जवान लंड से मरवाई अपनी गांद

मे: हन… मैं बहुत चुड़क्कड़ हूँ. मुझे रोज छुड़वाना पसंद है. अपने पति से भी खूब चुड़वति हूँ लेकिन मैं शांत नही होती

ह्र: आज तुम्हारे बदन की आग को मैं शांत करूँगा.

मे: अगर सच मे ऐसा हुआ ना तो मैं पूरी तरहा से तुम्हारी हो गयी. तुम जब चाहो जैसे चाहो मुझे छोड़ सकते हो.

ह्र: ठीक है.

उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझे नंगी कर दिया. उसने मुझे देखकर आँख मारी और अपने पैरो को फैला दिया. मैं साँझ गयी और मैने लंड को मूह मे लिया और चूसने लग गयी. वो सिसकारियाँ निकालने लगा.

उसका लंड काफ़ी टेस्टी था तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. काफ़ी देर तक लंड चूसने के बाद वो काफ़ी जोश मे आ गया था. वो बार बार मेरा नाम ले रहा था.

मैं साँझ चुकी थी के इस जवान लड़के के लंड पर एक औरत के होंठ लग चुके है अब ये मुझसे छुड़वाने के लिए बर्बाद हो जाएगा.

काफ़ी देर तक ब्लोवजोब देने के बाद मैं अलग हुई.

ह्र: आहह तुम क़यामत हो. आज तक किसी ने मेरा लंड इस तरहा से नही चूसा. तुमने तो एकदम लंड को निचोड़ डाला

मे: हहा अभी बहुत कुछ एंजाय करना है तुम्हे..

इतना बोल के मैं उसकी गोद मे बैठ गयी और वो मुझे यहाँ वहाँ किस करने लगा. उसने मेरे बूब्स को हाथ मे पकड़ा और उनके साथ खेलने लगा. कभी उन्हे दबा देता, कभी निपल्स को च्छेदता, कभी मूह मे लेकर चूस्ता था. बूब्स की वजह से वो इतना खुश था जैसे किसी बाकछे को उसका खिलोना मिल गया हो.

फिर उसने मुझे इशारा किया और मैं तोड़ा सा उपर हो गयी उसने लंड को मेरी छूट पर सेट किया और मैं उसपर बैठी. लंड हल्के से अंदर चला गया जिससे हम दोनो के मूह से सिसकारी निकल गयी.

दोनो साथ मे: आहह…

फिर मैं धीरे धीरे उपर नीचे होने लगी. उसका लंड काफ़ी लंबा और मोटा था जिससे मुझे बहुत वाइल्ड फील आ रही थी. मैं इतने सालो से छुड़वा रही हू जिससे मेरी छूट थोड़ी फैल गयी है इसलिए पतला लंड लेकर मुझे मज़ा नही आता.

ये लंड काफ़ी मोटा था जो मुझे सालो बाद चुदाई का सुख से रहा था. मैं पूरी तरहा से लंड को अंदर लेती और फिर से बाहर निकलती जिससे हम दोनो को पसीना आने लगा.

आग दोनो तरफ से लगी हुई थी. कुछ देर बाद मैने स्पीड बढ़ा दी और उसके लंड पर उच्छलने लगी. मेरी गांद उसकी थाइस पर ज़ोर ज़ोर से लग रही थी इसलिए गाड़ी मे बहुत आवाज़े आ रही थी.

मे: आहह आहह एसस्स बाबययी आहह अफ बहुत मज़ा आ रहा हाईईइ आहह हयईीई क्या लंड है तेराा आहह मेरी जानन्न आहह आज तो मैं खूब चड़वौनगी तुझसी आहह यअहह एआहह मेरी छुत्तत्त आहह और अंदारर्र डालो ईसीए आहह यअहह बाबययी यअहह फुक्ककक फुक्ककक फुक्ककक मे हर्दर्र्र्ररर अहह…

मेरी आवाज़े सुनकर उसे भी जोश आ गया और वो नीचे से धक्के लगाने लगा. दोनो तरफ से धक्के शुरू थे जिससे लंड ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर हो रहा था.

