हॉट सीमा 2 Xxx की चूदाई कहानी 16

हॉट सीमा 2 Xxx की चूदाई कहानी 16
मेरी पिछली कहानी आई थी
हॉट सीमा 2 Xxx की चूदाई कहानी 15
अब आगे की कहानी
मैं भी नंगी ही आकर उनके गोद में बैठ गयी और हम दोनों फिर से स्कॉच पीने लगे और बात करने लगे।
पता चला कि सर की बीवी मायके गयी हुई है 3 दिन के लिये।
अब हमे नसे के कारण नींद आ गई, जब अगली सुबह दरवाजे की घंटी बजी, तो मेरी आंख खुली और मैं नंगी ही रह कर दरवाजा खोला, जैसे ही बाहर झांका, तो मेरे तो होश ही उड़ गए.
मेरे ऑफ़िस का ब्वॉय विकी दरवाज़े पर था, मैंने जैसे ही उसको देखा, तुरंत दरवाज़े को बन्द कर दिया, उसको देख कर मेरी सांसें तेज तेज चलने लगीं।
मेरे बूब्स ऊपर नीचे हो रहे थे , मैं गेट से चिपक कर बिल्कुल नंगी खड़ी थी और विकी बाहर से आवाज दे रहा था।
मैंने खुद पर काबू पाया और गाउन पहन कर गेट खोला, सर बेडरूम में सो रहे थे, उनको कुछ पता नहीं चला।
मैं- हैलो विकी कैसे हो तुम?
विकी – मैं अच्छा हूँ तुम कैसी हो? कुछ दिनों से ऑफ़िस नहीं आई, तो मुझे लगा कि तबियत ज्यादा खराब है.
मैं- नहीं … मैं अब ठीक हूँ, पहले थोड़ी खराब थी।
विकी – ओहह फिर तो अच्छी बात है।
मैं भूल गयी कि विकी गेट पर ही खड़ा है, मुझे उसको अन्दर बुला कर कॉफी या चाय के लिए पूछना चाहिए।
विकी – ठीक है मैं जाता हूँ, सॉरी तुमको डिस्टर्ब किया।
मैं- नहीं , कोई बात नहीं विकी, मैं सो रही थी और तुम आए, तो जल्दी में गेट खोलने आ गयी।
विकी – ओके
मैं और विकी एक दूसरे को देख रहे थे, फिर विकी मेरे मम्मों को दरारों में देखने लगा, जो गाऊन में से झांक रहे थे।
मैं- आओ ना विकी चाय पीकर जाना।
विकी – नहीं तुम परेशान मत हो।
मैं- परेशानी कैसी, तुम्हारे बहाने मैं भी पी लूंगी।
विकी थोड़ा ना नुकुर के बाद मान गया और अन्दर आकर सोफे पर बैठ गया।
मैं उसके लिए पानी लेकर आई और झुक कर देने लगी, विकी की आंखें पूरी खुल कर मेरे गाऊन के भीतर झांकने लगीं।
मेरी बूब्स का साइज़ अब 36 हो गया था, विकी को मेरी चूचियों के बढ़े हुए साइज़ देख कर बहुत ख़ुशी मिल रही थी।
मैं- अब तुमको पानी की जरूरत नहीं है ना?
विकी – क्यों?
मैं- तुम्हारी प्यास तो अन्दर झांक कर मिट गयी होगी।
विकी शर्मा कर नीचे देखने लगा।
मैं हंसते हुए बोली- अरे मैं तो मजाक कर रही थी, लो तुम पानी पी लो।
मैंने अपने मम्मों को सहलाते हुए बोला- ये इतने बड़े हो गए हैं न इसलिए अपने आप दिख जाते हैं।
विकी – नहीं, अभी इतने भी बड़े नहीं हुए हैं।
मैं- तुमको कैसे पता, मेरे पहले कितने बड़े थे?
