फॅमिली में चुदाई के दौरान खुलते हुए राज़

मैं अपने आप को रोक नही पाया था, इसलिए सेकेंड चॅप्टर तभी शुरू कर दिया.

ट्रूथ ओर डरे:

दीप्शिका को मैने बोला की पापा को तोड़ा रिलॅक्स होने दो, और मेरे पास आओ बेटा. उसको पास में ला कर ही मैं उसका मूह मेरी छूट में रगड़ने लगी. वो भी बड़े मज़े से चाटने लगी और बोली-

दीप्शिका: मम्मी योउ अरे सो सेक्सी.

उसको अचानक एक फेटिश आई और बोली: पापा मम्मी को छोड़ो.

तो ध्रुव ने मुझे डॉगी बना लिया और छोड़ने लगा. और सामने से मेरी प्यारी रंडी बेटी उसके पैर मेरे मूह के अंदर देने लगी और बोलने लगी-

दीप्शिका: चाट मेरी प्यारी रंडी मा, चाट इसे. ये ट्रीटमेंट देख के मैं बहुत ही ज़्यादा तुर्न-ओं हो गयी थी, और बहुत ज़ोर से ऑर्गॅज़म किया.

ये एक और सेशन के बाद तो जैसे हमारी बॉडी में कोई एनर्जी ही नही बची थी. सो हमने ज़ोमतो से कुछ खाना ऑर्डर किया. फिर जब तक हम वेट कर रहे थे, मैने सोचा क्यूँ ना हम ट्रूथ ओर डरे खेले. सब ने अग्री किया, और ध्रुव ने दीप्शिका को पास में खींच के उसके गाल में दो ज़ोर-ज़ोर से छानते लगाए. वो उसके गालों को ज़ोर से पकड़ के बोला-

ध्रुव: आज मेरी रंडी बेटी के सारे राज़ खुलवौनगा.

फिर होंठो पे बहुत रफ्ली चूमा. ये देख के मेरी छूट में आग लगनी शुरू हो गयी थी, ई स्वेर.

तो ध्रुव दीप्शिका के ऑपोसिट बैठा, और मेरे ऑपोसिट में 2 स्लिप्स थी जिसमे उन दोनो का नाम लिखा था. जिसका भी नाम मैं उतौँगी उसी के साथ मेरी ग़मे. फिर मैने बॉटल को घुमाया. पहले ही मेरी तुर्न आई. मैने पर्ची उठाई, तो ध्रुव का नाम था. मैं ध्रुव से पूछी ट्रूथ या डरे? उसने बोला ट्रूथ.

तो मैं पूछी: किसकी छूट ज़्यादा मज़ा देती है?

उसने बोला: ऑफ कोर्स तुम्हारी जान.

और फिर वो मुझे आके एक बहुत रोमॅंटिक सा किस करता है.

2न्ड रौंद:-

मैं ध्रुव से: ट्रूथ या डरे?

तो उसने बोला: डरे.

मैने उसको डरे दिया: अपनी एक ऐसी स्टोरी बताओ जो हमारी प्यारी बेटी को पता नही है.

तो उसने स्टार्ट की गोआ की स्टोरी जहा हमने कपल स्वापिंग किया था. और फिर दीप्शिका को सारी पिक्चर्स भी दिखाई. ध्रुव तो जैसे दीप्शिका को छोड़ना ही चाहता था. मैने उसको रोका और ग़मे कंटिन्यू किया.

3र्ड रौंद:

ध्रुव दीप्शिका से: ट्रूथ या डरे?

उसने डरे लिया.

ध्रुव ने बोला: नही, नही चलेगा, तुम ट्रूथ लो.

हम सब हासणे लगे और दीप्शिका ने बोला: ठीक है ट्रूथ.

ध्रुव ने पूछा: पहला सेक्स कब?

उसने बोला: पहला सेक्स 18 साल में.