छूट की दीवारे गरम हो चुकी थी और उससे बहुत सारा पानी निकल रहा था. उसे ज़्यादा हार्ड चुदाई की आदत नही थी इसलिए उसका लंड दर्द कर रहा था. मगर मुझे कोई परवाह नही थी मैं तो मज़े लेते हुए उच्छल रही थी.

काफ़ी देर तक चुदाई करने के बाद हम रुक गये और हफने लगे. एक दूसरे को देखकर हम हास रहे थे क्यू के बहुत मज़ा आ रहा था.

ह्र: तुम डॉगी स्टाइल मे आओ और मज़ा आएगा.

मे: हन..

फिर मैं बॅक सीट पर पिच्चे की तरफ मूह करके घुटनो पर बैठ गयी. मेरे दोनो हाथ सीट पर थे जिससे प्रॉपर मैं डॉगी स्टाइल मे आ गयी थी. ह्र उठा और वो मेरे पिच्चे आ गया. उसने मेरी बड़ी सी गांद को देखा और उसके मूह से लार तपाक रही थी.

उसने मेरी गांद को सहलाना शुरू किया जिससे मेरी आँखें बंद हो गयी. मैं कामुक आवाज़े निकल रही थी जिससे उसका जोश बढ़ रहा था. उसे देखकर लग रहा था के वो मेरी गांद मारना चाहता था. उसने ज़ोर से छाता मारा जिससे मैं ज़ोर से चीखी.

मेरी नंगी गांद पर उसने बहुत ज़ोर से छाता मारा जिससे मुझे बहुत दर्द हो रहा था. मेरी आवाज़ सुनकर उसने और छाते लगाने शुरू किए.

बस फिर वो मरता गया और मैं चिल्लती रही. उसकी हरकत से मुझे बहुत जोश आ गया और मैं एकदम बुरी तरहा से छुड़वाने के लिए रेडी थी.

ह्र ने अपने लंड मेरी छूट पर रखा और मेरी कमर को पकड़ के ज़ोर से अपनी तरफ खीचा. जैसे ही मैं पिच्चे की तरफ हुई उसने ज़ोर से धक्का मारा और पूरा लंड मेरे अंदर घुस गया. मैं ज़ोर से चीखी. उस वक़्त मुझे पता चला के उसमे वाकाई मे दम था. मैं पसीने से भीग चुकी थी. उसने धक्के लगाने शुरू किए और मैं चूड़ने लगी.

ह्र: आहह आहह पूनम आहह ऑश मेरी पूनम आहह मेरी जान है तुऊउ आहह क्या छूट है टेरिइइ बिल्कुल मक्खन की तरहा मुलायम है आहह एकदम भाभी मेटीरियल है तू आहह तेरे जैसी औरत को पहली बार छोड़ रहा हूँ.

मे: आहह मैं भी पहली बार तेरे जैसे जवान लड़के से चुड रही हूँ आहह मेरी चीखे निकाल दी तूने…

ह्र: आहह मेरी रानी है तू…. तुझे जो चाहे वो दे दूँगा आहह कल ही तेरा प्रमोशन कर दूँगा आहह ऑश गोदडड़ ये गद्दे जैसी मुलायम गांद को देखकर मैं पागल हो गया हूँ आहह मेरी रंडी बॅन जाअ पूनम आहह तुझे रोज अपने लंड की सैर कार्ओौनगा आहह…

मे: ग़लत बोल रहा हाीइ तुऊउ आहह मैं तेरी रंडी नही हूँ आहह तू मेरा गुलाम हाईईईई उम्म्म जब मैं बोलूँगी तब मुझे छोड़ेगा तुऊउ आहह यअहह बाबययीः आहह ज़ोर लगा छोड़ मुझे आहह सालो बाद ऐसे चिल्लाते हुए छुड़वा रही हूँ आहह..

काफ़ी देर तक उसने मुझे छोड़ा. और फिर हम दोनो झाड़ गये. फिर मैं होश मे आई तब मुझे याद आया के मैने क्या कांड कर दिया है. फिर मैं जल्दी से कपड़े पहनने लगी.