विकी फिर शर्मा कर दूसरी तरफ देखने लगा,अब मैं चाय बनाने के लिए किचन में चली गयी।
मैंने चाय को गैस पर रख दिया और सोचने लगी कि काश विकी आकर मुझे पीछे से पकड़ ले और जोर जोर से मेरी चूचियों को मसल दे।
ये सोचते सोचते मेरे हाथ अपने आप मेरी चूत पर लग गए और मैं गाऊन को हटा कर चूत में उंगली घुसेड़ने लगी थी।
काफी देर बीत गई, तो विकी किचन में आ गया और मुझे देखने लगा, मेरा गाऊन खुला हुआ था और मेरी एक टांग किचन की स्लैब पर रखी हुई थी।
मैं आंखें बंद करके अपनी चूचियों को मसल रही थी और बुदबुदा रही थी कि आह विकी फक मी आहह फक मी हार्डर।
विकी – मैम ये क्या कर रही हो?
अचानक से विकी की आवाज सुनकर मैं पूरी तरह से चौंक उठी और पीछे को मुड़कर मैंने विकी को देखा।
विकी की नजरें मेरे नंगे दिख रहे जिस्म पर थीं, मेरी तनी हुई चूचियों और खुली हुई चूत को विकी बड़े ध्यान से देख रहा था।
मैं अपने गाऊन को ठीक करते हुए- ओहह सॉरी विकी मैं शायद कहीं खो गयी थी, तुम बैठो मैं अभी आती हूँ।
विकी मेरे करीब आने लगा, मैंने देखा विकी का लंड बिल्कुल टाइट होकर पैंट में उभार बना रहा है।
विकी मेरे पास आकर कान में धीरे से बोला- मैम तुम अन्दर से बहुत खूबसूरत हो।
मैं शर्मा कर बिल्कुल जड़ हो गयी और विकी मेरे होंठों को चूम कर बाहर हॉल में चला गया।
थोड़ी देर बाद मैं चाय लेकर बाहर आयी, अब मैं समझ गयी थी कि विकी मुझे चोदना चाहता है, इसलिए मैं भी अब ज्यादा नहीं शर्मा रही थी।
मैंने झुक कर चाय टेबल पर रखी और विकी को अपनी चूचियों को दिखाया, फिर उसके सामने अपने पैर पर पैर रख कर बैठ गई, जिससे मेरी नंगी जाँघ विकी को दिखायी दे जाए और उसका लंड टाइट बना रहे।
विकी – सीमा तुम ऑफ़िस नहीं आती हो, तो मन नहीं लगता।
मैं- क्यों? क्या तुम ऑफ़िस मेरे लिए ही आते हो ?
विकी – जब तक तुम्हारी चूत और गांड में जीभ न डाल दूं मन ही नही लगता काम में।
मैं- अपने पैरों को फैलाकर चूत दिखाते हुए बोली क्या सोचते हो ?
विकी – हड़ बड़ाते हुए वो वो कुछ नहीं आजकल तुम्हारे बिना सर भी बहुत परेशान रहते हैं।
मुझे तुरंत याद आया कि सर तो बेडरूम में सोये हैं,कहीं विकी ने देख लिया तो क्या होगा ये क्या सोचेगा, मैंने विकी को बोला- ठीक है, अब कल से ऑफ़िस आऊंगी, मुझे अभी काम है, कल मिलते हैं।
विकी अब जाने को हुआ और गेट पर मैं उसके साथ गयी, विकी ने मुझे गले लगाया और मेरे चूतड़ों को दबाया, उसकी इस हरकत को मैंने इग्नोर कर दिया क्योंकि अब मैं उसको जल्दी से जल्दी भेजना चाहती थी।
जैसे ही मैंने गेट खोला, तुरंत पीछे से आवाज आई- अरे विकी तुम कब आये?, विकी और मैं पीछे मुड़े।
सर सिर्फ एक छोटी सी चड्डी में बेडरूम के गेट पर खड़े थे, विकी शॉक्ड होते हुए- सर।
अब मैं कुछ बोलने की हालत में नहीं थी, सर ने विकी को बुलाया और बैठने को बोला, मैं चाय का कप लेकर किचन में गयी।
इतने में सर ने आकर मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरी गर्दन पर चूमते हुए मेरे गाऊन में हाथ डाल दिया और मेरी चूचियों को मसलना शुरू कर दिया।
मैं- सर विकी आ जाएगा।
सर – वो जानता है कि तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो।
मैं- फिर भी सर उसके सामने ये सब कैसे हो सकता है?
