कमसिन किरायेदार

हेलो दोस्तों! मैं अजय आपका दोस्त फिर से आ गया हू एक नयी स्टोरी के साथ.

ये स्टोरी लॉक्कडोवन् के बाद की है. ये मेरी दूसरी स्टोरी है, इस से पहले मेरी फर्स्ट स्टोरी ‘मेरा कज़िन’ को आप लोगो ने बहुत पसंद किया. आप मे से काई लोगो के मेल्स भी आए. उस स्टोरी का नेक्स्ट पार्ट भी मैं जल्द ही लेकर अवँगा.

जो लोग मुझे नही जानते उन्हे मैं अपना इंट्रोडक्षन दे देता हू. मेरा नाम अजय है, मैं 27 साल का हू. ये स्टोरी आज से 2 साल पहले की है जब फर्स्ट लॉक्कडोवन् ख़तम हुआ था.

मेरा घर देल्ही मे है. जिसमे 4 बेडरूम्स, हॉल किचन है. ये 2 मंज़िली था इसलिए हुँने दूसरी मंज़िल का एक रूम रेंट पर रखा था. जून मंत के लास्ट मे एक फॅमिली ने हुमारे घर मे रूम रेंट पर लिया.

उस फॅमिली मे एक औरत थी, जिनका नाम सरिता देवी (आगे 43) था. उनकी 2 बेटियाँ और एक बेटा था. सरिता के पति की डेत हो चुकी थी. उनकी बड़ी बेटी का नाम पिंकी (आगे 20) और छ्होटी का नाम रिंकी (आगे 18) था. उनके बेटे का नाम राहुल था, जो सिर्फ़ 14 साल का था. उसे सब छ्होतू बुलाते थे.

सरिता हमेशा सारी ही पहनती थी. और दोनो लड़कियाँ सूट सलवार पहनती थी. जब भी मैं च्चत पर जाता या वो दोनो नीचे आते तो मुझे देखते रहते. स्पेशली रिंकी मुझे देख कर स्माइल करती थी. रिंकी का बदन काफ़ी खूबसूरत था. उसके बूब्स का उभर सॉफ दिखता था. उसकी टाइट सूट से उसकी ब्रा नज़र आती थी.

रिंकी की हाइट 5’1″ थी. उसका फिगर 30 28 32 था. उसका रंग सावला और बाल उसकी गांद से थोड़े उपर तक आते थे. वो कमाल की लगती थी. गली के काई लड़के भी उसको देखने के लिए रास्ते मे खड़े होते थे. पिंकी की हाइट भी लगभग सेम थी. उसके चुचे थोड़े ज़्यादा मोटे थे. उसका फिगर 32 30 34 था. दोनो बहने कमाल की लगती थी.

मैं रिंकी को लगातार नोटीस करने लगा. वो घर मे बिना दुपट्टे के ही रहती थी. मैं जब भी च्चत पर जाता था उसके चुचे निहाराता रहता था. वो भी देख कर मुस्कुरा देती थी. एक दिन जब घर मे मेरे पेरेंट्स और मेरी बेहन नही थी तो वो मेरे लिए छाई लेकर भी आई.

रिंकी: भैया, ये लो छाई. पिंकी दीदी ने भेजा है.

अजय: थॅंक्स रिंकी, मम्मी कहाँ है तुम्हारी.

रिंकी: बाहर गयी है.

अजय: ओके.

फिर वो चली गयी. तब से हम दोनो जब भी एक दूसरे को देखते स्माइल करते थे. मैं मान ही मान उसको छोड़ने की सोच रहा था. मुझे बस एक मौका चाहिए था उसको छोड़ने का. पर वो अभी कक़ची उमर की थी इसलिए मैं जल्दबाज़ी नही करना चाहता था. पर जुलाइ के लास्ट मे मुझे वो मौका मिल ही गया.