और ये सुन के ध्रुव ने तो मेरी तरफ देखा और बोला: हमारी प्यारी बेटी पहले से रंडी बनी है.

वो मेरा रिक्षन देख के समझ गये की मुझे ये ऑलरेडी पता था.

तो वो बोला: तुम मा बेटी दोनो रंडी हो पता ही नही था.

4त रौंद:

मैं दीप्शिका से: ट्रूथ या डरे?

वो बोली: मेरे लिए आप लोग ट्रूथ ही रख दो.

तो मैं पूछी: सिन्स तुम्हारे पापा को बहुत इंटेरेस्ट है तुम्हारे बारे में जानने का, तो यही बोल दो की फर्स्ट सेक्स किसके साथ किया था?

वो तोड़ा टाइम चुप रही, फिर धीरे से बोली: मम्मी.

ध्रुव ने पूछा: क्या?

वो बोली: मम्मी के साथ.

ध्रुव ये सुनते ही मेरे पास आया और बोला: कितनी बड़ी रंडी है तू, जो अपनी बेटी का पहला सेक्स उसकी ही मा है.

ये बोलते ही वो मुझे ज़ोर से चूमने लगा और मेरे निपल्स को ज़ोर से दबाया. उसने मुझे ज़मीन पे गिरा के अपना पैर मेरे मूह पे रख के दीप्शिका को लंड चूसने के लिए पास बुलाया. दीप्शिका आचे से लंड चूस रही थी की ध्रुव ने बोला-

ध्रुव: अपनी गफ़ के मूह में थूको मेरी प्यारी रंडी बेटी.

वो जोश में आके ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी और बड़े शौंक से मेरे मूह में थूकने लगी. ये सब ट्रीटमेंट से मेरी छूट से अपने आप पानी निकल रहा था.

हम सब भूल ही गये थे की हम ग़मे खेल रहे थे, या हमने कुछ ऑर्डर किया था. मेरे फोन पे रिंग आई की मेडम आपका ऑर्डर लेके मैं बिल्डिंग के नीचे खड़ा हू. मैं उसको उपर आने के लिए बोली, और तैयार होने लगी. तभी दीप्शिका की रंडी से दिमाग़ में एक आइडिया आता है, और वो बोलती है-

दीप्शिखा: मम्मी आप कुछ सेक्सी बन के ऑर्डर लो, जैसे कुछ पॉर्न वीडियो में दिखाते है ना वैसे.

उसमे ध्रुव और एग्ज़ाइटेड हो गये और बोलने लगे: हा बेब, कुछ स्पाइसी करो.

तो मैं भी अपने रंडी-पन्न में आने लगी, और एक टवल ही लपेट लिया. कॉलिंग बेल बाजी तो मैं गयी दरवाज़े में और वो डेलिवरी गाइ की आख फाटती रह गयी. बुत मैने पेमेंट पहले ही कर दी थी तो ज़्यादा शो नही दिखा पाई.

हम सब आराम से खाना खा के आचे से सो गये. बहुत अची नींद आई हमे. मैं शाम को उठी, और ये दोनो फिरसे गायब. हॉल में गयी तो दोनो सोफा में आचे से चुदाई कर रहे थे. मैं फ्रेश होके आई और पास ही बैठ गयी इन दोनो के.

चुदाई के वक़्त ही दीप्शिका बोलती है: मम्मी ट्रूथ ओर डरे?

मैं बोली: ट्रूथ.

वो पूछती है: आपने कब वर्जिनिटी लूस की?

मैं बोली: जिस उमर में तूने किया.

उसको डॉगी में छोड़ रहा था ध्रुव. फिर पोज़िशन चेंज करके गोद में बिता के चुदाई चालू की.

दीप्शिका पूछती है: मम्मी ट्रूथ या डरे?

मैं बोली: तुझे जो ट्रूथ या जो डरे देना है तू देती जेया.

वो बोली: ठीक है मा, तो बताओ पापा के अलावा सबसे ज़्यादा मज़ा किसके साथ आता है?