अब सर ने मुझे छोड़ दिया और वापिस कमरे में आ गए, मैं भी पीछे पीछे आ कर बैठ गयी और उनकी बातें सुनने लगी।
सर ने विकी से पूछा- विकी तुम दारू पीते हो?
विकी – हाँ सर कभी कभी पर रात में।
सर – ठीक है अभी मेरे लिए लेकर आओगे?
विकी – ओके सर।
वो जाने लगा, तो सर ने उसे रोका और पैसे दिए, विकी सर से पैसे लेकर चला गया, उसके जाते ही सर मेरे पास आकर खड़े हो गए और मेरे चेहरे को पकड़ कर किस कर लिया।
मैं- सर आप पहले ब्रश कर लीजिये, तब तक मैं आपके लिए चाय लाती हूँ, और मैं किचन में चाय लाने चली गयी और सर ने ब्रश कर लिया, फिर सोफे पर बैठ गए।
मैं सर को चाय देकर उनके बगल में बैठ गयी, तो सर ने मुझे उठा कर अपनी गोद में बिठा लिया, अब सर मेरे गाऊन को हटा कर मेरे निप्पलों को चूसने लगे और चाय भी पीने लगे।
मैंने मसखरी की- दूध कम लग रहा है क्या चाय में?
सर – नहीं मेरी जान, पर तेरी चूचियों में कुछ नशा सा है।
अब मैं मुस्कुरा कर सर से अपने निप्पल चुसवा रही थी, सामने गेट खुला ही था, तो मुझे डर था कि कोई आ ना जाए, फिर सर जोर जोर से मेरे निप्पलों को काटने लगे और मेरी चूत रगड़ने लगे थे।
सर ने मुझे गोद से उतार दिया और मेरा गाऊन निकाल दिया, जिससे मैं उनके सामने बिल्कुल नंगी हो गयी, मैंने अपनी एक टांग को सर के कंधे पर रख दिया, जिससे सर मेरी चूत में मुँह डाल दिया था और वे अपनी जीभ से मेरी चूत चाट रहे थे।
चूत पर जुबान का टच मिलते ही, मेरी आंख बन्द हो गयी थी, मैं स्वर्ग की सैर करते हुए अपनी चूत चटवा रही थी।
फिर सर ने चूत चाट कर मुझे घुमा दिया और मैं टेबल पर हाथ रख कर झुक गयी, अब सर की जीभ मेरी गांड की छेद को चाट रही थी, जिसे कल रात सर ने अपने लंड से फैला दिया था।
मैं मजे से गांड चटवाने का मजा ले रही थी, फिर सर खड़े हो गए और अपना लंड निकाल कर मुझे बिना बताये, मेरी गांड में घुसा दिया।
मैं- आहह सर पहले बोल तो देते आह सीधा गांड में लंड घुसा दिया, आह प्लीज़ रुको थोड़ी मेरी गांड में और अपने लंड पर ऑइल या क्रीम तो लगा लेते।
सर – साली कल रात तो बहुत जोर जोर से गांड मरवा रही थी अभी तेरी गांड को फ़ाड़ कर चौड़ा कर दूंगा, रंडी बनेगी साली आह ले ।
अब मैं नॉर्मल हो कर गांड मरवाने लगी, सर जोर जोर से अपना लंड मेरी गांड के अन्दर तक घुसा देते और फिर निकाल कर लंड से गांड की छेद पर ठोक दे रहे थे।
मैं- सर चूत में घुसा दो, बहुत खुजली हो रही है।
सर – ले मादरचोद रंडी तेरी चूत और गांड दोनों में एक साथ लंड घुसेगा, तब तेरी प्यास बुझेगी भोसड़ी वाली,
उन्होंने पीछे से ही लंड चूत में पेल दिया।
मैं सोच रही थी कि काश ऐसा हो पता बहुत दिन हो गए, दो लंड एक साथ गांड में और चूत में लिए हुई , ये सोच कर ही मेरी चूत पानी निकालने को हो गयी।
अब सर ने अपनी गति को बढ़ा दिया और मेरे ऊपर झुक कर मेरी चुचियों को पकड़ कर मुझे जोर जोर से चोदने लगे, मैं आहह आहह करके सर से चुदवा रही थी, घोड़ी बन के अपनी चूत में लंड ले रही थी।
