हॉट सीमा Xxx की चूदाई कहानी 4

सेक्स हिंदी कहानी में पढ़ें कि मन्त्री जी ने गाड़ी भेज कर मुझको फार्म हाउस बुला लिया. मेरी पति ने कार से पीछा किया …
नमस्कार दोस्तो, मेरे पति पैंतीस साल के और में सीमा बीस साल की रंडी, कि चुदाई की कहानी सुन रहे हो.
आपको मैंने पिछली सेक्स कहानी
हॉट सीमा Xxx कहानी 3 के अंगे की कहानी
में बताया था कि सलमान जी अपने चार साथियों के साथ मुझे चोदने मेरे घर आ गए थे.
मेरे पति को घर से काम का कहकर चले जाने की कह दिया था एक घंटे बाद सलमान जी भी चले गए और वो चारो मेरी चूत गांड की प्यास बुझाने में लग गए थे.
उस दिन के घटना के बाद 15 दिन तक न कोई घर आया ना अनिल के पास किसी का कॉल आया .
मैंने कुछ दिन आराम किया और अब मेरी ठरक के चलते खुद में उने उकसाने लगी और वो मुझे अपनी जीभ और हाथ की उंगलियों से चुदाई कर देता.
अनिल – वो मुझसे एक बार चुदने से शांत नहीं हुई थी और उसे अभी अपनी और चुदाई करवाने का मन था.
मैंने काफी देर तक उसकी चूत चाटी और कुछ कोशिश करके फिर से उसे चोदा मगर मैं ज्यादा कुछ नहीं कर पता और उसने मुझसे फिर से अपनी चूत चटवा कर जैसे तैसे अपनी चूत का पानी निकलवा लिया.
अब हम दोनों सो गए.
फिर दिन में दो या तीन बार के हिसाब से अगले पांच दिन तक मैं उसकी इसे ही चुदाई करता रहा.
अलग बात बस ये रही कि में अब उस की गांड नहीं मरता था, पर इन 15 दिनों में उस ने हर रोज अपनी गांड मरने को कहती थी.
उसकी चूत गांड की खुजली शांत नहीं होती थी में अपने लैंड के बारे में उसे बता भी नही पा रहा था.
सोलावे दिन सुबह का नौ बज रहे थे और मैं बरामदे में बैठ कर पेपर पढ़ रहा था.
सीमा हमेशा की तरह नंगी ही थी और मेरी टांगों के बीच बैठ कर मेरा लंड चूस रही थी.
आज छुट्टी का दिन था तो किसी के आने की उम्मीद नहीं थी.
मैंने सामने के दरवाजे की कुण्डी नहीं लगाई थी और बेफिक्री से मैं लंड चुसाई का मजा ले रहा था.
जैसे ही मैं सीमा के मुँह में झड़ा, मुझे लगा कि मेरे पीछे कोई खड़ा है.
मैंने पेपर एक तरफ किया और सीमा ने नजर उठा कर देखा.
उसकी आंखों में आश्चर्य के भाव थे, तो मैंने तुरंत उठ कर पीछे देखा.
पीछे एक आदमी खड़ा था, जो बॉडीगार्ड की पोशाक पहने हुए था.
मैंने उसे देखा तो उसने कहा- मुझे सलमान जी ने भेजा है. उन्होंने सीमा जी को फार्महाउस पर बुलाया है. शाम तक मैं उनको वापस छोड़ दूंगा.
सीमा खड़ी हुई ये जानते हुए कि वो नंगी है. उसने अपने हाथों से अपनी चूत और मम्मों को छुपाया.
वो उस बॉडीगार्ड से बोली- बाहर रुको, मैं तैयार होकर आ रही हूँ.
बॉडीगार्ड बोला- सलमान जी ने कहा था कि मैडम नंगी ही होंगी और उनको उसी हालत में लाना है. आपको कपड़े पहनने की जरूरत नहीं है.
मैंने बात काटने को हुआ तो उसने कहा- और ये भी बोला है कि अनिल जी को साथ में नहीं लाना है.
