होटेल में दीदी का रोमॅन्स

दोस्तों आप सभी का बहुत प्यार मिल रहा है, और मेरे घर की रियल कहानी आप लोगों को बहुत पसंद भी आ रही है. अब टाइम ना लेते हुए आयेज की कहानी पे आते है. पिछले पार्ट में आपने पढ़ा मेरी दीदी और रानी दोनो शॉपिंग करने गये थे, और रानी के ब्फ ब्रजेश के रूम पे रानी रुक गयी. जब की ब्रजेश मेरी दीदी को लेकर के मार्केट में आयुष के पास छ्चोढने गया था.

अब आयेज-

ब्रजेश और सुष्मिता दोनो पहुँच जाते है जहा पे आयुष खड़ा होता है. आयुष ने ब्रजेश को गले लगाया और हाल-चाल पूछता है.

आयुष: कैसा है ब्रजेश भाई? और तेरी माल किधर है?

ब्रजेश: अछा हू कमीने. वो तो रूम पे ही है.

आयुष: हा सेयेल, जाओ जल्दी, नही तो देख वेट करते-करते गरम ना हो जाए तेरे लिए.

फिर दोनो हासणे लगते है. दीदी भी वही ये सब सुन रही होती है. फिर ब्रजेश सुष्मिता को हग करता है, और वाहा से निकल जाता है.

आयुष दीदी से बोलता है: चलो पहले शॉपिंग करवा देता हू, जो लेना है तुमको.

दीदी: ठीक है चलो.

और दोनो सूपरमार्केट की तरफ निकल जाते है. वाहा दोनो शॉपिंग करते है, और आयुष अपने दोस्त को तब तक बुला लेता है कार लेकर के, ताकि शॉपिंग करने में दिक्कत ना हो.

आयुष का दोस्त भी आ जाता है. फिर शॉपिंग करवाने के बाद पहले से ही प्लॅनिंग के तहत होटेल बुक किया हुआ रहता है. फिर मेरी दीदी, आयुष, और उसका 1 दोस्त होटेल की तरफ निकल जाते है. होटेल पहुचने के बाद सब रूम में जाते है.

वाहा सब साथ में कुछ खाने के लिए ऑर्डर करते है, और फिर आयुष दीदी को किस करने लगता है. आयुष मेरी दीदी को अपनी गोदी में बिता करके किस करता है, और उसके दोस्त को भी धीरे से इशारा कर देता है.

किस करते हुए दीदी जब धीरे-धीरे गरम होने लगती है, तब उसका दोस्त पीछे से धीरे से जाय्न करता है. वो पहले पीठ पे हाथ फेरता है, और फिर गले में किस करता है, जब की आयुष लिप्स किस कर रहा होता है.

अब आयुष का दोस्त भी गरम होने लगता है दीदी को देख कर के. वो बूब्स पे आराम से हाथ को ले जाता है, और आराम-आराम से बूब्स को सहलाने लगता है. आयुष अभी भी लिप्स पे किस कर रहा होता है. अब दीदी पूरी हॉर्नी हो चुकी होती है. ये बात आयुष को पता चल जाती है.

फिर आयुष ने दीदी को घुमा दिया. अब दीदी का फेस आयुष के दोस्त के सामने हो जाता है, और आयुष उसके पीछे. दीदी आयुष के दोस्त को एक ही निगाह से देखती रहती है. वो दोनो आँखों ही आँखों में ही बात करते है.

फिर आयुष का दोस्त आयेज बढ़ता है, और मेरी दीदी को अपनी आगोश में ले लेता है. वो उसके लिप्स पे टूट पड़ता है. दीदी अपने ब्फ के सामने ही ब्फ के दोस्त को उसकी रखैल के जैसा मज़ा दे रही थी. आयुष पीछे किस करता है, और दीदी के बूब्स दबाता है. वो गरम करने का सारा उपाय कर रहा होता है.

अब धीरे से आयुष दीदी के सूट को निकाल देता है, और फिर ब्रा में देख करके दोनो के लंड की हालत खराब हो जाती है. ब्रा के उपर से ही एक बूब को आयुष दबाने लगता है, और एक बूब को उसका दोस्त.

दोनो के बीच में दीदी डाबब के रह गयी थी. दोनो बीच में दीदी को बिता करके उसको गरम करते ही जेया रहे थे. अब उसकी जवानी पुर उफान पे थी. दीदी पूरी तरह से गरम हो गयी थी.

आयुष के दोस्त ने ये देख करके तुरंत सलवार का नाडा खोला, और उसे नीचे तक सरका दिया. अब दीदी केवल ब्रा और पनटी में थी, और क्या कमसिन लग रही थी. तभी जो खाना ऑर्डर हुआ था, वो बेल बजता है.

आयुष: सुष्मिता तुम जाओ और गाते ओपन करो.

दीदी: मैं कैसी हू. तुम देख रहे हो मेरी हालत?

आयुष: ये आज का टास्क है. तुम ऐसे ही ब्रा पनटी में जाओगी और गाते ओपन करोगी.