अब सर का लंड अपना लावा निकालने वाला था, सर ने लंड निकाल कर मेरी गांड में घुसेड़ दिया और जोर जोर से मेरी गांड में लंड का पानी निकालने लगे।
सर – सीमा साली रंडी तेरी गांड मस्त है।
मैंने भी गर्म गर्म वीर्य गांड में पाकर अपना चूत खोल दिया, जिससे उनका रस मेरी जांघों पर चूने लगा।
तभी पीछे से दरवाजा खुलने की आवाज आयी, मैं नंगी होकर सर का लंड अपनी गांड में लेकर झुकी हुई थी, मैं और सर ने पीछे मुड़ कर देखा, तो विकी दारू लेकर आ गया था और हम दोनों को देख रहा था।
मैं जल्दी से अपना गाऊन उठा कर बाथरूम की तरफ भागी, सर का लंड मेरे गांड से गप की आवाज के साथ निकला और उनका ढेर सारा वीर्य गांड से निकल कर जाँघ पर बहने लगा, कुछ वहीं जमीन पर भी गिर गया।
अब सर ने अपना लंड अपनी चड्डी के अन्दर घुसा लिया और सोफे पर बैठ गए और सर ने विकी को अपने सामने बिठा लिया जिससे विकी मेरी तरफ ना देख पाये।
मैं बाथरूम में नहाने के लिए चली गयी और नहा कर नंगी ही बाहर आ गई , सर का चेहरा मेरी तरफ था और विकी की पीठ मेरी तरफ थी, तो वो मुझको नहीं देख सकता था, सर मुझे नंगी देख कर अपना लंड सहला रहे थे।
सर को देखते हुए मैंने अपने बेडरूम में जाकर एक मिनी टॉप और छोटी सी स्कर्ट पहन ली, मैंने ब्रा नहीं पहनी थी, बिना ब्रा के टॉप पहनने से मेरे निप्पल साफ दिख रहे थे।
मैं सर के पास आई, तब तक सर ने दारू की बोतल खोल ली थी, मुझे देख कर सर ने मुझसे कुछ चखना लाने के लिए कहा, मैंने किचन में जाकर बना दिया और सारा सामान लेकर आ गयी।
सर – सीमा तुम सिर्फ मेरे लिए ही गिलास क्यों लाई? विकी और तुम नहीं पियोगे क्या?
मैं- सर, मैं नहीं पियूंगी।
विकी – सर, मैं भी नहीं।
सर – मेरा साथ तो देना पड़ेगा चाहो तो थोड़ा सा ही पियो।
सर बहुत जिद करने लगे, तो मैंने अपने और विकी के लिए भी गिलास ला दिया, अब हम तीनों लोग दारू पीने लगे।
विकी शायद ज्यादा नहीं पीता था, इसलिए उसको 3 पैग में ही दारू चढ़ने लगी, मैंने और सर ने 6-6 पैग पी लिए थे।
अब सर ने मुझे अपने पास बिठा लिया और मेरी कमर में हाथ डाल कर मुझे पैग बनाने को बोला, मैं झुक कर पैग बना रही थी, विकी मेरे टॉप के अन्दर देख रहा था, जिससे उसका लंड भी गर्मी महसूस करने लगा और पैंट के ऊपर से दिखने लगा।
मैंने विकी के लिए भी पैग बना दिया, अब सर मेरे चूचियों को टॉप के ऊपर से मसल रहे थे और दारू पी रहे थे।
विकी ध्यान से मेरे चूचियों को मसलना देख रहा था, जिससे उसका लंड अच्छे से खड़ा हो गया और सर का भी लंड खड़ा था, मुझे इस वक्त ये सोच कर बहुत अच्छा लग रहा था कि मुझे देख कर दो मर्दों के लंड खड़े हैं।
तभी सर ने मेरा हाथ अपने लंड पर रख दिया, जिसे मैंने सहलाना शुरू कर दिया, दारू पीने के बाद अब मैं भी अपना होश खो रही थी।
सर ने अपने मुँह में दारू भर कर मेरे मुँह में डाल दिया, जिसे मैं पी गयी और सर के होंठों को चूसने लगी।