मैंने तुरंत सलमान जी को कॉल किया तो वो बोले- हां तो सीमा को चोदने को ही बुला रहा हूँ, नंगी आएगी तो क्या हो जाएगा. यहां आकर तो उसे नंगी होना ही है.
तब मैंने अपने आने का पूछा तो बोले- तू क्या करेगा आकर, मेरा लंड हाथ में पकड़ कर उसकी चूत में डालेगा क्या? तू घर पर ही रह, मैं शाम को उसको पहुंचवा दूंगा.
मैंने कभी सोचा नहीं था कि सलमान जी और बाकी लोग सीमा को अपनी रखैल समझने लगेंगे.
मैंने सलमान जी से कहा- एक बार के लिए ठीक था लेकिन ये रुटीन बनाना ठीक नहीं है. सीमा मेरी वाइफ है और उसको इस तरह से बार बार, आप मेरी बात समझ रहे हैं ना?
सलमान जी बड़े आराम से बोले- हमारे रसूख से तुमने कितने दो नंबर के काम एक नंबर में करवाए हैं. एक दो बार का समझ आता कि चलो पहचान है तो हमारे रसूख का इस्तेमाल कर लिया. कभी कभी के लिए ठीक है. पर तुमने आदत बना ली थी. हर जगह हमारे नाम का इस्तेमाल करके अपना हर काम करवाया है. मैंने कभी बोला क्या कि अनिल बस हो गया, अब हमारे नाम का इस्तेमाल मत करो.
मैं चुपचाप सुन रहा था.
वो थोड़ा रुक कर बोले- लेकिन मैं तेरी बात समझ गया. चलो जो हुआ सो हुआ, पुरानी बात को दफ़न करते हैं. जो काम करवा लिए और जिनका पेमेंट हो गया उसको भूल जाते. अब कोई पेमेंट रुका हुआ या काम चालू है, उसको मैं सब जगह फोन करके रुकवा देता हूँ. मैं ये नहीं बोल रहा कि काम उठाने या करने नहीं दूंगा. बिल्कुल करो, बस मेरे नाम से कोई नया काम नहीं मिलेगा. अपने सामर्थ्य पर काम करो, जैसा सब करते हैं.
मेरे बहुत ज्यादा बड़े तीन काम चल रहे थे अभी. काम रुक जाना बड़े नुकसान का कारण बन सकता था और सच तो ये था कि बिना इन तीनो के रसूख के मैं इस शहर में काम कर ही नहीं सकता था.
मैंने अपनी आवाज में नर्मी ला कर कहा- शाम को कितने बजे तक सीमा को पहुंचवा देंगे आप?
सलमान जी बोले- क्या बात है, बड़ी चिंता हो रही है. चार बजे तक छुड़वा दूंगा. ज्यादा लम्बा प्रोग्राम नहीं है.
मैंने बॉडीगार्ड से कहा कि गाड़ी को बाउंड्री के अन्दर ले आए.
वो बाहर गया और महिंद्रा स्कार्पियो को अन्दर ले आया.
सीमा नंगी ही बाहर निकली और चुपचाप पीछे की सीट पर बैठ गई.
स्कार्पियो तुरंत निकल गई और मैं अन्दर आ गया.
हालांकि सलमान जी ने मुझे घर पर रहने को बोला था पर मेरा सीमा को अकेले वहां छोड़ने का मन नहीं था.
मैंने पिछली बार देखा था कि मेरी अनुपस्थिति में लोग सीमा को वहशी की तरह चोदते हैं.
तो मैं तैयार हुआ और घर को बंद करके कार से सलमान जी के फार्महाउस के तरफ रवाना हुआ.
फार्महाउस शहर के बाहर सुनसान में स्थित है और लगभग 20 किलोमीटर का रास्ता एकदम सुनसान था.
एक तो स्कार्पियो की गति मेरी कार की तुलना में ज्यादा ही होती है और दूसरा मुझे निकलते भी बीस मिनट से ऊपर हो गया था.
सीमा अब तक पहुंच गई होगी और मैं क्या बहाना बनाऊंगा, ये सोच कर मैं थोड़ा धीरे धीरे ही ड्राइव कर रहा था.
