हॉट सीमा 2 Xxx की चूदाई कहानी 1

मेरी पिछली कहानी आई थी
हॉट सीमा Xxx कहानी 9
मैंने अपनी चूत में पहला लंड कैसे लिया
मेरा नाम सीमा पाण्डेय है। यह मेरी पहली हिंदी देसी कहानी है।
मैं 22 साल की हूँ, यू पी के शहर की रहने वाली हूँ और दिल्ली में जॉब करती हूँ एक प्राइवेट संस्थान में!
मेरे घर में कुल 5 लोग हैं, मैं, मेरा भाई मेरी बहन मेरी मम्मी और पापा।
मेरे पापा एक बड़ी कंपनी में मैनेजर हैं और मेरी मम्मी एक प्राइवेट बैंक में क्लर्क हैं। मेरा भाई अभी 9 में है। इसके अलावा मेरी एक बड़ी बहन है ।
जिसकी शादी 4 साल पहले हो गयी थी पर जीजा जी के देहान्त के बाद उसके ससुराल वालों ने उसे अलग कर दिया इसलिए वो अब हमारे साथ रहती है।
मैं शादी नहीं करना चाहती थी तो दिल्ली में जॉब ढूँढ ली और पिछले डेढ़ सालों से दिल्ली में रहने लगी और धीरे धीरे यहीं की लाइफ जीने लगी जैसे दोस्त बनाना, पार्टी करना!
पर मैं कभी भी रात में ज्यादा देर पार्टी नहीं करती थी।
मेरे बहुत सारे दोस्त हैं जो लड़के हैं और सब मुझे पाना चाहते हैं क्योंकि मेरा फिगर 32-28-32 है जिसे हर कोई लूटना चाहता है।
मैं जब भी किसी भी दोस्त के साथ कहीं पार्टी में जाती हूँ तो वो जरुर मेरी कमर में हाथ रख कर ही पार्टी में एंटर करता था ये मुझे भी अच्छा लगता था इसलिये मैंने कभी किसी को मना नहीं किया।
अब मैं अपनी कहानी पर आती हूँ। यह बात आज से करीब 4 महीने पहले की है।
मेरा एक दोस्त है जिसका नाम अनुम शेख है में उसे प्यार से अनु भी कह देती थी, वो बहुत अच्छा है और बहुत फिट है। उसने मुझे एक पार्टी में आमंत्रित किया जो उसके पापा के बिसनेस की थी।
मैं वहाँ जाना नहीं चाहती थी क्योंकि बड़े लोग थे वहाँ पर!
लेकिन अनुम ने जिद की तो मैं एक सिंपल सी ड्रेस पहन कर अनुम के साथ चली गयी।
वहां अनुम के दोस्तो में सिर्फ मैं थी और मैं किसी और को नहीं जानती थी तो मैं ज्यादा समय अनुम के साथ रहती थी।
अनुम ने मुझे अपने मम्मी पापा से मिलाया, सबने मेरी खूबसूरती की तारीफ की।
अनुम की मम्मी ने मुझे एक हार गिफ्ट किया जो मुझे बहुत अच्छा लगा और मैं बहुत खुश हुई।
फिर पार्टी के बाद अनुम मुझे मेरे फ्लैट पर छोड़ने आया और कहा- आज मैं तुम्हारे साथ बैठ कर ड्रिंक करना चाहता हूँ।
मैं कभी कभी दोस्तों के साथ बियर पी लेती थी तो मुझे यह बात सामान्य लगी तो मैंने भी हां कर दी।
अनुम मुझे मेरे फ्लैट पर छोड़ कर ड्रिंक लेने चला गया। मैंने अपने कपड़े बदल कर एक गाऊन पहन लिया और गर्मी लगने की वजह से अन्दर कुछ नहीं पहना था
क्योंकि मैं हमेशा रात को नंगी ही सोती थी, मैंने सोचा कि अनुम ड्रिंक करके चला जायेगा तो फिर मैं सो जाऊंगी नंगी होकर।
अनुम आ गया और जब मैंने गेट खोला तो मुझे देख कर बहुत खुश हुआ और गले से लगा लिया। मुझे उसकी यह हरकत थोड़ी अजीब तो लगी पर मैंने अनदेखा कर दिया।
फिर हम दोनों बैठ कर ड्रिंक करने लगे, मैं बियर पी रही थी और अनुम अपने लिये दारु की एक फुल बोतल लाया था।
हमने मोबाइल में गाने चला दिये और इधर उधर की बात करते हुए ड्रिंक इंजॉय करने लगे।
जब मैंने एक बोतल बियर की पी ली तो अनुम ने पूछा- कुछ असर हुआ?