इसके बाद सर ने मेरी गर्दन को पकड़ के झुका दिया और मैं सर के लंड को चड्डी से बाहर निकाल कर चूसने लगी, विकी देख रहा था कि कैसे मैं सर का लंड चूस रही हूँ।
सर ने आंखों को बन्द कर लिया था और मेरे मुँह में अपना लंड घुसा कर मजे से चुसवा रहे थे, सर का लंड मेरे मुँह को चोद रहा था।
तभी मैंने देखा कि विकी ने भी अपना लंड बाहर निकाल लिया था और वो लंड हिला रहा था, मैंने हाथ से इशारा करके विकी को अपने पास अपने पीछे बिठा लिया।
मैंने सर के लंड को चूसते हुए विकी का लंड हिलाना शुरू कर दिया और विकी पीछे से मेरे टॉप को उठा कर मेरी चूचियों को मसलने लगा था।
विकी ने अपना टी-शर्ट को निकाल दिया और मैंने उसके पैंट को खोल दिया, तो उसने वो भी निकाल दिया, विकी मेरी स्कर्ट को ऊपर उठा कर मेरे जांघों को सहला रहा था और फिर झुक कर मेरी जांघों को चाट रहा था।
मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, मैंने सर के लंड को अपने मुँह में और जकड़ लिया, जिससे सर ने मेरे सर को पकड़ के लंड पूरा मेरे गले तक घुसा दिया।
मुझे खांसी आने लगी, तब सर ने मेरे सिर को छोड़ा, अब मुझे रुका नहीं जा रहा था, मेरी चूत में खुजली होने लगी थी, चूत का पानी निकलने के लिए बेताब था।
मैंने उठ कर अपना टॉप उतार दिया और विकी ने जल्दी से मेरी स्कर्ट के साथ ही मेरी पेंटी को निकाल दिया, अब मैं पूरी नंगी हो गयी।
मैंने सर की चड्डी को निकाल दिया और अपनी टांगों को फैला दिया, मैं उनका लंड चूत में घुसा कर बैठ गयी, मैं- आअह्ह्ह मजा आ गया सर क्या कड़क लंड है आपका।
विकी भी पूरा नंगा हो गया और नीचे बैठ कर मेरी गांड चाट रहा था, मुझे बहुत मजा आ रहा था, मेरी गांड पर विकी की जीभ थी और चूत में सर का लंड फंसा था।
मैं सर के कान में धीरे से बोली- आज तो विकी मेरी गांड मारकर ही मानेगा, बॉस ने आंखें खोल कर देखा, विकी नीचे बैठ कर मेरी गांड को मन लगा कर चाट रहा था।
उन्होंने मुस्कुरा कर मुझे देखा और बोले – दो दो लंड एक साथ मिलेंगे रंडी, और अब मैं सर के होंठों को चूस रही थी और उनके लंड को चूत में लेकर बैठी हुई थी।
विकी मेरी गांड में जीभ डाल कर दो उंगलियों को मेरी गांड में घुसा रहा था , जिससे मेरी गांड मुलायम हो रही थी और लंड के लिए रेडी हो रही थी।
मैंने विकी का हाथ पकड़ कर ऊपर खींच लिया और उसका लंड थोड़ी देर मुँह में लेकर चूस लिया, इससे उसका लंड मेरे मुँह के लार से गीला हो गया।
मैंने मुस्कुरा कर विकी को देखा, जिससे वो समझ गया कि क्या करना है, अब विकी मेरे पीछे आकर अपना लंड मेरी गांड के छेद पर रगड़ने लगा।
फिर धीरे धीरे विकी का लंड मेरी गांड में घुसने लगा, मैं- उम्म्ह अहह हय याह धीरे प्लीज, और सर ने मेरे चूतड़ों को पकड़ कर अच्छे से फैला दिया, जिससे विकी का लंड आसानी से मेरी गांड में घुस जाए।
