हॉट सीमा 2 Xxx की चूदाई कहानी 9

हॉट सीमा 2 Xxx की चूदाई कहानी 9
मेरी पिछली कहानी आई थी
हॉट सीमा 2 Xxx की चूदाई कहानी 8
अब मेरी चूत को मजा आने लगा और विकी का लंड पूरा टाइट होकर 7 इंच का मूसल लंड हो गया. अब विकी सीधा होकर मेरे ऊपर लेट गया और मेरी चूत के ऊपर अपना लंड रगड़ने लगा.. जिससे मैं तड़पने लगी.
मैंने विकी को बोला- प्लीज विकी मेरी चूत को और मत तड़पाओ… जल्दी से पेल दो.
विकी ने एक करारा शॉट मारा और उसका लंड मेरी चूत में घुस गया. एकदम से लंड घुसने से मेरी चीख निकल गई- आह्ह्ह मर गई..
विकी – मैम तुम तो चुदी हुई हो फिर भी दर्द हुआ? सर तो तुमको हमेशा चोदते हैं ना?
मैं- हां… पर सर ने काफी दिनों से मेरी चूत नहीं मारी.
विकी- इसका मतलब कल तुम सर से गांड मरवा रही थीं?
मैं- हां विकी .. कल सर को मेरी गांड से प्यार हो गया इसलिए वे सिर्फ गांड ही मारना चाहते थे.
फिर विकी ने एक और शॉट मारा, जिससे उसका पूरा लंड मेरी चूत में घुस गया. अब मैं विकी के नीचे नंगी दर्द से तड़प रही थी.
विकी ने मेरी चूत में लंड घुसा कर मेरे होंठों पर किस किया और मेरे मुँह में अपने जीभ को डाल दिया, जिससे उसके मुँह की लार मेरे मुँह में आने लगी. मैं अमृत समझ कर उसकी लार को पीने लगी.
फिर विकी ने मेरे निप्पलों को चूसना और दबाना शुरू किया. अब मुझे थोड़ा सा अच्छा लगने लगा और मैंने विकी को बोल दिया- अब ठीक लग रहा है विकी .. अब जोर से चोदो मुझे.
विकी – सीमा मेरी जान, तुम्हारी चूत बहुत टाइट है.
मैं- फैला दो विकी .. चोदो जोर से.. मेरी चूत फ़ाड़ दो आज.
विकी को जोश आने लगा और वो मेरी टांगों को अपने कन्धे पर रख कर जोर जोर से मुझे चोदने लगा. मुझे मजा आ रहा था, मैं चूतड़ उठा कर उससे अपनी चुत चुदवा रही थी.
मैं- आह्ह्ह्ह आअह्ह फ़क मी विकी.. चोदो मुझे.. आह जोर से चोदो..
विकी- आह्ह्ह आहह.. बहुत मस्त चूत है मैम तुम्हारी.. आह आह्ह्ह..
कुछ देर चोदने के बाद विकी नीचे लेट गया और मैं उसके ऊपर बैठ कर चुदवाने लगी. विकी मेरी झूलती और थिरकती हुई चुचियों को मुँह में लेकर पीने लगा, जो मुझे और उत्तेजित कर रहा था. मैं ‘आह्ह्ह आअह्ह..’ करके चुदवा रही थी.
विकी – और जोर से मैम और तेज..
मैंने रफ्तार बढ़ा दी और खुद की चुत को झाड़ते हुए विकी के ऊपर लेट गई. विकी अभी नहीं झड़ा था, इसलिए दो पल बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और पीछे से लंड मेरी चूत में पेल दिया.
विकी ने मेरी गांड के छेद को उंगली से सहलाते हुए कहा- मैम, तुम्हारी गांड बहुत खूबसूरत है.
फिर वो मेरी गांड में अपनी एक उंगली घुसा कर मेरी चूत मारने लगा. मुझे गांड में उंगली लेकर चूत चुदवाने में मजा आ रहा था.
विकी अब और जोर जोर से मेरी चूत चोदने लगा और मेरी गांड में उसने अपनी 2 उंगलियां घुसा कर मेरी गांड की भी फिंगरिंग चालू कर दी.
