कामवाली और उसकी बहनें के साथ सेक्स

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम सुमित और मेरी उम्र 25 साल है। दोस्तों मुझे सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और में फन मज़ा मस्ती का बहुत बड़ा दीवाना हूँ और मैंने इस वेबसाइट बहुत सी कहानियाँ पढ़ी है और मुझे हर एक कहानी बहुत अच्छी लगी। दोस्तों आज में अपनी एक सच्ची कहानी आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ.. यह कहानी आज से 3 साल पुरानी है। दोस्तों यह बात उन दिनों की है.. जब मेरे पापा ने मेरी पढ़ाई पूरी होने के बाद मुझे डिग्री मिलते ही मुझे उनका बिजनेस संभालने के लिए दिल्ली भेज़ दिया। फिर में वहाँ पर अकेला रहता था और 4-5 साल से मेरी कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं थी.. क्योंकि में काम के सिलसिले में हमेशा ही बहुत व्यस्त रहता था।

मेरे घर पर एक कामवाली आकर मेरा सभी छोटा मोटा काम किया करती थी.. उसका नाम पूनम था और उसकी शादी 2 महीने पहले ही हुई थी और उसकी उम्र 26 साल थी। वो एक काम वाली थी.. लेकिन उसके चहरे से वो बिल्कुल भी नहीं लगती थी और वो बहुत सेक्सी थी। उसका गौरा रंग, फिगर करीब 32-23-34 होगा और उसकी 2 बहने थी आस्था और इंदु। उसकी बहनें उसके साथ ही रहती थी.. लेकिन उनकी हालत बहुत खराब थी क्योंकि घर में सिर्फ़ पूनम कमाने वाली थी.. उसका पति कुछ काम नहीं करता था। वो सिर्फ दारू पीकर सब उड़ा देता था और वो पूनम को हमेशा मारा करता था और फिर वो कभी कभी कई दिनों तक काम पर नहीं आती थी और उसकी जगह उसकी बहनें आती थी। इंदु सिर्फ़ 18 साल की थी और आस्था एक महीने पहले ही 22 साल की हुई थी और उन दोनों बहनों का रंग काला था.. लेकिन फिगर बहुत मस्त था और वो दोनों भी दिखने में बहुत सेक्सी लगती थी।

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तो दोस्तों अब में अपनी कहानी शुरू करता हूँ। तो उस दिन रविवार था और में सुबह से ही घर पर ही था.. पूनम और उसकी दोनों बहनों में से कोई भी बहुत दिनो से काम पर नहीं आई थी। तो सुबह करीब 8 बजे एकदम से दरवाज़ा खोलकर आस्था रोती हुई आई और मेरे पास आकर बोली कि साहब हमारी मदद कर दो.. फिर मैंने पूछा कि क्या हुआ?

आस्था : साहब पूनम के पति ने उसे तलाक़ दे दिया है और हमें मारकर घर से निकाल दिया। हमारे सारे पैसे और सामान सब उसने हमसे छीन लिया। अब हम सड़क पर आ गये है साहब।

में : देखो में कुछ नहीं कर सकता यह आपके घर का मामला है इसे आप ही सम्भालो।

आस्था : साहब अभी मदद कर दो.. हम सब काम करके चुका देंगे।

में : ठीक है यह लो कुछ पैसे और कुछ टाईम के लिए तुम यहाँ पर रह सकती हो.. ऊपर वाला कमरा वैसे भी खाली है और हाँ में कुछ दिनों के लिया मदद कर सकता हूँ.. बाद में मुझे भी मेरे पैसे वापस चाहिए।

आस्था : बहुत बहुत शुक्रिया साहब।

फिर वो तीनो बहनें ऊपर वाले कमरे में रहने लगी 2-3 दिन बाद मैंने पूनम से कहा कि अब मेरा कमरा खाली कर दो.. इससे ज्यादा में कोई मदद नहीं कर सकता बस।

पूनम : साहब हमारे पास पैसे नहीं है ऐसा मत करो।

में : तो में और क्या करूं?

पूनम : साहब हम आपका सारे दिन काम कर देंगे फुल टाईम हमें यहीं पर रख लो।

में : लेकिन मेरे पास बाकी का काम करने के लिए और भी नौकर है मुझे तुम्हारी ज़रूरत नहीं है।

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पूनम : लेकिन साहब जो में कर सकती हूँ वो बाकी नौकर नहीं कर सकते। आप एक बार कह कर तो देखो। दोस्तों ये कहानी आप फन मज़ा मस्ती पर पड़ रहे है।

फिर में पूनम का इशारा समझ गया और में करता भी क्या? वो थी ही इतनी सेक्सी और मेरी बहुत सालों से कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं थी। तभी मैंने उसका हाथ पकड़ते हुए उसे कहा कि अच्छा ठीक है तुम आज से मेरी फुल टाईम नौकर.. तुम यहीं पर रह जाओ और तुम्हारा सारा खर्चा में उठाऊंगा लेकिन मेरी कुछ शर्तें है? पहली यह कि जो भी में कहूँगा वो तुम करोगी और तुम कुछ मना नहीं कर सकती और दूसरी की तुम्हारे साथ तुम्हारी बहनों को भी अपनी चूत मेरे हवाले करनी होगी।

पूनम : ठीक है साहब.. आज से आप हमारे राजा और हम आपकी दासियाँ। आस्था को में मना लूँगी.. लेकिन इंदु अभी बहुत छोटी है।

में : ठीक है तुम कहती हो तो इंदु की चुदाई नहीं होगी.. लेकिन बाकी सभी काम उसे भी करने होंगे।

पूनम : ठीक है शुक्रिया साहब।

में : ठीक है चलो अब अपनी बहनों से बात करो और फिर मेरे कमरे में लाओ उन्हें।

फिर पूनम बहुत खुश हो गयी और वहाँ से चली गयी.. लेकिन पता नहीं पूनम ने उन दोनों को कैसे मनाया और वो इंदु और आस्था को दो मिनट बाद ही मेरे कमरे में ले आई। फिर मैंने पूनम को कहा कि इन्हें सब समझा दिया।

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