मेरे घर कुछ रिश्तेदार आए थे. मेरी कज़िन सिस्टर अपने हज़्बेंड और दो बच्चो के साथ आई थी. तो हम शाम को गेस्ट रूम मे बैठ कर बातें कर रहे थे और स्नॅक्स खा रहे थे. गेस्ट रूम और रिंकी का रूम एक साथ ही है.

उस टाइम सरिता और पिंकी घर पर नही थी, सिर्फ़ रिंकी ही थी वो ह्यूम देख रही थी बातें करते हुए. तो मैने उसे भी हुमारे साथ आ कर बैठने को खा. वो आई और साथ बैठ गयी. हम सब आपस मे इधर उधर की बातें करने लगे.

रिंकी ने उस टाइम सलवार कमीज़ पहनी थी बिना दुपट्टे के. जिसमे से उसका क्लीवेज दिख रहा था. मैने शॉर्ट्स और टशहिर्त पहन रखी थी. मैं बार बार रिंकी का क्लीवेज देख रहा था, जिस से मेरा लंड टन कर खड़ा हो गया. रिंकी ने ये बात नोटीस की और मेरा लंड देखने लगी. उसने अपना हाथ मेरे हाथ पर रखा. पर क्योंकि वहाँ और भी लोग थे, इसलिए मैने उसका हाथ हटा दिया.

रात को डिन्नर के बाद मैं जीजाजी और बाकचो के साथ गेस्ट रूम मे ही सो गया. गेस्ट रूम मे बेड नही था. वहाँ हुँने सिर्फ़ गद्दे लगा रखे थे. जब मैं सोने के लिए उस रूम मे जा रहा था तब भी रिंकी मुझे देख रही थी.

उसकी आँखों मे इस वक़्त अजीब सा ही खुमार था. मुझे अहसास हो गया था की अब ये जल्द ही पाट जाएगी. फिर मैं अपने जीजाजी के साथ ही सेम गद्दे पर सो गया, और साथ मे दूसरे गद्दे पर दोनो बच्चे सो गये.

जब मैं रात को सो रहा था तब अचानक मुझे अपनी बॉडी पर कुछ फील हुआ. मैने धीरे धीरे अपनी आँखे खोली तो सामने का नज़ारा देख कर एक पल के लिए मैं घबरा गया. रिंकी बिल्कुल मेरे पास बैठी थी. उसने एक हाथ से मेरा हाथ पकड़ रखा था, और दूसरा हाथ मेरे लंड पर था. मैं जल्दबाज़ी मे उठा और अपने आस पास देखा की कहीं कोई उठ तो नही गया.

जीजाजी और बच्चे अभी भी सो रहे थे. मैने रिंकी से इशारे मे पूछा की क्या हुआ. उसने कुछ नही खा और उठ कर चली गयी. मैं जाते हुए उसकी गांद देख रहा था. जो बहुत ही मस्त लग रही थी. जिसे देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. पर मुझे दर्र भी लग रहा था. इसलिए मैं उसके पीछे नही गया.

थोड़ी देर बाद ही मैने देखा की रिंकी अब भी दरवाज़े पर ही खड़ी है. मैने उस से इशारे से पूछा की क्या हुआ. पर उसने कोई जवाब नही दिया. मैने मोबाइल मे टाइम देखा तो रात के 12:40 हो रहे थे. मैं समझ गया की आज तो इसकी छूट बजने का मौका है.

मैं उठा और उसके पास गया. वो मुझे बहुत ही ध्यान से देख रही थी. उसकी आँखों मे अजीब सी कशिश थी. ऐसा लग रहा था जैसे की वो मुझे कह रही हो, की अजय मुझे छोड़ दो. मैने उसका हाथ पकड़ा और उसे च्चत पर ले गया.

अजय: क्या चाहती है तू साली?

उसने मेरे लंड पर हाथ रखा और उसे दबा दिया.