तो मैं बोली- नहीं, मुझे एक बोतल से कुछ नहीं होता।
अनुम को नहीं पता था कि मैं पहले भी पी चुकी हूँ क्योंकि मैं अनुम के सामने बहुत सिंपल रहती थी।
तो अनुम में मुझे भी दारु ऑफर की, जिसे मैं मना नहीं कर पायी और फिर हम दोनों ने काफी देर तक बात करते हुए दारु पी रात के 1 बजे तक।
अब मुझे बहुत ज्यादा नशा हो गया था क्योंकि बियर और दारु से कोकटेल बन गया और अनुम भी मुझे नशे में लगा।
फिर मैं और अनुम डांस करने लगे, वो मेरी कमर में हाथ डाल कर मेरे साथ डांस कर रहा था और मुझे पता भी नहीं चला कब अनुम का हाथ मेरे गाऊन के अन्दर मेरी कमर पर आ गया। मुझे भी अच्छा लग रहा था इसलिये मैंने उसे मना नहीं किया।
अब अनुम ने गाना चेंज करके मर्डर मूवी का गाना ‘भीगे होंठ तेरे…’ चला दिया, हम दोनों इस गाने पर डांस करने लगे।
धीरे धीरे मुझे नशा ज्यादा होने लगा और अनुम अपने बांय हाथ की उंगलियों से मेरे होंठों को सहलाने लगा और दाएँ हाथ को मेरी नंगी कमर पर रगड़ रहा था।
मैंने आंखे बंद कर ली और अनुम की इस हरकत का मजा लेने लगी।
फिर अनुम ने अपने हाथ को और ऊपर किया और मेरी पीठ को सहलाने लगा, साथ में साइड से मेरी एक चुची को अंगूठे से दबा रहा था।
धीरे धीरे उसकी और मेरी सांसें आपस में टकराने लगी और अनुम ने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिये। यह मेरा पहला चुम्बन था तो मैं सिहर गयी और कस कर अनुम को पकड़ लिया।
अनुम ने अपने दोनों हाथ मेरी गाऊन के तक अन्दर डाल दिये और मेरी नंगी कमर को सहलाते हुए मेरे होंठों को चूसने लगा।
मुझे इतना मजा आ रहा था की मैं बता नहीं सकती, मैंने भी अनुम को किस करना शुरु किया और अपनी जीभ को अनुम के मुँह में डाल कर उसकी जीभ को चाटने लगी।
मुझे पता नहीं चल रहा था मैं क्या कर रही हूँ बस अच्छा लग रहा था।
मैंने अनुम की शर्ट के अन्दर अपनी बाँहें डाल दी और उसकी गर्दन को चाटने लगी।
मेरी इस हरकत से अनुम को और ज्यादा नशा हुआ और उसने मेरी गाऊन को मेरे एक कंधे से नीचे कर दिया और मेरे कन्धे को चूसने लगा।
फिर धीरे धीरे उसने मेरे गाऊन की रिबन को खोल दिया जिससे मैं सामने से नंगी हो गयी। अब अनुम ने मेरे एक चुची को अपने हाथ में पकड़ लिया और दूसरी को मुँह में लेकर चूसने लगा।
उसका मेरे निप्पल को हल्का हल्का जीभ से चाटना और काटना मुझे पागल बना रहा था, मैंने अपना आपा खो दिया और उसकी बांहों में ही ढेर हो गयी।
मुझे ऐसा लगा कि जैसे मेरी जांघों के बीच से पानी चू रहा है और मुझे मेरी चूत बहुत गर्म लग रही है।
फिर अनुम ने मुझे बांहों में उठा लिया और मुझे बैड पर लिटा कर मेरे ऊपर लेट गया। मेरे होंठों को चूसते हुए मेरी चुची को दबा रहा था।
