जीजा साली की कामुकता की कहानी

फॅमिली सेक्स स्टोरी के पिछले पार्ट में आपने पढ़ा की अंकिता और दीपक की मस्ती देख कर मेरा दिल भी आकाश जीजू को किस करने का होने लगा. फिर आकाश जीजू ने मुझसे किस के लिए पूछा और मैने हा की. हमने एक लंबी और मज़ेदार की, और उसके बाद अलग हुए. अब आयेज-

जीजू ने मुझे थॅंक्स बोला. मैने उन्हे देखा और बस स्माइल दी.

जीजू बोले: ये दिन मैं कभी नही भूलूंगा.

मैने बोला: मैं भी नही भूलूंगी.

फिर हम एक पूल में अपनी लेग्स डाल के बैठ गये, और बातें करने लगे नॉर्मली. जीजू मुझे एक-दूं चिपक के बैठे थे. वो कभी मेरी थाइस को सहलाते तो कभी मेरी पीठ को. मुझे भी वो सब अछा लग रहा था. उनका लंड टाइट हो गया था शायद इन सब की वजह से. उनके शॉर्ट्स में उसका शेप दिखने लगा था.

मैने जीजू को बोला: चलो जीजू, पूल के अंदर जाते है.

फिर हम पूल में उतार गये, और एक साइड में जाके पानी में खेलने लगे. एक-दूसरे पे पानी उड़ाते हुए मस्ती कर रहे थे. पानी गले तक था वहाँ. थोड़ी देर ऐसे ही मस्ती करने के बाद जीजू मेरे एक-दूं करीब आ गये. वो मेरे पीछे आए, और अपने हाथ मेरी कमर से आयेज लाते हुए मुझे एक-दूं करीब खींच लिया.

अब मैं उनसे चिपकी हुई खड़ी थी. उनके हाथ मेरी कमर पे थे, और उनका टाइट लंड मेरी गांद पे फील हो रहा था. फिर उनके दोनो हाथ मेरे बूब्स पे आ गये. पानी के अंदर किसी को कुछ दिख नही रहा था. वो धीरे-धीरे बूब्स सहला रहे थे. मैने उनके हाथ हटाए नही, पर उन्हे धीरे से बोला की जीजू प्लीज़ ये सब यहाँ मत करो.

उन्होने ज़ोर से मेरे दोनो बूब्स बाबा दिए, और हाथ वापस कमर पे रख दिया. मेरी आ निकल गयी उनके ज़ोर से दबाने से. मैं उन्हे देखने लगी. फिर उन्होने मुझे अपनी तरफ घुमा दिया. मैं उनकी आँखों में देख रही थी, और वो मेरी आँखों में.

कोई कुछ नही बोल रहा था. फिर पता नही मुझे अचानक क्या हुआ, मैने अपना हाथ उनकी शॉर्ट्स के उपर से उनके लंड पे रख दिया. उनकी आँखें एक-दूं बड़ी हो गयी, जैसे मेरी इस हरकत से उन्हे शॉक लगा हो. मैने स्माइल दी और आँख मार दी. वो भी हासणे लगे.

फिर मैं धीरे-धीरे उनका लंड सहलाने लगी उनके शॉर्ट्स के उपर से ही. उनका हाथ भी मेरी कमर से हॅट कर मेरी गांद पे आ गया था. वो मेरी गांद धीरे-धीरे दबा रहे थे, और मैं उनका लंड सहला रही थी. बड़ा ही कामुक माहौल हो गया था हमारे बीच.

हम दोनो ने ही हमारे बीच की कुछ लिमिट्स आज क्रॉस कर दी थी, और दोनो ने ही काफ़ी एंजाय किया. फिर थोड़ी देर बाद एक लड़का हमारे पास से गुज़रा तो हमने हमारे हाथ एक-दूसरे से हटा लिए, और थोड़े डोर हो गये. फिर मैं पूल से बाहर आ गयी.

मेरे पीछे आकाश जीजू भी बाहर आ गये. फिर हम दोनो ऐसे ही टहलने लगे. उन्होने मेरा हाथ पकड़ा हुआ था, जैसे मैं उनकी गफ़ या वाइफ हू. मैने उन्हे बोला-

मैं: प्लीज़ आप ये सब किसी को बताना मत, अंकिता को भी नही.

तो वो बोले: अंकिता को तो बताना पड़ेगा ना. तभी तो हमारा प्लान आयेज बढ़ेगा. और वैसे भी वो दोनो तो हमसे कुछ ज़्यादा ही कर चुके होंगे.

फिर मैने बोला: ठीक है, पर पहले अंकिता को पूछना उसने दीपक के साथ क्या-क्या किया. फिर आप बताना हमारे बारे में.

तो उन्होने बोला: जैसा तुम बोलो डार्लिंग.

मैने बोला: अछा जी, सीधे डार्लिंग!

वो बोले: अब तो डार्लिंग बोल ही सकता हू.

मैने भी स्माइल कर दी. फिर वो बोलने लगे: अब जल्दी से हमारा प्लान फाइनल स्टेज पे आए.

मैने बोला: आप शुवर हो ना, क्यूंकी प्लान का फाइनल स्टेज क्या होगा पता है ना. दीपक और अंकिता सिर्फ़ टच से नही रुकेंगे. बहुत आयेज तक जाएँगे.

वो बोलने लगे: हा वही तो प्लान है ना हमारा. तभी तो तुम मेरे पास रहोगी.

मैने बोला: वो दोनो तो सब कुछ करेंगे, पर मैं आपके साथ वो सब कर पौँगी की नही मुझे भी नही पता.

तो वो बोलने लगे: मुझे सिर्फ़ तुम्हे एक बार देखना है.

