जीजा साली ने मज़े लिए किस्सिंग के

हेलो दोस्तों, कैसे हो आप सब? मुझे भूल तो नही गये ना? ये पार्ट तोड़ा लाते उपलोआड कर रही हू, इसलिए सॉरी. क्या करू यार, टाइम ही नही मिलता जॉब फॅमिली इन सब में.

लास्ट पार्ट में आपने पढ़ा की कैसे हम सब वॉटर रिज़ॉर्ट में मज़े कर रहे थे. वहाँ अंकिता को उसका एक कॉलेज फ्रेंड संजय मिल गया था, और उसने अंकिता और दीपक को हज़्बेंड-वाइफ समझ लिया था, और अंकिता ने भी उसकी मिसांडरस्टॅंडिंग डोर नही की. फिर जब हम रैन डॅन्स करने गये तो संजय को देख के फिर से अंकिता और दीपक ने अपनी जोड़ी बना ली. अब आयेज-

तो अब अंकिता और दीपक साथ में डॅन्स कर रहे थे, आंड मैं और आकाश जीजू साथ में डॅन्स कर रहे थे. अंकिता तो पूरा चिपक के डॅन्स कर रही थी, और दीपक भी पूरा चान्स मार रहा था. वो कभी उसकी पीठ पे, तो कभी उसकी गांद पे हाथ लगा रहा था.

पर आकाश जीजू और मैं हम नॉर्मली ही डॅन्स कर रहे थे. पर जिस तरह से वो मुझे देख रहे थे, मुझे उनमे लस्ट नही लोवे दिख रहा था. फिर जब एक रोमॅंटिक सॉंग बजा, तो हम कपल डॅन्स करने लगे. तब फर्स्ट टाइम आकाश जीजू का हाथ मेरी बॉडी में लगा. उनका एक हाथ मेरे कंधे पे था, और दूसरा हाथ मेरी कमर पे, और वो कंटिन्यूवस्ली मेरी आँखों में देख रहे थे.

सच बोलू तो मेरा मॅन तो उन्हे किस करने को हो रहा था, पर मैने खुद को कंट्रोल किया. आकाश जीजू ने कहीं ग़लत जगह टच करने की कोशिश नही की, बस हम ऐसे ही रोमॅंटिक डॅन्स करते रहे.

जब मैने अंकिता और दीपक को देखा, तो वो दोनो फुल मस्ती के मूड में थे. दीपक उसकी पीठ से लेकर गांद तक हाथ फिरा रहा था, और अंकिता भी उससे पूरी चिपकी हुई थी. अंकिता के बूब्स दीपक के सीने पे डब गये थे. आंड ई आम शुवर दीपक का लंड भी टाइट होके अंकिता की छूट में टच हो रहा होगा.

वो दोनो एक-दूसरे के साथ ऐसा बिहेव कर रहे थे जैसे वो सच में हज़्बेंड वाइफ है. थोड़ी देर डॅन्स करने के बाद हम वहाँ से निकल के फिर से वेव पूल में आए, और इस बार अंकिता ने बोला-

अंकिता: मैं और दीपक जीजू साथ ही रहेंगे अब. क्यूंकी क्या पता संजय कब कहाँ से आ जाए और देख ले.

तो मैने पूछा: दीपक इतना पसंद आ गया क्या?

अंकिता बोली: इतना हॅंडसम बंदा किसे पसंद नही आएगा (और हम सब हासणे लगे).

अंकिता और दीपक साथ-साथ चिपक के चलते हुए पानी में अंदर जाने लगे. मैने आकाश जीजू को देखा तो उन्होने मेरा हाथ पकड़ लिया. फिर हम भी पानी के अंदर जाने लगे. लास्ट में साइड में जाके हम चारों खड़े हो गये. वहाँ सभी कपल ही थे जो आपस में बहुत मस्ती कर रहे थे.