मैं आंखें बंद करके लेटी रही और उसको किस करती रही।
मेरे लेटने की वजह से मेरी गाऊन दोनों साइड हो गयी और अनुम मेरे नंगे जिस्म पर लेट गया। मेरी जाँघें, मेरा पेट, मेरी नंगी चुची, बिल्कुल साफ और चिकनी चूत अनुम को दिख रही थी।
अनुम धीरे धीरे नीचे की ओर किस करते हुए जाने लगा और मेरी नाभि में जीभ लगा कर चूसने लगा, फिर और नीचे गया और मेरी चूत के पास किस करने लगा।
उसकी इस हरकत से मैं और पागल होने लगी और अपनी कमर उछाल कर उसके मुँह में अपनी चूत डालने लगी पर अनुम ने चूत पर किस नहीं किया, बस मेरी चूत को सूंघ रहा था।
फिर वो बैड से नीचे उतर गया और चड्डी छोड़ कर अपने सारे कपड़े उतार दिये।
मैंने हल्के से आंखें खोल कर अनुम के लंड को देखा जो उसकी चड्डी के ऊपर उठा हुआ था।
अब अनुम मेरे पैरों के तलवे चाटने लगा जिससे मैं और पागल हो गयी और अपने हाथों से तकिये को दबाने लगी। फिर अनुम धीरे धीरे ऊपर की तरफ आने लगा और मेरी जाँघ को चाटने लगा।
फिर मेरी चूत के पास किस करने लगा। मुझसे यह बरदाश्त नहीं हो रहा था इसलिये मैंने अनुम का चेहरा पकड़ कर अपनी चूत पर रख लिया।
और जैसे ही अनुम ने मेरी चूत पर मुंह लगाया, मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया जिसे अनुम चाटने लगा।
उसके चूत चाटने से मैं दुबारा उत्तेजित हो गयी और उसके चेहरे को अपनी चूत में दबाने लगी।
अब अनुम ने अपनी पोज़ीशन बदल ली और 69 में मेरे ऊपर आ गया। मैं पहली बार लंड के इतने करीब थी।
अनुम ने मेरी चूत में मुँह लगा लिया जिससे मैंने खुद पर कण्ट्रोल खो दिया और अनुम की कमर को बांहों में भर लिया जिससे अनुम का लंड मेरे होंठों पर लगा।
अनुम के लंड की खुशबू इतनी अच्छी लगी कि मैंने उसकी चड्डी को हटा कर उसके लंड को पकड़ लिया।
उसका लंड 9 इंच लम्बा था और मेरी कलाई जितना मोटा जिसे देख कर मैं सहम गयी।
फिर अनुम ने अपनी जीभ को मेरी चूत में घुसा कर चाटना शुरु कर दिया जिससे मेरा मुख खुल गया और अनुम का लंड मेरे होंठों में फंस गया।
अब मैं भी अनुम के लंड को चाटने लगी। धीरे-धीरे उसका आधा लंड मेरे मुख में समा गया जिसे मुख के अन्दर ही मैंने जीभ से चाटना सही समझा।
और जब उसका लंड मेरे मुँह में घुस गया तो अनुम मेरे मुँह को चोदने लगा। मैं अनुम का लंड किसी आइसक्रीम की तरह चूस रही थी।
मुझे अपने मुँह की चुदायी अच्छी लग रही थी। अब अनुम मेरी चूत को चाटने के साथ साथ एक उंगली से रगड़ने लगा जो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
फिर अनुम उठ गया और मेरे ऊपर लेट गया, मुझे किस करने लगा, मेरे निप्पल को चूसने लगा, मैं बस उसके सर को दबाते हुए निप्पल चुसवा रही थी। मैं बोल रही थी- काटो… जोर से चूसो!
