फ्रेंडशिप तोड़ने वाली लड़की की चुदाई की प्लॅनिंग

हेलो फ्रेंड्स, ई’म आदि. ये कहानी मेरी और मेरी बेस्टफ्र्ीएंड की है. ई होप आपको पसंद आएगी. आडिलोवे87@याहू.कॉम इस्पे कहानी का फीडबॅक ज़रूर देना. तो चलिए कहानी शुरू करते है.

मेरी बेस्टफ्र्ीएंड का नाम दिव्या है. उसकी आगे करीब 30 के आस-पास होगी, और वो मुझसे बड़ी है. देखने में सिंपल, मिल्की वाइट कलर, साइज़ ई गेस 32-30-34 होगा. हमारी फ्रेंडशिप को 5-6 साल हो गये है. स्टार्टिंग में सब नॉर्मल फ्रेंड्स वाले कॉन्वर्सेशन्स होते थे. कभी-कभी मैं उससे फ्लर्ट करता, कभी वो मुझसे फ्लर्ट करती. एक-दूसरे की फॅमिली की बातें शेरिंग एट्सेटरा.

तब उसका बाय्फ्रेंड भी था. उसके बारे में वो मेरे से बात करती, वो ऐसा है, वैसा है, ई’म गेटिंग बोर्ड. बाद में उनका भी ब्रेकप हो गया. फिर वो मेरे से क्लोज़ हो गयी, और हर बात मेरे से शेर करती. ईवन उसकी पिक्स भी मेरे को शेर करती.

शॉपिंग को जाती, तो हर ड्रेस में पिक्स क्लिक करती ट्राइयल रूम में और मेरे को भेजती कों सी लू. उस वक़्त फोटोस में उसके बॉडी पार्ट्स जैसे की उसकी नेवेल, उसके आर्म्पाइट्स, क्लीवेज शो होते, और साइड में हांग किए हुए उसके अंडरगार्मेंट्स लीके ब्रा, पनटी वो भी दिख जाते.

हम दोनो इतना क्लोज़ हो गये थे. लेकिन जैसे-जैसे टाइम जाता रहा, हम दोनो डोर होने लगे. उसको नये फ्रेंड्स मिले, उसमे साहिल नाम का लड़का उसका बेस्टफ्र्ीएंड हो गया. वो उसके साथ घूमते हुए मेरे मेसेजस इग्नोर करती. मैने कभी उसको कॉल किया और कहा चल मोविए देखने चलते तो वो बहाने बनती की साहिल के साथ हू, या फिर घर पे हू बीमार हू.

6-7 बार ऐसा हो गया. फिर मैने भी उससे कॉंटॅक्ट कम किया. 4-5 मंत हो गये. उसका Wहत्साप्प मेरे लॅपटॉप में क्लोन किया हुआ था. एक दिन ये मेरे ध्यान में आया तब मैने ऐसे ही चेक किया. साहिल के साथ काफ़ी क्लोज़ हो गयी थी वो. साहिल उसे बार-बार ई लोवे योउ कह रहा था. मैं इतने साल से बेस्टफ्र्ीएंड था, लेकिन मैने कभी ऐसा फ्लर्ट नही किया था दिव्या के साथ.

वो उसको नों-वेग जोक्स भेज रहा था. उसकी पिक्स पे भी कॉमेंट्स किए हुए थे की हॉट आंड सेक्सी है तू. बार-बार पिक्स माँग रहा था उसकी. वो दोनो जब भी मेरे को देखते, वो बिके पे उसको पीछे से पकड़ कर बैठ जाती मेरे को जेलस फील करने के लिए.

हमारी एक कामन फ्रेंड थी प्रिया नाम की. एक दिन वो मेरे को मिली, तो उसने बताया की साहिल ने दिव्या को प्रपोज़ किया, और दिव्या ने उसको रिजेक्ट कर दिया.

दिव्या उसको बोली: बेस्टफ्र्ीएंड की भी लिमिट होती है, उसी लिमिट में रहा कर. आज से हमारी फ्रेंडशिप भी ख़तम.

दिव्या प्रिया के पास आ कर रोने लगी.

वो उसको बोली: आदि ही सबसे बेस्ट लड़का है. मैने उसको डोर करके बहुत बड़ी ग़लती कर दी. तुम कुछ भी करो, आदि को फिरसे मेरा बेस्टफ्र्ीएंड बना दो. अगर आदि मेरे पे गुस्सा है, तो भी चलेगा. ई वॉंट आदि इन मी लाइफ. चाहे उसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े. प्रिया मेरे को बोली-

प्रिया: देख आदि, तू सोच समझ कर डिसिशन ले. दिव्या को अगर कल कोई और लड़का मिला, तो फिर ना छ्चोढ़ दे तुझे. वो तेरे को मिलने आ रही है 2-3 दिन में.