रिंकी: मुझे ये चाहिए.

मैने अपने हाथ से उसके गर्दन को सामने से दबोच लिया, और उसे किस करना स्टार्ट किया. मैं उसे पॅशनेट्ली किस करता रहा और वो भी रेस्पॉन्स दे रही थी. मैने अपना एक हाथ उसकी सलवार मे डाला और उसकी छूट को मसालने लगा. मैं उसे पुश करते हुए दीवार की साइड ले गया, और उसकी बॅक को दीवार से लगा दिया.

वो भी मुझे पॅशनेट्ली किस कर रही थी. उसने अपनी जीभ मेरे मूह के अंदर डाला, जो मुझे अक्चा लगा. जवाब मे मैं भी अपनी जीभ उसके मूह मे अंदर बाहर करने लगा. साथ ही मैने अपना हाथ उसकी सलवार के अंडर डाला. उसने अंडर पनटी नही पहनी थी.

मैने अपने हाथ से उसकी छूट को सहलाया, और फिर एक फिंगर को उसकी छूट मे डाला. सुनी हल्की सी आहह भारी. मैं अपनी फिंगर से उसकी छूट को छोड़ने लगा. वो पागल सी हो गयी थी और मदहोश आवाज़े निकालने लगी. उसकी मोनिंग सुन कर मेरा लंड और टाइट हो गया.

मैने उसे घुटनो के बाल बैठे और कहा.. “मेरा लंड बाहर निकल और चूस.”

उसने मेरे शॉर्ट्स को नीचे किया और मेरा लंड बाहर निकाला. फिर उसने मेरे लंड को अपने दोनो हाथों से पकड़ा, “ये तो बहुत बड़ा है.” उसने मेरे लंड के टोपे को अपने होंठ पर रखा और उसे हल्का सा किस किया.

मैने अपना लंड उसके मुँह मे घुसा दिया और धीरे धीरे उसका मुँह छोड़ने लगा. वो भी पूरी तरह से मेरा लंड चूसने लगी. मैने अपना लंड उसके गले तक अंडर डाला, जिस से उसका दम घुटने लगा. उसके मुँह मे पूरा थूक भर गया था जो मेरे लंड पर लगा था. ऐसे ही उसने 10 मिनिट्स तक मेरा लंड चूसा.

फिर मैने उसे खड़ा किया और उसे घुमा कर दीवार की साइड खड़ा कर दिया. मैने उसकी सलवार को पीछे से उतार कर उसके घुटनो तक कर दिया. मैने उसकी छूट पर हाथ लगाया और उसमे अपनी 2 फिंगर्स डाली.

रिंकी दर्द से चीखने लगी और बोली, “आअहह, बहुत दर्द हो रहा है प्ल्ज़ निकालो.”

मैं उंगलियों से उसे धीरे धीरे छोड़ने लगा. मैं उसकी कान के पास अपने होंठ ले गया और उसे चूसा. मैने उसके कान मे खा,”चुप छाप ऐसे ही रह साली रंडी, बहुत खुजली थी ना तेरी छूट मे.”

वो चुप हो गयी. मैने अपना लंड उसकी छूट पर सेट किया, और उसे अंडर पुश किया. पर वो अंडर गया नही, उसकी छूट बहुत टाइट थी. वो फिर से बोली,” प्लीज़ अजय, आराम से करो मैं पहली बार ये कर रही हू.”

मैने उसकी गांद पर ज़ोर से थप्पड़ मारा. “पहली बार क्या कर रही है? सॉफ सॉफ बोल साली.”

रिंकी: पहली बार छुड़वा रही हू.

मैने अपनी उंगलियों को फिर से उसकी चूत मे डाला और फिर उसके मुँह मे डाल कर गीला किया. और वापस उसकी छूट को गीला किया.
मैने उसकी कमर को तोड़ा और झुकाया और उसकी टाँगो को फैलाया. उसके गांद पर फिर से एक थप्पड़ मारा. उसकी छूट पर लंड सेट किया और धीरे से अंडर पुश किया.