और अनुम अपनी जीभ से रगड़ रहा था।
तब उसने अपने लंड को मेरी चूत पर रगड़ना चालू कर दिया जिससे मैं उत्तेजित हो गयी और अपनी दोनों टांगें फैला कर उसे अपनी चूत में लेने को तैयार हो गयी।
फिर अनुम ने मेरे निप्प्ल को छोड़ कर कहा- तुम्हारा पहली बार है?
मैंने बोला- हाँ!
अनुम – कोई क्रीम है?
मैंने उसे वैसलीन की डिबिया दे दी।
उसने मुझे अपने लंड पर वैसलीन लगाने को बोला तो मैं वैसलीन को उसके लंड पर लगाने लगी और देखते ही देखते उसके लंड में चमक आ गयी और वो 9 इंच का हो गया, मैं डर गयी।
अनुम ने फिर से मुझे लिटा कर किस करना स्टार्ट कर दिया और मैं सब भूल कर फिर से खो गयी अपनी चूत चटवाने में।
फिर अनुम ने ढेर सारी वैसलीन लेकर मेरी चूत पर लगा दी और उंगली से उसे हल्का हल्का अन्दर भी करने लगा।
अब अनुम ने अपना लंड मेरी चूत के छेद पर रखा और हल्का सा दबाया पर चिकनाई की वजह से लंड फिसल गया। तो अनुम ने मुझे अपने लंड को चूत पर लगाने को बोला, मैंने लगा दिया।
फिर अनुम ने मेरे होंठों को कस कर अपने होटों में जकड़ लिया और एक तेज धक्का मारा।
मेरी आंखों के आगे अन्धेरा छा गया, मुझे लगा मैं मर गयी… मुझे बहुत तेज दर्द हुआ, मेरी चूत फ़ट गयी थी।
पर मेरे मुँह में अनुम का मुँह था तो मैं चिल्ला नहीं पायी। मेरी आंखों से आंसू निकल रहे थे।
अनुम रुका रहा उसी पोज़ीशन में थोड़ी देर तक और मेरी जीभ को मुँह में लेकर चूसता रहा। फिर दोनों हाथों से मेरी चुची दबाने लगा जिससे मुझे अब अच्छा लगने लगा और मैंने अपनी गांड उछाल कर अनुम को हिन्ट दे दिया कि मैं चुदाई के लिये तैयार हूँ।
फिर अनुम ने अपनी कमर को थोड़ा पीछे किया और एक और लम्बा झटका मारा जिससे मैं बेहोश सी हो गयी।
जब मुझे होश आया तो देखा अनुम मेरे ऊपर लेट कर मुझे जगा रहा है। मेरी चूत में अभी भी अनुम का मोटा लंड फंसा हुआ था।
अनुम – उठो सीमा, क्या हुआ?
मैंने कहा- निकाल लो, नहीं तो मैं मर जाऊंगी।
अनुम – चुदने से कोई नहीं मरता सीमा… और तुम ठीक हो। देखो लंड आधे से ज्यादा चुत में चला गया है अन्दर!
मैंने देखा तो मेरी चूत पर खून लगा हुआ था और अनुम के लंड के पास भी!
मैं और ज्यादा डर गयी, मैंने अनुम से बाहर निकालने को कहा पर अनुम ने नहीं निकाला और मेरे निप्पलों को चूसने लगा। अब मुझे थोड़ा नॉर्मल लगा और धीरे धीरे अच्छा लगने लगा।
मैं अनुम के सर को पकड़ कर अपना निप्पल चुसवाने लगी उसके गाल पर किस करने लगी।
फिर धीरे धीरे अनुम ने मुझे चोदना स्टार्ट किया पर पूरा लंड अंदर नही डाला, मुझे अच्छा लग रहा था और मैं अपनी गांड उछाल कर उसका साथ देने लगी।
इस बीच मैं 2 बार झड़ गयी थी पर अनुम नहीं झड़ा था अभी।
फिर अनुम ने अपनी स्पीड बड़ा दी और मुझे तेज तेज चोदने लगा और फिर पूछा- कहाँ निकालूं?
