जीजा ने मुझे पटा कर चुदाई का मजा लिया

सपना की उम्र 27 साल, और उसका फिगर साइज 32-30-34 है। सपना की शादी को हुए 5 साल हो गए थे। उसका एक बेटा भी है। उसकी छोटी बहन (चाचा की लड़की ) की शादी हुई। लड़के का नाम राजेश था, जो एक ड्राइवर था। शादी के बाद से ही उसको सपना पसंद आने लगी थी।

अब आगे की कहानी सपना की जुबानी।

कुछ दिन बाद राजेश और मेरी बहन मेरे घर पर आए। राजेश और मेरे पति ने रात को शराब पी। फिर सब ने खाना खाया। खाना खाते समय राजेश की नजर मेरे से हट ही नहीं रही थी। फिर सब सोने चले गए। रात को मेरी नींद खुली तो उन दोनों के कमरे से चुदाई की आवाज आ रही थी।

मैं चुप कर उनके कमरे के दरवाजे के पास गई, और छेद से देखने लगी। राजेश ने मेरी बहन को घोड़ी बना रखा था, और उसकी जम कर चुदाई कर रहा था। रीना (मेरी बहन) राजेश को रुकने को बोल रही थी, पर राजेश रीना की बात सुने बिना उसको चोदे जा रहा था। फिर मैं आकर अपने बैड पर सो गई।

अगले दिन सुबह ही दोनों चले गए। शाम को मुझे फेसबुक पर एक विजय नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। मैंने एक्सेप्ट कर ली। हम दोनों के बीच बात शुरु हो गई। मैंने विजय को अपनी नंगी फोटो भी भेज दिए। मैं उसके ऊपर बहुत विश्वास करने लगी थी।

वैसे मेरी शादी से पहले भी बॉयफ्रेंड था, और उसके साथ भी बहुत बार चुदाई का मजा ले चुकी थी मैं। विजय भी मुझे अपने लंड के फोटो भेजता। हम दोनों फोन और चाट पर बहुत ही गंदी बात किया करते थे। फिर एक दिन विजय बोला, “अब मुझे तेरे साथ मिलना है और तेरे पूरे बदन को प्यार करना है”।

मैं विजय को बोली ठीक है और उसको रात को अपने से मिलने बुला लिया। विजय को अपने घर मे कहां आना है, कब आना है, सब बता दिया। विजय खुश हो गया और रात को आने का बोल कर फोन कट कर दिया। रात को हम सब ने खाना खाया, और जल्दी सोने का बोल कर सब सो गए।

मेरे पति ने पी रखी थी। वो भी मुझे चोदना चाहते थे, पर मैंने उनको तबीयत खराब होने का बोल दिया। मेरे पति मुझे गालियां दे कर सो गए। रात 11 बजे विजय की मिस काल आई। मैंने पहले पति को चैक किया। मेरे पति आराम से सो रहे थे। मैं चुप करके घर से बाहर आ गई।

विजय को जहां बोला था, वो वहीं खड़ा था। मैं उसका हाथ पकड़ कर अपने पुराने घर के कमरे मे ले गई। कमरे मे अंधेरा बहुत था। विजय ने बहुत ही जल्दी मुझे अपनी बाहों मे भर लिया, और मेरे होंठो को चूमने लग गया। मैं भी उसका साथ देने लगी। विजय मेरी गांड दबाने लगा, और उसने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया।

अब विजय के हाथ मेरी नंगी गांड और चूत पर चलने लगे। मैंने भी अपना एक हाथ विजय की पेंट के अन्दर डाल दिया, और उसका लंड हाथ में ले लिया। विजय ने अपनी पेंट और अंडरवियर नीचे कर दिये। विजय ने आज ही अपने लंड के बाल साफ किए थे, तभी लंड बहुत चिकना लग रहा था।

कुछ ही देर मे हम दोनों पूरे नंगे हो गए। फिर विजय बोला, “लंड को मुँह मे लेकर चूसो”। मैंने मना किया पर विजय नहीं माना, और मुझे बोला, “एक सरप्राइज भी है, अगर लंड चुसेगी तब”। मैं नीचे बैठ गई और विजय का लंड मुँह मे लेकर चूसने लगी। तब विजय ने अपने फोन की लाइट आन कर दी।