अब मेरी चूत और गांड दोनों में लंड पूरी तरह से घुस चुके थे, विकी पीछे से मेरी चूचियों को पकड़ कर जोर जोर से मसल रहा था और धीरे धीरे मेरी गांड मार रहा था।
मुझे मजा आ रहा था, चूत में घुसा हुआ लंड भी अब अन्दर बाहर हो रहा था और गांड में घुसा लंड भी, मैं दो नंगे मर्दों के बीच नंगी होकर दबी हुई थी और दो दो लंड अपने अन्दर घुसवा रही थी।
सर ने मेरे मुँह में मुँह डाल कर अपनी कमर को तेज तेज चलाना शुरू कर दिया, जिससे गांड में भी जल्दी जल्दी लंड घुसने लगा।
मैं- आअह्ह्ह आह्ह्ह सर जोर से चोदो मेरी चूत को आह्ह बड़ा मजा आ रहा है, विकी आज मेरी गांड को पूरा फ़ाड़ दो।
सर – ले साली और तेज तेरी गांड और चूत दोनों में लंड घुस रहे हैं साली रंडी।
में आह आह आह्ह्ह मजा आ रहा है सर चोदो दोनों मिलकर आह मैं आज से दोनों की रंडी हूँ चोदो मुझे आह्ह्ह आह्ह्ह मजा आ रहा है और जोर से।
विकी अब पूरी रफ्तार में मेरी गांड मार रहा था और सर का लंड जोर जोर से चूत में घुस रहा था, वो बोल रहा था- मुझे तेरी चूत लेनी है सीमा रानी बोल तो घुसा दूँ चूत में तेरे।
मैं- अभी नहीं गांड मारो मेरी जोर जोर से, मैंने सोचा एक साथ दो लंड चूत में घुस जाएंगे, तो मेरी तो चूत ही फ़ट जाएगी, फिर कई दिनों तक ठीक से चुदवा नहीं पाऊंगी।
विकी ने मेरी बात खत्म होने के बाद से अपने लंड से सिर्फ सात और धक्के लगाए और लंड निकाल कर सामने सोफे पर बैठ गया, जिससे मैं उसको गुस्से से देखने लगी।
विकी का लंड अभी बिल्कुल टाइट खड़ा था, तो मैं सर के लंड से उठ कर विकी का लंड चूत में लेकर बैठ गयी, सर पीछे से आ गए और अब सर का लंड मेरी गांड में घुस गया।
मैं विकी को देख रही थी और वो मुझे देख रहा था, उधर दोनों छेदों में दो लंड मेरी चूत गांड को फ़ाड़ रहे थे, फिर मैं विकी को किस करने लगी और उसका हाथ अपने बूब्स पर रख लिया।
विकी जोर जोर से चुचियां मसलने लगा और मेरे होंठों को चूसते हुए मुझे चोद रहा था, उधर सर मेरी गांड में लंड घुसा कर दारू पी रहे थे, फिर कुछ देर बाद विकी ने मुझे अपनी बांहों में कस लिया और खड़ा होने लगा।
फिर सर और विकी दोनों ने खड़े होकर मुझे अपने हाथों में उठा लिया और मुझे उछाल उछाल कर मेरी चूत गांड को फाड़ना शुरू कर दिया।
मैं- आअह्ह आह्ह्ह मजा आ रहा है आहह जोर से उछाल दो मुझे, मैं ऊपर जाती, फिर नीचे आती और गप के साथ दो दो लंड पर बैठ जाती, जो मेरे सीधा अन्दर तक घुस जाते, मैं जन्नत की सैर कर रही थी।
सर – साली रांड हमेशा ऐसे ही चुदवाया कर।
विकी – मस्त माल है साली नंगी होकर तो और मस्त हो जाती है, इसको देख कर लंड हमेशा खड़ा ही रहता है।
मैं- आह्ह्ह आह्ह्ह मजा आ रहा है और जोर से सालों मुझे नंगा करके चोद रहे हो आह रंडी बना दिया मुझे आह्ह्ह मस्त लंड है दोनों के जोर से और जोर से।
सर और बिकी बोले – ले साली रांड मादरचोद और ले साली और दोनों के एक एक हाथ जोर जोर से मेरी चूचियों को मसल रहे थे।
विकी – सीमा रंडी, लंड का पानी कहा निकालूं पियेगी मादरचोद?