तो मैंने उसे बोल दिया- मेरी छाती पर निकाल दो!
क्योंकि मैं देखना चाहती थी किसी लंड को झड़ते हुए।
अनुम ने 10-12 धक्के मारे और फिर मेरे ऊपर चढ़ गया, उसके लंड का वीर्य मेरे मुँह में आ गया जिसे मैं चाट गयी और उसका टेस्ट मुझे बहुत पसन्द आया।
फिर अनुम ने अपना लंड मेरे होंठों पर लगा दिया जिसे मैं चाट कर साफ करने लगी। अनुम उठा और मुझे उठा कर बाथरूम में ले गया जहाँ मेरे चूत की गर्म पानी से सफाई की।
और फिर हम नंगे ही बैड पर लेट गये. अनुम ने मेरे होंठों को अपने मुँह में ले लिया
अनुम ने मेरी चूत पर हथेली फेरते हुए हल्के से एक हाथ मार दिया.
मैं चिहुंक गई मगर वो अब मेरी चुत पर आराम आराम से जीभ फिराने लगा.
उस समय मैं बहुत गर्म हो गई थी.
मुझे एक गुदगुदी सी होने लगी और मैं वासना में सिसकने लगी.
उसने मेरी चूत में जीभ डालनी शुरू कर दी.
मैं कामुक सिसकारियां ले रही थी.
कुछ समय बाद वो बोला- अब तू भी अपनी मुंह से मेरा लॉलीपॉप चूस ले.
वो कहने लगा- अब चूसो.
मैं मना करने लगी तो उसने मुझे नीचे बिठाया और अपने पैरों के बीच में करके मेरे मुँह के पास अपना लंड कर दिया.
वो बोला- मुँह खोल दो जान जल्दी से!
मैं मुँह नहीं खोल रही थी तो उसने मेरे एक दूध को अपने एक हाथ से जोर से दबा दिया.
मेरी ‘आआ …’ निकल आई और मुँह खुल गया.
उसी समय उसने लंड मेरे मुँह के अन्दर कर दिया और बोला- सीमा, मुझे तुमने मजबूर कर दिया, तुम खुद भी तो कर सकती थी ये सब … लव यू सीमा … सक इट डॉल.
उसका मोटा लंड मेरे मुँह में था. मैं कुछ न कह पाई.
अब उसने चूसने को कहा.
मैंने अपना मुँह पूरा खोल दिया.
उसने आराम आराम से लंड को अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया.
मैं उस समय कुछ समझ नहीं पा रही थी कि क्या करूँ.
फिर मैंने अपने मन में कहा कि मजेदार पल बनाना है, तो आज कुछ भी कर लो यार!
बस अब मैं उसके लंड को पकड़ कर चूसने लगी.
पांच मिनट तक मैंने लंड की जमकर चुसाई की.
फिर उसने खड़े होकर मेरे मुँह में ही झटके देने शुरू कर दिए.
मैं उससे छूट ही न सकी क्योंकि मेरे सर के बाल उसके हाथों में थे.
उसका लंड थोड़ा सा ही बाहर रह जा रहा था. बाकी लंड मेरे गले तक चला जा रहा था.
उस पल मैं सांस भी नहीं ले पाती थी, मेरी आंखों से पानी बहने लगा.
मेरे गले में बहुत दर्द भी हुआ मगर अनुम ने झड़ कर अपने लंड का पानी मेरे मुँह में ही छोड़ दिया.
वो लंड अन्दर अड़ा कर बोला- आंह मेरी जान सीमा … पी जाओ, दर्द कम हो जाएगा.
मैं पी भी गई क्योंकि और कोई विकल्प ही नहीं था.
उसके वीर्य छोड़ देने से मैं उस पर गुस्सा हुई और उसको धक्का भी दे मारा.
मैंने उससे कहा- अनुम मैं सब करना चाहती हूँ … और कर भी रही हूँ. लेकिन ऐसे नहीं करो प्लीज़ … थोड़ा मेरा ध्यान रखकर करो. मुझे ऐसा दर्द सहन नहीं होता है.