मैने कहा: देखते है, सब को एक मौका देना चाहिए सुधारने का. तू फिकर मत कर, ई’ल्ल हॅंडल इट.

ये बोल के हमने कॉफी पी आंड देन हग करके चले गये. 2 दिन बाद दिव्या का मेसेज आया-

दिव्या: हे आदि, ई वाना मीट योउ. कॅन वी मीट?

मैने हा कहा.

दिव्या: कहा पर मिले?

मे: मैं मेरे फार्महाउस पे हू अगले 3-4 दिन. हो सके तो आ जाओ, नही तो जब सिटी अवँगा तब मिल लेना.

दिव्या: ई आम कमिंग इन 2 अवर्स.

मेरा फार्महाउस सिटी से डोर था तोड़ा. मैने उसके वेलकम की तैयारी कर ली. आज तो दिव्या पक्का मेरे से थूक के जाने वाली थी, यही मेरे माइंड में था. मैने वॉचमन से कहा-

मे: दिव्या आ जाएगी तो उसे अंदर भेज देना.

और केर्टेकर को भी बोला दिव्या आ जाए तो मेरे रूम में भेज देना. करीब दोपहर के 1:30 बजे दिव्या फार्महाउस पे आई. मैं बेडरूम में सोया हुआ था. मेरे को सोता देख वो उधर ही सोफे पे बैठ कर मेरे उठने का इंतेज़ार करने लगी. करीब 1 अवर बाद मैं उठा और उसको देख कर कहा-

मे: गिव मे जस्ट 5 मिनिट्स, मैं आता हू.

और मैं फ्रेश होने गया. मैने मेरे रूम का सीक्ट्व देखा तो समझ आया दिव्या 1 घंटे से मेरी वेट कर रही थी. मैं फ्रेश होके बाहर निकला आंड दिव्या के पास गया, तो वो उठी, आंड शी हग्ड मे. मैने कुछ नही कहा, और ना ही उसे हग बॅक किया.

उसने कहा: हग मे ना आदि, ई आम रियली सॉरी.

मैने कोई रेस्पॉन्स नही दिया.

उसने मुझे कहा: तुम मुझे हग क्यूँ नही कर रहे?

मैने कहा: इससे पहले कभी तुझे हग किया है क्या मैने? मैं लिमिट में रहता हू. आक्च्युयली मुझे उसको डिफरेन्स दिखना था मेरे और साहिल के बीच का. सेक्स करने के लिए भी मैं उसे नही बोलने वाला था. मैं चाहता था की वो खुद अप्रोच करे, आंड वैसा ही हुआ.

दिव्या: ई’म सॉरी आदि. मेरे से ग़लती हुई. फिर कभी ऐसा नही होगा. तुम जो बोलो मैं करने को रेडी हू.

मे: इट’स ओक, तुम्हे तुम्हारी ग़लती समझ आई. अब छोढ़ो उन बातों को.

दिव्या: कैसे छ्चोढ़ डू वो बातें? तुम कितने हर्ट हुए होगे.

मे: वो तो है, हर्ट से ज़्यादा मैं इनसेक्यूवर आंड जेलस फील कर रहा था.

दिव्या: ई आम सॉरी आदि, प्लीज़ डॉन’त फील जेलस.

मे: ह्म, लेट’स गो तो अदर रूम.

दिव्या: मुझे और बहुत सारी बातें करनी ही तुमसे.

मे: बातें तो होती रहेंगी, तुम चलो कुछ काम है.

हम दोनो दूसरे रूम में चले गये. फिर जैसे ही उसने लाइट ओं की, वो देखती ही रह गयी. आज उसका बर्तडे था. सब डेकोरेशन किया हुआ रूम था और केक था.

मैने उसको कहा: हॅपी बर्तडे डियर दिव्या.

वो हैरान हो गयी और रोने लगी. मैं उसके आँसू रुमाल से पोंछने लगा. उसने मुझे फिरसे हग किया, और मेरे भी दोनो हाथ उस्नी उसकी पीठ पे रख दिए. करीब 2 मिनिट तक वो मुझे हग करके खड़ी थी. मैने केक का पीस कट किया और उसको खिलाया. उसमे से आधा पीस उसने मुझे खिलाया और कहा-

दिव्या: आदि मेरे मों दाद को छोढ़ कर किसी ने मुझे अभी तक विश नही किया, सिर्फ़ तुमने ही किया. मैने इतना बुरा किया तुम्हारे साथ, और फिर भी तुमने मेरा बर्तडे सेलेब्रेट किया. आदि ई लोवे योउ.

इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको आयेज के पार्ट में पता चलेगा. कहानी की फीडबॅक के लिए

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