विकी – मेरी जान मेरे लंड का रस निकलने वाला है.. कहां लोगी?
मैं- अब लंड का रस बर्बाद मत करना.. मुझे टेस्ट करना है.
विकी ने झट से चूत से लंड निकाल कर मेरे मुँह में दे दिया. मैं बड़े स्वाद से विकी का लंड चूसने लगी और विकी के लंड ने वीर्य की एक पिचकारी मेरे मुँह में छोड़ दिया, जिसे मैं पी गई. इसके बाद मैंने विकी के लंड को चाट कर साफ किया.
फिर हम दोनों लंड चूत धोकर बेड पर बात करने के लिए बैठ गए.
विकी – थैंक्स मैम.
मैं- किसलिए?
विकी – मुझे चुत चुदाई का सुख देने के लिए.
मैं- थैंक्स मेरी तरफ से भी मुझे तुमसे अपनी चुत चुदाई करवा कर बहुत अच्छा लगा.
फिर मैं और विकी एक दूसरे को किस करने लगे.
विकी – क्या मुझे भी तुम्हरी गांड का स्वाद मिलेगा?
मैं- शायद मिल सकता है.. पर आज नहीं फिर कभी.
थोड़ी देर और बात करके हमने कपड़े पहन लिए. और ऑफिस आ गए। और ऑफिस की छुट्टी के बाद विकी ने मुझे मेरे फ्लैट पर छोड़ दिया और वापिस चला गया.
शाम को अजू अपना SSC का एग्ज़ाम देकर आया तो मैंने पूछा कैसा रहा एग्जाम उसने कहा अच्छा रहा दीदी ।
कुछ दिन ऐसे ही नॉर्मल बीते मेरे बॉयफ्रेंड अनुम का फोन आया था उसे अभी कुछ दिन और लगेंगे इसके बाद वह मुझसे मिलेगा मैंने काफी देर तक उस से बात की ,उस ने मुझे बताया कि वह कहां है और क्या कर रहा है।
सैटरडे की सुबह में जाग कर काफी पी रही थी घर में कोई नही था तो मेंने ऑनलाइन डेटिंग साइड खोली।
पर्सनल मैसेज था। मैसेज में एक फोन नम्बर डाला हुआ था और उस के नीचे लिखा था, ये नम्बर डेटिंग साइड के कस्टमर केयर का है।
कुछ पल बाद उसी नंबर से मेरे फोन पर कॉल आने लगा, मैंने कॉल उठाकर हेलो बोला तो उधर से एक लड़की की प्यारी सी आवाज आई, उसने मुझे गुड मॉर्निंग बोला और मुझे बताया, मैम आपके लिए स्पेशल ऑफर है।
मैंने पूछा क्या ऑफर है तो उन्होंने बताया कि हमारे कुछ विदेशी कस्टमर है और आपकी एक रात के लिए सर्विस चाहते हैं
उसने मुझे बताया कि कस्टमर क्या-क्या करना चाहता है और कैसे कैसे करना चाहता है और बहुत सारी बाते फिर मैंने अपने समस्याएं बताई।
उसने मेरी सारी समस्याओं का समाधान बताया, जिने सुनकर मैं काफी संतुष्ट हो चुकी थी, तो मेंने उस ऑफर के लिए हां कहा दिया ।
ऑफिस पहुंचकर मैंने सर से एक वीक की छुट्टी मगी ये कहकर कि मैं अपने घर जा रही हूं तो सर ने मुझे छुट्टी दे दी। ऑफिस के बाद अपना मेडिकल कराया उस रिपोर्ट में सब ठीक निकला, और उस रिपोर्ट को डेटिंग साइड के कस्टमर केयर को भेज दिया ।
फ्लेट पर अजू से और अपने घर फोन कर के कह दिया कि में एक वीक के लिए मैं ऑफिस के काम से बाहर जा रही हूं।
अगले दिन सुबह 6:00 बजे एक घर से निकल कर प्लेन से दिल्ली से दुबई पहुंच गई। एयरपोर्ट से निकलकर मैंने शॉपिंग की और अपने होटल रूम में पहुंच गई।