उसने सॉरी कहा और मेरे ऊपर लेट गया.
वो मेरे मम्मों को चाटने लगा. मेरी चूत और मम्मों को बारी बारी से चाटता रहा.
मैं फिर से मजे लेने लगी थी.
कुछ समय बाद उसका लंड फिर से कड़क हो गया.
उसने मुझसे कहा- चलो डार्लिंग अब चुदाई करते हैं.
मैं एक पल को डर गई लेकिन मन तो मेरा भी था.
मन में सब कुछ फिर से चलने लगा.
अनुम का लंड बड़ा हुआ तो क्या हुआ … चुदाई में तो मजा आया .
ये मैं सोच कर रेडी होने लगी.
उसने मुझे चित लिटाया और मेरे दोनों पैर फैला कर चुदाई की पोजीशन में लिटा दिया.
फिर वो अपने लंड को हाथ में पकड़ कर मेरी चूत के मुँह पर रखने लगा, चुत की दरार में लंड फिराने लगा.
उसने एक बार वहां अपना थूक भी लगा दिया था.
मैं डर रही थी तो उसने मुझे हिम्मत दी और किस किया.
वो करीब दो मिनट तक ऐसे ही करता रहा.
फिर उसने मुझसे पूछा कि अब यदि तुम तैयार हो तो मैं लंड अन्दर डाल दूँ?
मैंने आंखों को नीचे ऊपर करके हां कहा.
उसने मेरा एक पैर अपने कंधे पर रख लिया और लंड को चूत की फांकों पर रख दिया.
फिर अनुम ने मेरे हाथ पकड़े और लंड को झटके से चुत के अन्दर डाल दिया.
इस झटके में उसका लंड 3 इंच अन्दर हो गया. बाकी का 5 या 6 इंच बाहर रह गया.
उस समय मेरी आंखें दर्द से बंद हो गईं और मैंने ‘रुको रुको …’ करके चिल्ला दी.
मेरा जिस्म तड़फने लगा.
उसने मुझे किस किया और रुका रहा. फिर थोड़ी ही देर बाद उसने एक और झटका दे दिया.
इस बार उसका पूरा लौड़ा चुत के अन्दर घुस गया था.
अब मेरी आंखों से पानी आने लगा और मैं रोने चिल्लाने लगी. मुझे दूसरी बार भी बहुत दर्द हो रहा था।
मेरा सर घूमने लगा.
मुझे चूत में बहुत दर्द होने लगा था और चादर पर फिर से खून के दाग लग गए थे.
मैंने अपना हाथ लगाकर देखा तो खून ही था.
तभी अनुम ने बताया- जान तुम्हारी पूरी सील खुल गई है.
मैं डर गई और आंखें बंद करके बेहोश हो गई.
मुझे होश ही नहीं था.
अनुम मुझे चोदता रहा.
5 मिनट बाद अनुम के पानी मारने पर मैं उठी.
तब तक अनुम का लंड साफ हो गया था और मेरी चूत भी साफ हो चुकी थी.
दोस्तो, उस समय मैंने कमरे के अन्दर ही बंद आंख से तारे देख लिए थे.
फिर मैं उठी तो चूत में एक अजीब दर्द सा उठा.
उसके बाद अनुम ने मुझे फिर से लिटा दिया.
मैं उसको मना करने लगी.
वो ‘बाबू बाबू …’ करके लंड को चूत तक ले ही गया और उसने किस करके लंड को अन्दर डाल दिया. फिर जल्दी जल्दी से अनुम ने 7-8 झटके दे दिए.
उस समय मैं फिर से बहुत चिल्लाई, लेकिन अबकी बार दर्द कम हो गया था.
मुझे चुदने में मजा आने लगा था. हालांकि अब भी थोड़ा थोड़ा दर्द होता था.
जब अनुम का लंड चुत के अन्दर जाता, तब ज्यादा दर्द होता था.
वो मेरे दर्द को मजे में बदलने के लिए मेरे दूध चूस रहा था.
