कुँवारी साली की सील तोड़ने की मस्त कहानी

हेलो दोस्तों, कैसे हो आप सब? उमीद करता हू सब बहुत आचे होंगे.

तो जो लोग पुराने है वो तो मेरे बारे में जानते है. जो न्यू है, उन्हे मैं अपना इंट्रोडक्षन दे देता हू.

मेरा नामे है हर्ष. मैं देल्ही का रहने वाला हू, और एक आवरेज लड़का हू. हाइट 5’11” है मेरी. तो ये कहानी है मेरे और मेरी साली की बीच हुए सेक्स की. तो चलिए देर ना करते हुए शुरू करते है.

दोस्तों ये कहानी है डेक 2022 की. मेरी शादी को एक साल हो चुका था, तो मेरे घर वाले घूमने गये थे मेरी नानी के यहा. घर पे सिर्फ़ मैं और मेरी वाइफ ही थे. हमे और क्या ही चाहिए था, तो हम पूरी रात सेक्स करते थे बिना किसी दर्र के, की कोई सुन लेगा या कोई देख लेगा.

वैसे तो मेरी वाइफ दो सिस्टर्स है. बड़ी वाली सिस्टर मॅरीड है, और उसके अलावा कोई बेहन नही है उसकी. पर उसकी कज़िन्स बहुत सारी है, तो उन्ही में से एक कज़िन है रितिका( बदला हुआ नामे). वो हमारे घर आई शाम को.

हम उसको देख के तोड़ा सर्प्राइज़ हुए, क्यूंकी वो अचानक आई थी बिना बताए. वो आई और उसने बताया की उसका एक इंटरव्यू था अगली सुबा जो की हमारे घर से सिर्फ़ 2 केयेम की दूरी पे था.

उसके घर से सुबा आना उसके लिए मुश्किल होता, इसलिए वो यहा आ गयी. तो हमने बी उसका वेलकम आचे से किया, क्यूंकी वो पहली बार हमारे घर आई थी.

हम लोगों ने रात को बाहर ही डिन्नर किया होटेल में, और फिर वापस घर आ गये. फिर बात आई सोने की. तो यही डिसाइड हुआ, की मेरी वाइफ और मेरी साली एक साथ सो जाएँगे, और मैं अलग रूम में अकेला, जो की मैने मान तो लिया, पर अंदर ही अंदर मुझे गुस्सा आ रहा था की मैं आज सेक्स नही कर पौँगा.

पर अपना मॅन मार के मैं सोने चला गया. मुझे नींद नही आ रही थी. फिर काफ़ी देर फोन चलाने के बाद मैं सो गया. मेरी नींद आधी रात को खुली, तो मुझे बहुत मॅन करने लगा सेक्स करने का. क्यूंकी ऐसे हम बहुत बार करते थे, की आधी रात को उठके सेक्स करते थे.

तो पहले तो मैने सोचा की मैं मूठ मार के सो जाता हू. फिर मैने दूसरे रूम में देखा तो मेरी वाइफ और मेरी साली दोनो मज़े से सो रही थी. मैं दबे पैर उस रूम में गया, और अपनी वाइफ के साथ जाके लेट गया.

फिर मैं हाथ आयेज ले जेया कर उसके बूब्स दबाने लगा, और उसके गले पे किस करने लगा. वो उठ गयी और मज़े लेने लगी, और धीमी आवाज़ में बोलने लगी-

वाइफ: मत करो, रितिका जाग जाएगी.

पर मैं कहा मानने वाला था. मैने झट से उसका पाजामा उतार दिया, जिससे वो घबरा गयी, और उसने तुरंत मुझे रोका और बोली-

वाइफ: सुनो, दूसरे रूम में चलते है.

मैं फ़ौरन मान गया और हम दूसरे रूम में आ गये, और हमने एक-दूसरे को चूमना स्टार्ट कर दिया. फिर एक-एक करके एक-दूसरे के कपड़े उतारे, और सेक्स करना स्टार्ट कर दिया. हमने 2 घंटे तक सेक्स किया, और फिर वो वापस दूसरे रूम में सोने चली गयी, और मैं भी अब शांति से सो गया.

