फिर कब आओगे राज चुदाई करने – 2

उसके दो दिन बाद फिर नीताजी की फोन आया, कहने लगी- फिर कब आओगे राज चुदाई करने
“राज, कब आ रहे हो ?”

मैंने कहा-
“नीता जी, जब आप बुलाओ, मैं हाजिर हो जाऊंगा, बोलिए कब जाना है ।”

“राज, ऐसा नहीँ हो सकता ! तुम दोनोँ यहां आ जाओ, साथ मेँ मजे लेँगे ।”

सॉरी दस्तोँ, मैँने आप लगोँ को बताना भुल गया कि मैँ एक शादीशुदा आदमी हुं और एक सुन्दर सी सेक्सी पत्नी है मेरी । उसकी उम्र 32 साल होगी और मेरा 35 । मैँ दो बच्चोँ का बाप भी हुं ।

मेरी पत्नी का नाम सीमा है । बहुत गठीला और भरा हुआ बदन है उसका । उसकी सबसे सेक्सी अंग थी उसकी चौडी गांड जिसकी थिरक देख कर किसी भी मर्द के लंड खडा हो जाएंगे ।

खैर जब नीताजी की बात मैँने उसे बताई तो व एकदम से आश्चर्य-चकित रह गई और उससे मिलने का मन बना लिया ।

और हमने अगले दिन रात को ठीक आठ बजे नीता की घर पहुंच कर बैल बजाई । नीता ने दरवाज़ा खोला और मेरे गले लग कर कहने लगी-
“राज, इतना इन्तज़ार मत करवाया करो ! कहां हैँ तुम्हारे पत्नी कबसे बेताब हुं मिलने के लिए ।”

मैंने कहा-
“सीमा भी आपसे मिलने के लिए बैचेन है । आपको देखने के लिए बडी उत्सुक हुई जा रही है ।”

और फिर मैँने दोनोँ को मिला दिया । नीता ने सीमा को गले लगा कर चुम लिया और हमेँ अंदर ले गयी । अपनी दोनोँ बच्चोँ से हमेँ मिलाते हुए नीता बोली-
“बेटा, ये हैँ राज अंकल और ये हैँ सीमा आंटी । ये मेरे ही ऑफिस मेँ काम करते हैँ और आज रात यहीँ रहेंगे ।”

बच्चे हमसे मिल कर बहुत खुश हुए । एक घंटे मैँने बच्चोँ के साथ गप्पे लडाता रहा, इसी बिच नीता और सीमा ने मिल कर खाना तैयार कर लिया । फिर सबने एक साथ खाना खाया । खाना खत्म करके बच्चे अपने कमरे मेँ सोने चले गए । नीता ने नीचे गेस्ट रुम मेँ हमारा बिस्तर लगा दी । मुझे और बर्दास्त नहीँ हो रहा था । सीमा नीता के साथ काम निबटा रही थी । मैँने अकेले दोनोँ का इंतजार करने लगा । आधे घंटे बाद दोनोँ कमरे मेँ आ गए तो मैँने नीता से पुछा-
“नीताजी, बच्चे सो गए क्या ?”

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नीता ने थोडी सी मुस्कराई और अलमारी से एक विस्की का बोतल निकालती हुई बोली-
“वे तो कब के से चुके हैँ, अब हम अपना काम आराम से कर सकते हैँ ।”

फिर नीता ने तीन पैग विस्की के बनाये, हम सबने आपस में चियर्स किया, अपने-अपने पैग खत्म किये, एक दूसरे के गले लगे । उसके बाद नीता ने तीन और पैग बनाये और पैग खत्म करने के बाद हम तीनों ने अपना चुदाई का कार्यक्रम शुरु किया । एक गहरी सांस लेकर हमने अपने-अपने मुंह ऐसे घुमाये कि सबके होंठ सट गए । हम एक दूसरे के होंठों को चुमने लगे । फिर नीता ने सीमा को अपनी बाहों मे कस लिया और उसकी होंठों को बेतहाशा चुसने में लग गई ।

मैँने खुद को दोनोँ से अलग कर दिया । मेरे बदन में सेक्स का नशा छाने लगा था । मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक औरत भी दुसरी औरत को इस तरह मज़ा दे सकती है ।

अब नीता का हाथ सीमा की ब्लाउज़ पर पहुंच चुका था और उसने एक सैकेंड में सारे हुक खोल डाले और चुचियोँ को सहलाने लगी । सीमा की स्तन काफी बड़े और दूध की तरह गोरे थे । फिर नीता अपनी जीभ से सीमा की चुचेँ चाटना शुरू कर दिया । साथ ही दुसरे स्तन को हाथ से मसलती जा रही थी ।

ये देख कर मेरी उत्तेजना लंड तक पहुंचने लगा था । फिर नीता ने अपना साडी और ब्रा उतार फैंके । उसके स्तन भी भरे पुरे थे और चुचियां तनी हुईं थीं । नीता ने अपनी चुचियां सीमा की छातियों से सटा दी और फिर अपने होंठ उसकी होंठों से सटा दिये । दोनोँ की चुचियां आपस मेँ टकरा रही थी और दोनोँ एक दूसरे से चिपक कर बेतहाशा किस करने लगे ।

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दोनोँ औरतोँ की मस्ती देख कर मेरा सारा बदन मस्ती में डुबता जा रहा था । फिर नीता ने मेरी पत्नी का हाथ अपनी स्तन पर रख लिया और बोली-
“प्लीज़, दबाओ न इन्हेँ ।

सीमा उसके स्तनोँ को मसलने और दबाने लगी । नीता भी आंखे बंद करके मिंजवाने का मज़ा लेने लगी । फिर सीमा ने उसकी निप्पल अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी ।

सच बताऊं, दोनोँ की चुमा-चाटी देख कर मुझे बहुत मज़ा आने लगा था और अपना लंड निकाल कर सहलाने लगा ।

काफी देर तक वे दोनों एक दुसरे के चुचियां चुसते रहे । कुछ देर बाद नीता ने सीमा को पलंग पर लिटा दिया और उसकी साडी, पेटिकोट खोल डाली और पैंटी भी खोल कर उसे पुरा नंगा कर दिया । मेरी पत्नी थोड़ी शरमा रही थी और अपने हाथ अपनी टांगों के बीच चूत पर रख लिये ।
नीता बोली-
“मत शर्माओ सीमा, मैं भी अपनी सारी कपड़े उतार देती हुं ।”

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