मुझे भी अनुम से अपने मम्मे चुसवाने में बड़ा मजा आ रहा था.
जिस समय वो मेरे निप्पल को खींच कर चूसता था तो नीचे मेरी चुत में मुझे बड़ा मजा आने लगता था.
उसी समय अनुम अपना लंड चुत में रगड़ देता था तो दर्द का अहसास होने लगता था.
फिर इसी तरफ वो मुझे धकापेल चोदने लगा और मेरे दूध चूसता रहा.
न ही अनुम के झटके रुके और न ही मेरे मुँह से ‘अअह …’ निकलना बंद हो पाया.
अब अनुम मुझे जोर जोर से चोदने लगा.
मेरे हाथों में नीचे की चादर थी, जो मेरे दर्द और मजे को सह रही थी.
कुछ ही झटकों के बाद अनुम ने मुझे उठाया और दीवार पर मेरे हाथ रख दिए.
मेरे चूतड़ों को पीछे किया और कहने लगा कि तेरी चूत अभी थोड़ी ही लाल हुई है. मैं साफ साफ देख रहा हूँ.
मैंने कहा- दिखाओ, मुझे देखना है!
वो बोला- रुको अभी दिखाता हूँ.
मैं सोचने लगी कि ये मुझे मेरी चुत कैसे दिखाएगा, तभी वो मुझे अपने लंड पर उठाए हुए बिस्तर पर आ गया और उधर से अपना मोबाइल उठा कर मेरी चुत की फोटो खींचने लगा.
अनुम ने मुझे मेरी लाल हुई चुत पड़ी फोटो निकाल कर दिखाई.
मेरी चूत सच में बहुत लाल हो गई थी.
चुत की दरार में थोड़ा घाव भी दिख रहा था.
मैंने उससे कहा- तुमने मेरी चुत फाड़ दी है.
वो हंसने लगा और बोला- दो दिन में ही सब ठीक हो जाएगी और तुम खुद ही फिर से चुत चुदवाने के लिए मचल उठो गी.
मुझे उसकी बात पर भरोसा नहीं हो रहा था मगर उसकी बात बाद में सही निकली थी.
फिर अनुम ने मेरी चुत में अपना थूक लगाया और लंड को पीछे से ही चूत पर रखकर अन्दर पेल दिया.
मेरी ‘आअ … ह्ह्ह्ह अअह ईईई …’ की चीख निकली.
मेरी कामुक आवाजें कमरे में गूँजने लगीं. आस पास कोई सुनने वाला भी नहीं था.
अनुम घोड़े की तरह मेरे ऊपर चढ़ गया था और मुझे चोदने में लगा था.
उसका लंड मेरी चूत में बहुत अन्दर तक जाने लगा था.
अनुम पूरी दम से झटके लगा देता और उसका लंड मानो मेरे पेट तक चला जाता. अनुम के लंड को मैं अपनी बच्चेदानी के मुँह पर महसूस कर रही थी.
करीब 20 मिनट उसने मेरे बाल पकड़ कर और मेरे हाथ पकड़ कर मुझे बहुत चोदा.
इस बीच मैं एक बार झड़ चुकी थी.
मेरा पानी अनुम के लंड पर बहने लगा और उसके लंड के गोटों तक आ गया था.
फिर उसने मुझे अपनी गोद में लिया और बेड के किनारे पर बैठ कर मुझे अपनी गोद में उछालता रहा.
काफी देर बाद उसने अपने लंड का पानी मेरी चूत में छोड़ दिया.
उसके पानी में बहुत गर्मी थी, बहुत ही गर्म माल था.
मेरी चूत में मुझे सिकाई सा मजा मिल रहा था.
चुदाई के बाद मैं करीब एक घण्टे तक करवट बदल बदल कर लेटती रही.
अनुम ने फिर से लंड हाथ में पकड़ा दिया.
उसने इस बार मेरी फिर से देर तक चुदाई की. उस रात अनुम का मन मेरी गांड मारने का भी था लेकिन मैंने मना कर दिया.
अब मैं और अनुम नंगे ही एक दूसरे की बांहों में सो गये।
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