देसी सेक्स कहानी अब आयेज से-
हम अभी भी चुदाई ही कर रहे थे. सोनिया एक बार झाड़ चुकी थी. अब उसकी आँखों में आँसू थे. वो रुकी, पलटी और मेरी तरफ देखी. हम दोनो एक-दूसरे को देख रहे थे. देखते ही देखते वो मेरी बाहों में आई और रोने लगी. रोते-रोते बोली-
सोनिया: आज तो ब्रेकप की बात कर दी. पर आज के बाद कभी मत करना.
मैं: तो तुम मेरे दूसरों के साथ सेक्स करने में खुश हो? तुम रवि के साथ दोबारा तो नही करोगी?
सोनिया: अगर तुम दूसरी लड़कियों के साथ करोगे, तो मैं भी दूसरे लड़कों के साथ करूँगी.
मैं: एक शर्त लगते है. अगर अभी सेक्स के दौरान में पहले झाड़ा, तो तू आज से जो बोलेगी, मैं वो करूँगा. तुझे जिसके साथ करना होगा कर लेना. इस रवि के साथ भी कर लेना. लेकिन तू पहले झदेगी तो तुझे आज से मेरी बात माननी होगी. डील?
सोनिया (एग्ज़ाइटेड होके): डन-डन.
तो सोनिया ने मॅन ही मॅन प्लान किया और स्ट्रॅटजी के तहत मेरे लंड में थूक लगाया. फिर ज़ोर-ज़ोर से लंड चूसने लगी. “स्वाक-स्वाक” की आवाज़ आ रही थी. मैने उसकी छूट में हाथ लगाया, देखा उनकी छूट पिछले ऑर्गॅज़म से अभी भी गीली थी. एक उंगली डाली और उसके ग-स्पॉट को रब करने लगा. वो मचलने लगी.
फिर हम उसके रूम में जाते है. वहाँ बेड के उपर वो दोबारा से मेरा लंड अपनी छूट में लेके चढ़ गयी. चुदाई दोबारा से स्टार्ट हुई. चारों तरफ “फूच-फूच” और मोनिंग की आवाज़ गूँज रही थी. मैं उसके बूब्स मूह में लिए हुए था. मैं कभी उसके निपल्स को लीक कर रहा था, फिर तोड़ा सा बीते करके चूस रहा था.
फिर मैं उसको एक साइड से लिटा देता हू. उसके बाद उसके पीछे जेया के मैं खुद लेट जाता हू. उसकी एक टाँग एक हाथ से उठा के छोड़ने लगा. एक हाथ से टाँग पकड़ी थी, और एक से बूब्स सहला रहा था. रूम में काफ़ी टाइम हो गया था. फिर मैने उसके निपल में पिंच कर दिया. उसने फेस मेरे साइड किया और बोली-
सोनिया: अयाया उम्म्म… आराम से कर.
मैं: क्यूँ? झड़ने का दर्र है क्या? वैसे मैं नही आता तो क्या रवि से चुड जाती? मैने देखा कैसे किस कर रहे थे, उसका लंड हिलाते हुए. तेरी छूट भी गीली हो गयी थी.
सोनिया: जब से सेक्स किया है, तेरे साथ ही किया है. आज किसी और का लंड देखा तो अलग हलचल हुई बस. (हंसते हुए) क्या पता, चुड भी जाती.
अब मैने भी चुदाई की स्पीड बढ़ा दी और बोला-
मैं: एक बार मैं ये शर्त जीत जौ, फिर सबसे पहले तेरी मा छोड़ूँगा, लिटरली.
