बाय्फ्रेंड माँगे चूत, गर्लफ्रेंड बोले ना

हेलो एवेरिवन, मेरा नाम सौम्या है. ये बात लगभग 13 साल पुरानी है. तब मैं ग्रॅजुयेशन कर रही थी, और मेरी आगे लगभग 20 होगी. मेरे ब्फ की आगे भी सेम थी.

अब मैं हम दोनो के बारे में बताती हू. मेरी हाइट 5.2 फीट है. मैं थोड़ी सावली हू. वैसे तो जब हमारी लोवे स्टोरी शुरू हुई थी, तब 32″ साइज़ ब्रा मुझे ठीक आती थी. लेकिन ब्फ के आने के बाद अभी 34″ साइज़ तोड़ा टाइट होता है. मेरे ब्फ ने 1 साल में दबा-दबा के ये हाल किया था. नाउ मी फिगर इस 34-26-34.

मेरा ब्फ फेर था, और मुझसे बहुत लंबा था, आक्चुयल हाइट में भी, और उसके साइज़ में भी. उसका हाइट थी 6.2 इंच, और उसका साइज़ 6 इंच लंबा और 1.5 इंच मोटा था. सच में वो अगर मेरे साथ ज़बरदस्ती भी करता, तो मैं 1 सेकेंड भी उसे रोक ना पाती.

मैं चाहती थी की शादी के बाद के लिए कुछ बाकी रहे. इसलिए मैं उसे मुझे मजबूर करने के लिए माना करती थी. वो मान तो जाता था, और 1 साल में कभी उसने मेरी पनटी के अंदर हाथ भी नही डाला था.

पर वो ड्रेस और पनटी के उपर से ही ऐसे मसलता था की मैं रो पड़ती थी. ब्रेस्ट्स की तो हालत ही खराब कर देता था. मुझे मॅन करता था मैं इन्हे काट के फेंक डू.

खैर अब स्टोरी पे आते है. वो पहले भी च्छूप के आके मेरे साथ मेरे घर में, मेरे कमरे में रुक चुका था, पर सिर्फ़ रात के टाइम. वो आता था, रुकता त, और मैं उसे तोड़ा समझा देती थी. मेरे घर में चार मेंबर है मम्मी, पापा, भैया और मैं. हमारा घर ड्यूप्लेक्स जैसा है. नीचे ड्रॉयिंग रूम, किचन, डाइनिंग रूम, पूजा घर, स्टोर रूम, और मम्मी पापा का बेडरूम है.

डाइनिंग से उपर स्टेर गया है. वाहा जाते ही सामने टीवी हॉल. लेफ्ट में भैया का रूम है, और बातरूम. रिघ्त में मेरा रूम और एक एक्सट्रा रूम वित बाल्कनी. डाइनिंग में पीछे की तरफ से एक गाते है. शाम के टाइम जब मम्मी पूजा कर रही होती थी, तब पापा और भैया घर में नही होते थे.

तब मेरा ब्फ अंदर घुस के मेरे कमरे में जाके मेरे बेड के नीचे च्छूप जाता था. फिर जब सुबा मम्मी सबसे पहले उठ के घर का तोड़ा काम करके बातरूम जाती थी, तब मेरा ब्फ चुपके से निकल जाता था.

उस दिन भी हर बार की तरह सब कुछ सेट था. रात को जब मैं डिन्नर ख़तम करके 10 बजे रूम में आई और दरवाज़ा लॉक किया. तब मेरा ब्फ बाहर निकला. फिर हम ऐसे ही एक घंटे बात किए. फिर उसने मेरी लॅपटॉप में एक मोविए लगाई.

हिन्दी मोविए थी, पर याद नही आ रही कों सी थी. पर उसमे कुछ इंटिमेट सीन्स थे. हम दोनो पास में बैठ कर देख रहे थे. उसका लंड खड़ा हो चुका था. हमेशा रोमॅन्स पहले मेरा ब्फ ही शुरू करता था. मोविए चल रही थी, और अचानक ही उसने मेरे फेस को अपनी और घुमा के लीप किस करना चालू कर दिया.