ये दीदी के लिए नया था. दीदी आयुष के दोस्तों के सामने नंगी हुई थी. लेकिन वो उसके दोस्त थे. उनको वो बहुत पहले से जानती थी. लेकिन आज आयुष एक नौकर के सामने नंगा जाने को बोल रहा था. दीदी भी गरम थी, तो उसको भी समझ में नही आ रहा था. बुत फिर भी शर्मा रही थी.

आयुष: हम दोनो बातरूम में जेया रहे है. तुम जाओ गाते खोल देना.

दीदी दर्र रही थी, लेकिन उसका ब्फ टास्क दे दिया था. और दीदी अपने ब्फ को बहुत प्यार करती थी, इसलिए उसको वो काम करना ही था. आयुष और उसके दोस्त दोनो बातरूम में चले जाते है, और गाते तोड़ा खुला ही रखते है.

दीदी जाती है और शरमाते हुए गाते ओपन करती है. डेलिवरी मान तो दीदी को ब्रा पनटी में देख कर के पागल हो जाता है. फिर वो पहले तो रूम के अंदर झाँकता है. जब उसको कोई नही दिखता है तो आराम से टेन्षन फ्री हो कर के दीदी के जिस्म को निहारता है. वो पता ना किस दुनिया में खो जाता है.

दीदी: ओये भाई साहब, कहा खो गये? यहा पे रख दीजिए.

डेलिवरी बॉय का सपना टूट जाता है और वो जल्दी से रूम के अंदर आ कर के ऑर्डर को वही पे रख देता है. फिर दीदी पूछती है-

दीदी: कितना हुआ?

डेलिवरी बॉय: 750 मेडम जी.

दीदी: ओक वेट, अभी लाती हू.

और दीदी जैसे ही पीछे मुड़ती है, अभी तक उसकी जो गांद च्चिपी हुई थी, वो गांद का भी दर्शन हो गया. मोटी-मोटी गांद.

मेरी दीदी की चुदाई कर-कर के गांद मोटी हो गयी थी. दीदी पैसा ले कर के डेलिवरी बॉय को देती है. डेलिवरी बॉय कुछ बोलना चाह रहा था, बुत बोल नही पाता है. फिर धीरे से-

डेलिवरी बॉय: माँ आप बहुत खूबसूरत हो.

दीदी: थॅंक योउ.

डेलिवरी बॉय: माँ आप बुरा ना मानो तो एक हग कर लू? दीदी असचर्या-चकित हो जाती है. क्यूंकी उसका ब्फ और दोस्त दोनो ही बातरूम से सब देख रहे थे, और हग ना करती तो डेलिवर बॉय उसको आटिट्यूड वाला समझ लेता.

दीदी बहुत देर सोचने के बाद में एक साइड में ले गयी, जहा से बातरूम में ना दिखे, और उसको हग कर लिया.

डेलिवरी बॉय: क्या एक बार टच कर सकता हू माँ?

दीदी: जल्दी से करो और निकलो.

डेलिवरी बॉय ने अपने हाथ दीदी के बूब्स पे लगाए, और बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा. फिर उसने गांद को भी मसल दिया, और एक हल्की सी पप्पी दीदी के गालों पे दी. वो खुश हो कर के चला गया. डेलिवरी बॉय के जाते ही-

आयुष: तू क्या की उसके साथ.

दीदी: कुछ भी तो नही.

आयुष: फिर वो हग करने को बोला तो साइड में क्यूँ ले गयी? यही पे क्यूँ नही की?

दीदी: मैने हग किया ही नही. मैं उसको बोली जाने को, और उसको छ्चोढने गयी थी.

आयुष: तो उसके बाद इतना टाइम कैसे लग गया?

दीदी: पैसा काउंट कर रहा था, की मैं उतना ही दी हू ना. तुमको मेरे उपर विश्वास नही है बेबी?

आयुष: अर्रे डार्लिंग, कैसी बातें करती हो. मैं तुम पर कभी शक करूँगा.

और मुझे फिरसे वाय्स सुनते हुआ पता चला की मेरी दीदी कितनी चालू है यार. उसका ब्फ खुशी-खुशी भी हग करवा देता डेलिवरी बॉय से. उसको कोई दिक्कत भी नही थी. फिर भी उसने क्यूँ नही बताया की वो हग की थी या बूब्स और गांद उससे मसालवाए थे.

फिर एक बात तो मुझे समझ में आ गयी की आप कितना भी किसी को छ्छूट डेडॉ, लेकिन फिर भी वो आपसे सारी बातें शेर नही करेंगी. वो ऐसा कुछ करेगी जो आपको ना बताए, हलकी आपको उससे आपत्ति ना हो तो भी.

ये कहानी आपको कैसी लगी, मुझे कॉमेंट में ज़रूर बताना

श्रीस्टीसिंघ1559@गमाल.कॉम

पर.

आपका प्यार ही सब कुछ है, इसलिए आपको कहानी कैसी लगी ज़रूर बताईएएगा.

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