मैं बोली: बेटा छोड़ तो कोई भी लेता है. लेकिन तेरे पापा के साथ चुदाई के साथ जो-जो बातें होती है, जो ट्रीटमेंट वो मुझे देते है, उससे ज़्यादा मज़ा कही नही.

पापा की गोद में कूद-कूद के चुड़वते हुए दीप्शिका बोली: मम्मी ये बताओ, कभी भैया के साथ चुदाई का सोचा है?

और मैं ध्रुव की तरफ देख के बोली: सोचा क्या, ऑलरेडी कर भी ली है.

ये पढ़ के दोस्तों मेरी फटत गयी. मैं डाइयरी छ्चोढ़ के ये सोच रहा था की ये कब हुआ. मेरा दिमाग़ खराब हो रहा था. फिर मैने कंटिन्यू किया-

दोनो चुदाई बंद करके मेरी तरफ देखने लगे और पूछा की कब किया?

तो मैं बोली: रिलॅक्स, वैसे नही. बस एक दिन जब रीना (मों की बेस्ट फ्रेंड) की बर्तडे पार्टी में गयी थी, तो उसमे रोहन ने पहली बार ड्रिंक ट्राइ किया था, और वो पूरा बेहोश हो गया था. मैं और रीना उसे उपर रूम में ले गये. पार्टी ख़तम होने के बाद रीना बोली-

रीना: आज यही रुक जेया, रोहन भी सो ही रहा होगा.

तो हम उपर गये रोहन को चेक करने.

रीना एक नंबर की रंडी उपर गयी, रूम में घुसी, और बोली: यार कविता, डॉन’त माइंड, बुत अपने आप को रोक नही पा रही हू.

ये बोलते ही वो जाके रोहन की पंत खोल के उसका लंड चूसने लगी. रोहन तोड़ा सा भी नही हिला, तो वो अपनी छूट निकाल के उसका सोया हुआ लंड ही अंदर लेने लगी. पर वो तो जा ही नही रहा था अंदर. मैं ये सब खड़ी देख रही थी.

फिर रीना मेरे पासा आई, और मुझे अपने बेटे के पास ले जाके बिताई. मैं अपनी नीस पे बैठ के उसको मेरे बेटे का लंड चूस्टे हुए देख रही थी. रीना एक बार रोहन का लंड चूस्टी, और फिर मुझे किस करती. ऐसे करते-करते मेरी भी छूट गीली हो गयी.

मैने रीना से बोला: बेब कुछ हद से ज़्यादा रंडी-पन्न करती हू आज.

ये बोल के रोहन का लंड मूह में लेके आचे से चूसने लगी. फिर थोड़ी देर बाद अपनी छूट में उसका लंड लेने लगी. लंड धीरे-धीरे खड़ा हुआ तो तोड़ा बहुत अंदर भी गया. लेकिन पूरा नही घुस पाया. तो रोहन को पंत पहना के हम उसे सोने देके अपने रूम चले गये. फिर मैं और रीना एक लेज़्बीयन सेशन करके आचे से सो गये. तट’स इट.

ये सब पढ़ के मेरा दिमाग़ खराब हो गया. और मुझे अपने आप पे गुस्सा आ रहा था, क्यूंकी मुझे ये सब कुछ भी याद नही. पर मुझे मॅन ही मॅन में खुशी सी हुई क्यूंकी अगर डाइयरी का बात सच थी, तब तो मम्मी को पेलने का प्लान ईज़िली बनाया जेया सकता था.

रीडर्स मेरी उंगली दर्द कर रही है इतना लिख कर, बुत होल्ड टाइट, मैं जल्द ही वापस अवँगा. इतना लाते होने के लिए सॉरी. मेरा शेड्यूल बहुत ही बिज़ी है. पर मैं आप लोगों को भूला नही.

जल्द मिलते है रीडर्स.

मुझे मैल में ज़रूर बताना की कैसी लगी स्टोरी.

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