सीमा – में आंखे बंद कर कर लेती हुई थी जैसे ही स्कार्पियो रुकी तो में समझी की में पहुंच गई आंखे खोली तो अभी नहीं पहुंचे थे
में उस की नियत समझ गई मेने गुस्से से उसे दमकी दी तो उस में सलमान जी को कॉल लगाकर स्पीकर ऑन कर दिया उस ने सलमान जी से कहा की में इसे चोद सकता हु क्या सर, उन्होंने तुरंत हां कर दी.
अनिल – अभी में 10 किलोमीटर सुनसाने में ड्राइव किया होगा, तो मुझे वही स्कार्पियो रोड से थोड़ा नीचे उतर कर मैदान में एक पेड़ के नीचे खड़ी दिखी.
स्कार्पियो पहचानने में गलती तो हो ही नहीं सकती थी क्योंकि विधायक का लाल बोर्ड स्कार्पियो के आगे लगा हुआ था, जो दूर से ही दिख रहा था.
अक्सर बॉडीगार्ड मालिक को छोड़ कर ऐसे सुनसाने में गाड़ी खड़ी करके आराम करते हैं.
मुझे लगा कि ये बॉडीगार्ड भी सीमा को छोड़ कर आ गया होगा.
अब वहां की क्या परिस्थिति है, इस बात का अवलोकन और अनुमान लगाने के लिए मैंने बॉडीगार्ड से पूछताछ करने का निर्णय लिया.
मैंने कार को उस ओर मोड़ दी और स्कार्पियो से कुछ दूर कार खड़ी कर दी.
स्कार्पियो की सारी खिड़कियां खुली हुई थीं, सो मैं टहलते हुए दरवाजे के पास पहुंचा.
जैसे ही मैंने अन्दर झांका, मुझे करंट सा लगा. मेरा चेहरा सीधे सीमा के सामने था.
सीमा बीच वाली सीट पर घोड़ी की पोजीशन में थी और वो बॉडीगार्ड उसको पीछे से चोद रहा था.
मुझे देख कर सीमा ने नज़र झुका ली और बॉडीगार्ड मुझे देख कर मुस्कुरा दिया.
दो चार धक्के लगाने के बाद उसने बोला- कमाल की टाइट चूत है रंडी की, मज़ा ही आ गया.
मुझे गुस्सा आ रहा था तो मैंने तुरंत सलमान जी को कॉल करके उनको स्थिति से अवगत कराया.
सलमान जी बोले- वजन करके देख ले. क्या सीमा का पांच सौ ग्राम कम हो गया क्या?
मैंने कुछ जवाब नहीं दिया तो वो बोले- या फिर चूत दो इंच घिस कर छोटी हो गई या पतली हो गई?
मैंने फिर कोई जवाब नहीं दिया.
तो वो बोले- रंडी है सीमा ! बेचारे बॉडीगार्ड को रंडियां जल्दी मिलती नहीं हैं, चोदने दे उसको. और तेरी जानकारी के लिए बता देता हूँ कि मेरे सारे आदमी मुझसे पूछ कर ही सब काम करते है.
मैं चुप था.
फिर उन्होंने मुझसे पूछा- तुझे तो घर पर ही रहने को बोला था ना, तू वहां क्या कर रहा है?मैंने कहा कि क्योंकि सीमा घर पर नहीं थी, तो मैं ऐसे ही तफरीह करने निकला था और मुझे आपके फार्महाउस के आगे एक पिकनिक स्पॉट पर जाना था.
उनको मेरी बात सही लगी तो कुछ प्रतिक्रिया नहीं दी और फोन रख दिया.
मैं फ़ोन रख कर पलटा तो बॉडीगार्ड अपना लंड सीमा के चूत में खाली कर रहा था.
लंड खाली करके वो उठा और कपड़े लेकर बाहर निकल गया.
बाहर उसने कपड़े पहने और फिर ड्राइविंग सीट पर आ गया.
उसने गाड़ी को चालू किया और मेरे बगल से निकल गया.