मैने भी रेस्पॉन्स दिया. उस दिन मैने टॉप और कपरी पहना था. अचानक से उसने रिघ्त हॅंड से मेरी लेफ्ट ब्रेस्ट को ब्रा और टॉप के उपर से ही इतना ज़ोर से दबाया, की मेरी ब्रा ही फटत गयी. ऐसी हरकत वो 3-4 बार कर चुका था. मैं पूछती थी तो वो बोलता था, ऐसे तुम्हारी ब्रा फाड़ना अछा लगता है.

अब वो पीछे से ब्रा का हुक खोल के मेरी पीठ को मसालने लगा. तो मैने उसे रोक के कहा लॅपटॉप बंद करके रख दो, और लाइट बंद कर दो. फिर उसके बाद वो मुझ पर टूट पड़ा. सबसे पहले उसने मेरी हेर क्लिप उतरी. फिर मेरे इयररिंग्स उतार के इयर्स पे किस किया.

उसके बाद मेरा हाथ उपर करके मेरी टॉप उतरी. ब्रा का हुक खुला हुआ था, पर वो बिना मेरी ब्रा खोल के उसे उपर उठा के एक-एक करके मेरे बूब्स को दबाने लगा, किस करने लगा, निपल्स चूसने लगा, काटने लगा. फिर कभी नेक में किस करता, कभी नेवेल पे, कभी लिप्स पे, कभी मुझे पलट के पीछे नेक पे किस करता, कभी पीठ पे. फिर पीछे से बूब्स पकड़ के मसलता.

मुझे मालूम भी नही था मेरी पनटी कितनी गीली हो चुकी थी अंदर से. फिर वो अपने आप को कंट्रोल नही कर पाता बिकॉज़ उसका बहुत मॅन करता है मेरे साथ सेक्स करने के लिए. मैं उसके लंड को पकड़ के अपनी जांघों के बीच डाल के उसको मसालती, और साथ-साथ अपने हाथ से भी उसको मसालती.

फिर वो इतना हॉर्नी हो गया था, की वो वैसे ही मेरे उपर लेट के मेरी जांघों के बीच सेक्स करने की पोज़िशन में आ गया. उसके बाद मेरी कपरी के उपर से ही छूट को रब करता है, और मुझे पागल कर देता है. फिर जब वो पूरा डिसचार्ज के टाइम तक पहुँच जाता है, तब मेरे उपर से उठ के मेरी साइड में लेट जाता है.

वो पहले मेरे हाथ को अपने लंड के उपर रखता है, और फिर अपना हाथ मेरे हाथ के उपर रख रे मूठ मारता है. फिर अपना माल निकाल के मेरे बूब्स पे रग़ाद के उनको दबाने लगता है. इस रोमॅन्स के अंदर मैं दो बार झाड़ चुकी थी. फिर उसको क्या मस्ती सूझती है, की वो कपरी के उपर से ही मेरी पुसी को मसालने लगता है.

वो मेरे दोनो निपल्स को बारी-बारी मूह में लेके चूस्टा है. ऐसा करके वो मुझे फिर एक बार मजबूर कर देता है झड़ने के लिए. इस बार तो मेरे आँखों में आँसू आ जाते है, बिकॉज़ मैं घर में होती हू, और मोन भी नही कर पाती, कुछ बोल भी नही पाती. इसलिए वो मुझे इतना तड़पाता है की मैं संभाल नही पाती और टूट कर रो देती हू.

जब भी ऐसा होता, तो वो मुझे रोता देख मुझे कस्स के हग कर लेता. थोड़ी देर में मैं शांत हो जाती हू. हर रोज़ जब भी वो आता, हमारे बीच ऐसे ही चलता, और वो सुबा निकल जाता.

पर उस दिन कुछ अलग ही होना था. उसके अगले दिन सुबा होली थी, और उसे सुबा जल्दी निकलना था 5 बजे. पर रात को वो मुझे सोने कहा देता था. उस रात हम दोनो इतना तक गये थे की 4 बजे के आस-पास आँख लग गयी. जब खुली तो 9 बजने वाले थे. पहली बार हमारे साथ ऐसे हुआ था. घर मैं सब जाग चुके थे, और होली का दिन था. उसका निकलना नामुमकिन हो गया, और हम फ़ासस गये.

अगले स्टोरी में पढ़िए कैसे हमने उस दिन होली मनाई, और ऐसा क्या हुआ की एक साल में जो नही हुआ था, उस दिन वो हो गया, और हम दोनो फिर वर्जिन नही रहे.

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