मेरी नजर विजय के चेहरे पर गई तो मैं ड़र गई। यह कोई विजय नहीं मेरा जीजा राजेश था। मैंने लंड मुँह से बाहर निकल दिया तो राजेश बोला, “सपना बहुत अच्छा लंड चूसती हो। अपनी बहन को भी सिखा देना”। मैं अपने कपड़े उठाने लगी पर राजेश ने मेरे कपड़े अपने पैरों से दबा दिये।

मेरा सर पकड़ कर मुझे ऊपर खींच कर फिर से मेरे होंठ चूमने लगा। मैं राजेश को बोली, “जीजा जी यह सब गलत है”। तो राजेश बोला, “आज तो सब ठीक हो जाएगा। आज तेरी चुदाई विजय बन कर ही करुंगा”। फिर जीजा ने वहां लगे बैड पर मुझे लिटा दिया, और अपना मुंह मेरी चूत पर लगा दिया।

जीजा मेरी चूत बहुत ही मस्ती से चूस रहे थे। आज तक ऐसे किसी ने मेरी चूत नहीं चाटी थी। मेरे हाथ खुद ही जीजा के सर पर आ गए, और मैं सर को चूत पर दबाने लग ग‌ई। कुछ समय बाद मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया, जो जीजा चाट कर पी गए। अब जीजा मेरे ऊपर आ गए, और मेरे बूबस को मुँह मे लेकर चूसने लगे।

मैं पूरी गर्म हो गई थी, और मेरे मुँह से खुद ही निकल गया, “विजय अब लंड चूत में डाल दो, अब रहा नहीं जा रहा है”। जीजा बोले,‌ “अब विजय नहीं राजेश बोल”। मैं बोली, “ठीक है राजेश जीजू”। यह सुनते ही राजेश ने अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ना शुरु कर दिया, और एक झटका मारा। लंड मेरी चूत को फाड़ता हुआ चूत के अंदर जाने लगा।

मेरी हल्की चीख निकल गई। आज सच में ऐसा लगा किसी ने गर्म लोहे की रोड मेरी चूत मे डाल दी‌ हो। मेरी आंखों से आंसू निकल आए। राजेश मुझे देख कर बोला, “क्यूं सपना रानी, आज से पहले ऐसा लंड नहीं ली हो क्या”? मैं बोली, “नहीं”। राजेश ने फिर से एक झटका मारा, और लंड चूत को चीरता हुआ और अंदर चला गया।

मेरी हालत खराब होने लगी थी, पर कर भी कुछ नहीं सकती थी। राजेश अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल चुका था। अब राजेश ने मेरी दोनों टांगो को ऊपर कर दिया, और मेरी चूत चोदने लगा। चोदते समय बोलने लगा, “सपना आज तक बहुत रंडी चोदी है मैंने, पर तुझे चोदने मे ऐसा लग रहा है जैसे एक सील पैक लड़की को चोद रहा हूं”।

राजेश लगातार मेरी चूत चोदे जा रहा था। उसके हर धक्के से मेरा पूरा शरीर हिल रहा था। ऐसे तो मुझे कभी मेरे बॉयफ्रेंड और पति ने भी नहीं चोदा था। राजेश चोदते समय कभी-कभी मेरे बूबस को भी चूम रहा था।

मेरी चूत ने फिर पानी छोड़ दिया। अब लंड बहुत आराम से चूत के अन्दर-बाहर होने लगा, और चूत पर पड़ने वाली लंड की मार की आवाज भी साफ सुनाई देने लगी। तो मैं राजेश को बोली, “थोड़ा आराम से करो, कोई सुन लेगा”। राजेश ने मुझे वैसे ही चोदना जारी रखा।

काफी समय बाद राजेश के लंड ने भी मेरी चूत को अपने पानी से भर दिया। अब राजेश थक कर मेरे ऊपर ही लेट गया, और मेरे होंठ चूसने लगा। मैं बोली, “जीजू, यह बात आप किसी को मत बताना, नहीं तो सब मुझे ही गलत बोलेंगे”। तो राजेश बोला, “कोई नहीं सपना, बस तू ऐसे ही मुझे खुश करती रहना”।

आप सब को बताना भूल गई। मैं हिमाचल प्रदेश के छोटे से गांव से हूं। आगे की कहानी मे बताऊंगी, कैसे राजेश जीजा ने मेरी सील पैक गांड की चुदाई की। और आज के समय मे मेरा एक और बेटा भी है, जो राजेश जीजा का है।

आप सब को मेरी कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताना। अगर कोई गलती हो तो मुझे माफ कर देना।

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