होटल का रूम बहुत आलीशान था आज तक एसे रूम मूवीस में ही देखे थे। खाना खाने के बाद मैं रात के लिए तैयार होने लगी।
मुझे रात के 10 बजे फोन पर कॉल आया रूम नंबर 405 में चली जाओ
जैसे ही उनके कमरे में पहुँची.. वो विदेशी मुझे देखते ही लार टपकाने लगे।
तभी उसमें से एक ने मुझे खींच कर अपनी जाँघ पर बैठा लिया और एक हाथ से चूची और एक हाथ चूत पर ले जाकर बोला- वाऊ.. वंडरफुल .. क्या माल हो।
यह सुनकर में एकदम दंग रह गई इन्हें तो बहुत अच्छी हिंदी आती है। उनमें से एक का नाम चांद खुआजा था और दूसरे का नाम रसूल उस्मान था।
अब चांद मुझ पर टूट पड़ा। एक तो पहले से ही मुझे रसूल अपनी बाँहों में दबोच कर मेरी चूचियाँ मसल रहा था.. उस पर चांद का भूखे भेड़िये सा टूटना.. मैं तो डर ही गई।
तभी मेरे होंठों को अपने दाँतों से दबाकर काट कर चूसने लगा और मैं दर्द से बिलबिला उठी।
मेरे जिस्म को नोंचने- खसोटने की मानो कोई प्रतियोगिता चल रही हो, कभी मुझे रसूल अपनी तरफ खींचकर मेरी चूची मसकता.. और कभी चांद मुझे भंभोड़ता।
मैं तो बस छटपटा कर रह जाती और मैं कर भी क्या सकती थी।
दोनों में रहम नाम की चीज ही नहीं थी, मेरा जिस्म उन्हें केवल एक भोगने कि वस्तु दिख रही थी।
चांद ने मुझे चूमते-काटते हुए एकाएक मेरी स्कर्ट को खींच कर फाड़ दिया और दूर फेंक दिया। रसूल भी कहाँ पीछे रहता.. उसने भी मेरे टॉप को बिल्कुल खींचते-फाड़ते हुए मेरे जिस्म से अलग कर दिया।
उन दोनों को देख कर लग रहा था कि जैसे उन्हें ऐसा करने में बहुत ख़ुशी मिल रही हो.. पर मुझे लग रहा था अब कपड़ों को फाड़ने के बाद मुझे ही फाड़ने का नम्बर है।
इसी तरह अभी ये दोनों मुझे नोंच-खसोट कर मेरी चूत और जिस्म की धज्जियाँ उड़ाने वाले हैं।
मेरे जिस्म पर बचे-खुचे ब्रा और पैन्टी को भी फाड़कर फेंक दिया गया।
एक ने मेरी चूत को मुँह में भर लिया और एक ने मेरी चूची को..
मैं डरते हुए बोली- मैं कैसे जाऊँगी.. आप लोगों ने तो मेरे कपड़े ही फाड़ दिए।
उन दोनों ने कहा- पहले चुदाई करा.. फिर जाने की सोचना..
चांद मेरे मम्मों को चूसते हुए कभी निप्पलों को ज़ोर से दबाता या कभी दोनों मम्मों को एक साथ पकड़ के ज़ोर से हिलाने लगता।
नीचे मेरी चूत को रसूल मुँह में भरकर चूसते हुए काट लेता, कभी वो जाँघ को.. तो कभी चूत को काट रहा था.. और ऊपर चांद मेरी चूची.. पेट को बुरी तरह काट और नोंच रहा था।
मुझे मजा आने की जगह दर्द हो रहा था, मैंने चिल्लाते हुए कहा- प्लीज.. बंद करो ये खेल.. प्लीज़ मैं मर जाऊँगी.. प्लीज़ अहह… सिसि.. द..दर्द हो रहा है।
लेकिन चांद और रसूल को जैसे सुनाई ही नहीं दे रहा था, चांद मेरे बूब्स से होते हुए गरदन को चूमते हुए मेरे होंठों को मुँह में लेकर चूसने लगा, उसने मेरी चूचियाँ मसकते हुए दाँतों से कसकर मेरे होंठ को काट लिया।
मैं दर्द से सीत्कार कर उठी- आहह आ..