मैने बोला: अभी नही दिख रही क्या मैं?

तो वो बोलने लगे: ऐसे नही यार, उस तरह से.

मैने बोला: किस तरह से?

वो बोलने लगे: तुम समझ क्यूँ नही रही? मुझे तुम्हे अंदर से देखना है.

मैं समझ तो गयी थी की वो मुझे नंगी देखना चाहते थे. पर उनसे बुलवाना चाहती थी, तो उन्हे पूछा-

मैं: अंदर से मतलब?

वो बोलने लगे: यार मतलब कपड़ों के बिना.

मैं उन्हे बड़ी आँखें करके देखने लगी. वो चुप हो गये. फिर मैने उन्हे स्माइल दी, और बोली-

मैं: अगर हमारा प्लान सक्सेस्फुल हो गया तो आप मुझे वैसे देख सकते हो. पर मैं कुछ करने दूँगी की नही ये मुझे भी नही पता.

वो बोलने लगे: तुम्हारी मर्ज़ी के बिना मैं तुम्हे टच भी नही करूँगा.

फिर मैने उन्हे स्माइल दी, और थॅंक्स बोला. उन्होने मुझे ई लोवे योउ बोला मैने भी उन्हे ई लोवे योउ टू बोला. फिर हमे अंकिता और दीपक आते हुए दिखाई दिए, तो जीजू ने मेरा हाथ छ्चोढ़ दिया और थोड़े डोर हो गये. मुझे अछा लगा जान के की उन्हे अपनी लिमिट्स पता थी, किसके सामने कैसे बिहेव करना था. अंकिता और दीपक हमारे पास आ गये.

फिर मैने पूछा: दोनो ने मज़े कर लिए पुर?

दीपक मेरा मूह देखने लगा और पूछा की क्या.

मैने बोला: दोनो राइड्स के मज़े करने गये थे ना, तो मज़ा आया की नही?

तो अंकिता ने बोला: हा बहुत मज़ा आया, बहुत एंजाय किया हमने.

वो दोनो काअफि खुश लग रहे थे. मैं तो तभी दीपक को पूछना चाहती थी की क्या-क्या किया अंकिता के साथ. पर मैने सोचा घर पे जाके पूछूंगी. फिर हमने थोड़ी देर और टाइम पास किया वहाँ, और फिर निकल गये. इस बार अंकिता पीछे बैठ गयी और बोली-

अंकिता: मुझे नींद आ रही है, तो मैं पीछे बैठती हू. आयेज बैठ के सोई तो मुझे देख के आकाश को भी नींद आने लगेगी. मैं आयेज आकाश जीजू के पास बैठ गयी और दीपक पीछे अंकिता के पास. फिर हम निकल गये. हमने डिसाइड किया था की हम घर के पास किसी रेस्टोरेंट में डिन्नर करेंगे, फिर घर जाएँगे.

कार में पहले तो सब शांत थे, कोई कुछ नही बोल रहा था. सब शायद थोड़े तक गये थे. फिर अंकिता ने चुप्पी तोड़ी और बोली-

अंकिता: आज मज़ा आ गया सच में. मैने तो बहुत एंजाय किया.

मैने बोला: हा, सब ने ही एंजाय किया.

दीपक बोला: हा यार, वॉटर पार्क में आने का प्लान बड़ा मस्त था. बहुत मज़ा आया.

फिर मैने बोला: ये आकाश जीजू का प्लान था.

अंकिता बोली: जिसका प्लान था वही कुछ नही बोल रहा. लगता है इसने एंजाय नही किया, क्यूँ आकाश?

फिर जीजू बोले: यार इतना एंजाय तो मैने कभी नही किया (और मुझे देख के स्माइल करने लगे).

मुझे तो शरम आ गयी. फिर अंकिता बोली: अछा, क्या बात है!

फिर मैने बोला: अंकिता तुझे तो नींद आ रही थी ना, क्या हुआ?

अंकिता बोली: नींद तो आ रही थी, बुत बातें करने में ज़्यादा मज़ा आ रहा है.

तब आकाश जीजू बोले: उसे कोई नींद नही आ रही थी. उसे अपने नये हज़्बेंड के साथ बैठना था, इसलिए पीछे बैठी.

इस बार तो अंकिता को भी शरम आ गयी. मैं भी अंकिता को छेड़ते हुए बोली: हा मुझे भी ऐसा ही लग रहा है (फिर सब हासणे लगे).

हम ऐसे ही मज़ाक मस्ती करते हुए रेस्टोरेंट पहुँचे. हम अपने-अपने पार्ट्नर के साथ बैठ गये, पर एक-दूसरे के पार्ट्नर के सामने. मतलब मेरे सामने आकाश जीजू थे, और दीपक के सामने अंकिता. दीपक और अंकिता तो बिंदास एक-दूसरे से फ्लर्ट कर रहे थे. पर मैं और जीजू सिर्फ़ इशारों से बातें कर रहे थे. वहाँ पे भी मैने देखा की टेबल के नीचे दीपक और अंकिता की लेग्स एक-दूसरे के साथ खेल रही थी. फिर हमने डिन्नर ख़तम किया, और अपने-अपने घर चले गये.

इस पार्ट में इतना ही. अब अगले पार्ट में पता चलेगा की दीपक और अंकिता के बीच वहाँ क्या-क्या हुआ. और अब आयेज कैसे प्लान बढ़ता है, और कैसे हम सब एंजाय करते है.

आशा करती हू आपको मेरी स्टोरी पसंद आ रही होगी. प्लीज़ मैल करते रहिए. आप लोगों का रेस्पॉन्स ही मुझे और लिखने के प्रेरणा देता है. तो प्लीज़ मैल पे बताइए की कैसी लगी मेरी स्टोरी.

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