जंगल टूर पे मा की चुदाई देखी

हेलो दोस्तो मे रोहित, देल्ही से हू. कहानी का टाइटल पढ़ कर आप सभी को पता चल ही गया होगा कहानी किस बारे मे है.

मेरे घर मे हम सिर्फ़ 3 लोग है मे, पापा रुद्रा और मम्मी सोनिया. मम्मी के बारे ने बता डू, मेरी मम्मी बहुत शिध्ि साधी औरत है. सुबा शाम पूजा करती है. फिगर उनका भरा हुआ है, बूब्स बड़े बड़े, बॅक भी. आगे उनकी 44 से पर लगती 35 की है. पूरे टाइम शादी पहन कर रखती है और पापा बिज़ी रहते है अपने बिज़्नेस पर.

सीधे कहानी पर आते है..

ये बात 2 साल पहले की है. मे कॉलेज का 1स्ट्रीट एअर मे था. विंटर वाकेशन चल रहा था. गाओ से चाचा चाची उनकी बेटी आने वेल थे देल्ही घूमने.

मे चाचा की फॅमिली को पिकप करने रेलवे स्टेशन गया. वाहा मेरे चाचा चाची की पेर छुए और उनकी बेटी को तो देखता ही रह गया. फिर हम सब घर पोोच गये. मम्मी सबको देख कर खुश हो गयी. फिर सब फ्रेश हो गये तब तक मम्मी ने सबके लिए खाना लगा दिया. हम सब डिन्निंग टेबल पर बैठ गये और खाना खाने लगे,

तभी-

चाचा – अरे भाभी भैया कब तक आएँगे? उनको तो छुट्टी लेनी छाईए थी हम लोग आए है.

मा – वो काम के सिलसिले बिज़ी रहते है. क्या बतौ शाम को ही आएँगे. वैसे मेने उनको कॉल कर दिया है.

चाचा – इतना पैसा कमा कर कहा जाएँगे भाभी जी.

चाची – चोरिय ना आप खाना खाइए चुप छाप.

सब लोगो ने खाना ख़तम किया. मा ने बोला सबके उनके रूम दिखा दो मेने बिस्तर लगा दिया है चाची और उनकी बेटी सीमा रेस्ट करने ले किए उस रूम मे चले गये.

चाचा – मे तोड़ा तहेल कर आता हू.

और वो बाहर चले गये

मे भी चाची वेल रूम मे चला गया, हम लोग यहा वाहा की बाते करने लगे.

सीमा – रोहित मुझे पानी पीना है तुम ले आओगे?

मे – ठीक है ला रहा हू.

मे नीचे गया तो देखा चाचा की आवाज़ आ रही है, वो मम्मी के साथ किचन मे थे, मे साइड हो कर उनको बाते सुनने लगा.

चाचा – भाभी आप पहेले से भाई जाड़ा सनडर लगने लगी हो.

मा (शरमाते हुए) – क्या आप भी..

चाचा – भैया आपको केसे अकेला चोर सकते है अगर आप जैसे बीवी मेरे पास होती मे एक मीं भी उसस्के अकेला नही चोर्ता.

मा – क्या बात कर रहे है आप..

चाचा – भाभी सही मे आप काफ़ी सुंदर हो काश आप मुझे पहले मिले होते.

मा – फिर..?

चाचा – मेरे भैया से शादी नही होने देता.

मा – कुछ भी बोलते है, जाइए आप आराम कार्लो काफ़ी तक गये होंगे, मुझे बर्तन धोना है..

तभी मे आ जाता हू किचन मे, चाचा मुझे देख कर पूछते है और बेटा पढ़ाई केसे चल रही है?

मे – ठीक चल रही रही.

चाचा – तोहित बड़ा हो गया काफ़ी, चल मे जाता हू उपर तेरे चाची के पास.

मे – मम्मी पानी दो सीमा माँगा रही है.

मम्मी – बेटा ले ये जूस भी ले जा सबको दे डियो (मा के चहेरे पर एक ख़ुसी दिख रही थी.)

मे उपर चला जाता हू, ऐसे ही शाम हो जाती है. पापा भी आ जाते है पापा और चाचा टीवी देखते देते दारू पीते है. हम सभी लोग कल घूमने जाने के लिए प्लान बनाते है.

