हज़्बेंड स्वापिंग के बाद ग्रूप सेक्स

हेलो दोस्तों, कैसे हो आप सब? लास्ट पार्ट में आपने पढ़ा की मैं और आकाश जीजू चुदाई के बाद नंगे ही सो गये. फिर जब सुबह मेरी आँख खुली तब मुझे एक मस्ती करने की सूझी. अब आयेज-

मैने अंकिता को धीरे से उठाया और उसे मेरा मस्ती का प्लान बताया, उसे भी सही लगा. फिर वो रूम में गयी, अपने कपड़े उठाए और आकाश जीजू वाले रूम में चली गयी. मैने भी वहाँ से अपने कपड़े उठाए और दीपक के पास चली गयी. फिर मैने अपने कपड़े पहने, फिर दीपक को उठाया. उठते ही मुझे देखा था तो उसने पूछा-

दीपक: डार्लिंग तुम यहाँ कब आई?

मे: कब आई मतलब? हम रात को साथ ही तो आए थे रूम में.

दीपक: क्यूँ मज़ाक कर रही हो?

मे: क्या मज़ाक, हम दोनो इस रूम में रात में ही आए थे.

दीपक: मैं और अंकिता आए थे यहाँ आंड तुम और आकाश दूसरे रूम में गये थे ना.

मे: रात की उतरी नही क्या अभी तक जो कुछ भी बोल रहे हो?

दीपक: रात को अंकिता और मैं साथ में थे.

मे: तुम रात भर मेरे ही साथ थे. अंकिता तो आकाश जीजू के साथ है.

दीपक: अर्रे यार, कल हमने डिसाइड किया था ना एक दिन के लिए वाइफ एक्सचेंज करेंगे?

मे: तुम्हारा दिमाग़ तो खराब नही हो गया? क्या कुछ भी बोल रहे हो.

दीपक: यार तुम्हारे सामने ही आकाश ने बोला था ना की तुम अंकिता को लेके जाओ और मैं मनीषा को लेके जाता हू?

मे: कोई सपना देखा क्या तुमने, और तुम अंकिता के साथ कुछ करने का सोच रहे थे क्या?

दीपक: अर्रे यार तुम ही तो इतने दीनो से मेरी और अंकिता की सेट्टिंग करवा रही थी और कल रात तुम्ही ने तो बोला की जाओ एंजाय करो अंकिता के साथ.

मे: मैने तुम दोनो की दोस्ती करवाई ताकि थोड़ी बहुत मस्ती कर सको. पर तुम तो उसके साथ सोने के सपने देखने लगे.

दीपक: अर्रे यार, मुझे कुछ समझ नही आ रहा. रात सच में तुम ही मेरे साथ थी?

मे: तुम्हे यकीन नही तो चलो बाहर उन दोनो से ही पूच लेते है कों किसके साथ था. उठो, कपड़े पहनो और बाहर चलो.

फिर दीपक अपने कपड़े पहनता है और हम बाहर लिविंग रूम में आके सोफे पे बैठ जाते है. दीपक के चेहरे पे कन्फ्यूषन क्लियर दिख रहा था, और मुझे उसे देख के हस्सी आ रही थी. बड़ी मुश्किल से मैं अपनी हस्सी च्छूपा रही थी. तभी अंकिता और आकाश जीजू भी आ गये. अंकिता ने तो कपड़े पहन रखे थे, पर जीजू नंगे ही आ गये थे. आते ही अंकिता बोली-

अंकिता: मनीषा ज़रा बता तू रात को कहाँ थी?

मे (मूह पीछे फिरा के): जीजू आप ऐसे ही कैसे आ गये? मैं हू यहाँ. आपको शरम नही आती, जाओ पहले कपड़े पहन के आओ.

जीजू भी फुल कन्फ्यूषन में लग रहे थे. वो गये रूम में. अंकिता भी उनके साथ गयी और जीजू कपड़े पहन के वापस आए.

अंकिता: हा अब बता इन्हे तू रात भर कहाँ थी?

मे: कहाँ थी मतलब? बेडरूम में थी दीपक के साथ और कहाँ?

अंकिता: ये बोल रहे है तू उनके साथ थी रात भर.

मे: क्या ये भी ऐसा बोल रहे है? दीपक भी बोल रहा है की तू इनके साथ थी रात भर.

अंकिता: दोनो का नशा उतरा नही क्या अभी तक?

मे: अर्रे इन दोनो की नियत खराब है, तभी वो ये सब सोच रहे है.

दीपक: यार कल तक तो तुम दोनो रेडी थी, आज क्या हो गया?

आकाश जीजू: मुझे तो कुछ समझ नही आ रहा. मनीषा पक्का तुम मेरे साथ नही थी कल?

मे: जीजू क्या बोल रहे हो? आपके साथ तोड़ा फ्रॅंक क्या हो गयी, आप तो सीधे बेडरूम में लेके जाने की बात कर रहे हो.

अंकिता: अर्रे इन दोनो ने कुछ प्लान किया होगा पक्का. वो तो अछा हुआ इनको नशा हो गया, वरना ये हमे एक्सचेंज कर ही देते.

मे: सही बोल रही हो तुम.

आकाश जीजू: क्या बोल रहे हो तुम लोग? कल सब के सामने सब की मर्ज़ी से डिसाइड हुआ था ना.

मे: कल हमने डिन्नर किया. फिर हम पीने बैठे और रूम में चले गये.

अंकिता: इन लोगों के दिमाग़ में ये सब होगा, तभी ये ऐसा सोच रहे है.

दीपक: अर्रे बाबा, ऐसा कुछ नही है.

आकाश जीजू: हा यार, हम कुछ ग़लत नही सोच रहे.