फिर सुबा हम सब उठे. मेरी वाइफ ने खाना बनाया, और वो ऑफीस के लिए रेडी हो गयी. क्यूंकी मेरा वर्क फ्रॉम होमे रहता है, तो वो चली गयी ऑफीस. मैं गया रितिका को इंटरव्यू के लिए छ्चोढने. वाहा पहुँच के रितिका ने मुझे कहा की अगर मैं वही उसकी वेट कर लू, तो वो मेरे साथ ही वापस भी चल देगी.

तो मैं मान गया और वही गाड़ी में लॅपटॉप पे अपना काम करने लगा. करीब आधे घंटे बाद वो इंटरव्यू देके वापस आई और बोली-

रितिका: चलो जीजू.

मैने पूछा: कैसा हुआ इंटरव्यू?

तो उसने कहा: बहुत अछा हुआ.

फिर हम लोग घर आ गये. मुझे लगा अब वो अपने घर चली जाएगी, पर ऐसा नही हुआ. तो मैने भी कुछ नही कहा, और अपना काम करने लगा. वो फोन चलाने लगी, और फिर दिन हो गया. मुझे अब भूख लगने लगी थी. मैं किचन में गया खाना लेने.

तो रितिका बोली: क्या हुआ जीजू?

मैने कहा: कुछ नही, बस भूख लगी है, खाना लेने आया हू.

तो उसने कहा: आप बैठो, मैं लाती हू आपके लिए गरम करके.

मैं फिर जेया कर बैठ गया. 5 मिनिट्स बाद रितिका आई खाना लेके. वो जैसे ही मेरे पास आई, और थोड़ी झुकी, तो कसम से मैं बता नही सकता, उसके पुर बूब्स के दर्शन हो गये मुझे. बहुत बड़े-बड़े थे उसके, और उसने ढके भी नही थे.

मैं तो देखता ही रह गया. उसने भी ये चीज़ नोटीस की, और बोली-

रितिका: क्या हुआ जीजू?

मैने कहा: कुछ नही.

और मैं खाना खाने लगा. मैने देखा बीच-बीच में तो रितिका मुझे ही देख रही थी बड़ी नॉटी नज़रो से. मुझे अछा लग रहा था. फिर खाना ख़तम करके हम लोग इधर-उधर की बातें करने लगे. जैसे मैने उससे पूछा उसके ब्फ के बारे में. तो उसने कहा की वो सिंगल थी.

तो मैने कहा: हाउ’स इट पासिबल? तू इतनी सुंदर है, सिंगल कैसे हो सकती है?

फिर उसने तुरंत जवाब दिया: आपके जैसा कोई मिला ही नही आज तक.

ये सुन के मुझे बड़ा अछा लगा.

फिर उसने कहा: आप दीदी को कितना प्यार करते हो ना? काश मुझे भी ऐसा ही पति मिले.

तो मैने कहा: हा ज़रूर मिलेगा.

फिर उसने पूछा: जीजू कल रात को दीदी रूम में नही थी. आपके पास आ गयी थी क्या सोने?

मैने कहा: हा मेरे पास आ गयी थी.

तो वो हासणे लगी और बोली: रह नही सकते ना एक रात हाहाहा?

फिर हम दोनो हासणे लगे. फिर जो उसने बोला मैं हैरान रह गया.

उसने कहा: जीजू मैने कल रात देखा आप दी को कितना और कैसे प्यार करते हो.

मैं तोड़ा शर्मा सा गया.

फिर मैना कहा: अछा, क्या देखा तुमने?

उसने कहा: आप उन्हे ले गये तो मेरी नींद खुल गयी. फिर मैने गाते पे खड़े होके सब देखा, और फिर…

फिर वो बोल के चुप हो गयी.

तो मैने पूछा: और फिर?

तो वो कुछ नही बोली, और वाहा से चली गयी. मैं उसके पीछे गया तो वो किचन में खड़ी थी. फिर मैं वाहा गया और उससे पूछा-

मैं: और फिर?

