उफ़!! क्या मस्त चूचीयाँ थीं

मैं उस वक्त इंजिनियरिंग के पहले साल में था और मेरे मैथ्स के ट्यूशन टीचर मारवाड़ी थे।
मैं रोज़ उनके घर पर ट्यूशन पढ़ने जाता था। उनकी उम्र करीब 35 साल की थी। वो अपनी बीवी के साथ रहते थे और उनका एक लड़का था जो की हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसे अब तक किसी ने देखा नहीं था।
उनकी बीवी की उम्र शायद 28-30 की होगी। लेकिन वो अपनी उम्र से काफ़ी छोटी दिखती थीं!!
जब भी मैं उनके घर जाता था तो वो मेरा बहुत ख्याल रखती थीं। मेरे दिल में भी उनके लिए बहुत इज़्ज़त थी…
लेकिन एक दिन मैंने उन्हें नहाने के बाद सिर्फ़ पेटिकोट में देखा जो की उनकी चूचियों पर बँधा हुआ था। उनके गोरे पैर और पिंडलियाँ खुली थीं… उफ़!! कितने गोरे पैर थे उनके और उनकी वो अधनंगी चूचियों को तो मैं बस देखता ही रह गया!!! !!
लेकिन तभी, उन्होंने मुझे देखते हुए देख लिया। वो थोड़ा मुस्कुराईं और अंदर चली गईं… …
मेरा मन अब पढ़ाई में नहीं लग रहा था और मेरा लण्ड कड़क होने लगा था!!
किसी तरह मैं उसे दबा रहा था। आख़िरकार सर ने पूछा – क्या हुआ?
मैंने डरते हुए कहा – सर, मुझे बाथरूम जाना है।
उन्होंने अपनी बीवी से कहा – इसे बाथरूम दिखा दो।
वो तब तक साड़ी पहन चुकी थीं, मारवाड़ी स्टाइल में।
उनकी चूचियों को बड़े गले के ब्लाउज में आधे से ज़्यादा देखा जा सकता था… ये देख कर मेरा लण्ड और कड़क हो गया!! और मेरे 8 इंच के मोटे लण्ड को संभालना मुश्किल हो गया!!…
मैं बुक्स रखकर जैसे ही खड़ा हुआ, मेरे लण्ड ने मेरे पाजामे में टेंट बना दिया और उन्होंने ये देख लिया और बड़ी अदा से मुस्कुराईं और मुझसे कहा – जल्दी आओ, इधर है बाथरूम…
मैं अंदर गया, लेकिन हड़बड़ाहट और जल्दी में दरवाजा बंद नहीं किया।
मैंने अपने लण्ड को तुरंत बाहर निकाल कर मूता, लेकिन लण्ड साला ठंडा नहीं हो रहा था। सो मजबूरन मैं मूठ मारने लगा!!
2 मिनट में ही मेरे लण्ड ने ज़ोर की पिचकारी मारी, जो सामने दीवार पर गई। मैंने उसको अच्छे से धोया और लण्ड को पैंट के अंदर किया।
जैसे ही मैं पीछे घुमा, मैंने देखा दीवार के किनारे सर की वाइफ खड़ी है!!