दोनो के फेस देखने लायक हो गये थे. दोनो एक-दूसरे का फेस देख रहे रहे. फुल कन्फ्यूषन हो गया था दोनो को. दोनो यही सोच रहे होंगे की रात को आख़िर था कों हमारे साथ. फिर मैने अंकिता को इशारा किया की अब ख़तम करते है मज़ाक. उसने भी बोला ओक. फिर मैने बोला-

मे: आप दोनो अपनी अपनी वाइफ के सिर पे हाथ रख के कसम खाओ, की आप दोनो अपनी वाइफ के लिए लायल रहोगे हमेशा.

अंकिता: हा मनीषा, ये सही बोला. अभी के अभी दोनो कसम खाओ.

आकाश जीजू: दीपक भाई खा लो कसम. नही तो ये दोनो आज छ्चोधेंगी नही.

दीपक: हा भाई, और कोई ऑप्षन भी नही है.

दीपक मेरे पास आया और आकाश जीजू अंकिता के पास गये. दोनो जैसे हमारे सिर पे हाथ रखने जाते है. तब मैं बोली-

मे: अर्रे हमने बोला अपनी-अपनी वाइफ के सिर पे हाथ रखना है.

दीपक: हा तो हम वही कर रहे है ना.

अंकिता: तो मेरे पास आओ ना.

आकाश जीजू: तुम मेरी वाइफ हो.

दीपक: ये सब चल क्या रहा है यार?

मे: भूल गये क्या, कल हमने क्या बोला था? एक दिन के लिए अंकिता तुम्हारी वाइफ है और मैं जीजू की विफें

अब तो दोनो के चेहरे पे और ज़्यादा कन्फ्यूषन हो गया था.

आकाश जीजू: ये सब चल क्या रहा है, कोई बताएगा?

दीपक: हा साला दिमाग़ खराब करके रख दिया है.

अंकिता हासणे लग गयी. उसे देख के मुझे भी हसी आ गयी. फिर मैं जीजू के पास गयी और अंकिता दीपक के पास. हमने उन्हे मस्त हग कर लिया. फिर अंकिता बोली-

अंकिता: अर्रे यार हम मस्ती कर रहे थे. मनीषा का प्लान था ये.

आकाश: तो रात को मनीषा ही थी ना मेरे साथ?

मे: हा जीजू मैं ही थी आपके साथ.

दीपक: तुम लोगों ने तो दर्रा ही दिया यार.

अंकिता: क्या जीजू आप दोनो बुढ़ू बन गये.

फिर हम हासणे लगे और बैठ के बातें करने लगे. मैं जीजू के पास बैठी थी और अंकिता दीपक के पास. ऐसे ही एक-दूसरे से मस्ती करते हुए बातें कर रहे थे. आकाश जीजू ने ब्रेकफास्ट ऑर्डर किया था. फिर हम सब ने मिल के ब्रेकफास्ट किया. आकाश जीजू बोले-

आकाश जीजू: आयेज का क्या प्लान है?

दीपक: भाई और मस्ती करेंगे और क्या.

अंकिता: मेरा एक सजेशन है, अगर तुम सब को सही लगे.

मे: बोल ना क्या है?

अंकिता: क्यूँ ना हम सब यहीं मज़े करे?

दीपक: मतलब यहाँ लिविंग रूम में सब एक साथ?

आकाश: हा मज़ा आएगा.

मे: पागल हो क्या तुम सब? मैं नही करने वाली सब के सामने.

दीपक: क्या यार, चलो ना मज़ा आएगा.

अंकिता: रात को मैं और दीपक तुम दोनो को करते हुए देख रहे थे. बड़ा मज़ा आ रहा था सच में.

मे: क्या, तुम हुमको देख रहे थे? क्यूँ पर?

अंकिता: अब बन मत, तूने हमे देखा था ये पता है मुझे. हमे देख के तुझे और जोश चढ़ गया था.

दीपक: अर्रे ये दोनो भी हमे देख रहे थे चुपके से.

अंकिता: क्या सच में?

मे: तुमने देखा था क्या हमे?

दीपक: हा देखा था, आकाश तेरी छूट मसल रहा था.

अंकिता: तो फिर करते है ना सब साथ में.

मे: यार चुप के से देखना अलग बात है और ऐसे आमने-सामने से करना अलग है. मुझे दीपक के सामने शरम आएगी.

आकाश: क्या यार, अब क्यूँ शर्मा रही हो? मान जाओ, मज़ा आएगा.

दीपक: हा यार, अब शरम छोड्धो और एंजाय करो.

अंकिता: क्यूँ इतना भाव खा रही है?

मे: अछा ठीक है, पर पहले हम अपने-अपने रियल हज़्बेंड के साथ ही स्टार्ट करेंगे. फिर बाद में अदला-बदली.

आकाश: ये भी सही है.

फिर दीपक मेरे पास आ गये और जीजू अंकिता के पास. फिर हम दोनो कपल्स की किस्सिंग स्टार्ट हो गयी. जीजू ने अंकिता के कपड़े उतारने स्टार्ट कर दिए और उन्हे देख के दीपक ने भी मेरे कपड़े उतारने चालू कर दिए.

थोड़ी ही देर में हम चारो ही नंगे थे एक-दूसरे के सामने. दीपक मेरे बूब्स चूसने लगा और अंकिता जीजू का लंड चूस रही थी. हम सब एक-दूसरे को देखते हुए एंजाय कर रहे थे.

इस पार्ट में इतना ही. अगले पार्ट में पढ़िए हम सब ने साथ में और कैसे कैसे मज़े किए
और मेल्स करके बताइए स्टोरी कैसी लगी.

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