तो वो शर्मा गयी, और गर्दन नीचे कर ली. मैने उसका फेस उपर किया और पूछा-

मैं: बता ना और फिर?

तो उसने कहा: जीजू मेरा भी मॅन करने लगा वही सब करने का.

तो मैं समझ गया आज ये देके जाएगी मुझे. फिर मैने भी देरी ना करते हुए उससे तुरंत पूच लिया-

मैं: मेरे साथ?

वो फिरसे शर्मा गयी और मूह नीचे कर लिया. मैने फिरसे पूछा-

मैं: बता ना किसके साथ करने का मॅन करने लगा, मेरे साथ?

तो उसने हा में सिर हिलाया. मैं तो जैसे सातवे आसमान में था. क्यूंकी रितिका सुंदर तो थी ही, साथ ही साथ एक आचे फिगर की भी मालकिन थी. तो मैने देरी ना करते हुए तुरंत उसको गोद में उठा लिया, और किस करने लगा. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

फिर हम रूम में आ गये. मैने उसको लिटाया, और उसके उपर आके उसको चूमने लगा पागलों की तरह. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. फिर मैने उसके बूब्स दबाए जो की उसको मदहोश कर गये. ऐसा लग रहा था, की आज तक उसके बूब्स किसी ने नही दबाए थे.

मैं समझ गया मुझे आज फिर से वर्जिन माल मिलने वाला था. मैने एक-एक करके उसके कपड़े उतारे, और उसने मेरे. अब हम दोनो सिर्फ़ अंडरगार्मेंट्स में थे. उसने ब्लॅक कलर की ब्रा और वाइट कलर की पनटी पहनी थी. मैने ब्रा के उपर से उसके बूब्स दबाए, और फिर ब्रा उतार के उन्हे चूसने लगा.

जैसे ही मैने अपना मूह उसके निपल पे लगाया, वो सिसक उठी. मैं भी पुर जोश में उसके बूब्स दबा और चूस रहा था, और बीच-बीच में बीते भी कर रहा था. इससे वो कराह उठती थी, और मुझे मज़ा आ रहा था बहुत.

फिर मैं उसके पेट पे किस करने लगा, और किस करते-करते और नीचे आ गया. अब बारी थी उसकी छूट के दर्शन करने की, तो मैने बिना देर किए उसकी पनटी को उसके शरीर से अलग कर दिया.

वो शर्मा गयी, और उसने दोनो हाथो से अपनी छूट को धक लिया. मैने उसके हाथ हटते हुए उपर आके उसके होंठो को चूमा. वो भी पागलों की तरह मुझे किस करे जेया रही थी.

अब मैने नीचे आके उसकी छूट पे अपना हाथ फेरा. वो मचल उठी बिल्कुल. फिर मैने अपनी एक उंगली उसकी छूट में घुसनी चाही, तो वो चीख उठी. क्यूंकी वो वर्जिन थी. उसको शायद दर्द हो रहा था. पर मैने फिरसे उंगली को तोड़ा सा घुसाया. अबकी बार उंगली आधी अंदर चली गयी.

वो दर्द से कराहने लगी, तो मैं उपर आके उसको किस करने लगा और उंगली भी अंदर बाहर करने लगा. वो अब थोड़ी नॉर्मल हुई. फिर मैने पूरी उंगली अंदर डाल दी. वो फिरसे चीक उठी, और मैं फिरसे उसको किस करने लगा, और किस करते-करते उंगली अंदर बाहर करने लगा.

अब उसको मज़ा आ रहा था उंगली अंदर लेने में. फिर मैं नीचे आया, और अब बारी थी उसकी छूट का स्वाद चखने की. मैने अपनी जीभ से उसकी छूट का क्लिट छाता. वो पूरी तरह से पागल हो गयी, और मेरा सिर अपनी छूट में दबा दिया. मैने अपनी जीभ उसकी छूट में डाल दी, और चाटने लगा.

