जवान भतीजी की गोरी जांघ देख कर चुदाई

मेरा नाम रमेश है मैं जमुई बिहार का रहने वाला हूँ मेरा रंग सांवला है और हाइट 5 फुट 11 इंच है मेरी उम्र 24 साल है। मेरा लन्ड 7 इंच लम्बा तथा 3 इंच मोटा है।
मेरे चचेरे भाई की 3 बेटियां है उसमें से बड़ी का नाम पूजा है जिसकी उम्र अभी 21 वर्ष है।
ये कहानी 5 साल पहले की है जब मैं 19 साल का था और वो 16 साल की थी।
मेरे घर मे मेरी दादी का श्राद्ध चल रहा था जिसमे की पूजा मेरे घर आई थी वो एक जवान और कमसिन लड़की लग रही थी शुरू में तो मैंने उसे कभी गंदे नजर से नही देखा क्योंकि वो मेरी भतीजी थी पर हैं उसकी मां से में मजाक अक्सर उसके सामने ही करता रहता था।
वो काफी गोरी थी उसके बूब्स 32 के होंगे उस समय और कमर 28 के काफी सेक्सी लगती थी। वो गांव में रहती थी और मेरे घर के बगल के के के एम कॉलेज में उसका नाम था उसे परीक्षा दिलवाना उसका फॉर्म भरना सब मेरा काम था एक बार मैंने एग्जाम के समय किसी लड़के से फोन पर बात करते उसे देख लिया था और काफी डांट दिया था जिससे वो मुझसे डर डर कर रहती थी थी।
अब सीधे कहानी पर आता हूँ।

एक दिन दादी के श्राद्ध के दिन रात को 12 बजे मुझे पिसाब लगा तो मैं बाथरूम जाने के लिए जगा तो देखा कि घर मे कई लोगो के होने के कारण सारी औरते जिसमे मेरी दीदी,पूजा की मम्मी,मेरी और भाभियाँ,चाची सब जमीन पर सोई हुई हैं और सारे बचव्हे ऊपर पलँग पर सोये हैं मुझे बहुत तेज पिसाब लगा था और बाथरूम का रास्ता कमरे होकर ही था।और इतने में लाइट भी चली गई मैने तुरंत टोर्च चालू की और रास्ता ढूंढने के लिए जैसे ही टोर्च मार में ढंग रह गया।मेरी भतीजी पूजा जो कि नाइटी पहने सोई हुई थी उसने एक पैर अपने बहन पर रख था और दूर पैर भी काफी फैलाये थी उसकी नाइटी कमर से ऊपर उठ गई थी।उसके दोनों गोरे गोर जांघ मुझे साफ दिख रहे थे। और मेरी टोर्च की लाइट सीधे उसके जांघों के बीच उसकी काली पैंटी पर पड़ रही थी।

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वाह क्या मस्त नजारा था। गांव की होने के बावजूद उसने क्या अजीब पैंटी पहन रखी थी मैं तो देख कर ढंग रह गया पैंटी पूरी जालीदार थी जिससे उसकी छोटी छोटी बालें उसके पैरों के पास नजर आ रही थी लेकिन चूत बिल्कुल ढंकी थी वहां कपड़ा मोटा था। उसके हल्के हल्के चूतड़ भी नजर आ रहे थे चूतड़ के तरफ भी पैन्टी उसकी छोटी ही थी।मै यह सब देखते रह गया। मुझे रहा नहीं गया मैं उसे छूने आगे बढ़ा ही था कि लाइट आ गयी।मैं डर गया लेकिन लाइट में मुझे जो दिखा मैं वो देख कर और दंग रह गया उसके नाइटी के बटन खुले थे शायद गर्मी के कारण और तो और मैने देखा उसकी ब्रा जो कि ब्लू रंग की था वो भी उसके तकिये के नीचे आधी छिपी हुई है। और उसके दोनों गोल गोरे बूब्स मुझे दिख रहे थे की तभी मेरी नजर नीचे पड़ी औरतों पर पड़ी तो मैं पागल हो गया कोई सिर्फ पेटीकोट में है तो किसी ने अपनी पेटीकोट भी ऊपर की हुई है तो तभी मेरी नजर पूजा के मां पर पडी वो अपनी साड़ी ऊपर की हुई थीं और ब्लाउज के सारे बटन खुले थे बगल में में मेरी दीदी भी थी जिसने अपनी सलवार खोल दी थी और सूट भी वो सिर्फ पेंटी और ब्रा में थी।

तभी मेरी चाची की नींद खुली और मैं तुरन्त उनके नींद खुलने से पहले कमरे से बाहर आकर दीवाल के पीछे छिप गया और खिड़के से देखने लगा रात में लाइट न रहने पर खिड़की में अंदर की चीजें तो बाहर से देखी जा सकती हैं लेकिन बाहर की अंदर से नही।मैने देखा कि चाची उठी और बोली कि सब कैसे सोये हैं कोई मर्द आ गया तो क्या होगा आजकल के औरतों को कोई शर्म ही नही है। ऐसा कह कर चाची ने कहा चलो लाइट आ गयी अब गर्मी तो नही लगेगी और वो भी सो गई।15 मिनट इंतजार करने के बाद मैं कमरे में गया और जाते ही सबसे पहले कमरे की लाइट ऑफ कर दी ताकि रूम में अंधेरा हो जाये और कोई अगर जग भी जाये तो मुझे ना देख पाए। क्योंकि लाइट ऑफ हिने के बाद कमरे में पर्याप्त अंधेरा हो जाता था मैंने सबसे पहले लाइट ऑफ किया और पूजा के पास पहुँचा और उसके चूत पर अपना हाथ रख दिया उसे शायद नींद में लगा कि किसी बच्चे ने ऐसा किया और वो दूसरे करवट हो गयी जिससे मेरा हाथ गया पर मुझे उसकी मस्त चूतड दिख गयी पर आधा मैन तुरन्त उसकी नाइटी कमर के ऊपर की और उसके चूतड़ पर हाथ फेरने लगा मेरा लन्ड पूरी तरफ फुफकार रहा था मैंने उसे बाहर कर दिया और पूजा के बगल में सो गया इतने में पूजा ने फिर करवट मारी और इस बार उसने एक टांग मेरे ऊपर रख दी और हाथ से मुझे पकड़ लिया शायद उसे लगा कि मैं उसकी बहन हूँ लेकिन इससे मेरी हालत बिल्कुल खराब हो गयी उसकी चुत मेरे लन्ड से सट गए और चूची मेरे मुँह के पास आ गए मुझसे नही रह जा रहा था तभी मैन हल्के से उसकी चुत के पास से उसकी पेंट हटा कर अपना लन्ड उसकी चुत में सटा दिया।

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