रिंकी दर्द से चिल्ला उठी, उसकी आँखों में आँसू आ गये थे. वो दर्द से कराहने लगी, “प्लीज़ इसे बाहर निकालो बहुत दर्द हो रहा है.”

मैने उसकी कोई बात नही सुनी और फिर से अपना लंड उसकी छूट मे पुश किया. मेरा आधा लंड उसकी छूट मे चला गया. वो और ज़ोर से चीलाई. मैने अपना हाथ उसके मुँह पर रखा. मैं अपना लंड अंडर बाहर करने लगा धीरे धीरे. मैने देखा मेरे लंड पर खून लगा है. मैने इस कमसिन लड़की की छूट की सील तोड़ दी थी.

मैं उसी पोज़िशन मे उसे पीछे से छोड़ने लगा. एक दो शॉर्ट के बाद मैने अपना पूरा लंड उसकी छूट मे डाल दिया. और उसके मुँह पर हाथ रख के उसे छोड़ रहा था.

मुझे एक कमसिन लड़की की टाइट चूत छोड़ने को मिली थी. मैं उसको एक रंडी की तरह छोड़ता रहा. बीच बीच मे मैं उसकी गांद पर थप्पड़ मरता था.

मैने सेम पोज़िशन मे 10 मिनिट्स तक उसे छोड़ा. फिर अपना लंड उसकी छूट मे से निकल दिया.

अब मैं रिंकी को किसी और पोज़िशन मे छोड़ना चाहता था. मैने अपने शॉर्ट्स उतरे जो मेरे पैरो मे थे. और अपनी टशहिर्त भी उतार दी. अब मैं पूरा नंगा था. मैने रिंकी की भी कमीज़ और सलवार उतार दी. उसने अंडर ब्रा नही पहनी थी. उसके चुचे छ्होटे थे पर कमाल के लग रहे थे. उसके निपल्स ब्लॅक और ताने हुए थे. मैने आस पास देखा एक चादर पड़ी हुई थी.

मैने वो चादर बिछाई और उस पर लेट गया. रिंकी को अपने उपर बुलाया. उसने अपनी छूट मेरे लंड पर सेट की और धीरे से बैठ गयी. मेरा लंड फिर से उसकी छूट मे था. मैने अपने दोनो हाथ उसके चुचो पर रखे थे. और मैं उन्हे ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था. रिंकी भी मेरा लंड अपनी छूट मे लेकर उच्छलने लगी.

मुझे उस वक़्त बहुत मज़ा आ रहा था. मैं उसकी चूत और बूब्स के अलावा कुछ और सोच ही नही रहा था. मैं ऐसे ही उसे 10-15 मिनिट्स तक छोड़ता रहा. रिंकी भी खूब मज़े लेकर छुड़वा रही थी.

मैं झड़ने वाला था तो मैने अपनी स्पीड बढ़ा दी. उस वक़्त मुझे लगा की कोई हम दोनो को देख रहा है. पर अब मैं रुक नही सकता था. मैने रिंकी की कमर पकड़ कर 8-10 तेज़ तेज़ शॉर्ट मारे और उसके अंडर ही झाड़ गया. वो भी झाड़ चुकी थी.

हम दोनो काफ़ी तक गये थे. वो मुझ पर ही गिर गयी. पर मैने उसे खा की वहाँ शायद कोई है. हम दोनो उठे और देखा तो वहाँ कोई नही था. हम सीढ़ियों से नीचे आए तो हुमारे सामने रिंकी की बड़ी बेहन पिंकी खड़ी थी. वो ह्यूम देख कर स्माइल कर रही थी.

नेक्स्ट पार्ट मे मैं आपको बतौँगा की कैसे मैने दोनो बहनो के साथ थ्रीसम किया.

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