सीमा अन्दर एक कपड़े से अपनी चूत को साफ़ कर रही थी.
जब स्कार्पियो कुछ दूर निकल गई तो मैं धीरे धीरे फार्महाउस की तरफ बढ़ने लगा.
फार्महाउस पहुंचा तो कार धीरे कर दिया और गेट के सामने से निकला.
मैंने सर घुमा कर अन्दर झांका, तो मेरा शक सही निकला.
सलमान जी ने अकेले चोदने के लिए सीमा को फार्महाउस नहीं बुलवाया था.
अन्दर के गेट के ठीक सामने सीमा घुटनों के बल बैठी थी और अलबाज जी का लंड चूस रही थी.
उनके बगल में जेठालाल जी भी खड़े थे और सीमा उनका लंड हाथ से सहला रही थी.
में कार पर वापिस आया कार लेकर आगे निकल गया और कार को एक सुनसान जगह पर खड़ा करके पैदल वापस आया.
मैं सावधानी पूर्वक गेट तक आया.
अन्दर झांका और देखा कि अब वहां कोई नहीं था.
सब शायद अन्दर जा चुके थे.
तो मैं अन्दर झांकने का तरीका सोचने लगा.
मैंने पूरे फार्महाउस का एक चक्कर लगाया और जब मैं गेट पर वापस पहुंचा तो वहां बॉडीगार्ड खड़ा था.
उसको देख कर मैं हड़बड़ा गया.
उसने मुझसे कहा- साहब, अन्दर बुला रहे हैं.
मैं धड़कते दिल के साथ अन्दर गया और हॉल में कदम रखा.
हॉल में सलमान जी, जेठालाल जी और अरबाज जी के अलावा तीन और लोग बैठे थे.
सब नंगे बैठे थे और मैं सोच रहा था कि ये सबके सब अगर सीमा को दो दो बार भी चोदेंगे तो वो पक्का बेहोश हो जाएगी.
अलबाज जी मेरे पास आए और मुस्कुरा दिए.
मैं भी मुस्कुराया.
उन्होंने खींच कर मेरे चूतड़ों पर एक थप्पड़ लगाया और बोले- मना किया था न भोसड़ी के … फिर क्यों आया?
मुझे कुछ बोलते नहीं बना तो जेठालाल जी बोले- छोड़ ना, आ ही गया है तो इसको यहीं रहने दे.
फिर मुझे देख कर बोले- हमारे मजे में गांड पंगे ना करना, ठीक है!
मैंने सर हिला दिया और मुझे बैठने के लिए कह दिया गया.
मैं एक कुर्सी पर बैठ गया.
थोड़ी देर बाद सीमा ट्रे लेकर कमरे में मुस्कुराती हुई आई.
उम्मीद के अनुसार बिल्कुल नंगी ही थी और हाथ में ट्रे थी, जिसमें शराब और चखना आदि सामान रखा था.
वो चल कर कमरे में मौजूद हर आदमी के पास जाती और वो लोग अपना अपना गिलास उठा लेते. साथ में या तो उसकी चूत में उंगली कर देते या उसकी जांघों को सहला कर मसल देते या उसके मम्मों को मसल देते, उसकी गांड में उंगली कर देते.
सीमा हंस कर उन्ह आंह कर देती.
जब शराब पूरी बांट दी गई तो लोग अपना अपना गिलास पीने लगे.
एक गिलास ख़त्म हुआ तो सीमा बोतल लेकर सबको परोसने लगी.
इस बार भी लोग उसके बदन से खेलते रहे.
शराब के दो तीन दौर के बाद सलमान जी ने और शराब परोसने से मना कर दिया और सीमा अन्दर चली गई.
उसके जाने के बाद सब लोग आपस में किसी टॉपिक पर बात करने लगे.
मुझे उन सबकी कोई बात समझ नहीं आ रही थी तो मैं उठा और अन्दर चला गया.
मैं सीमा से मिलना चाहता था.
अन्दर उसको ढूंढता हुआ मैं किचन में पहुंचा.