तभी मा फ्राइ चिकन लेके पापा के पास रखने जाती है. जेसे ही झुकती है चाचा उनकी क्लीवेज देख लेते है. शायद मम्मी को पता नही चलता और मम्मी हम लोगो के पास आ जाती है कल के प्लान के बारे मे डिसकस करने. तभी सभ प्लान बनाते है की कार से आगरा जाएँगे.

मे कार बुक कर लेता हू सुबा के लिए. फिर सब लोग डिन्नर करते है. चाचा तोड़ा मे नशे होते है तो मम्मी को घूर घूर के डेक्ते है. मम्मी कुछ नही बोलती, उनको लगता है की नशे मे है इसलिए घुस रहे है, फिर खाना खाते वक़्त-

मा – सुनिए ना कल हम सबके साथ चल लीजिए.

पापा – सोनिया मुझे काम ज़्यादा है पर पक्का तुम आगरा घूम आओ मे 2 दिन के छुट्टी लूँगा फिर अची जगह चलेंगे.

मा – ठीक है पर पक्का छुट्टी ले लेना नही तो मे घर पर ही रहूंगी.

पापा – हा पक्का.

फिर सब खाना खा कर सो जाते है, सुबा जल्दी उठ कर सब तैयार हो रहे होते है तभी मे चाचा वेल रूम मे जाता हू. तो देखता हू सीमा टवल लपेट कर बाहर आती है. क्या माल लगती है, मेने जेसे ही देखा सॉरी बोल कर गाते बंद कर दिया.

सीमा – इट’स ओक.

मे – चाचा चाची कहा है?

सीमा – मम्मी तुम्हारी मम्मी के साथ तैयार हो रही है और पापा बाहर गये कुछ चिप्स कुरकुरे लाने.

मे – ठीक है मे नीचे वेट कर रहा हू गाड़ी आ गयी है.

एक घंटे के बाद सब तैयार हो कर बाहर आते है. मा एकद्ूम विद्या बालन जेसे लगती है शादी मे और सीमा के तो किया कहने. हम सब गाड़ी मे बैठ जाते है. मे आयेज वाली सीट पर, सीमा चाची और चाचा बीच वेल मे और मम्मी सबसे पीछे.

गाड़ी चले लगती है, सीमा ड्राइवर से बोलती है भैया गाना चलाओ ना. ड्राइवर गाने चलता है. चाचा चाची मम्मी बाते करने लगते. मे सामने वेल शेसे से सीमा को डेक्ता हू. जेसे वो मुझे देखती मई नज़रे चुला लेता हू.

एक घंटे बाद अचानक चाची को उल्टियाँ होने लगती है. ड्राइवर गाड़ी रोकता है चाची उल्टिया करती है. फिर चाचा बोलते है चाची तुम पीछे लेट जाओ तोड़ा आराम मिलेगा.

फिर चाची पीछे वाली सीट पर ल्ट जाती है और मा बीच वाली सीट मे आ जाती है. अब यहा से स्टार्ट होता है खेल.

थोड़ी कार चलने के बाद मे कार के आयेज वेल सिशे मे देखा की मा सो गयी थी और चाचा अपनी कोहनी से मा के बूब्स को टच क कर रहे थे. फिर धीरे धीरे सहला रहे थे. मा अभी भी सो रही थी और सीमा की भी आँख लग गयी थी.

तभी अचानक ब्रेक लगा और मा की आख खुल गयी. मा देखते ही मेने सोना का नाटक किया. तभी चाचा ने मा से बोला फुसफुसा कर की आज बहोट खूबसूरत लग रही हो.

मा – थॅंक योउ.

तभी चाचा ने दुबारा अपनी कोहनी से टच करना स्टार्ट किया. मा फिर अड्जस्ट होने लगी और चाचा नही माने. उन्होने दुबारा टच किया, इस बार तेज पुश किया.

मा- क्या कर रहे हो आप??

चाचा – कुछ नही बस अक्चा लग रहा है.

मा – ग़लत है, अपनी कोहनी हटाओ.. (आराम से बोला)

आयेज की कहानी अगले पार्ट मे जारी रहेगी.

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