मासूम गर्लफ्रेंड की जोरदार चुदाई कहानी

दोस्तों मेरा नाम करन हैं और मैं हैदराबाद से हूँ. मैं बड़ा ही चुदासी टाइप का हूँ और दिन में कम से कम एक बार लंड हिलाता हूँ. मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं हे लेकिन मैं हमेशा सेक्स के लिए एक चूत की तलाश में ही था. चीजे सही नहीं हो रही थी मेरे लिए. मैं नर्वस हो रहा था और सोच रहा था की कोई मिले तो पकड़ के ऐसे चोदुं की नानी याद करवा दूँ उसकी. और कभी कभी घर में अकेला रहा तो चोदने के ख्यालों में ही सुबह से शाम तक ना जाने कितनी बार लंड को हिला लेता था.

और फिर एक दिन मुझे ख्याल आया की ये तो बहुत हो रहा हैं. मैंने खुद को कहा करन ऐसे कब तक लंड हिलाएंगे यार सच में समय आ गया हे की किसी को पटा के पेला जाए. और मैं ये भी जानता था की खुबसुरत लड़कियों को चुदवाने में बड़ी उलझन और नखरे होते हे. और वो जल्दी चोदने नहीं देती हा, मेरा लुक्स एवरेज है, पेट बहार को हे और लंड बड़ा हैं.

एक दिन मैंने अपनी कोलेज के बहार एक लड़की को देखा. वो बहुत ही खुबसुरत लड़की थी और उसके साथ और चार लडकियां भी थी. वो सभी लडकियां मेरे एक दोस्त की फ्रेंड्स थी. तो मैंने अपने दोस्त को उन लड़कियों के बारे में पूछा. मेरे दोस्त ने कहा देख बाकि के चार का तो लफड़ा आलरेडी चालु हे. लेकिन अभी उस ग्रुप में एक लड़की हे जिसका नाम काजल हे वो फ्री हैं.

काजल थोड़ी मोटी, डार्क रंग की और बड़े बूब्स और गांड वाली लड़की थी. मैंने अपने दोस्त से काजल का नम्बर माँगा. उसने नम्बर दिया और बोला की बोलना मत की मैंने दिया हैं. अगले दिन मैंने उसको मेसेज किया. पहले तो उसने कहा की मैं अजनबियों से बातें नहीं करती हूँ. लेकिन फिर मैंने उसे कहा की मैं कहा अजनबी हूँ. उसने पूछा तो मैंने बताया अपनी पहचान. वो बोली तो अच्छा रामू (मेरे दोस्त का नाम) ने नम्बर दिया? मैंने कहा नहीं उसने नहीं दिया लेकिन वो इम्पोर्टेन्ट नहीं हे की किसने नम्बर दिया हैं. मैंने काजाल को कहा की मुझे सिर्फ आप के साथ दोस्ती करनी हैं. वो बोली सिर्फ फ्रेंडशिप, मैंने कहा ओके.

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मैं जानता था की कोई भी लड़की की पहले तारीफ़ करो तो उसे लगता हे की जूठी तारीफ़ हे या मस्के मार रहा हैं. लेकिन बार बार करो तो उसे लगता हैं की सच ही बोल रहा होगा.

अब मैं डेली काजल के नाम की थी मुठ मारता था. उसकी और मेरी डेली बातें होती थी चेटिंग में और मैं जानबूज के उसकी तारीफे करता रहता था. कुछ ही दिनों में मैं समझ गया की वो एक मासूम लड़की थी. वो भी मुझे पसंद सा करने लगी थी अब.

फिर एक दिन मैंने उसे हिम्मत कर के मूवी में चलने के लिए पूछा. वो मान गई. और हम लोग आईमेक्स में चले गए. तब उसने ब्ल्यू टी शर्ट और ब्लेक जींस पहनी हुई थी. उसका टी शर्ट उसके बदन से चिपक रहा था और ऐसे में उसके बूब्स और भी बड़े लग रहे थे. मैं उसके बूब्स को देख के होर्नी हो चूका था और बेताबी से उसे चोदना चाहता था.

और उसी दिन मूवी और लंच के बाद मैने काजल को प्रोपोस कर दिया. वो दुविधा में थी की हाँ करू या ना! और फिर मैंने उसे कहा की मैं उसे सच में बहुत प्यार करता हूँ और अपनी आँखों में जूठे आंसू भी ले के आ गया. और फिर उसने हाँ कर दिया. मैं बहुत ही खुश हुआ. और तब मेरे दिल को तसल्ली हुई की अब मैं उसकी चूत को चोद सकूँगा!

अगले हफ्ते मैंने काजल को अपने घर पर बुलाया जब कोई नहीं था. वो झिझक रही थी इसलिए मुझे फ़ोर्स करना पड़ा उसको. उसके आने से पहले मैंने सब अरेंजमेंट कर ली थी. एक हफ्ते भर तक चुदाई हो सके उतने कंडोम ले के आया था मैं. और फिर 10 बजे के करीब वो मेरे घर पर आ गई. काजल को देख के मेरा तो जैसे मुहं ही खुला रह गया था.

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उसने ब्लेक टी शर्ट पहनी हुई थी जो वी नेक की थी और उसके ऊपर उसने डेनिम का शर्ट पहना हुआ था. निचे उसने ब्लू जींस डाली थी और वो बड़ी ही सेक्सी लग रही थी. मैं खाना अच्छा पका लेता हूँ. मैंने हमारे लिए चिकन बनाया और उसे खिलाया. और उसे खाना बहुत पसंद भी आया.

फिर मैं काजल को अपने बेडरूम में ले गया और मैंने एसी ओन कर दिया. मैंने कहा बेड के ऊपर थोडा सुस्ता लो. उसने मुझे कह दिया की देखो मैं शादी के पहले कुछ भी नहीं करुँगी! मैंने कहा अरे पागल करना तो मुझे भी कुछ नहीं हैं लेकिन सिर्फ किस तो कर ही सकते हैं. और ये कह के मैंने अपना शर्ट उतार दिया. मुझे ऐसे देख के उसे शर्म आ रही थी. और फिर काजल के चौड़े लिप्स को पागल के जैसे सक करने लगा. और फिर मैं किस करते हुए ही उसके ऊपर चढ़ गया. उसके हाथो को जकड़ के मैंने उसके कान और गले के ऊपर भी किस कर दिए.

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