मैंने दर्द की अधिकता से उसका मुँह पकड़ कर अपने होंठों से हटा दिया.. तो उसने मेरे निप्पलों को काट लिया।
मैं जोर से चीख पड़ी- अहहह..आहसीई.. प्लीज़ मुझे दर्द हो रहा है.. प्लीज़ समझने की कोशिश करो.. आह प्लीज़ अहहहह..
फिर वो मुझे छोड़ कर खड़ा होकर अपने कपड़े खोलने लगा।
इधर रसूल मेरी चूत की चटाई चालू रखे हुए था, रसूल की चूत चुसाई से मुझे थोड़ा मजा आ रहा था।
तभी मेरा ध्यान चांद पर गया, चांद ने अपनी पैंट खोली और उसे उतार कर फेंक दी। जैसे ही चांद ने अपना अंडरवियर नीचे किया.. मैंने चांद का लण्ड देखा, मेरी आँखें खुली की खुली रह गईं, मैं पलक झपकाना भूलकर चांद का लण्ड देख रही थी। चांद का लण्ड स्प्रिंग की तरह बाहर निकल कर लटक रहा था।
मैं देख कर हैरान थी। उसका लंड कम से कम 11 इंच का तो था। एकदम गोरा.. और मोटा लंड निकाल कर वो मेरी तरफ बढ़ा। वो मेरे नजदीक आकर अपने लण्ड को मेरे होंठों पर फिराने लगा.. और मैंने भी मस्त होकर लंड को देख कर चांद का लंड मुँह में ले लिया।
उधर नीचे रसूल भी चुसाई बंद करके अपने कपड़े उतार कर अपने लण्ड को मेरी चूत में रगड़ने लगा।
तभी मेरा ध्यान रसूल के लण्ड पर गया। जैसे दोनों के जुड़वां लण्ड हों.. एक सी ही बराबरी के मोटे.. लम्बे.. दोनों लण्ड को देखकर मेरी बुर पानी छोड़ने लगी।
उसके बाद क्या बताऊँ दोस्तो.. रसूल ने अपना लंड मेरी चूत पर लगा दिया। उसका मोटा लंड देखकर तो मैं हैरान हो गई थी। बड़ा ही जबरदस्त लण्ड मेरी चूत पर टिका हुआ था।
एक मेरे मुँह में घुसा था। फिर रसूल ने दो-तीन बार लंड को मेरी चूत पर रगड़ कर एकदम से जोर से धक्का लगा दिया। उसका पूरा अरबी लंड मेरी चूत में समाता चला गया।
मुझे अपनी चूत में ऐसा लगा की किसी ने एक लोहे की मोटी रोड को छोटे छेद में डालने के लिए हथौड़ा मारा हो, ये वो जानते थे कि में कैसे प्रतिक्रिया करुगी इस लिए मुझे जोर से पकड़ रखा था।
मेरे मुँह ने लंड होने की वजह से मुंह से आह्ह्ह्हह्ह सीई की आवाज निकली।
मैंने दर्द सहते हुए कसकर दाँतों को जकड़ लिया.. और मेरे मुँह के अन्दर चांद का लण्ड था.. जिस पर मेरे दाँत लग गए। चांद कसकर चिल्लाया।
चांद के लण्ड का ध्यान आते ही मैंने मुँह खोल दिया।
फिर चांद मुझे गाली देते हुए लण्ड को मेरे गले तक डाल कर मेरे मुँह में आगे-पीछे करने लगा।
उधर रसूल तेज-तेज धक्के पर धक्के लगा कर लंड को मेरी चूत में पेल रहा था। इधर चांद मेरी चूचियों को दबाते हुए मेरे मुँह में अपना लण्ड ठोक रहा था। रसूल मेरे चूतड़ों को पकड़ कर जोर-जोर से धक्के दे रहा था। मैं लण्ड चूसते हुए चुदवाती रही और रसूल चोदता रहा। फिर मेरी चूत ने अचानक पानी छोड़ दिया।
रसूल के लण्ड के हर धक्के का स्वागत करते हुए मैं बड़ी जोर से चुदवा रही थी, ‘फचफच..’ लंड अन्दर-बाहर हो रहा था।
मेरी चूत रसूल के हर शॉट पर मेरे मुँह से आवाज निकालने लगी ‘अहह.. अह्ह्ह सीसीईईई आहहह.. की मदमस्त आवाज मेरे मुँह से निकलने लगी।