अंकिता और दीपक भी एक-दूसरे पे पानी उड़ा रहे थे, तो कभी हग कर रहे थे. उनको देख के आकाश जीजू भी मेरे पास आए मुझे हग करने. पर मैने उन्हे इशारे से माना किया तो वो रुक गये. फिर वो मुझ पर पानी उड़ाने लगे. मैने भी उनपे पानी उड़ाया. ऐसे ही हम सब मस्ती कर रहे थे.

फिर कुछ देर बाद दीपक बोला की उसे फिर से वॉटर राइड्स करनी थी. पर मैं तक गयी थी, तो मैने माना कर दिया. फिर आकाश जीजू ने बोला की यार मैं भी तक गया हू. तो अंकिता बोली की मेरे टेंपोररी हज़्बेंड चलो हम दोनो राइड्स करते है. दीपक मुझे देख रहा था तो मैने इशारे में बोल दिया की जाओ मज़े करो.

फिर हम सब वेव पूल से बाहर आए. दीपक और अंकिता चले गये राइड्स करने. मैं और आकाश जीजू वहीं वेव पूल के स्टार्ट में बैठ गये. पानी पैरों को छ्छूते हुए जेया रहा था. बड़ा मस्त लग रहा था.

वेव्स की वजह से मेरा शॉर्ट्स एक-दूं उपर हो गया था, और मेरी थाइस दिखने लगी थी. जीजू मेरी थाइस को ही देख रहे थे, पर जब मैं उन्हे देखती तो वो नज़र हटा लेते. मुझे उनको देख के हस्सी भी आ रही थी, और उनपे तरस भी आ रहा था.

मैने उनका हाथ अपने हाथ में लिया, और बोला: जीजू आप बहुत आचे हो. मुझे बुरा ना लगे इसलिए आप ठीक से देख भी नही रहे, और मुझे आपकी यही बात अची लगती है. इसीलये मुझे आपसे प्यार हो गया है.

वो मेरी आँखों में देखने लगे प्यार से. कसम से मेरा बहुत मॅन कर रहा था उन्हे किस करने का, बुत मैं चाहती थी की वो खुद बोले.

फिर थोड़ी देर बाद उन्होने बोला: ये दीपक जी और अंकिता क्या कर रहे होंगे?

तो मैने बोला: आपको क्या लगता है?

उन्होने बोला: तुमने उन्हे डॅन्स करते देखा था क्या? दोनो कितने करीब थे एक-दूसरे के.

मैने बोला: कहीं आपको जलन तो नही हो रही की कोई और आपकी वाइफ के इतने करीब था?

तो उन्होने बोला: नही यार, ये तो हमारी ही प्लॅनिंग थी ना, उन दोनो को करीब लाने की. और उसकी वजह से आज मैं तुम्हारे इतने करीब बैठ के तुमसे बातें कर रहा हू.

मैने बोला: अछा जी, तो क्या बात करनी है बोलो?

वो बोले: वो दोनो तो पता नही क्या-क्या कर चुके होंगे अभी तक.

तो मैने बोला: हा उन्होने किस तो पक्का कर ही ली होगी.

वो बोले: सिर्फ़ किस नही, बहुत कुछ कर चुके होंगे.

तो मैं उनका मूह देखने लगी. फिर उन्होने बोला की-

आकाश जीजू: मुझे कुछ पूछना है तुमसे.

मे: हा पूछो ना जीजू.

जीजू: तुम गुस्सा तो नही करोगी?

मे: आपकी किसी बात का गुस्सा किया है क्या मैने?

जीजू: बुत पहले प्रॉमिस करो तुम गुस्सा नही करोगी. अगर तुम्हे नही करना, तो ना बोल देना, पर गुस्सा नही करना प्लीज़.

मे: अछा प्रॉमिस, मैं गुस्सा नही करूँगी. अब बोलो भी.

जीजू: मैं तुम्हे किस करना चाहता हू.

मे (शर्मा के): यहाँ सब के सामने मैं किस नही कर सकती जीजू.

जीजू: अगर तुम्हारी हा है तो हम कोई जगह देखते है, जहाँ कोई ना हो.

मे: चलिए.

जीजू: सच में ना?

मे: हा जीजू, अब चलो.