सर – हाँ साली, बता तेरी गांड को भर दूँ या प्यास बुझाएगी अपनी?
मैं- भर दो मेरी गांड और चूत को पूरा एक भी बूंद बाहर मत निकालना आह्ह्ह मैं भी निकाल दूँगी अपना आह्ह्ह आह्ह्ह मजा आ गया सर जोर से गांड फाड़िये अपने सीमा रंडी की आह और जोर से।
अब दोनों के लंड फूलने लगे और दोनों का वीर्य मेरी चूत और गांड में भरने लगा, मुझे मजा आ रहा था, गर्म गर्म वीर्य मेरी गांड और चूत में भर गया था।
मैं- सर मुझे बाथरूम में ले जाकर ही लंड बाहर निकालना, नहीं तो पूरा बाहर गिरेगा और मुझे साफ करना पड़ेगा।
अब सर और विकी ने लंड घुसाए ही मुझे बाथरूम में ले गए और फिर गप की आवाज के साथ दोनों का लंड बाहर निकला, ढेर सारा सफेद वीर्य मेरी जाँघ पर चिपक कर चू रहा था।
मैं नीचे बैठ कर सर और विकी दोनों का लंड चूसने लगी, दोनों के लंड पर वीर्य की मलाई लगी हुई थी, जिसे मैं जीभ से चाट रही थी।
सर – रण्डी सीमा रानी, मूत पियेगी क्या ?
मैंने मुस्कुरा कर सर की तरफ देखा और अपना मुँह खोल कर किसी रंडी की तरह मूत निकलने का इन्तजार करने लगी।
अब सर ने अपना लंड पकड़ लिया और मेरे मुँह में मूतना शुरू कर दिया, जिसे मैं पी रही थी, ये देख कर विकी को भी मूत आ गयी और वो भी मेरे चेहरे पर मूतने लगा।
मैं दो दो लोगों के मूत से नहा रही थी, मूत पी रही थी, मुझे अच्छा लग रहा था।
फिर दोनों के लंड को मैंने धो दिया और दोनों नंगे बाहर चले गए, मैं दुबारा नहाने लगी और नहा कर सिर्फ तौलिया लपेट कर बाहर आयी।
मैंने देखा सर और विकी दोनों ही जाने के लिए रेडी हो गए थे।
सर को कुछ जरूरी काम था, तो वे जाने लगे और विकी ने भी अपना काम कर लिया था, इसलिए अब वो भी जाने को हुआ, मैंने दोनों को अच्छे से किस किया।
दोनों ने तौलिया हटा कर मेरी चूत को चूम लिया और सर बोले सीमा ये तुम्हारा पहला अनुभव नही लग रहा है, दो मर्दों से एक साथ चुदने का, तो में बोली सर कई बार कर चुकी हूं, फिर वह दोनों चले गए।
मैं चूदाई से थक गई थी तो नंगी ही सो गयी और फिर नींद सीधा शाम को खुली, मोबाइल की घंटी बज रही थी,पिता जी का कॉल था, उन्होंने मुझे घर आने के लिए कहा।
3 दिन बाद में घर पहुंची तो पता चला की मेरी दीदी के लिए एक रिश्ता देखा है,पर लड़के वाले चाहते है कि उस के छोटे भाई से मेरी शादी हो जाए।
वैसे भी यह मेरी दीदी की दूसरी शादी होगी, उनका जीवन अच्छे से बीते और वह भी अपने जीवन में आगे बढ़ सके।
इसलिए मैंने अपनी दीदी और घर वालो की खातिर मैंने इस शादी के लिया हां कह दी और एक महीने बाद मेरी और दीदी की शादी हो गई।
इस के बाद मेरे जीवन में क्या क्या हुआ वो सब आपको आगे बताऊंगी।
आप मेरे साथ बने रहिए और इस हॉट सीमा 2 हार्ड सेक्स कहानी पर किसी भी प्रकार की राय देने के लिए आप मेल पर मुझसे संपर्क कर सकते हैं.
[email protected]

यह कहानी भी पड़े  रियान अंकल 1 पार्ट 8


error: Content is protected !!