसे हम सिरसा से ही है. हम हिस्सर रिलेटिव्स में आए हुए थे.

मे: अछा जी, सही है. फिर तो हम दोनो एक ही स्टेशन पर उतरेंगे. वैसे आपके पति नही आए क्या आपके साथ ममता जी?

ममता कुछ देर साइलेंट रहने के बाद: वो अब इस दुनिया में नही है. 2 साल हो गये उनके गुज़रे हुए.

मे: सॉरी ममता जी.

ममता: इट’स ओक राज. वैसे एक बात बोलू? आप मुझे उनके जैसे ही लगे. तभी तो मेरा मॅन आपसे बात करने का हुआ. नही तो मैने आज तक किसी से बात नही की उनके जाने के बाद. पता नही आपको देखा तो मैं अपने आपको क्यू नही रोक पाई?

मे: अछा जी, थॅंक योउ.

ममता: अर्रे थॅंक्स तो मुझे आपको बोलना छाईए, की मुझे आप के ज़रिए उनकी याद आई. और 2 साल में मुझे अपने बदन में कुछ हुलचल सी महसूस हुई.

मे: क्या फ़ायदा ममता ऐसी हुलचल का, जो किसी काम की नही. बस एक-दूजे को देखने से क्या कुछ होने वाला थोड़ी है.

ममता: राज आपने ऐसा क्यू बोला, की क्या फ़ायदा?

मे: और क्या, ट्रेन में ऐसा कुछ होगा नही. और उसके बाद तुम कही और मैं कही और.

ममता: अर्रे नही, तुम सिरसा ही तो जेया रहे हो. हम भी उधर ही रहते है. तो इतना मुश्किल भी नही है, अगर मॅन बना लो तो आप.

मे: ममता तुम्हे अभी मेरे मॅन का नही पता चला क्या?

ममता: मॅन का तो नही बुत आपकी टॉप का पता चल गया. देखने में तो लंबी और मोटी है.

मे: ये टॉप नही है, ये लंड है. वो भी 7 इंच लंबा.

ये पढ़ने के बाद, वो मेरी तरफ होंठो पर जीभ फेर कर देखती है, और लिखती है.

ममता: हा, मस्त है लंड तो तुम्हारा राज.

मे: मस्त तो तुम्हारी छूट है ममता. क्या उभार है छूट में. काफ़ी क़ास्सी हुई लग रही है. एक बार अपनी छूट पर हाथ रखो ना ममता.

ममता: अछा जी, तुमने मेरी छूट कब देख ली? और कब इसका उभार देख लिया? हा बुत तुममे ये सच बोला की छूट मेरी क़ास्सी हुई है. क्यूंकी मैने 2 साल से इसमे सिर्फ़ उंगली ही की है. वो भी कभी कभार, जब मुझसे कंट्रोल नही हुआ.

मे: अर्रे आते ही सबसे पहले मैने तुम्हारी छूट की शेप और उभार ही देखा था ममता सलवार के उपर से ही.

ममता: आते ही उभार तो मैने भी आपके लंड का देखा था.

अब ममता अपनी छूट पर हाथ रख कर फिरने लगती है, जैसा मैने उसको बोला था. और अब मैने उसको इशारा किया, की छूट में उंगली करे वो. मेरा इशारा समझते ही ममता ने भूत सेक्सी और कातिल अदाओं से मुझे इशारा किया-

ममता (इशारे से): राज तुम मुझे मरवना चाहते हो क्या?

उस टाइम ममता की सेक्सी अदाए मुझे पागल बना रही. ये फीलिंग वही लड़का या लड़की, आदमी या औरत समझ सकता या सकती है, जिनके साथ इस तरह कभी इशारों में यू सेक्सी बातें हुई हो.

ये कहानी आयेज भी जारी रहेगी. तब तक आप इसको प्यार दे. भूत ही जल्दी अगले पार्ट के साथ आपको मिलता हू. आप सब को स्टोरी कैसी लगी

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