हम वहाँ से उठ के प्लेस देखने लगे. तोड़ा ढूँढने के बाद एक प्लेस मिल गयी. एक कोने में 1स्ट्रीट ाईड के लिए एक छ्होटे रूम जैसा बना हुआ था. उसके पीछे जगह थी काफ़ी. वहाँ से हमे कोई नही देख सकता था. जीजू मुझे उस रूम के पीछे ले गये. मुझसे पूछने लगे-

आकाश जीजू: तुम करना चाहती हो ना. मेरी खुशी के लिए तो हा नही बोल रही ना?

मे: नही जीजू, मुझे तो कब से मॅन हो रहा था. मैं तो आपके बोलने का वेट कर रही थी.

जीजू: तो तुम सामने से बोल देती.

मे: ऐसी बातें लड़कियाँ नही करती.

जीजू: चलो कोई बात नही. क्या अब किस कर सकता हू तुम्हे?

मे: हा.

वो मेरे एक-दूं करीब आ गये. मेरी आँखों में देखने लगे, और मैं उनकी आँखों में. फिर धीरे-धीरे अपने होंठ मेरे होंठो के पास लाने लगे. जैसे ही उनके होंठ मेरे होंठो से टच हुए, एक करेंट सा लगा मुझे, और मैं हिल गयी. उन्होने होंठ डोर कर लिए, और पूछने लगे-

जीजू: क्या हुआ, कंफर्टबल नही हो क्या?

फिर इस बार मैने अपने होंठ उनके होंठो पे रख दिए. हम दोनो की किस स्टार्ट हो गयी. हम दोनो आँखें बंद करके बस वो मोमेंट एंजाय कर रहे थे. वो कभी मेरे उपर के होंठ चूस्टे, तो कभी नीचे के. मैं भी उनका पूरा साथ दे रही थी.

उनके हाथ मेरी कमर पे थे, और मेरे हाथ उनके गले में. हम अपनी किस में जैसे खो ही गये थे. उन्होने अपनी ज़ुबान मेरे मूह में डाल दी. मैं अपनी ज़ुबान से उनकी ज़ुबान की टच करते हुए एंजाय कर रही थी. तभी अचानक उनका एक हाथ मेरी कमर से उपर होता हुआ मेरे बूब्स पे आ गया. मुझे तोड़ा अजीब लगा, तो मैने धीरे से उनका हाथ फिर से मेरी कमर पे रख दिया.

बुत हम दोनो की किस लगातार चालू थी. कभी उनकी ज़ुबान मेरे मूह में तो कभी मेरी ज़ुबान उनके मूह में. थोड़ी देर बाद उनका हाथ मेरी गांद पे टच हुआ. पर इस बार मैने कोई रिक्ट नही किया. फिर वो भी मेरी गांद सहलाने लगे धीरे-धीरे.

हमारी किस तो चालू ही थी, और मैं भी वो सब एंजाय कर रही थी. उनका दूसरा हाथ फिर से मेरे बूब्स पे आ गया. मैने आँख खोल के देखा, पर उनकी आँखें बंद थी. फिर मैने भी कुछ नही बोला और आँख बंद करके फिर से एंजाय करने लगी.

वो एक हाथ से मेरा बूब सहला रहे थे और दूसरे हाथ से मेरी गांद. उनकी ज़ुबान मेरी ज़ुबान से खेल रही थी. और मैं भी कहीं दूसरी दुनिया में चली गयी थी. जीजू का मुझे ऐसा छ्छूना बहुत अछा लग रहा था मुझे. वो बारी-बारी मेरे दोनो बूब्स सहला रहे.

उनका टच बहुत ही प्यार वाला था. करीब 15 मिनिट्स हमारी किस चली, और उनके हाथ मेरे अंगो से खेल रहे थे. फिर हम अलग हुए. मुझे बहुत शरम आ रही थी. मैं तो उनकी तरफ देख भी नही रही थी. मैं वहाँ से बाहर आ गयी. जीजू भी आ गये और मेरे साथ-साथ चलने लगे.

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