मैं जितना ज़्यादा जीभ को घूमता, वो उतना मदहोश होती जाती. मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था चाटने में. अब मुझसे और उससे दोनो से रहा नही जेया रहा था. वो भी तड़प रही थी मेरा लंड अंदर लेने के लिए.

मैने भी उपर आके उससे पूछा: तू रेडी है अपने जीजू का लंड अंदर लेने के लिए?

तो उसने शर्मा के हा में सिर हिलाया. फिर मैं उसको पागलों की तरह किस करने लगा, और फिर उठ के मैने कपबोर्ड में से कॉंडम निकाला, और उसको दिया और कहा-

मैं: मुझे पहना दो ये.

उसने मेरी तरफ देख के बोला: जीजू मुझे नही आता.

तो मैने उसको सिखाया की कैसे पहनते है. फिर उसने मेरे खड़े लंड पे कॉंडम लगाया, और मैने उसको लिटा दिया, और अपना लंड उसकी छूट पे रखा, और रगड़ने लगा.

वो पागल होती जेया रही थी, और बस बोले जेया रही थी: जीजू प्लीज़ तड़पाव मत, डाल दो प्लीज़. मैने भी बिना देरी किए उसकी छूट में अपना लंड डालना स्टार्ट किया.

तोड़ा सा ही अंदर गया था की वो चीखने लगी-

रितिका: निकालो जीजू इसको, बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज़ निकालो.

मैने निकाला नही पर वही रुक के उसको किस करने लगा, और हल्का-हल्का अंदर बाहर करने लगा.

थोड़ी देर में उसका दर्द सिसकियों में बदल गया, और फिर उसने कहा-

रितिका: जीजू डाल दो बाकी भी.

तो मैने एक ही झटके में पूरा लंड उसकी छूट में उतार दिया. वो चीकने लगी, और उसकी आँखों से आँसू आने लगे.

मैने उसको किस करते-करते झटके चालू रखे. कुछ ही देर में अब उसको भी मज़ा आने लगा, और वो सिर्फ़ अया अया की आवाज़े निकालने लगी.

रितिका: अयाया जीजू आ, छोड़ो प्लीज़.

मैं: हा मेरी जान आ, क्या छूट है तेरी

रितिका: अयाया जीजू, छोड़ते रहो, प्लीज़ रूको मत.

मैं: अयाया रितिका, बहुत मज़ा आ रहा है

रितिका: हा जीजू, मुझे भी अया जीजू अया.

मैं: अया रितिका.

रितिका: अया जीजू.

ऐसे ही लगभग 15 मिनिट बाद मैं और वो साथ में झाड़ गये, और एक-दूसरे से चिपक के लेते रहे. फिर मेरा लंड दोबारा टाइट हो गया, और इस बार मैने उसको डॉगी बनने को कहा. तो वो तुरंत डॉगी बन गयी. फिर मैने पीछे से अपना लंड उसकी छूट में डाला, और झटके मारे.

लगभग 20 मिनिट की चुदाई के बाद मैं झाड़ा. इसी बीच रितिका 2 बार झाड़ चुकी थी.

हम एक-दूसरे को किस करके फिर लेट गये, और बहुत देर तक लेते रहे. उसके बाद शाम को रितिका ने बोला-

रितिका: जीजू मुझे अब घर जाना है. आप मुझे मेट्रो स्टेशन छ्चोढ़ दो.

मैने कहा: ओके, पर मैं एक बार और तेरी छूट मारना चाहता हू.

इस्पे वो झट से राज़ी हो गयी, और मेरे पास आ गयी. इस बार मैं नीचे लेता, और वो मेरे उपर आ गयी, और मैने कॉवगिरल पोज़िशन में उसकी छूट मारी लगभग 25 मिनिट. उसके बड़े-बड़े बूब्स क्या मस्त बाउन्स हो रहे थे इस पोज़िशन में.

फिर हम दोनो झाड़ गये और मैं उसको मेट्रो स्टेशन छ्चोढ़ आया. उसके बाद हमे मौका नही मिला चुदाई करने का.

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