इसका मतलब उन्होंने मुझे मूठ मारते हुए देख लिया था, क्यूंकि वहाँ से मेरा लण्ड पूरा दिखता था। मैं सिर नीचा करके बाहर निकाल आया…
उन्होंने धीरे से कहा – क्या बात है? बहुत मोटा और लंबा है!! !!! और ये कहकर वो जल्दी से चली गईं।
वैसे मुझे वो अच्छी लगती थीं और वो भी मुझे पसंद करती थीं, लेकिन उनके साथ सेक्स के लिए मैंने कभी भी सोचा नहीं था…
मेरे सर मैथ्स में एक्सपर्ट थे और उनसे पढ़ने के लिए बहुत लड़के ट्यूशन लगवाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने सिर्फ़ मुझे ही चुना था क्यूंकि मैं पढ़ने में बहुत तेज़ था और चूतिए लड़के उन्हें पसंद नहीं थे।
सर की जिंदगी में मैथ्स के सिवा कुछ मायने नहीं रखता था। वो हमेशा मैथ्स के प्राब्लम सुलझाने में ही लगे रहते थे और उनकी वाइफ को ये पसंद नहीं था…
उन्हें एक अच्छी चुदाई की चाहत थी और वो किसी को ढूँढ रही थीं, जबकि सर को लगता था की उन्हें सेक्स कि कोई ज़रूरत नहीं है।
ये बातें मुझे तब पता चलीं, जब मैं उनकी वाइफ के संपर्क मे आया और उनकी डायरी पढ़ी…
मैंने ये डायरी उनके कपबोर्ड से निकाल कर पढ़ी थी।
उस डायरी में मेरे बारे में भी लिखा था – “वो एक कमसिन लड़का है और बहुत ही गरम है… जो भी लड़की उससे चुदवायेगी, उसकी किस्मत खुल जाएगी!! जिस लड़की को उसका लण्ड मिलेगा, वो बहुत ही नसीब वाली होगी… अगर मुझे मौका मिले तो मैं इस लड़के से एक बार ज़रूर चुदवाऊँगी और अपनी चूत की प्यास बुझाऊँगी!! !!!”
उनकी डायरी की ये लाइन मेरे दिमाग़ में घूम रही थी। वो मुझसे चुदवाना चाहती थीं लेकिन अपने पति से डरती थीं और फिर उस दिन के बाद मेरी नज़र भी बदल गई…
उनकी उफनती हुई जवानी और कमसिन जवान बदन को याद करके, मैं अब रोज ही मूठ मारता था…!!
मैंने भी सोचा कि अपनी किस्मत को एक मौका दिया जाए, लेकिन आखिर कैसे… ??
अब इतना तो आप भी समझते है कि मैं सीधे अपने सर से जाकर यह तो कह नहीं सकता – सर, आपकी वाइफ बहुत मस्त है, उन्हें देख कर मेरा लण्ड टना जाता है और मैं उन्हें पटक पटक कर चोदना चाहता हूँ!! !!!
यह तो मुझे यकीन है कि सर की वाइफ जरूर मुझसे पहली फुर्सत में चुदना चाहती हैं… …
फिर एक दिन, मैंने उन्हें उनके सेल फोन पर कॉल किया और कहा कि आज मैं 4 बजे आऊँगा, ये बात आप सर को बता दीजिएगा…
मुझे मालूम था कि सर 4 बजे लाइब्ररी जाते हैं और रात के 10 बजे वापिस आते हैं। तो मैंने ये बात जानबूझकर उनके सेल फोन पर कही थी।
सच पूछिये, तो ये मेरी तरफ से इशारा था क्यूंकि इसके पहले मैंने उनके सेल पर कभी कोई मेसेज नहीं दिया था…
दोस्तो, जब से उन्होंने मेरा लण्ड देख लिया था तब से मैंने उनकी आँखों में भी एक तड़प देखी थी!! !!!
खैर, फिर इसके बाद मैं उनके घर ठीक 4:30 पर पहुँचा… …
जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, मैंने देखा आज उन्होंने एक पारदर्शी साड़ी पहनी हुई थी और साथ में खुले गले का ब्लाउज!!
आपको बता दूँ, उनका फिगर 34-26-36 है और इस वक़्त उनकी चूचियों को ब्लाउज फाड़ कर बाहर निकालते हुए देखा जा सकता था… ब्लाउज छोटा था और साड़ी नाभि के बहुत नीचे बँधी थी!! जिससे आज उनका गोरा गोरा, चिकना और सपाट पेट और पतली कमरिया साफ दिख रही थी!!! !!
उनका वो गोरा पेट और चिकनी कमर देख कर मेरा लण्ड हरकत में आ गया… !!
