फाइनल वाला प्रैक्टिकल

हाय दोस्तो, मेरा नाम डॉली शर्मा है.. मैं 26 साल की हूँ आज मेरा फिगर 32-30-34 का है.. बहुत से लड़के मुझ पर आज भी मरते हैं..
उस वक्त मेरा गोरा बदन.. 28-24-28 का मोहक फिगर.. उम्र 20 की थी, मेरा पूरा बदन भरा-पूरा था, मेरे काले घने बाल लेकिन छोटे
बहुत से लड़के मुझ पर मरते हैं.. बाकी लड़कों के साथ मेरे पड़ोस में ब्यूटी पार्लर वाली आंटी का लड़का भी था।
मैं 12वीं क्लास में पढ़ती हूँ और मेरी आंटी का लड़का राजराग भी मेरे साथ मेरे स्कूल में ही 12वीं क्लास में पढ़ता है, स्कूल की बहुत सी लड़कियाँ उस पर मरती हैं।

मैं उसे राज कह कर बुलाती हूँ और हम दोनों साथ ही स्कूल जाते हैं, इस तरह लगभग सारा समय इकट्ठे ही बिताते है। हम दोनों अच्छे दोस्त थे.. इस वजह से राज अक्सर हमारे घर आता-जाता था।

एक दिन मेरे-स्कूल में बायो का प्रैक्टिकल चल रहा था। मैं और मेरी फ्रेण्ड रोशनी साथ में ही थे। यह मेरे इम्तिहानों का फाइनल वाला प्रैक्टिकल था।
मैं और रोशनी अपनी ही मस्ती में थे, हम दोनों मेंढक के नीचे वाले अंग देख रहे थे। ओहह.. अब आप से क्या छुपाना.. मैं और रोशनी मेंढक के पप्पू महाराज के दीदार कर रहे थे।
तभी रोशनी ने कहा- इतने से लण्ड से क्या करता होगा मेंढक?

मेरे मुँह से निकल पड़ा- उसकी मेंढकी से जा कर पूछ.. जिसकी चुनमुनिया में ये जाता है.. वो ही बताएगी।
इस बात को उसके ब्वॉय-फ्रेण्ड ने सुन ली और वो हमारे पास आकर बोला- डॉली तुम्हारा तो पता नहीं पर.. रोशनी को सब पता है कि कैसा मज़ा आता है।

मैं यह सुन कर थोड़ी सी भौंचक्की रह गई।
बाद में रोशनी ने मुझे बताया कि वो उसके साथ चुदाई का मज़ा ले चुकी है और वो भी स्कूल में ही चुदी थी।

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मैं उसकी बात सुन कर गर्म हो चुकी थी और मेरा मन कर रहा था कि कोई आकर मेरी भी चुनमुनिया में अपना लण्ड डाल दे..
पता नहीं इस ख़याल में मेरा हाथ पता नहीं कब चुनमुनिया पर चला गया.. और मैं उसको सहलाने लगी।
उस वक्त मेरी मुन्नी पर बाल थे..

तभी रोशनी ने मुझको बोला- चल तुझको ठंडी कर देती हूँ।
मैं मना किया.. लेकिन वो मानी नहीं और मुझे टॉयलेट में ले गई।
उस वक्त वहाँ कोई नहीं था.. क्योंकि स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी।

मैं वहाँ गई.. तो उसने जाते ही मेरी पैन्टी और सलवार एक झटके में उतार दिया। मैं हैरान थी कि वो करना क्या वाली है। उसके बाद वो मेरी मुन्नी को सहलाने लगी.. कभी वो अपनी उंगली मेरी चुनमुनिया में अन्दर कर दी.. कभी बाहर..

मैं अपने होश में नहीं थी.. पर मुझे मज़ा आ रहा था।
बस 5 मिनट में ही मेरी मुन्नी ने पानी छोड़ दिया और रोशनी ने अपने रूमाल से मेरी मुन्नी को साफ़ किया।
उसके बाद बोली- चुनमुनिया की सफाई नहीं करती है क्या?

मैंने कहा- रोज़ तो नहाती हूँ.. और साबुन से रोज चुनमुनिया साफ़ करती हूँ।
वो बोली- पागल बचपन वाली सफाई नहीं.. बड़ी वाली।

मैं समझी नहीं कि वो कहना क्या चाहती है।

उसने बोला- तू ऐसे ही खड़ी रह और अपनी आँखें बंद कर ले।

जैसा वो बोली.. मैंने किया.. तभी मुझे लगा कि मेरी चुनमुनिया पर कुछ चल रहा है.. लेकिन मैं देख नहीं पाई.. क्योंकि उसने मेरी आँखों पर रूमाल बाँध दिया था।

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मैंने रूमाल हटाया तो देखा.. मेरी मुन्नी का वो आधा मुंडन कर चुकी है।

मैंने उससे बोला- क्या कर रही है..?

बोली- तेरी मुन्नी को बड़ा बना रही हूँ।

कुछ ही देर में उसने मेरी मुन्नी को पूरी तरह से गंजा कर दिया। पहली बार मैंने अपनी चुनमुनिया को बिना बालों के देखा था। बहुत प्यारी लग रही थी। उसके बाद वो और मैं क्लास में वापस आ गए।

प्रैक्टिकल हुआ और सब घर जाने को रेडी हो गए.. मैं.. राज.. रोशनी और उस का ब्वॉय-फ्रेण्ड ही रह गए थे।
रोशनी बोली- डॉली तुम जाओ.. मैं थोड़ा सा लेट आऊँगी।
मैं समझ गई.. और बोला- ठीक है..

उसके बाद मैं ओर राज जाने लगे कि तभी राज को कुछ काम याद आ गया, वो बोला- डॉली तुम चलो.. मैं अभी आता हूँ… मुझे कुछ काम है।
मैंने बोला- ठीक है।

मैं चलने लगी.. तभी मुझे रोशनी की याद आई कि देखना चाहिए कि वो वहाँ कर क्या रही है?
मैंने सोचा वापस जा कर देखती हूँ कि माज़रा क्या है।
मैं वापस स्कूल में गई.. सब जगह देखा.. पर मुझे वो दोनों नहीं दिखे।

मैं वापस आने लगी.. तभी कुछ ‘खुस्स फुस्स’ की आवाजें आ रही थी- आराम से डालो.. आह्ह.. मैं मर जाऊँगी.. आह्ह..
मैंने वापस जाकर देखा कि रोशनी पूरी नंगी थी और जय रोशनी का ब्वॉय-फ्रेण्ड भी नंगा था। रोशनी उसकी गोद में बैठी थी.. और पागलों की तरह उछल रही थी।
उन दोनों को कुछ भी होश नहीं था कि मैं भी यहाँ हूँ।

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