‘आआहआसी.. सी..सीआह..’ करके मैं चुद रही थी और चांद का लण्ड भी चूस रही थी। दोनों तरफ के मजे पाकर मैं झड़ने लगी और रसूल भी मेरी झड़ती चूत पर धक्कों की रफ्तार तेज करके मेरी चूत में पानी निकाल कर शान्त हो गया।
दोनों तरफ के मजे पाकर मैं झड़ने लगी और रसूल भी मेरी झड़ती चूत पर धक्कों की रफ्तार तेज करके मेरी चूत में पानी निकाल कर शान्त हो गया।
रसूल के गर्म वीर्य को चूत में लिए हुए चांद के लण्ड को चूस रही थी, कभी सुपारे को तो.. कभी चांद के अंडकोषों को मुँह से चूस रही थी, चांद मेरी चूचियाँ मींज रहा था।
रसूल मेरी चूत से लण्ड खींच कर नीचे उतर गया और तभी चांद मेरी चूची व पेट को सहलाते हुए अपना हाथ मेरी चूत की तरफ ले जा गया, वो मेरी चूत को सहलाते हुए लण्ड चुसवाता जा रहा था।
रसूल के वीर्य से भरी हुई चूत को मींजते हुए चूत में दो उंगली डाल कर चूत मसकते हुए चांद भी मेरे मुँह में पानी छोड़ने लगा.. उसने अपने सारे वीर्य को मेरे मुँह में डाल दिया और लण्ड को मेरे होंठों से नीचे तक मेरी चूचियों पर रगड़ने लगा।
मैं चांद के लण्ड से निकले हुए पानी को गटक गई। उन दोनों मुझे उसी हालत में लेकर बिस्तर पर अगल-बगल लेट गए। मेरी चूत से अभी भी रसूल के लण्ड का पानी बह रहा था और मुँह में होंठों पर थोड़ा बहुत चांद का वीर्य लगा था। मेरे शरीर पर काटने के निशान दिख रहे थे। मेरे साथ हुई बेदर्द चुदाई से मैं बिल्कुल थक गई थी.. पर अभी वो दोनों वैसे ही भूखे दिख रहे थे।
काफी देर रसूल और चांद की बाँहों में पड़ी रही, जितनी देर रही.. दोनों ने एक भी पल के लिए मेरे शरीर को राहत नहीं लेने दी। रसूल और चांद के हाथ मेरे पूरे बदन पर चूत पर.. चूची.. चूतड़.. हर जगह फिर रहे थे।
रसूल और चांद ने मेरा हाथ पकड़ कर अपने लण्ड पर रख दिया।
एक बार फिर दोनों के लण्ड मेरी चुदाई करने के लिए पूरे तैयार थे। उसी पल चांद मुझे घोड़ी बना कर मेरे पीछे से चूतड़ों को और पीठ को चूमने लगा, पूरे चूतड़ और छेद के साथ रसूल के वीर्य से सनी चूत को चांद चाटते हुए मेरी गाण्ड मारने की तैयारी कर रहा था।
उधर रसूल मेरे मुँह के करीब खड़े होकर पहले मेरे होंठों को कुछ देर किस करने लगा। इसके बाद उसने चूत के रज और वीर्य से सने लण्ड को मेरे होंठों पर रगड़ते हुए चूसने का मुझे इशारा किया।
मैं अपने मुँह में रसूल के लण्ड को लेकर चूसने लगी, रसूल मेरे गले तक लण्ड ले जाकर मुझे लण्ड चुसवा रहा था।
मेरा ध्यान चांद की तरफ तब गया.. जब चांद का लौड़ा मेरी गाण्ड को चौड़ा करने के लिए जोर लगा रहा था।
मेरी गाण्ड इतने मोटे लण्ड को झेल नहीं पाएगी इसलिए मैंने चांद के लण्ड को गाण्ड से हटा कर चूत की तरफ कर दिया।
चांद तो पहले से जोर लगा रहा था और एक तो चूत पहले से रसूल के लण्ड के पानी से चिकनी थी। चांद का लौड़ा ‘सपाक’ की आवाज के साथ पूरा चूत में समा गया और मैं दर्द से बिलबिला कर दोहरी हो उठी।
पर आराम के बजाए मेरी और शामत आ गई।
इधर रसूल का लण्ड मेरे पूरे हलक में चला गया जिससे मुझे उबकाई और सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
