पति के साथ गोवा में हनीमून का मजा

हैल्लो दोस्तों, में भोपाल की रहने वाली हूँ और मेरी उम्र 26 साल है। दोस्तों मेरे पति और मैंने हमारी सुहागरात के बाद तो अब हर दिन बहुत मज़े मस्ती और बहुत बार सेक्स भी किया, लेकिन सुहागरात के बाद जब में अपने पति के साथ हनिमून पर गोवा गये तो मैंने वहां पर भरपूर मज़ा लिया और उनको भी बड़ा मज़ा दिया। फिर हम दोनों गोवा पहुंच गए और फिर उसके बाद हमने एक होटल में जाकर वहां पर एक रूम ले लिया और बस में सफर करते समय पहले से ही सुनील ने मुझसे कहा था कि अब में तुम्हे हनिमून का असली मज़ा दूँगा, में उनकी वो बात सुनकर मन ही मन बहुत खुश हुई और उसके बाद होटल पहुंचकर अब हम दोनों हमारे रूम में पहुंचे। उन्होंने वहां के उस वेटर को जो हमारा सामान लेकर आया उसको 50 रूपये टिप में दे दिया और उससे उन्होंने थोड़ा बहुत खाने पीने के लिए कोल्ड ड्रिंक और कुछ स्नेक्स और चिकन लाने के लिए कहा और थोड़ी ही देर में वो वेटर सब कुछ लेकर आ गया।

फिर सुनील ने उससे कहा कि अगर हमें कुछ ऑर्डर करना होगा तो हम फोन कर देंगे, ठीक है, अब तुम जाओ और हमें बिल्कुल भी परेशान ना करना और मेरे पति की वो बातें सुनने के बाद वो वेटर चला गया। अब हम दोनों कपड़े बदलकर थोड़ी देर के लिए बेड पर लेट गये। फिर करीब दो घंटो के बाद सुनील उठा और उसने मुझसे कहा कि में फ्रेश होकर आता हूँ और फिर उसके बाद तुम भी फ्रेश हो जाना, तो मैंने कहा कि हाँ ठीक है और फिर उसके बाद सुनील बाथरूम में चला गया और थोड़ी देर के बाद वो फ्रेश होकर वापस भी आ गया। उस समय सुनील ने सिर्फ टावल ही पहना हुआ था, वैसे भी हमेशा रात को वो सिर्फ़ टावल ही पहनते है, जिससे मुझे पता चल जाता है कि वो आज मूड में है और गाड़ी चलाने वाले है, गाड़ी चलाने का मतलब एक कोड वर्ड है गाड़ी मतलब मेरी चूत और ड्राइवर मतलब उनका लंड और वो हर कभी घर पर मुझसे उसी कोड वर्ड में ही पूछते है क्यों आज हम गाड़ी चलाए जानेमन? थोड़ी देर के बाद वो बाथरूम से बाहर आ गए। में उस समय बेड पर लेटी हुई थी और वो भी मेरे पास आकर बेड पर बैठ गये और उन्होंने मुझसे कहा कि जाओ अब तुम फ्रेश होकर आओ, तब तक में दो तीन पेग लगा लेता हूँ और हाँ बेग में तुम्हारे लिए एक तोफा है तुम उसको जरुर पहनकर आना।

यह कहानी भी पड़े  अंकल ने बहन को चोद के उसे आईफोन दिया

में : वो क्या है?

सुनील : तुम उसको खोलकर देखो तो सही तुम्हे अपने आप पता चल जाएगा।

में : हाँ ठीक है तब मैंने उसको खोलकर देखा वाह मज़ा आ गया और में बहुत खुश थी, क्योंकि उन्होंने मुझे एक ब्रा और पेंटी लाकर दी थी, वो भी काले रंग की थी, क्योंकि उन्हे पहले से ही पता था कि मैंने आज तक काले रंग की ब्रा और पेंटी नहीं पहनी थी और इसलिए वो उस रंग की मेरे लिए ब्रा, पेंटी लेकर आए थे।

सुनील : क्यों मेरा यह तोफा कैसा है?

में : उम्म्म अच्छा है, लेकिन पहले देखते है कि यह मुझे फिट भी है या नहीं?

सुनील : फिट तो जरुर होगी, क्योंकि तुमने जो साइज़ मुझे बताया था में वही साईज़ लेकर आया हूँ और यह पहनने के बाद तुम्हे बहुत सूट करेगी। वैसे भी तुम इतनी गोरी हो और काले रंग में तो यह तुम्हे ज़्यादा अच्छी लगेगी, ज़रा अब तुम जल्दी से इसको पहनकर भी आ जाओ और तुम फ्रेश होने के बाद सिर्फ़ इन दोनों को ही पहनकर अंदर आना, क्यों ठीक है ना?

में : हाँ ठीक है आप जैसा कहोगे में भी ठीक वैसा ही करूंगी।

दोस्तों उस समय मैंने मेक्सी पहनी हुई थी और जो ब्रा वो अपने साथ लेकर आए थे वो ऊपर के हिस्से में जालीदार ब्रा थी और पेंटी में भी चूत के हिस्से पर जाली लगी हुई थी जिसमे मेरा वो गोरा जिस्म नजर आ जाता। फिर में वो ब्रा पेंटी को अपने साथ लेकर बाथरूम में फ्रेश होने चली गयी और मेरे जाते ही वो एक बोतल को लेकर बेड पर बैठकर पीने लगे और थोड़ी देर के बाद में बाथरूम से बाहर निकल आई। उस समय में उनके कहने पर अब सिर्फ़ उस काले रंग की ब्रा और पेंटी में थी और फिर वहीं से खड़े होकर मैंने उनसे पूछा क्यों में आपको कैसी लग रही हूँ?

यह कहानी भी पड़े  मंजू का पालतू कुत्ता बन के उसका पेशाब पी लिया

सुनील : वाउ।

दोस्तों उन्होंने बस एक शब्द कहा उसके अलावा वो मुझसे कुछ भी नहीं बोले, बस वो मुझे लगातार घूरते ही जा रहे थे, जैसे भूखा शेर किसी हिरण को देख रहा हो जो उसका शिकार हो और सबसे पहले कुछ देर तक उनकी वो खा जाने वाली नज़र मेरी गोरी उभरी हुई छाती पर अटकी रही, क्योंकि ब्रा उस पर ऊपर थोड़ी सी जाली लगी हुई थी उसकी वजह से थोड़े से मेरे निप्पल बाहर नजर आ रहे थे और मेरे गोरे जिस्म को देखते हुए उनका एक हाथ उनके लंड को सहलाकर बड़ा रहा था। फिर उनकी नज़र मेरी पेंटी पर चली गई और वो उसको भी थोड़ी देर तक देखते रहे। फिर मैंने मज़ाक में अपनी चूत पर अपने दोनों हाथ रख लिए और कहा कि सुनील इसको मत देखो ना।

Pages: 1 2 3 4

error: Content is protected !!