ये सुन कर उसको गुस्सा आया पर वो क्या ही कर सकती थी. उसको पता था की उसकी मा पापा और बुनती अंकल से तो चुड्ती ही है, मेरे से भी चुड सकती थी. अब दोनो लास्ट में पहुँच चुके थे. उसको भी लगा की मेरा होने वाला था, क्यूंकी मेरा लंड उसके अंदर हलचल करने लगा था. उसको पता नही क्या सूझा और वो बोलने लगी-
सोनिया: देख, तू हारने वाला है. तेरे हारते ही में सबसे पहले रवि से चड़वौनगी, तेरे सामने वो भी. अया, रवि छोड़ मुझे उम्म. और ज़ोर से. इसको दिखा दे की छूट आचे से कैसे मारी जाती है…
मुझे गुस्सा आया पर मुझे पता था की अपना ऑर्गॅज़म लंबा करना है तो जब भी लगे होने वाला है तभी अपना माइंड डाइवर्ट कर दो. इट’स ऑल्वेज़ आ माइंड ग़मे. तो मैं मॅतमॅटिक्स का सहारा ले लेता था. अब मैं पार्षियल डिफरेन्षियल ईक्वेशन में वेव ईक्वेशन मॅन में सॉल्व कर लेता था.
एक और चीज़, महिलाओं की इमॅजिनेशन शक्ति कुछ ज़्यादा होती है. सोनिया ने जो सीन के बारे में बोल रही थी, वो इमॅजिन भी कर लिया. एक कोने में में बैठा हू और बेड में रवि उसको छोड़ रहा है. ये जो दो धारी तलवार का इस्तेमाल उसने किया था, वो उससे ही हार गयी.
मेरे से पहले वो झाड़ गयी और करीब 1 मिनिट बाद मैं भी झाड़ गया. इस बार मैं उसके अंदर ही झाड़ गया.
सोनिया: क्या यार, तूने क्या किया? अगर में प्रेग्नेंट हो गयी तो?
मैं: सॉरी बेबी, यार. आफ्टर पिल ले लेना.
सोनिया: कहाँ से लूँगी?
मैं: देख, क्या पता आंटी के पास हो. या एक काम कर, मेरे साथ आ, मम्मी दे देंगी.
सोनिया: तू पागल हो गया है क्या? कुछ भी बोले जेया रहा है.
मैं: तू चल तो, रास्ते में में सब बताता हू. और अब तो शर्त हार गयी है, तो तुझे वो करना होगा जो में बोलूँगा. ठीक?
सोनिया ने सर हिला के अपनी सहमति दी. सोनिया ने सॉफ-सफाई की, हमने अपने-अपने कपड़े पहने और मेरे घर जाने लगे. फिर मैं उसको तारक मेहता स्टाइल में अब तक की सारी बातें बताई. सब बात ख़तम होने तक हम घर पहुँचे.
सोनिया (एक गहरी साँस लेके बोली): चल ठीक है, तू जो बोलेगा में वो करूँगी. लेकिन तू मुझसे कुछ भी बात नही च्छुपाएगा.
मैं: ठीक.
लिविंग रूम में सुमन आंटी थी. उन्होने हुमको बातें करते हुए देखा और बोली-
सुमन: क्या बातें चल रही है तुम दोनो की?
मैं: अर्रे आंटी, कुछ नही.
फिर मैने आंटी को इशारे से पूछा की मम्मी और दीदी से बात हुई? उन्होने इशारे में बताया की सब ठीक है. फिर सोनिया, प्रिया दीदी के पास चली गयी. मैने वो वीडियो अपने फोन में सेंड कर दी थी. मैं किचन में गया, वहाँ मम्मी वो बर्तन धो रही थी.
मैं पीछे से जाके अपने हाथ ब्लाउस के अंदर से उनके बूब्स दबा देता हू. मम्मी पलटी और मुझे किस करके बोली-
मम्मी: कहाँ से आ रहा है नालयक? और आज कॉलेज नही जाना क्या?
मैं: यार, सच बतौ तो आज सारा दिन आपके और दीदी के साथ रहके चुदाई करने का प्लान था, पर सुमन आंटी है ना?
मम्मी: चिल कर, सुमन को भी अपने साथ जोड़ लेंगे. 2 से भले टीन.
मैं: अर्रे, ये सब छ्चोढो. एक बात बताओ, उस दिन आपके और रवि के बीच क्या हुआ था?
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तो बे कंटिन्यूड…