किचन में सीमा अकेली नहीं थी, जो लोग शराब पी रहे थे, उनमें से एक नजर बचा कर या सलमान जी की मर्जी से अन्दर था.
सीमा किचन में खड़ी थी और वो उसको पीछे से चोद रहा था.
अब वो आदमी सीमा की चूत मार रहा था क्योंकि सीमा का चेहरा मेरी तरफ था.
चोदने वाला अपना संतुलन बनाये रखने के लिए वो सीमा के मम्मों पर अपने दोनों हथेली रखे हुए था.
अब कितना संतुलन बन रहा था मुझे नहीं पता, पर वो चुदाई के साथ साथ बहुत जोर जोर से सीमा के मम्मों को मसल रहा था.
मुझे अन्दर आए दस मिनट होगे थे और वो आदमी शायद दस मिनट पहले अन्दर आया था.
उसकी शकल बता रही थी कि वो चरम पर पहुंच गया था और सीमा के अन्दर झड़ने लगा.
फिर उसने अपना लंड बाहर खींचा और अपना पैंट ऊपर चढ़ा कर बाहर चला गया.
सीमा वाशबेसिन तक गई और गीले कपड़े से खुद को साफ़ करने लगी.
अभी मैं उससे बात करने ही वाला था कि एक दूसरा आदमी आया और उसकी कमर में हाथ डाल कर उसको बाहर ले गया.
इससे पहले कि मैं उनका पीछा करता, वो दोनों पता नहीं किधर से मुड़े कि मैं उन्हें ढूंढ ही नहीं पाया.
पूरे फार्महाउस में भटकते भटकते आखिर बीस मिनट के बाद मैंने सीमा को देखा.
वो दोनों फार्महाउस के पीछे की तरफ थे.
जब मैं वहां पहुंचा तो मैंने देखा कि वो आदमी सीमा की छाती दीवार से सटा कर सीमा को अपने और दीवार के बीच पीसते हुए उसकी गांड मार रहा था.
वो धक्के भी काफी ज़ोर से लगा रहा था जिससे सीमा कराह रही थी मगर उसके चेहरे पर दर्द की शिकन भी नहीं थी.
इससे साफ़ मालूम पड़ रहा था कि वो अपनी इच्छा से इस समस्या से जूझ रही है.
जब तक मैं वहां पहुंचा वो सीमा की गांड में झड़ने लगा.
मेरे पहुंचते ही उसने अपना लंड बाहर निकाला और पैंट ऊपर चढ़ा कर चलते बना.
सीमा भी उसके पीछे पीछे चल दी और किचन में जाकर खुद को साफ़ करने लगी.
अभी वो सफाई करके मुड़ी ही थी कि तीसरा आदमी अपनी लंड की प्यास बुझाने हाजिर था.
उसने मुझे देखा और मुस्कुरा दिया.
फिर सीमा के कंधे पर थपथपाया.
सीमा ने मुड़ कर उसे देखा तो उसने उसको किचन स्लैब पर ही झुकने को कहा.
सीमा यंत्रवत झुक गई.
उसने सीमा के चूतड़ों को फैलाया और उसकी गांड में अपना लंड घुसेड़ना शुरू कर दिया.
इसका भी लंड अलबाज जी की तरह लम्बा और मोटा था और सीमा को गांड मराने में परेशानी हो रही थी.
उसने जरा सा चेहरा घुमा कर कहा- सब गांड मारने के लिए ही क्यों मरे जाते हो, चूत चोदने का रिवाज खत्म हो गया है क्या?
उस आदमी ने आव देखा न ताव एक झटका दिया और लंड सरसरा कर अन्दर चला गया.
सीमा घुटी घुटी सी चीख मार दी और बेचैनी से स्लैब पर मुठ्ठी मारने लगी.
थोड़ी देर बाद जब उसकी सांस में सांस आई तो वो आदमी गांड में लंड पेलता हुआ सीमा से बोला- चूत प्रेमिका और बीवी की चोदी जाती है, यही रिवाज है. हमारे यहां तो रंडियों की सिर्फ गांड मारने का रिवाज है.
ये बोल कर वो उसकी गांड चोदने लगा।
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