उसने मुझे रोकने की कोशिश बहुत की लेकिन मैं जल्दी से वहाँ से भाग गयी. पर वो चुदाई बहुत ही दमदार थी. मैं दिन रात वही इमॅजिन कर रही थी. उसे याद करके मैने 2-3 बार उंगली कर ली. रात को अपने पति से चुड़वते हुए भी मैं उसे इमॅजिन करके ही चिल्ला रही थी.

अगले दिन मैं ऑफीस गयी तो उसने मुझे प्रमोशन लेटर दिया. उससे मैं आँख नही मिला पा रही थी. मुझे बहुत शरम आ रही थी के मैं एक जवान लड़के से इतना बुरी तरहा छुड़वा कर आई हूँ. प्रमोशन की वजह से मैं बहुत खुश थी. मैने उसे थॅंक्स भी कहा. मुझे प्रमोशन से ज़्यादा सुख उस चुदाई से मिल चुका था.

ह्र मेरे पिच्चे लट्तू हो चुका था. दिन भर वो अपने कॅबिन से मुझे ही घूरता रहता था. उसकी नज़र मेरे बूब्स, गांद, लेग्स, फिगर, क्लीवेज उसपर ही थी. उसकी आँखों मे मेरे लिए हर वक़्त हवस ही दिखाई देती थी.

अब वो काफ़ी बदल चुका था. उस दिन के बाद से उसने लड़कियों को छोड़ना बंद कर दिया था अब वो सिर्फ़ मेरे ही पिच्चे पड़ा था. मैं उसे काफ़ी इग्नोर करने का नाटक करती रही. लेकिन वो हाथ धो के पिच्चे पड़ा था.

मुझे भी उससे छुड़वाना था लेकिन इतनी आसानी से मान जाती तो मेरी कोई वॅल्यू नही रहती इसलिए मैं जानबूझ के भाव खा रही थी.

एक दिन ऑफीस के बाद काफ़ी बारिश हो गयी थी और मेरे सारे फ्रेंड्स भी जेया चुके थे. बारिश की वजह से मुझे घर जाने मे प्राब्लम हो रही थी तो उसने फोर्स किया लिफ्ट देने के लिए और मैं उसके साथ चली गयी.

उसने उस मौके का अकचे से फयडा उठाया और वो मुझे सीधा उसके फ्लॅट पर ले गया. उस रात उसने मुझे घर जाने नही दिया और रात भर मुझे छोड़ता रहा. मैं पहली बार किसी मर्द से रात भर चुड्ती रही. उसने मेरे सारे च्छेद मे लंड डाल के मुझे छोड़ा.

शायद वो मुझे कुछ ज़्यादा ही पसंद कर रहा था. उसने वियाग्रा ली हुई थी शायद इसलिए उसने मेरी एक ना सुनी और मुझे रात भर छोड़ता रहा. मैं भी उसकी दीवानी हो चुकी थी. मैने भी अपने पैर खोले और चुड़वति रही.

वो मेरी गांद मरने का बहुत भूखा था. उस रात उसने बहुत बुरी तरहा से मेरी गांद मारी. मैं पहली बार गांद मरवा रही थी इसलिए वो बहुत टाइट थी. उपर से उसने वियाग्रा ली हुई थी तो उसके दिमाग़ पर हवस चढ़ि हुई थी. उसने मुझे घर के हर कोने मे ले जाकर मेरी गांद मारी.

अगले दिन मेरी हालत बहुत खराब थी इसलिए उसने मुझे 3 दिन की लीव दे दी. और वहाँ से हुमारा चुदाई का रिश्ता शुरू हुआ. हम दोनो मौका देखते ही शुरू हो जाते थे. हम दोनो की नीड्स पूरी हो रही थी.

दोस्तो ये थी पूनम की कहानी. आपको कैसी लगी मुझे मैल करके ज़रूर बताना. आप अपना कोई मजेदार किस्सा मुझे मैल कर सकते है अगर वो मुझे पसंद आया तो उसपर ऐसी ही मजेदार कहानी लिखूंगा. लड़कियाँ और औरते भी मुझे मैल करे. आपकी प्राइवसी का ख़याल रखा जाएगा.

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