उन्होंने मुझे बैठने को कहा और पानी लाने अंदर गईं। पानी देते हुए वो इस तरह झुकीं कि उनकी मदमस्त अधनंगी चूचीयाँ मेरे सामने आ गईं…
उफ़!! उनकी “चूचियों की वो घाटी”।
रसदार चूचियों की वो गहरी घाटी देख कर मेरे मुँह में पानी आ गया…
फिर वो सोफे पर मेरे करीब ही किनारे पर बैठ गईं और मैंने उनसे हिचकिचाते हुए पूछा – सर कहाँ है…?? क्या आपने मेरे आने के बारे में सर को बताया है या आप भूल गईं…??
उन्होंने तुरंत कहा – नहीं, मैंने तुम्हारे सर को कुछ नहीं कहा।
मैंने पूछा – लेकिन क्यूँ…??
इस पर उन्होंने कहा कि आज वो मुझे पढ़ाएँगी!! ये कहते हुए वो अपने रसीले होंठों को दाँत से दबा रही थीं और कोने में काट रही थीं!!
मैंने कहा – आप मज़ाक कर रही हैं!! पर उन्होंने कहा – नहीं, बिल्कुल नहीं!! मैं सीरियस्ली कह रही हूँ…
तो अब मैंने कहा – ठीक है, तो आप कौन सा यूनिट सिखाएँगी…??
उन्होंने कहा – मैं सीरीयस हूँ, लेकिन मैंने यह अब कहा कि मैं मैथ्स पढ़ाऊँगी!! ये बात उन्होंने बड़े नटखट अंदाज़ में कही… …
अब मैंने पूछा – तो फिर आप क्या पढ़ाएँगी…??
कुछ देर वो चुप रहीं और फिर धीरे से मेरे करीब आ गईं और मेरा हाथ पकड़ लिया।
फिर उन्होंने कहा – आज तुम मेरे मेहमान हो, लेकिन अब मैं तुम्हारी परीक्षा लेने वाली हूँ…
मैंने कहा – कैसी परीक्षा…??
अब कुछ झल्ला कर उन्होंने कहा – ज़्यादा मत बनो!! मैं जानती हूँ, तुम मुझ पर फिदा हो… !!
दोस्तो, मुझे तो मालूम था कि वो भी मुझसे चुदवाने के लिए बेताब हैं और पूरी तरह से तैयार हैं।
उन्होंने अब मुस्कुरा कर मेरा हाथ पकड़ा और खड़ी हो गईं और मुझे अपने बेडरूम में ले गईं…
वहाँ पहुँच कर उन्होंने बिना देर किए, मेरे गाल पर किस किया और लगभग तुरंत ही मेरा शर्ट और पैंट खोल दिया!!
मुझे भी मज़ा आ रहा था… आख़िर उनका नरम हाथ मेरे बदन पर घूम रहा था!! फिर उन्होंने मेरी बनियान भी निकाल दी… …
मैं क्यूँ पीछे रहता!! मैंने भी अब उनका पल्लू नीचे गिरा दिया और उनकी बड़ी बड़ी रस भरी अधनंगी चूचीयाँ मेरे सामने थीं… … …
मैं थोडा नर्वस तो था, लेकिन मुझे मज़ा भी बहुत आ रहा था!! !!!
उनकी “नोकदार चूचियों” को देख कर मेरा लण्ड और कड़क होने लगा… उनकी तनी हुई वो गोल सुडौल, दूध सी सफेद चूचीयाँ!! किसी भी मर्द को गरम कर देने लायक थीं।
अब, मैंने उन्हें अपने सीने से लगा लिया और उनके होंठों को अपने होंठों में क़ैद कर लिया और बेतहाशा चूसने लगा।
उनके हाथ लगातार मेरी पीठ और सीने पर घूम रहे थे… …
बताना चाहूँगा कि उनका ब्लाउज पीछे से सिर्फ़ 2 इंच का होगा और इस तरह मेरा हाथ उनकी लगभग नंगी पीठ पर घूम रहा था…
धीरे धीरे मैंने उनके गोल गोल चुत्तड़ दबाए। जैसे ही मैंने उनके चुत्तड़ दबाए, उनके मुँह से सिसकारी निकाल पड़ी – आहह… इस्स…
इस दौरान मैं उनके होंठों को बहुत ज़ोर से चूस रहा था!!

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