जैसे ही मैंने बाहर उबकाई करना चाही.. रसूल ने मेरा सर पकड़ कर मेरे हलक में लौड़ा पेल कर धक्के मारने शुरू कर दिए।
उधर नीचे चांद के लण्ड का निशाना चूकने की सजा मिलने लगी।
चांद ने लण्ड को चूत से खींच कर मेरी गाण्ड के छेद पर लगा कर कस कर मेरे नितम्ब पकड़ कर मुझे बिना सम्भलने का मौका दिए.. एक जोरदार शॉट लगा दिया।
चांद का मोटा लम्बा लण्ड मेरी गाण्ड को चीरता हुआ तीन-चौथाई हिस्सा अन्दर दाखिल हो गया।
मैंने चिल्लाना चाहा.. पर रसूल के लण्ड के हलक में होने की वजह से आवाज नहीं निकाल पाई, दर्द से मेरी आँखों में आँसू निकल रहे थे.. पर रसूल और चांद कोई रहम नहीं दिखा रहे थे।
बस मेरे मुँह से ‘गूंगूं गूंगूं..’ की हल्की आवाज बाहर आ रही थी।
रसूल और चांद एक साथ दोनों तरफ से मुझे बजा रहे थे।
मेरी गाण्ड फट गई थी.. पर चांद मेरी गाण्ड मारने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था, साला खींच-खींच कर मेरी गाण्ड पर शॉट पर शॉट लगाए जा रहा था, कमरे में चांद के लण्ड का लग रहा हर शॉट.. कमरे में गूंज रहा था ‘सट.. सट.. चट.. सट.. सट..’
मैं बस चांद के लण्ड का दर्द सहते हुए चूस रही थी.. चूसना कहना बेमानी होगा रसूल मेरे मुँह को चोद रहा था।
मैं बेबस थी.. कुछ नहीं कर सकती थी, बस कामना कर रही थी कि किसी तरह ये दोनों झड़ जाएँ, करीब दस-बारह धक्के मेरे हलक में लगा कर रसूल ने अपना लण्ड पूरी तरह हलक में ठोक दिया।
अब वो ‘आहआह.. सीसीईआह..’ कर झड़ने लगा।
पीछे चांद मेरी गाण्ड की चुदाई किए जा रहा था, चांद की गाण्ड मराई से मेरी मेरी गाण्ड का छेद सुन्न हो गया था।
चांद का लण्ड कितनी बार.. और कितनी तेजी से अन्दर जा रहा था। मुझे पता ही नहीं चल रहा था। रसूल का लण्ड जब झड़ा तब मेरे मुँह से निकला.. तो थोड़ी राहत मिली।
मेरा मुँह दर्द से दुख रहा था। मैं अपना मुँह बिस्तर पर रख कर चांद का लण्ड गाण्ड में लेती जा रही थी। बस अपने मुँह से चांद के हर धक्के पर ‘आह ऊऊऊईई आह..’ कर रही थी।
चांद भी कस-कस कर ना जाने कितनी देर तक गाली देते हुए मेरी गाण्ड मारता रहा।
मुझे तब पता चला.. जब चांद एक तेज शॉट मार कर लण्ड को गाण्ड की जड़ तक चांप कर औंधे मुँह मुझे लेकर बिस्तर पर गिर पड़ा। चांद ने मेरे ऊपर लदे रहते हुए अपना सारा वीर्य मेरी गाण्ड में छोड़ दिया।
वो अब हाँफते हुए मुझे कस कर जकड़े हुए पड़ा रहा।
उधर रसूल सोफे पर नंगे ही बैठ कर मुझे और चांद को देख रहा था। रसूल का लण्ड ढीला होकर गदहे के लौड़े की तरह झूल रहा था। चांद का लण्ड अभी भी मेरी गाण्ड में ही घुसा था, कुछ देर बाद डीला पढ़कर बाहर निकल गया।
कुछ देर बाद मैंने अपने आप को बाथरूम में जाकर पूरी तरहार से साफ किया, चांद और रसूल ने भी ऐसा किया ।कुछ देर बाद हम तीनों ने सूप पिया।
फिर से वो दोनों मेरे पास आ गए।
उन्होंने देर ना करते हुए मुझे खड़ा कर दिया और चांद मेरी चूत और रसूल मेरी गांड को चाटने लगे .
में आह आह उईई उईई करने लगीं. साथ ही वो दोनों अपने हाथों से मेरी दोनों चूचियों को मसलने लगे और में अपने होंठों को भींचती हुई मादक कराहें भरने लगीं.
चांद और रसूल ने मेरी चूत और गांड में जीभ को अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया. और में जोर जोर से ‘आह आह उईई उईई …’ करके चिल्लाने लगीं.
में खुल कर चिल्ला रही थीं और इससे उन्हें भी मजा आने लगा था. वो बेख़ौफ़ होकर अपनी जीभ से मेरी चूत और गांड को चोदने लगे .
में बोलीं- चांद मुझे भी चूसने दो.
फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और में गपागप गपागप लंड चूसने लगीं. में चांद के ऊपर थी तो रसूल मेरी गांड भी साथ में चाट रहा था।
कुछ देर बाद चांद और रसूल ने मुझको बिस्तर पर लिटा दिया और मेरी गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया,
जिससे मेरी चुदी हुई चूत ऊपर उठ गई.अब चांद मेरे ऊपर आकर चूत में लंड रगड़ने लगा. चांद के लंड को रगड़ने से में बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगी।
में बोलीं- चांद डालो न प्लीज़. और मैंने उनके होंठों पर होंठ रख दिए।
चांद ने मुझे गुमाकर लंड से एक जोरदार झटका मारा, मेरी चुत में पूरा लंड सनसनाता हुआ अन्दर चला गया.
में ‘आह मर गई …’
कह कर कसमसाने लगीं और चांद लंड को अन्दर बाहर करने लगा . फिर दूसरी ओर मेरी गांड के छेद को फैलाता हुआ रसूल का लंड भी पूरा अंदर तक गुस गया ।
दर्द के मारे में चीखने और मचलने लगी । मेरी चीखों से उन दोनों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था । अचानक हुए हमले से मेरी आंखों से आंसू आने लगे।
कुछ ही देर में उन्होंने अपने धक्कों की रफ़्तार पहले से भी तेज कर दी और मेरी ताबड़तोड़ चुदाई करने लगे . पूरे कमरे में मेरी चीखे गूंज रही थी।
चांद मेरे चूतड़ों को अपने हाथ से सहारा देकर खड़ा हो गया. मुझको अपनी गोद में लेकर चोदने लगा और रसूल भी खड़ा होकर पीछे से मेरे चूतड़ों को अपने हाथों में लेकर मेरी गांड को उछाल उछाल के साथ में चोद रहा था .
मेरी चीखे तेज़ होने लगीं और उन दोनों ने अपनी अपनी रफ़्तार बढ़ा दी थी और तीनों एक साथ झड़ गए .
कुछ देर बाद में मीठी नींद में सो रही थीं. रात 3 बजे मेरी नींद खुली तो में सैंडविच बनी हुई थी। रसूल मेरी चुत और चांद मेरी गांड मर रहा था।
आप मेरे साथ बने रहिए और इस हॉट सीमा 2 हार्ड सेक्स कहानी पर किसी भी प्रकार की राय देने के लिए आप मेल पर मुझसे संपर्क कर सकते हैं.
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